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Reposts
  • dil_ke_bol_alfaaz 7w

    दिल में चुभी हुई है एक फांस कबसे कोई टकरार हो।
    बात जो दबी है क़ल्ब ए कफस में उसका इज़हार हो।

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 8w

    बहुत पाक़ ख्वाहिशें रखती है मेरी मोहब्बत
    इन ख्वाहिशों को तुम इम्तेहान में मत डालो
    अपने दिल में ज़रा सी पनाह दे दो मुझे बस
    और किसी दुनियाई एहतेराम में मत डालो

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 10w

    आखरी सांस को इन लम्हों से लिपटने दो
    टपक रही है आंखो से वो शबनम बहने दो

    खुशबू से आखिर महक रहा है सारा जहाँ
    बागबान को मेरे बेगुनाह फूलों से रूठने दो

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 16w

    वो जो रोज़ याद आता है पर आता नहीं
    वो दिल को सताता है दिल से जाता नहीं

    आंखो में नमी बरक़रार रखी हुई है उसने
    अब उसका नाम ज़ुबाँ पर गुनगुनाता नहीं

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 18w

    मिले है कागज़ पर कभी अल्फाज़ गहरे भी।
    धुंधले है लफ्ज़ वही जो पन्नो पर धड़के भी।।

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 18w

    आखरी सांस को इन लम्हों से लिपटने दो
    टपक रही है आंखो से वो शबनम बहने दो
    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 18w

    बचे थे कुछ लायक से काफ़िर इस शहर में
    फिर न जाने कब ये इंसानियत गंवार हो गई

    मुस्तकबिल पढ़ना भी नहीं आया रूहों को
    बेमाने उसूलों से रूहानियत फ़िगार हो गई

    आ कर तेरे शहर में खो गया मेरा अक्स कहीं
    फितरत ही अब यहां तो ज़ुल्म-शिआर हो गई

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 19w

    ब-ज़ाहिर है इश्क का कोई इलाज नहीं है।
    मालूम है ये भी हमें कि तुम्हे प्यार नहीं है।।

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 19w

    उसको मालूम है मगर फिर भी अंजान बन रहा है
    मेरा यार मेरी मोहब्बत का इम्तिहान बन रहा है
    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • dil_ke_bol_alfaaz 19w

    रोज़ करिश्में मुजस्सम हुए तो आम हो गए
    इश्क़ ए मानिंद ओ खुदाई बस नाम हो गए

    इश्क़ फरेब तेरा हुस्न भी जाल साज़ लगा
    ये दुनिया भर के दीवाने भी बदनाम हो गए

    कतरा भर आई आंखो में नींद की खुमारी
    ख्वाबों के जमघट रातों के इनआम हो गए
    ©dil_ke_bol_alfaaz