be_harsh

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Ink boiled , When I wrote ur name!

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Reposts
  • be_harsh 21w

    किरदार!

    चल! दिया इस कहानी को अंजाम ही कहीं
    छोर! इक किरदार बदनाम ही सही ।।
    ©be_harsh

  • be_harsh 21w



    सोचा लिखूं कुछ अल्फाज़ तेरे एहसास के
    कि कलम तो उठायी पर पन्ने कम पड़ गए!
    ©be_harsh

  • be_harsh 22w



    कि लाख सवार ले वो जेवरों से खुद को
    हारा तो मैं उसकी झुमकों के आगे ही!
    ©be_harsh

  • be_harsh 23w



    आज फिर इक इम्तेहान दे कर आया
    हा तू सही मैं गलत कहलाया!
    ©be_harsh

  • be_harsh 23w

    तुम पूछो तो सही!

    ज़िद है इक हसीन
    इश्क़ है आफरीन
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    दस्तक़ है इक अनजान
    आशिक़ है नादान
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    ज्ञान है इक दोष
    सख्स है ख़ामोश
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    ख्वाहिश है इक आम
    ठहरी है शाम
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    रुत है इक अनजानी
    रात है दीवानी
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    हर जगह है इक ज़िक्र
    अनकही है फ़िक्र
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    आपसी है इक करार
    छोटी-छोटी है टकरार
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    अनकही है इक बात
    खुशनुमा है रात
    तुम पूछो तो सही
    बताएंगे हम!

    ख्वाहिश है इक ज़्यादा
    बनोगी मेरी राधा
    चलो हम पूछते है
    बताओगी तुम?
    ©be_harsh

  • be_harsh 29w

    फ़ितूर

    दस्तक-ए-इश्क़ का दस्तूर कैसा;
    कह लो इसे फ़ितूर ये ज़िद कैसा!
    ©be_harsh

  • be_harsh 31w

    दो ना!

    मुसाफ़िर जो है
    भटकने दो ना!

    अरमान जो है
    बिखरने दो ना!

    इल्ज़ाम जो है
    इक शाम दो ना!

    अल्फ़ाज़ जो है
    इरशाद दो ना!

    मोहब्बत जो है
    इतराने दो ना!

    इकरार जो है
    इठलाने दो ना!

    ऐतबार जो है
    इशारे दो ना!

    बेकरार जो है
    करार दो ना!

    इन्कार जो है
    फटकार दो ना!

    आस जो है
    इज़हार दो ना!

    पास जो है
    दीदार दो ना!

    इंतजार जो है
    अख़बार दो ना!

    वक़्त जो है
    गुज़रने दो ना!

    मकान जो है
    ठहरने दो ना।।

    ©be_harsh

  • be_harsh 72w

    अल्फ़ाज़

    इक आस है कुछ खास है,
    थोड़े ज़ज्बात है कुछ एहसास है!
    जो कह ना पाया,
    बस वही अल्फ़ाज़ है!!
    ©be_harsh

  • be_harsh 73w

    ख़्वाहिश

    मेरे हर इक ख़्वाहिश के गवाह है वो टूटते तारे;
    चाहो तो पूछ लो!
    ©be_harsh

  • be_harsh 74w

    अँधेरा

    इस जद्दोजहद में थोडा बिखर गया
    अँधेरा था तो थोडा ठहर गया!
    ©be_harsh