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  • amitpandey 155w

    आज की बारिश

    सर्दियों की रातें, ठण्डी हवाओँ का कहर
    आज की मचलती बारिश की ठण्डी बूंदे
    किसी की यादों को, तो किसी की बातों को
    ताज़ा कर , इन आँखों को नम कर गयी
    और जब बिजली तड़की आसमाँ में
    तो उसका रूठ कर जाना याद दिला गयी..✍️

    Amit pandey (khayal)