creative_chanchal

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Nature lover, art & craft lover��

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  • creative_chanchal 5h

    क्यों हम सही ग़लत के बीच उलझे हुए रहते हैं
    कोई कहता है कि
    सही-ग़लत की पहचान होना जरूरी है
    कोई कहता है
    सही-ग़लत कुछ नहीं होता है
    कोई कहता है कि
    सही निर्णय और सही काम जिंदगी बना देता है
    कोई कहता है कि
    एक ग़लत निर्णय जिंदगी बिगाड़ कर रख देता है
    तो कोई कहता है कि
    सही पर फोकस करों
    तो कोई कहता है कि
    गलतियों से सिखकर आगें बढो
    क्यो हम सबकी बातें सुनकर इतना इसमें उलझे रहते हैं कि
    बस सोचते-सोचते वक़्त हाथ से निकल जाता है
    ओर हम उस अनुभव से परे रहते हैं
    और शायद एक वक़्त के बाद हमारे रास्ते भी और
    मंजिल के दरवाजे भी
    दोनों ही बन्द मिलतें हैं।।
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 5h

    सच है ज़िन्दगी एक रंगमंच है
    ओर हम कठपुतली की तरह करतब हीं करतें रह्ते है
    कभी खुद की मर्जी से तो कभी
    जाने अनजाने में
    कोई हमें करतब करनें को मजबूर कर रहे होते है।।
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 5h

    क्यों ऐसा लग रहा है हमें
    कि हम सब कुछ हार रहें है
    हमारे अहसास
    हमारा आत्मविश्वास
    हमारी मेहनत
    हमारा काम
    हमारी आरज़ू
    हमारा तजुर्बा
    हमारी क़ाबिलियत
    हमारा सम्मान
    हमारी हसरतें
    हमारे सपनें
    हमारी मंजिल
    ओर....
    हमारा दिल और दिमाग!
    रुकी हुई है तों बस यें जिंदगी
    जो जीतने की उम्मीद लियें हुए हैं!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 6h

    सिर्फ हमें ही लगता है कि
    हमारी एक दुनिया हैं
    या फ़िर.....
    सबको ऐसा लगता है कि उसकी अपनी एक दुनिया हैं!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 6h

    जब सपनें टूटते हैं
    आवाज़ भले ही ना उसकी
    पर दर्द
    दर्द बहुत होतां हैं!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 2d

    पाकीज़ा !!

    इतना क्यो सोचना उसके बारे में
    जो तुमसे प्यार नहीं करतां है
    कोई तो हैं इस जहाऩ में
    जो तुमसे प्यार करतें हो
    चलो माना कि कोई नहीं है
    पर तुम्हे किसने रोका है
    खुद से प्यार करनें को!

    हम अक्सर यें क्यो भूल जाते हैं कि
    हम अकेले नहीं है इस जहाऩ में
    हमारे सपने, हमारे अपनें जो साथ है
    वह अपनें जो कभी दोस्त बनकर, कभी माँ- पापा का
    प्यार बनकर हमारे हमदर्द की तरह साथ निभाते हैं
    ओर तो ओर कई दफ़ा हमारा अकेलापन
    हमारे अपनें विचारों से घिरा हमारा दिल का आँगन
    जो हमेशा दिल और दिमाग कें बीच तर्क करतां रहता है
    चाहकर भी कभी अकेला नहीं छोड़ता है
    कई मर्तबा बेखौफ़ जीना सिखाता है
    फ़िर हम अकेले कैसे हुए
    क्या हम खुद से प्यार करना भुल गयें है
    यहीं एक तकलीफ है
    हम खुद को छोड इस जहाऩ में सबसे प्यार करतें है पर खुद को,
    खुद को भूल ही जाते है और
    आस किसी ओर से करतें है कि कोई हमें प्यार करें
    सच कह रहें है ना हम.....

    हम क्यो चाहते है कि कोई हमें प्यार करें
    हम अक्सर क्यो सोचते है कि कोई हमें प्यार करें
    हम क्यो उस हमसफ़र की तलाश रहतें है जो हमें प्यार करें
    और अगर यहीं सवाल हम खुद से करें तों
    क्या हमारे पास इसका जवाब होगा....
    हाँ, होगा जरूर! जब हम चाहेंगें
    जब हम खुद से प्यार करेंगे!!

    हम यह नहीं कह रहें है कि हम दुनिया को भूल जायें
    हम तो बस यहीं कह रहें है कि इस जहान में
    उस पाकीज़ा का भी वजूद़ है
    जिसनें न जानें कितने सपनें संजोये है आसमां को अपना बनाने के लिए
    बस उसी के हिस्से में जवाब जरूर मिलेंगे
    हम खुद से प्यार करना सीखें
    हम बैखोफ जीना सीखें!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 2d

    व्यस्तता के भार से, मुश्किलो के भार से
    चारों तरफ़ से घिरी हुई हैं....
    यें जिंदगी है जऩाब!
    देखतें हैं.......
    कितना जीतती हैं और कितना हारती हैं!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 1w

    ज़माना!!

    कौन कमखकत अपने घर से दूर रहना चाहता हैं
    सपनों की चाहत ही कुछ ऐसी हैं जो
    ना चाहते हुए भी कभी अपनों से तो कभी
    अपनें घर से दूर कर देती है!!

    दूर होंने का दोष किसे दे
    इस जालिम़ ज़माने को या फिर
    हमारी चाहत को, जो
    वक़्त के साथ बदलते रहते है!!

    जालिम़ तों यें ज़माना है जो
    हमें सपनों कें पीछे दर-दर भटकाता हैं
    और वक्त के साथ अपनी छाप तो छोड़ता ही है
    साथ ही रंग भी दिखा देता हैं!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 3w

    The past is where you
    learned the lesson.
    The future is where
    you apply the lesson,
    don't give up in the middle !!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 3w

    आज जिंदगी के संग
    किस्मत पढ़ने का दिल कर रहा है
    सबकुछ जानने का मन कर रहा है
    जो किस्मत में लिखा है वो भी ओर जो ना लिखा है वो भी
    उस दौर से रूबरू होना है
    जहाँ कश्तियाँ समुद्र में गोते तो लगा रहीं हैं
    पर साथ में मंजिल का ठिकाना भी बता रहीं हैं
    हाँ हो सकता है हम थोड़ा जल्दबाजी कर रहें हैं
    पर अब क्या करें इंतजार का भी एक समां होता हैं
    अब रास्तो संग भटकने का मन नहीं करता है
    बार-बार पीछे मुड़कर जवाब नहीं खोजें जातें हैं
    हाँ हो सकता है कि हम थक गये हैं पर
    जिंदगी में जो हासिल करना हैं
    उसी के लिए तो हर रोज़ उठकर चल देते हैं
    सवालो के जवाहरात लिए घूमते है
    पर मज़ाल है किसी की उन्हे कोई चुरा ले
    हम जवाहरात को खुला भी छोड़ दें
    तब भी सब अपनें में ही मशगूल है
    कहाँ किसे फ़ुरसत हैं जो जवाबो का समां बांधे
    हम अकेले हीं हौंसलों की उम्मीद लियें घूमते हैं।।
    ©creative_chanchal