deepakgill

अल्फाज़ ए गिल ✍️❤️❤️ insta deepak_gill_rj

Grid View
List View
Reposts
  • deepakgill 5w

    सालो की बेरुखी , कुछ पलो मे ही सिमट गई ।
    मिलते ही मुझे, "वो" मेरे सीने से लिपट गई ।।

    ©deepakgill

  • deepakgill 5w

    ❤️

    नवंबर की सुबह, सुहानी सी ठंड थी ।
    रोशनी कम, मौसम में धुंध थी।।

    मिलना भी था जरूरी, ठहरी जो वो "गिल" की पहली पसंद थी ।
    धड़कने तेज, बाइक की रफ्तार थोड़ी कम थी ।।

    हां ये चाय के बहाने हमारी आख़िरी मुलाकात थी।
    लम्बी सी खामोशियां, बस आंखे ही आंखों से पूछ रही हजारों सवाल थी ।।

    गले मिले तो एहसास हुआ, आंखे उसकी नम थीं,
    ये ख्वाबों की दुनिया थी जनाब, हकिकत में कहां वो मेरे संग थी ।।

    आंखें खुली तो पता चला, आंखें मेरी बंद थीं।
    यादों के शोरगुल में, हमेशा की तरह आज भी नींद मेरी भंग थी ।।

    ©deepakgill

  • deepakgill 10w

    ❤️

    लंबे से अरशे के बाद किसी से बात करने की चाहत थी |
    फिर टूट से गए यार, जब पता लगा वो किसी और के लिए आहत थी ||
    ©deepakgill

  • deepakgill 12w

    ❤️

    काश ! ये ख्वाब हकीकत में बदल जाए ..।
    बस हर शाम मुझे तुम्हारे हाथों की चाय मिल जाए..।।

    ©deepakgill

  • deepakgill 13w

    ❤️

    जिंदगी कुछ यूं चल रही है।
    हर शाम अब बड़ी मुश्किल से ढल रही हैं ।।
    ©deepakgill

  • deepakgill 13w

    ❤️

    सोच रहा हूं, क्या सोचूं..??

    ©deepakgill

  • deepakgill 14w

    बड़े कमाल का था इश्क़ उनका...??

    #hindi #hindiwriters #miraquill

    Read More

    ❤️

    उस अंधेरी रात को, जब मै यादों में उनकी खो रहा था ।
    वो मुझसे नाराज़ हो कर गैरो की बाहों में सो रहा था ।।
    ©deepakgill

  • deepakgill 14w

    ❤️

    ये कैसी चोट हो गई, नशे से दूर रहा ।
    फिर भी इश्क करके, "जीते-जीते" ही जिंदगी की मौत हो गई ।।
    ©deepakgill

  • deepakgill 14w

    ❤️

    सर्द रातों में तेरी यादों का, चढ़ा बुखार देखा हैं ।
    कैसे बयां करूं दर्द..??
    बस कुछ यूं समझ लो,
    गिल के साथ बितायी रातों को भी बीमार देखा है ।।

    ©deepakgill

  • deepakgill 14w

    Aap agr meri jagah hote to kya karte???
    #miraquill #hindiwriters #writersnetwork #love

    Read More

    ❤️

    उनको जाना था, जाने दिया,
    मजबूरी तो बहाना था, बहाना बनाने दिया,

    शायद! कुछ कर पाता ...।
    अगर वक्त कुछ पल के लिए रुक जाता ।।

    वक्त ने वक्त के जाल में बुन लिया ,
    हुई मुझसे ही खता थी, मैंने गलत शख्स चुन लिया,

    वो था की हर बार गलतियां करके...
    आखिरी है मेरी "sorry", कहकर निकल जाता,

    कमबख्त, मैं भी हर बार उसकी इसी अदा पे झुक जाता,
    मासूम सा गिल , कैसे जालिम दुनिया को समझ पाता,

    मैं भी थोड़ा संभल पाता..।
    अगर वक्त कुछ पल के लिए रुक जाता ।।

    ©deepakgill