brokenshayari

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अनगिनत वाक़िये हैं , किताब लिखूँ या हिसाब लिखूँ...

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  • brokenshayari 32w

    फिर मेरा ठीक होने को दिल ही नहीं किया ,
    उसने मुझसे कहा था .. मैं रोज़ हाल पूछूँगीं।

  • brokenshayari 41w

    पुरुष का हृदय पुष्प की पंखुड़ियों की तरह कोमल होता है किसी स्त्री के छूने मात्र से ही प्रेम से पसीज जाता है।

  • brokenshayari 41w

    इंसान की बनायी युक्तियाँ ईश्वर के द्वारा बनाये गये योजनाओं के आगे रोज फेल होते हैं।

  • brokenshayari 45w

    भ्रम बहुत तेज दौड़ता है भीतर
    तुम सच का ज़रा इंतज़ार करना...

  • brokenshayari 48w

    जो कभी ईश्वर पूछेगा मुझसे मेरी इच्छा,
    तो मैं तुम्हारा नाम लिख दूंगा...

  • brokenshayari 48w

    अगर गिरना ही हैं
    तो गिरूंगा
    पतझड़ के किसी पत्ते की तरह...

    छोड़ता जाऊंगा
    तुम्हारी आँखों मे वसन्त की प्रतीक्षा...

  • brokenshayari 48w

    कितनी ही भावनाएं समेटे रखते हैं हम पुरुष अपने हृदय में किसी स्त्री के लिए, पर शायद जीवन भर नहीं बोल पाते वो सब जो कहना चाहते हैं, कुछ न कुछ हम सहेजे रखते हैं भीतर जिसको कहते कहते बहुत कुछ अलग कह जाते हैं पर वो बात नही कह पाते...

  • brokenshayari 48w

    और फिर वो दौर भी आ जाता है जब आंसुओं को रोकना....
    भावनाओं को नियंत्रित करने से कहीं ज्यादा मुश्किल हो जाता है...

  • brokenshayari 52w

    सीपियाँ कौन किनारे से उठा के भागा,
    ऐसी बातो को समंदर नहीं देखा करते..

  • brokenshayari 52w

    मैं तुम्हें दूँगा अपना साथ ,समय ,समर्पण
    तुम बस मेरी प्रेयसी बनकर रहना...