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  • chetankashyap 44w

    #फागुन

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    फागुन

    फागुन फागुन, कितना रँग
    जितना चाहो उतना रँग

    फागुन फागुन, कैसा रँग
    जैसा देखो वैसा रँग

    फागुन फागुन,किसका रँग
    जिसका पावर उसका रँग

    फागुन फागुन, किसके सँग
    जो हित साधे उसके सँग

    फागुन फागुन, मेरा रँग ?
    किसने ऐसा फेरा रँग !
    ©chetankashyap

  • chetankashyap 51w

    जीवन

    चुप-चुप रहना
    या कहना-सुनना
    जीवन का माने क्या?
    ©chetankashyap

  • chetankashyap 52w

    बड़प्पन

    ©chetankashyap

    बड़े लोगों की
    कहानियाँ
    बड़ी होती हैं,
    नहीं ?

    नहीं !
    जिनकी
    कहानियाँ
    बड़ी होती हैं
    बड़े वे होते हैं !!

  • chetankashyap 52w

    बेबसी

    ©chetankashyap

    सब्र की हद और क्या होगी यारब
    मैं उसके रूबरू हूँ और उससे मुख़ातिब नहीं