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  • cssubu 2d

    कोई अपना

    दिल दुखाया है किसी करीबी ने तुम्हारा,
    वरना तुम इतने हारे से न थे,
    तोड़ा है विश्वास किसी अपने ने तुम्हारा,
    वरना तुम इतने टूटे से न थे,
    ज़ख्म गहरा लगता है तुम्हारा,
    वरना तुम इतने ज़ोर से मुस्कुराते न थे ।।
    ©cssubu

  • cssubu 2w

    वह बदल गई

    वह बदल गई,
    पर अहसास उसको नहीं,
    अब वो वह ना रही,
    यह उसको पता नहीं ।।
    खैर खुश है वो वैसे तो अच्छा है,
    बदल हम खुद को ले तो अच्छा है,
    पुरानी सी लौटे वो, वह उम्मीद बेवकूफी है,
    गुज़रते वक्त से समझौता हम कर ले तो अच्छा है ।।
    ©cssubu

  • cssubu 6w

    याद

    मत याद दिला उसकी मेरे दोस्त,
    मेरे आखों से,
    अश्कों को बेघर होना पड़ता है ।।
    ©cssubu

  • cssubu 25w

    दौलत

    मेरी दौलत इतनी बड़ी
    की क्या बयान करूं
    बुजुर्गों का हाथ सर पर है
    इससे बड़ी दौलत की क्या दुआ करूं ||
    ©cssubu

  • cssubu 48w

    #mirakee #hindi #thought #feeling #सीरत #सूरत

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    सूरत - सीरत

    सूरत नहीं सीरत सही रखो,
    सूरत मुखौटे से छीप जाएगी,
    मगर सीरत छुप कर भी दिख जाएगी ।।
    ©cssubu

  • cssubu 51w

    वह दिन

    हलकी सर्द सी हवा,
    दूर पुराना गीत बजता हुआ,
    हातो में चाय की प्याली गर्म सा,
    उस पर दस्तक तेरी यादों का,
    फिर काफिला कहानियों का,
    मेरा हलके से मुस्कुराना,
    गजब का है यह दास्तान ।।
    ©cssubu

  • cssubu 73w

    पहले...फिर

    पहले पायल की आहट मुझको सुना गई,
    फिर खामोशी में क्यों ढल गई,
    पहले मुझसे आंखें मिला गई,
    फिर क्यों मुझसे नजरें चुरा गई,
    पहले लबों पर मेरे हंसी दे गई,
    फिर एक मुस्कान को क्यों तरसा गई,
    पहले गालों में लाली दे गई,
    फिर क्यों रंगत वह छीन गई,
    पहले दीदार- ए -आम कर गई,
    फिर दर्शन क्यों दुश्वार कर गई,
    पहले मुझ में तो घुल गई,
    फिर क्यों मुझको वह भूल गई ||
    ©cssubu

  • cssubu 78w

    कारगिल

    वह साल था उननीस सौ निन्यानवे (1999),
    वीर हमारे एक अद्भुत जंग लडे.
    कारगिल की थी वह वादियां,
    जिनमें चली थी गोलियां,
    बर्फीले पहाड़ों का श्वेत हुआ लहू से लाल,
    पर डट कर खड़े रहे हमारे देश के पहरेदार.
    निडर हर क्षण कर रहे थे आघात,
    दुश्मनों को हर चौखट पर दे रहे थे मात.
    शीश कटे, छाती गोलियों से चीर हुए,
    पर दुश्मनों को तोलोलिन्ग से रध कर,
    कारगिल को भी जीत लिये.
    फैलाकर ध्वज तिरंगा,
    फिर ही कुछ सास लिए,
    मातृभूमि की रक्षा में,
    कुछ ने जीवन बलिदान किए.
    वह साल था उननीस सौ निन्यानवे (1999),
    वीर हमारे एक अद्भुत जंग लडे.
    ©cssubu

  • cssubu 82w

    कान्हा

    मोरमुकुटधारी मेरे कान्हा,
    नीला, काला रंग जो हो,
    चेहरा उनका मन लुभाता,
    वैजयंती माला और श्वेत मोती का हार,
    पीतांबरी उनका पोशाक,
    बाजूबंद हाथों में रत्नों से सजे,
    पाजेब पैरों को सुशोभित करे,
    कमरबंद से आती हल्की सी झंकार,
    बंसीधर पे उमड़ता गोपियों का प्यार,
    चुराते माखन भी अगर बाल गोपाल,
    डांट कर भी मां यशोदा को आता उन पर प्यार,
    उठाकर गोवर्धन बल का प्रमाण दिया,
    बनकर पांडवों का दूत, विवेकता का पैगाम दिया,
    उनके मुख के अंदर ब्रह्मांड दिखता,
    चक्र से उनके पापियों का सर कटता,
    उपदेश उनका भगवत गीता,
    खेल उनका रासलीला,
    सदैव मुस्कुराना और मन को भाना,
    ऐसे हैं मोरमुकुटधारी मेरे कान्हा.
    ©cssubu

  • cssubu 90w

    फरियाद

    तारीफ से अच्छा दुआ करूं,
    बातों से अच्छा कुछ काम करूं,
    तू जहां भी रहे सुकून से रहे,
    हर सांस में यही फरियाद करूं.
    ©cssubu