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Reposts
  • danish_shaikh 21w

    पास की नुक्कड़ वाली गली से गुज़र रहा था मैं.......
    ज़मीन पे बिखरे पड़े थे होली के कुछ नीले पीले से रंग.
    बड़े प्यारे बड़े दिलकश,..........

    प्यार और लगाव के रंग में डूबे , बचपन साथ लिए , आने वाली बेरंग ज़िंदगी से बेख़बर , खुशियों के रंग में रक्स कर रहे थे........... कुछ बच्चे..!
    बड़े मासूम थे बड़े अनजान थे.....!

    इक पल को रुका मैं............. सोचा,,,,,,,,,,,,,,
    काश ये रंग खुशियों के सज जाते हमारे बदरंग दिलों में,

    ख्वाबों को सजा जाते, भर जाते उम्मीद और ऐतबार की झोली.
    ,,,,,,,,, बनके कुछ हल्के , दिलकश अरमानों के रंग ........

    पर वापिस लौट आया मैं मायूसी साथ लिए अपने बेरंग कमरे में.

    कोई नहीं जो रंग दे मेरे ख्वाबों को .......!

    कभी कभी सोचता हूँ....

    मंज़रो से रंग उतर गए हैं या मेरी आँखों से..!!
    ©bezuban_thoughts808
    ® αℓℓ яιgнт яєѕєяνє∂

  • danish_shaikh 22w

    अगर मुहब्बत में किये गुनाहों की कभी सजा सुनायी जाये,

    मेरे हम-सफर की सजा माफ़ हो
    खुदा खैर करे..!!!

    @bezuban_thoughts8083

  • danish_shaikh 22w

    वक्त ठहर जाता है... जब तुम चले जाते हो,
    तुम ठहरो आज... वक्त को जाने दो

    जहां-ए-दिल पे हुकुमत तुम्हें मुबारक हो
    रही बात शिकस्त की हम उसे अपने नाम कर लेंगे..!

    @bezuban_thoughts8083

  • danish_shaikh 28w

    चुप.... बोल मत



    फैसला है बुजुर्गो का
    सर झुका, श्रींगार कर
    और
    दफ्न हो जा..

    @bezuban_thoughts8083

  • danish_shaikh 54w

    एक तुम्हें भूलते भूलते सब भूल गये हम
    वक्त्त थे देखो.. अब बस गुजर रहे है हम.

    ख्वाब-वो-मजबूरियों के दरम्यान कैद है
    अह काश, हूं अगर, हमारी अना और हम.

    दीवानावार फलक पे
    बादलों में अक्स तेरा
    ढूढ़ना तरसती निगाहों से

    ख्वाब था शायद
    ख्वाब ही होगा जो
    अजनबी से हम आशना हुए हम.

    ढलते जुलाई की अकेली शामें और तुम्हारी यादें
    देखो ना मरने से पहले ही जुदा हो गए हम..!!

    खौफ आता है ढलते सूरज और अपनी फ़रागत से
    याद है पहले हर रोज कुछ इसी वक्त मिलते थे हम...
    Shaikh

  • danish_shaikh 54w

    लंबे समय के बाद....

    बड़े तहम्मुल से रफ्ता रफ्ता निकालना है
    बचा है जो तुझमे मेरा हिस्सा निकालना है.

    ये रूह बरसों से दफन है तुम मदद करोगे
    बदन के मलबे से इसको जिंदा निकालना है.

    निकाल लाया हूं एक पिंजरे से एक परिंदा
    अब इस परिंदे के दिल से पिंजरा निकालना है.

    ये तीस बरसों से कुछ बरस पीछे चल रही है
    मुझे घड़ी का खराब पुर्जा निकालना है.

    खयाल है खानदान को इत्तला दे दूँ
    जो कट गया उस शजर का शजरा निकालना है.

    नजर मे रखना कहीं कोई ग़म-शनास गाहक
    मुझे सुखन बेचना है खर्चा निकालना है
    Shaikh

  • danish_shaikh 91w

    Har sham yun to dil hi jalate hain
    Aaj deewali hai.... Chalo diye jalate hain!!

    Yun to syaah khamoshi hai pinha seene me
    Chlo adhuri khwahison ke
    Patakhe jalaate hain..!!

    Bada shor hai nukkad ki galiyon mein.. Shaikh
    Hum chup chap yaadon ki fuljhadi jalate hain.!!
    ©mystery_destintaion

  • danish_shaikh 113w

    जब से तू मुझको है छोड़ कर गया
    ये दिल का हंसता हुआ शहर बयाबाँ हो गया,

    मेरी आरजू में तेरी आरजू थी
    तेरे बाद मैं बोलता हुआ बे-जुबां हो गया,

    पहले डरता था मैं मौत से सुबह-ओ-शाम
    मगर तेरे बाद मुझे मरना असान हो गया,

    तेरे बाद तो ये सारा शहर वीरान था
    मैं समझा था के सिर्फ मेरा नुकसान हो गया,

    ये बताओ ऐसी भी क्या गलती की थी
    के तू हम से यूँ अचानक अनजान हो गया..!!

    @bezuban_thoughts8083

  • danish_shaikh 119w

    जिंदगी तो काफ़िरों के संग गुजर ही जाएगी
    पर जिसे अपना समझा वहीँ दुश्मनी करने आया,

    कत्ल ही करना था तो सामने से करता
    हमदर्द बन कर क्यु उसने पीठ में खंजर चलाया,

    नजरों में उसकी अब भी शर्म के छींटे है
    अब तन्हाई ने सताया तो मेरे पास चला आया,

    bezuban_thoughts8083

  • danish_shaikh 120w

    ज़माने की हकीकत से
    तुम अभी वाकिफ़ नहीं हो,

    मोहब्बत की लालच मे
    जाने कितने नफ़रतों के झांसे मे आ गए.!!

    bezuban_thoughts8083