_ritika1504

some lines may connect you to some situations if faced... not a writer but a feeling expressor insta id is @down.the_thoughts

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  • _ritika1504 103w

    Imaginary lover

    Usually we are more closer than any one can go..
    Still I'm his imaginary lover..
    We used to Love indeed each other...
    Still we are in imaginary world.
    Far away from reality....
    We spend the time like lovers..
    Actually we're not together.
    But still we are together...
    I'm in his imaginary world of love..
    And I'm his imaginary lover...

    ©_ritika1504

  • _ritika1504 109w

    उसके प्रेम प्रसंग से लेकर उसके प्रचंड रूप की दीवानी हूं
    मैं प्रेम की नहीं अपने भोले की दीवानी हूं..


    ©_ritika1504

  • _ritika1504 110w

    लोगों क्या दोष देना जनाब
    निर्जीव अक्षर के भी दो रूप होते हैं
    हम तो फ़िर भी इंसान हैं..











    ©_ritika1504
    ©down.the_thoughts

  • _ritika1504 111w

    इश्क़ करने का हक सबको है
    बस दास्तां - ए - मुहब्बत चाहिए
    रोकने वाले तो बहुत है
    दीवारें तो बहुत हैं
    बस मौक़ा- ए - ऊलफत चाहिए
    @mirakee #love #boundary #beyondfeelings

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    तबायफ़ कहते है लोग तबायफ़ ही रहने दो
    इस इश्क़ के चक्कर में मुझे ना मिलाओ
    इतना भी प्यार ना करो मुझसे
    मोहब्बत- ए - फितूर है जनाब उतरेगा नहीं


    ©_ritika1504

  • _ritika1504 111w

    कहते हैं ख्वाहिशें पूरी होती है
    जब ख्वाहिश पूरी करने वाला हो
    मैं प्रेमी की नहीं उस प्रेम डोर की बात कर रही हूं
    क्यूंकि ख्वाहिश पूरी करने वाला सिर्फ प्रेमी नहीं एक बाप भी होता है!!!
    ©_ritika1504

  • _ritika1504 111w

    जब तक खुद को साबित ना करो, खुद के सही होने का सबूत ना दो
    तब तक तुम गलत पेश किए जाओग, फिर चाहे तुम सही ही क्यूं ना हो!







    ©_ritika1504

  • _ritika1504 111w

    She: I'm used to it...beauty is just a dream..

    He: but I don't want your body to be loved ..
    Oh dear! I'm mad in love with your soul!


    ©_ritika1504

  • _ritika1504 112w

    बूंद बारिश की..

    कहते हैं बारिश की बूंदें अक्सर यादें लाती हैं
    कभी खुशी वाले आंसू तो कभी ख़ामोशी लाती हैं
    पता नहीं है मुझे कुछ एहसास खुद दिल के
    करीब तो हूं मैं खुद से पर नसीब में करीबी नहीं
    बहुत कुछ जानता हूं फिर भी अनजान बन बैठा हूं
    पहचान मेरी अपनी,शायद किसी और के नाम कर बैठा हूं
    बारिश की उस झनकार ने जब चूमा मेरे तन को
    कुछ यादें ऐसी आयी जिसने थाम लिया इस आवारे मन को
    हसीन थे वो पल कल के भीगते हुए मौसम में चल के
    कदम हमने जो बढ़ाए थे चंद पलों में ढल के
    ऐसा नहीं है सिर्फ प्यार मुहब्बत की बातें हैं
    ये उस पल की यादें हैं जब करते हम सपनों के वादे हैं
    वो छोटी सी बूंद जब गिरी मेरे नैनों के नीचे
    बन गई न जाने क्यूं वो अश्क कई
    कुछ सपनों को खींचे तो कभी मेरे नैन मींचे
    हर लम्हा जब आंहे भरने लगा उस पल में
    एहसास हुआ तब , मैं नहीं था उस कल में
    अक्सर पुराने गानों की गूंज आती रहती हैं
    यूं बूंदों की टपटपाहट से कोई धुन बन जाया करती हैं
    कुछ आंसुओं में भी ये बूंदे जब मिल कर प्रेम प्रसंग रचा करती हैं
    वो खुशी ही मेरी कोई क्या समझे
    जब कुछ यादों की बौछारें हुआ करती हैं
    कोई ख़ास है अब भी मेरे पास
    वो मैं नहीं हूं , वो खुद जैसा है एक एहसास
    नाम बयान करूं कैसे वो मुहब्बत है मेरी
    कोई इंसान नहीं जनाब, वो तो मौसम - ए - इश्क़ है मेरी
    सोच उसकी भी मेरी तरह है , जब बोझ भारी हो
    तो वो भी यूं प्यार से अश्क गिरा बैठती है
    वो माशूका नहीं वो बादलों की बरसात है मेरी
    वो एक एहसास है मेरी वो बारिशों की याद है मेरी
    बूंद बारिश की खामोशी की राज़ है मेरी
    उस सन्नाटे में थाम ले जो मन को
    कुछ अल्फ़ाज़ भी है मेरी कुछ ख़्वाब भी हैं मेरी..



    ©_ritika1504
    ©down.the_thoughts

  • _ritika1504 112w

    वक़्त बेवक्त बदलती हूं कुछ साबित करने के खातिर

    सोंच से परे हैं मेरे इरादे फिर भी हार जाति हूं तेरे खातिर








    ©_ritika1504

  • _ritika1504 112w

    पल भर की यादें

    पल भर की यादें
    आज बनी सौगातें
    बैठी थी ना जाने किस सोच में
    एक बूंद आयी बारिश की
    तब खो सी गई होकर कही मदहोश मैं
    बूंद की तरह जब गिरती हूं मैं
    तेरे अश्क़ बन फिरती हूं मैं
    लालिमा सी छाई है
    आज दिल में चारो ओर
    तेरी वो सुहानी याद
    बनाकर लायी एक डोर
    दूर कहीं हो तुम मुझसे
    पास नहीं हूं तेरे मैं
    फिर भी न जाने क्यूं
    ये बेचैनी सी रहती है
    दिन तो कई गुज़र रहे
    तुम्हारे इंतज़ार में
    पर दिल अब भी बैठा है
    एक ख़्वाब भरे आस में
    शायद एक न हों हम
    बस यही चलता रहता है
    मन में कई बातों को भरकर
    न जाने क्यूं मेरा मन मचलता है
    एहसास है तेरा मुझे
    तू पास हमेशा मेरे है
    पर साथ नहीं मैं तेरे हूं
    ना साथ अब तू मेरे है
    दूरी बढ़ रही है कहीं
    शायद अल्फ़ाज़ कम पर रहे हैं
    बिन बोले सब कुछ समझ जाओ
    क्यूंकि अब आंखें नम हो रहे हैं
    कुछ ख़ास हमारा रिश्ता था
    सारे बंधनों से दूर
    शायद अब भी वही है
    बस खो सी गई होकर मशगूल
    कहानी शुरू हुई थी
    कुछ अजनबियों सी हमारी
    मिलते मिलते कुछ इस क़दर मिल गए
    की अब हो ना पाएंगे दूर
    बस एक सवाल आज भी बैठा है
    कुंडली मार के मन में
    तुम कैसे समझ लेते हो
    मेरे बिना बताए यूं अश्कों को
    जो लाख करीबों ने भी ना समझा मेरे तन से?
    ©_ritika1504