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Reposts
  • _mann_j 82w

    Khwab se pare hai tera chehra....��

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    तलाश रहा था ख़ुद को हर गली-मोहल्ले में,
    इक दिन मुख़ातिब हुआँ मैं, यूँ तेरे चेहरे में!
    © मनोजसिंह परमार

  • _mann_j 85w

    Kya kare kuch aise hi h apne alfaaz...��

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    मैं अपनी नज़रे खुद पर अयाँ नहीं कर सकता,

    मैं वो शक़्स हूं जो खुदको बयाँ नहीं कर सकता!

    © मनोजसिंह परमार

  • _mann_j 86w

    I think we should just only think about loving them not about getting it back.

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    आंखों में जो बचा है उसे दिखाया जा सकता है,
    मग़र ऐसे हालातों से किसी को अपना नही बनाया जा सकता है!
    ©_mann_j

  • _mann_j 86w

    Open for collabs....����

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    वक़्त को वक़्त से वक़्त कहाँ,
    मुझमें सिर्फ़ तुम फिर मैं कहाँ!
    © मनोजसिंह परमार

  • _mann_j 87w

    Dil chahte ho ya jaan chahte ho
    Humse batao ke kya chahte ho....��

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    अभी कुछ ग़म खुशफ़हमी में जी रहे है,
    इक बार तूने कहा था मुझे फ़िक्र है तुम्हारी!

    © मनोजसिंह परमार

  • _mann_j 88w

    Ek nayi shuruaat karni hai mirakee par, let's start from were it all ended.

    #TTT #lettertolost

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