aparajitaalok

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Aparajita Alok ♡Converting emotions into words♡

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Reposts
  • aparajitaalok 25w

    ◆◆

    जिंदगी में एक ऐसी भी शाम हो,
    जहां गम हो, जाम हो, और हर घूँट तेरे नाम हो।
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 61w

    ◆◆

    चाहत थी फलक तक साथ चलने की
    पर ये क्या, तेरे फैसले ने फासले बढ़ा दिए
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 75w

    ◆◆

    तुझसे गुजरते - गुजरते कहीं गुजर ना जाऊं,
    मत लगा मरहम मेरे हर ज़ख्म पर, कहीं मैं बिगड़ ना जाऊं।
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 75w

    ◆◆

    अब दिल नहीं करता किसी से दिल लगाने का
    कि एक दिल्लगी के ज़ख्म दिल से दिल ले गए।
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 76w

    जय श्री राम

    राम मंदिर तो बनवा रहे,
    राम राज कहां से लाओगे?
    स्त्री पर हाथ उठाते हो,
    तुम राम कैसे बन पाओगे?
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 76w

    ◆◆

    अब ना तुझसे कोई शिकायत है, ना तेरी बातों से,
    बस थोड़ी रंजिशें हो गई हैं ख़ुदा से, और दोस्ती रातों से।
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 78w

    Life goes on : )

    Some aspirations, some dreams were broken,
    Some words were clearly left unspoken,
    Some things speared my heart and left it cut open,
    But I am accepting everything as my life's beautiful token.
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 80w

    ◆◆

    अब ना कुछ है, ना कुछ बाकी रह गया,
    बहुत दर्द था सीने में, मैं हंसता - हंसता सब सह गया।
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 81w

    ◆◆

    चांदनी रात में चांद का इंतजार किया है,
    मैंने भी किसी शख्स से बेइंतेहा प्यार किया है।
    ©aparajitaalok

  • aparajitaalok 81w

    आवेश

    इंसानों की बस्ती में,
    अब जज़्बात कहाँ टिकता है।

    मतलब से भरी इस दुनिया में,
    सब कुछ बिकता है।

    भले ही तरक्की कर ले विज्ञान,
    मगर लोगों की सोच में कहाँ आधुनिकता है।

    कर भर - भरकर हो चला कर्ज़दार,
    आम आदमी अंदर ही अंदर चीखता है।

    डूबा जा रहा है देश अपना,
    पर इन नेताओं को कहाँ फ़र्क दिखता है।

    भगवा रंग धारण कर,
    लोग समझते हैं उनमें आ गई आध्यात्मिकता है।

    यह कैसी प्रगति की राह पर चले जा रहे हम,
    सच टिकता नहीं और झूठ सरेआम बिकता है।
    ©aparajitaalok