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  • diwangee 5d

    दोस्तो, मैं आप सबका तहेदिल से आभार प्रकट करता हूं कि आपके सहयोग से मैने अपने जीवन के सबसे कठिन समय को हस्ते मुस्कुराते बीता लिया। मैं आपका अहसान ताउम्र नही भूल पाऊंगा।

    मगर ये जीवन है इसमें ठहराव नही होता, एक नदी की तरह सदैव आगे बढ़ना होता है। इसलिए वो वक्त आ गया जहां से मुझे आप सब से अलग होने का अनुमति लेना है। आप सब की याद बहुत आएगी।

    मैंने कभी नहीं सोचा था कि यहां अलविदा कहना इतना मुश्किल होगा। मेरे जीवन के सफर में साथ देने के लिए आप सबका हृदय से आभार... भगवान आपकी मनोकामना पूर्ण करें, आपका स्वास्थ्य उत्तम रहे, धन संपत्ति से आपका घर भरा रहे, आपका जीवन शांति, सुख और संतुष्टि से परिपूर्ण रहे।

    अब मेरा जाने का समय आ गया है... शुभ विदा...!

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    Quitted

    Friends, I express my sincere gratitude to all of you that with your support, I have passed the most difficult phase of my life by smiling. I will never be able to forget your favour.

    But this is life, there is no stagnation in it, always moving forward like a river. So the time has come from where I have to take permission to separate from all of you. You all will be greatly missed.

    I never thought it would be so difficult to say goodbye here. Heartfelt thanks to all of you for supporting me in the journey of my life... May God fulfill your wishes, may your health be good, may your home be filled with wealth, may your life be filled with peace, happiness and contentment....!

    Now it's time for me to depart... Goodbye friends...!
    ©diwangee

  • diwangee 5d

    जिस्म की हो रही है चारो ओर नुमाईश यहां...
    खूबसूरती का अब तो बीत गया जमाना...
    क्या चाहिए क्या नही इसकी हो रही फर्माइश यहां...
    आंखों से हाल ए दिल समझने का अब गया जमाना...

    नुमाईशों के दौर में ख्वाइशों की इमारतें खड़ी है...
    मुझे बदनाम करने के लिए दुनिया पीछे पड़ी है...
    उससे मोहब्बत का इजहार कैसे करें हम...
    जो अपनी फरमाइशों की लंबी लिस्ट लेकर खड़ी है...

    क्या करोगे मेरी दर्द भरी दास्तान सुनकर...
    मेरी खामोशी को तुम कभी समझोगी नही...
    और दिल का हाल मुझसे बयान होगा नही...
    इश्क किया है मैने कोई बम ब्लास्ट तो नही...
    ©diwangee

  • diwangee 5d

    Please ���� don't go by the pretense of this post... please understand the secret behind it....����

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    बचपन की मासूमियत न जाने कब, कहां और कैसे खो गई....
    जहां पहले चोट लगने पर मूंह से निकलता था...उई मां...
    अब चोट शरीर में लगे या दिल पर निकलता तो बस यही है....

    ""तेरी मां की.........""

    ©diwangee

  • diwangee 5d

    I had read that there are seven types of colours. Rainbow also scatters seven colours. But when I went for shopping with my bhabhi and her sister today, I saw that only red colour of nail polish was of seven types.��������

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    मैंने पढ़ा था कि रंग सात प्रकार के होते हैं। इंद्रधनुष भी सात रंग बिखेरता है। लेकिन जब भाभी और उनकी बहन को शॉपिंग कराने आज गया तो देखा कि nail polish के सिर्फ लाल रंग ही सात प्रकार का था।
    ©diwangee

  • diwangee 5d

    अक्सर लोगों को लगता है...
    हमारी गलती क्या है...?
    हम क्यों क्षमा मांगे...?
    उसको कोई क्यों नहीं बोलता...?
    सब मुझे ही क्यों बोल रहे...???

    जवाब जानने के लिए ये कहानी पढ़ें...������

    एक सेठ जी ने अपने छोटे भाई को तीन लाख रूपये व्यापार के लिये दिये। उसका व्यापार बहुत अच्छा जम गया, लेकिन उसने रूपये बड़े भाई को वापस नहीं लौटाये।

    आखिर दोनों में झगड़ा हो गया, झगड़ा भी इस सीमा तक बढ़ गया कि दोनों का एक दूसरे के यहाँ आना जाना बिल्कुल बंद हो गया। घृणा व द्वेष का आंतरिक संबंध अत्यंत गहरा हो गया।
    सेठ जी अच्छे साधक भी थे, लेकिन अपने छोटे भाई की निंदा-निरादर व आलोचना करने कारण उनकी साधना लड़खड़ाने लगी। भजन-पूजन के समय भी उन्हें छोटे भाई का चिंतन होने लगा। मानसिक व्यथा का प्रभाव तन पर भी पड़ने लगा। बेचैनी बढ़ गयी, आखिर वे बाबा पाखंडी के पास आए और अपनी व्यथा सुनायी....

    बाबा पाखंडी ने कहाः- 'बेटा ! तू चिंता मत कर। ईश्वर कृपा से सब ठीक हो जायेगा। तुम कुछ फल व मिठाइयां लेकर अपने छोटे भाई के यहाँ जाना और मिलते ही उससे केवल इतना कहना, 'अनुज ! सारी भूल मुझसे हुई है, मुझे "क्षमा" कर दो।'

    सेठ जी ने कहाः- "महाराज ! मैंने ही उनकी मदद की है और "क्षमा" भी मैं ही माँगू!"

    बाबा पाखंडी ने उत्तर दियाः- "परिवार में ऐसा कोई भी संघर्ष नहीं हो सकता, जिसमें दोनों पक्षों की गलती न हो। चाहे एक पक्ष की भूल एक प्रतिशत हो दूसरे पक्ष की निन्यानवे प्रतिशत, पर भूल दोनों तरफ से होगी।"

    सेठ जी की समझ में कुछ नहीं आ रहा था। उसने कहाः- "महाराज ! मुझसे क्या भूल हुई?"

    बाबा पाखंडी ने कहा... बेटा ! तुमने मन ही मन अपने छोटे भाई को बुरा समझा– यही है तुम्हारी पहली भूल...
    तुमने उसकी निंदा, आलोचना व तिरस्कार किया– यह है तुम्हारी दूसरी भूल...
    तुमने क्रोध पूर्ण आँखों से उसके दोषों को देखा– यह है तुम्हारी तीसरी भूल....
    अपने कानों से उसकी निंदा सुनी– यह है तुम्हारी चौथी भूल...।
    तुम्हारे हृदय में छोटे भाई के प्रति क्रोध व घृणा है– यह है तुम्हारी आखिरी भूल....

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    सेठ जी की आँखें खुल गयीं। बाबा पाखंडी को प्रणाम करके वे छोटे भाई के घर पहुँचे। सब लोग भोजन की तैयारी में थे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा उनके भतीजे ने खोला। सामने ताऊ जी को देखकर वह अवाक् सा रह गया और खुशी से झूमकर जोर-जोर से चिल्लाने लगाः "मम्मी ! पापा !! देखो कौन आये हैं ! ताऊ जी आये हैं, ताऊ जी आये हैं।"

    माता-पिता ने दरवाजे की तरफ देखा। सोचा, 'कहीं हम सपना तो नहीं देख रहे !' छोटा भाई हर्ष से पुलकित हो उठा, 'अहा ! पन्द्रह वर्ष के बाद आज बड़े भैया घर पर आये हैं।' प्रेम से गला रूँध गया, कुछ बोल न सका। सेठ जी ने फल व मिठाइयाँ टेबल पर रखीं और दोनों हाथ जोड़कर छोटे भाई को कहाः- "भाई ! सारी भूल मुझसे हुई है, मुझे क्षमा करो ।"

    “क्षमा" शब्द निकलते ही उनके हृदय का प्रेम अश्रु बनकर बहने लगा। छोटा भाई उनके चरणों में गिर गया और अपनी भूल के लिए रो-रोकर क्षमा याचना करने लगा। बड़े भाई के प्रेमाश्रु छोटे भाई की पीठ पर और छोटी भाई के पश्चाताप व प्रेममिश्रित अश्रु बड़े भाई के चरणों में गिरने लगे।

    क्षमा व प्रेम का अथाह सागर फूट पड़ा। सब शांत, चुप, सबकी आँखों से अविरल अश्रुधारा बहने लगी। छोटा भाई उठ कर गया और रुपये लाकर बड़े भाई के सामने रख दिये। बडे भाई ने कहा "भाई! आज मैं इन कौड़ियों को लेने के लिए नहीं आया हूँ। मैं अपनी भूल मिटाने, अपनी साधना को सजीव बनाने और द्वेष का नाश करके प्रेम की गंगा बहाने आया हूँ।

    मेरा आना सफल हो गया, मेरा दुःख मिट गया। अब मुझे आनंद का एहसास हो रहा है।"

    छोटे भाई ने कहाः- "भैया ! जब तक आप ये रुपये नहीं लेंगे तब तक मेरे हृदय की तपन नहीं मिटेगी। कृपा करके आप ये रूपये ले लें। सेठ जी ने छोटे भाई से रूपये लिये और अपने इच्छानुसार अनुज बधू , भतीजे व भतीजी में बाँट दिये । सब कार में बैठे, घर पहुँचे। पन्द्रह वर्ष बाद उस अर्धरात्रि में जब पूरे परिवार का मिलन हुआ तो ऐसा लग रहा था कि मानो साक्षात् प्रेम ही शरीर धारण किये वहाँ पहुँच गया हो। सारा परिवार प्रेम के अथाह सागर में मस्त हो रहा था।
    _______बाबा पाखंडी
    ©diwangee

  • diwangee 1w

    लॉक डाउन में ईद को आता देख बीवी ने शौहर से पूछा..... इस साल ईद में बकरा नही लाओगे...?

    शौहर अपनी घटती आमदनी से काफी परेशान था तो गुस्से में बोला.... बकरे की जरूरत ही क्या...? मुझे ही हलाल कर देना।

    बीवी मुस्कुराते हुए बोली.... गधे की सिर्फ कमाई जायज है... कुर्बानी नही...!

    ©diwangee

  • diwangee 1w

    लड़की....दुकानदार से... भैया बासमती चावल दिखाना...!

    दुकानदार ने साधारण चावल दिया... लड़की ने सूंघा और कहा... मगर भैया इसमें कोई खुशबू नही आ रही....
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    दुकानदार.... तब आप अपना RTPCR टेस्ट कराइए मैडम....����������

    लड़की....अब थोड़ी थोड़ी आ रही है... 5 किलो दे दो...!
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    ये है किस्सा miraquill की लड़कियों का...��������

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    जिंदगी जब कठिन समय में हमें नाच नचाती है....
    तो ढोलक बजाने वाले सभी हमारे अपने और जान पहचान वाले ही होते हैं...!!

    When life makes us dance in difficult times....
    So all those who play the dholak are our own and known acquaintances...
    ©diwangee

  • diwangee 1w

    Oye ��
    मिराकि की लड़कियों.....
    बिंदास मुस्कुराओ... तुम्हे क्या गम है...
    जिंदगी में टेंशन यहां किसको कम है...
    याद करने वाले तो बहुत है आप सब को...
    दिल से तंग���� करने वाले तो सिर्फ हम हैं...
    ��������������������

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    वो अपनी जुल्फों में फूलों को सजा कर आई है..
    आंखों पे चश्मा चेहरे से दुप्पटा उठा कर आई है..
    मैंने पूछा... क्या बात आज तो बड़ी जम रही हो..
    तो उसने कहा... 15 दिन बाद आज नहाई हूं...


    प्यार और मौत से डरता कौन है...
    प्यार हो जाता है करता कौन है...
    हम तो कर दें प्यार में जान भी कुर्बान...
    पर पता तो चले हमसे प्यार करता कौन है...?


    सितारों में आप...
    हवाओं में आप...
    फिजाओं में आप...
    बहारों में आप...
    धूप में आप...
    छाव में आप...
    सच ही सूना है कि...
    बुरी आत्माओं का...
    कोई ठिकाना नहीं होता...


    हसती थी हसाती थी...
    दिल को बहुत भाती थी...
    मुझे देख वो शर्माती थी...
    आंखें झुका मुस्कुराती थी...
    आज पता चला कि वो...
    खुद तो पागल थी ही...
    मुझे भी पागल बनाती थी...


    दोस्ती कर ली तुमसे बहुत सोचने के बाद...
    अब किसी को देखना नही तुम्हे देखने के बाद...
    हम तो ये दुनियां छोड़ देंगे तुम्हे पाने के बाद...
    अब खुदा माफ करे इतना झूठ बोलने के बाद...

    ©diwangee

  • diwangee 1w

    जब अपनो के दिए जख्म नासूर बन जाते हैं...
    तब गैरों से रिश्ते अपने आप ही बन जाते हैं...

    माना कि धर्म पर कुर्बान पुरुषों को जन्नत में 72 हूर मिलती है... पर महिलाओं के लिए भी एक शॉपिंग मॉल तो खुलवा देते...??
    _______बाबा पाखंडी

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    When wounds given by your loved one turn into cancers...
    Then relationships with other people are formed automatically...

    It is believed that men who sacrificed their life for the religion get 72 beautiful girls in paradise.....
    But for equality they should have also opened a shopping mall for women....??
    _________BABA PAKHANDI
    ©diwangee

  • diwangee 1w

    Whenever life is sad...
    That's the time when you feel it...

    You are my prayer...
    But you belongs to someone else...
    You are my dream...
    But you are the reality for someone else's...

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    जिंदगी....
    जब मायूस होती है...
    तभी महसूस होती है...

    तुम....
    इबादत हो मेरी...
    अमानत हो किसी और की...
    सपना हो मेरा....
    हकीकत हो किसी और की...
    ©diwangee