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  • devdiwan 53w

    सफ़र

    इंकार से इज़हार तक का सफ़र
    चलो! आज हम तय करेंगे
    तुम मेरे हो या नहीं
    इसका फ़ैसला भी करेंगे
    मशक्कत से मोहब्बत तक का सफ़र
    चलो! आज हम तय करेंगे
    सरे - आम मोहब्बत के बाज़ार में
    हम आज खुद को रुसवा करेंगे
    माशूका मेरी तुम नहीं मगर
    हम फिर भी तुमसे ही निकाह करेंगे
    इंकार से इज़हार तक का सफ़र
    चलो! आज हम तय करेंगे!

    ©Dev✍

  • devdiwan 53w

    Broken Friendship

    Unfortunately ! Lost a Gem , I'd never thought of being such alone without ya!
    I know I was wrong, and you were falsely blamed just because I was insecure!!
    But it's okay, whatever I did it was for my healthy relationship, and I don't like it when anybody poke his/her nose in the middle! I lost control on myself and I apologized for that but I never wanted to break yo' heart ! My insecurities, my over possessiveness, my over care,, etc.etc. don't allow me to look deeper even if I want to!
    Hope you understand my phase of relationship, yeah you better!

    But now it's okay , we Should part our ways and start a new life with new people around, give birth to new thoughts and with a positive mindset we should accept that both of us must learn something from this and shall move on !

    From the core of my heart ,you're such an amazing and important human. Literally a great friend of mine and also the bestest buddy ever !

    Stay happy and blessed Man! Hope this huge gap bring some changes in our lives.


    ©Dev ✍

  • devdiwan 53w

    दरार

    ये जो दरार आ गई है हमारे बीच
    याद रखना मेरे दोस्त!
    कभी भर नहीं पाओगे
    ये जो टूट गया है रिश्ता हमारे बीच
    याद रखना मेरे दोस्त!
    कभी जोड़ नहीं पाओगे
    ये जो यादेँ मिट गई हमारे बीच
    याद रखना मेरे दोस्त!
    कभी चाहकर भी याद कर नही पाओगे
    ये जो दरार आ गई है हमारे बीच
    याद रखना मेरे दोस्त!
    कभी भर नहीं पाओगे

    ©Dev ✍

  • devdiwan 54w

    तुम मेरे फासले को गुरूर समझ लेना
    मेरे बदलते हालातों को मंजूर कर
    मेरी हैसियत को मद्दे नजर रख कर
    मेरे बात ना करने की वजह
    और कुछ नहीं तो मुझे
    तुम मगरूर समझ लेना

    ©Dev ✍

  • devdiwan 54w

    शिकायत करती रह गई वो मां उस खुदा से!
    क्यों तूने देकर छीन ली मेरी खुशी मुझसे?
    खुदा ने कहा - पाक रूह की जरूरत जन्नत में भी है!


    ©Dev ✍

  • devdiwan 54w

    अपने हैं "साहब"

    वो आग लगाकर पूछते हैं
    ये धुआं कैसा उठ रहा है
    वो अपने हैं "साहब"
    पीठ में छुरा मारकर पूछते हैं
    ये खून कैसे बह रहा है !
    वो रंग बदलकर पूछते हैं
    तुम्हारे चहरे का रंग क्यों उतरा है
    वो अपने हैं "साहब"
    दर्द देकर पूछते हैं
    तुम्हे क्या दर्द सता रहा है!

    ©Dev ✍

  • devdiwan 54w

    मेरे कंधे पर बंदूक रखने से पहले
    उस बंदूक की नली अपनी तरफ कर लेना
    किसी और को मेरा निशाना बनाने के पहले
    तुम खुद ही खुद का शिकार कर लेना

    ©Dev✍

  • devdiwan 55w

    असफलता

    अपनी असफलता पर तकदीर को दोष मत देना
    वो कर्म पर निर्भर करता है तुमने कितना बनाया है
    अपनी असफलता पर स्वयं को दोष मत देना
    वो स्वयं पर निर्भर करता है तुमने क्या खोया है
    परीक्षा वो ईश्वर ले रहा है तुम बस डटे रहना
    मार्ग चाहे कितना भी दुखदाई क्यों न हो
    तुम कभी हिम्मत हारकर पीछे मत हो जाना
    पीड़ा सहने से यदि भविष्य उज्ज्वल हो
    तो अंधकार मिटाने के लिए थोड़ी पीड़ा ही सह लेना
    अपनी असफलता पर तकदीर को दोष मत देना
    वो कर्म पर निर्भर करता है तुमने कितना बनाया है


    ©Dev ✍

  • devdiwan 55w

    ज़ंजीरों से बांध दो या
    मेरे हाथों में हथकड़ियां डाल दो
    चाहो तो मेरा वजूद मिटा दो
    मगर इस दुनिया से मुझे रिहा कर दो
    चाहो तो मेरी हैसियत बर्बाद कर दो
    मगर कुछ यूं कर दो कि मुझे तबाह कर दो
    चाहो तो तुम कुछ भी कर दो
    मगर इस दुनिया से मुझे रिहा कर दो

    ©Dev ✍

  • devdiwan 55w

    मेरी याद आए कभी तो
    मेरे घर के दरवाज़े पर एक खत छोड़ जाना
    गर मिलने की ख्वाहिश हो तो
    एक काम करना
    दूर से ही मेरा दीदार कर लेना
    मगर मेरे पास कभी लौट कर मत आना


    ©Dev ✍