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Reposts
  • amrita_n 8w

    @hindiwriters
    24 March 2022✨

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    क्या होता,
    अगर हमारा रिश्ता भी
    कहानियों की तरह ही कभी खत्म नहीं होता।
    - अमृता

  • amrita_n 10w

    इक दिन ये रात कट जाएँगी,
    देखते- देखते तेरी यादें सिमट जाएँगी।
    मेरी आँखों में फिर वही नमी आएँगी,
    तेरी यादें मुझे फिर सताएँगी।
    तेरी पसंद की,
    बिंदी, झुमके, कंगन सब पहना है,
    आज दिल की सारी बाते तुमसे कहना है।
    यूँ मेरी नज़र से नज़रे न मिलाया करो,
    के तुम्हें मेरी ही नज़र लग जाएँगी।
    इक दिन ये रात भी कट जाएँगी।
    कविताओं में कहाँ बयां हो पाओगे तुम,
    तुम्हे बयां करने के कोई हर्फ़ नहीं है।
    तुम मानों या नहीं मानों,
    तुमसे मोहब्बत है ये बात सही है।
    क्या कहूं तुम्हारे बारे में,
    तुम तो खुद ही नूर हो,
    या यूं कह लो, तुम मेरा ग़ुरूर हो।
    तुम खुशियाँ, राहत, चाहत,
    इबादत सी लगते हो,
    तुम मुझे आख़री मोहब्बत सी लगते हो।
    @amrita_n☾︎

    09 March 2022❤︎

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    ©amrita_n

  • amrita_n 13w

    @hindiwriters
    17 Feb 2022��❤️

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    और जब लफ़्ज़ कुछ नहीं कह पाती हैं,
    आँखें सब बयां कर जाती है।।
    ~अमृता

  • amrita_n 22w

    इक दिन तुझे क़रीब से तेरे क़रीब जाकर देखूँ,
    कैसा मह्सूस होता हैं, तुझे हाथ लगाकर देखूँ।

    होश वालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ है,
    तू कहे मुझसे तो मैं तुझमें कभी समाकर देखूँ।

    अंजुम और मेह्ताब को ग़ुरूर है खुद पर,
    ये भी देख ले तुझे, तुझे बुला कर देखूँ।

    मेरी हर दर्द का इलाज़ हो तुम, गर तुम
    आओ कभी तो मैं रोशनी बुझाकर देखूँ।

    बहुत कोशिशें की लेकिन मुमकिन नहीं हुआ,
    इक बार सोचा था, के तुझे मैं भूलाकर देखूँ।

    रहे कभी महफ़िल में, तू भी और मैं भी,
    तुझे मैं सबकी नज़रों से बचा कर देखूँ।

    ~अमृता ♡

    @hindiwriters

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    इक दिन तुझे क़रीब से तेरे क़रीब जाकर देखूँ,
    कैसा मह्सूस होता हैं, तुझे हाथ लगाकर देखूँ।

    ~अमृता

  • amrita_n 46w

    @hindiwriters
    2 July 2021

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    इक शरारे से पूरा घर जल गया,
    मैं रही वही, बस वो बदल गया।
    -अमृता

  • amrita_n 52w

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  • amrita_n 54w

    @hindiwriters
    •6 May 2021•

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    ऐसी कोई आँखें दे, जो आँसुओं को पहचान सके,
    खुदा!जो मुझे समझ सके, उस शख़्स से मिलाना।

    यूँ तो जिंदगी में हर कोई मिलकर बिछड़ गया,
    जो हमेशा मेरे साथ रहे, उसे मेरा बनाना।

    सुनो, वो मेरे आखरी कदम तक साथ चले,
    ग़र वो न समझ सके, तो उसे समझाना।

    और हर जहमत में तुमने मेरा साथ दिया है,
    कौन मेरा है, कौन मेरा नहीं ये भी बताना।

    हर किसी को नही आता अपना बना जाना,
    ग़र मुझमे खामियाँ हो तो मुझे दिखाना।

    किसी से भी बात करने में सुकूँ नहीं मिलता,
    मेरे जैसा कोई तुम्हें मिल गया तो बताना।

    ~अमृता

  • amrita_n 56w

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  • amrita_n 56w

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  • amrita_n 60w

    22 March 2021

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