dr_seema

www.instagram.com/p/BwRSkrzhnfW/?utm_source=ig_

kabhi apna dard to kbhi dusro ka marj likhti hu,peshe se doctor hu bas har jgah dawa likhti hu

Grid View
List View
Reposts
  • dr_seema 70w

    वो बात बात बार रूठता रहा मैं उसको मानती रही
    कुछ इस तरह मैं ख़ुद से ख़ुद की खुशियाँ उजड़ती रही,

    वो चीखता था मुझपर और मैं प्यार उसे समझती रही,
    कुछ इस कदर मैं अपनी ज़िन्दगी ज़हन्नुम बनती रही,

    वो रोकता रहा यहाँ वहाँ जानें से मुझे,
    मैं बस हां में ही सर हिलाती रही,

    वो नापता गया लम्बाई मेरे कपड़ो की,
    मैन उसकी हर बात सर-आँखों पर उठती रही,

    वो कह देता शायद पहले ही के प्यार नहीं है मुझसे,
    वो तो मैं ही बेबकुफ़ थी जो उसके आगे गिड़गिड़ाती रही,

    वो बात बात पर रूठता रहा मैं उसको मानाती रही,
    कुछ इस तरह मैं खुद से खुद की खुशियाँ उजाड़ती रही,

    म़र्जी से अपने वो मुझे फ़ोन करता,
    म़र्जी न हुई तो १०० कॉल भी मेरे वो इग्नोर करता,
    मै फिर भी उसकी दीवानी बनती रही,
    अपनी ज़िन्दगी अपने ही हाथों से तबाह करती रही,

    बत्सालुखियाँ उसकी फिर सब को नज़र आने लगी,
    ताने सुन सुन कर मेरी शामें गुजरती रही,

    इतने में भी वो मेरा नहीं किसी और का होता रहा,
    मैं उसकी और सिर्फ उसकी बनती रही ,

    कुछ इस तरह मैं उसको अपनी दुनिया बनाती रही,
    मै खोती रही खुद को खुद मे और उसको समाती रही,
    कुछ इस तरह बेहिसाब पाक मोहब्बत मैं उसको जताती रही।
    ©dr_seema

  • dr_seema 75w

    किसी और को देखना तो दूर की बात है,
    किसी और का ख्याल भी आना, "कसम से" मेरे लिये नापाक है।
    ©dr_seema

  • dr_seema 78w

    फरियाद करूँ

    कितने पल सोचूं तुझको,
    कितने दिन और याद करूँ,
    दे दो, दो पल मोहब्बत के,
    आखिर कब तक ये फरियाद करूँ,
    उन दो नजरों की कायल मैं,
    उन दो नजरों से हुई घायल मैं,
    उन दो नजरों मे फिर नज़र आने को,
    मैं कब तक बोलो इंतजार करूँ,
    दे दो दो पल मुझको मोहब्बत के,
    आखिर कब तक ये फरियाद करूँ,

    कभी तो सोचो तुम भी थोड़ा सा,
    कभी तो मुझको याद करो,
    कभी लगा लो वेबजह फोन मुझे,
    कभी मेरे गज़लों पर वाह,वाह करो,
    आखिर कब तक बस मैं ही पुकारूँ तुमको,
    कब तक तुमसे अपने दिल की पहले से बात करूँ
    दे दो, दो पल मोहब्बत के,
    आखिर कब तक ये फरियाद करूँ,
    ©dr_seema

  • dr_seema 78w

    मेरे चेहरे की झुर्रियां,उनकी उँगलियों की सिलवटों से मिलना चाहतीं थी,
    उनके जोड़ों के दर्द पर मरहम मेरी उँगलियाँ मलना चाहती थी,
    हुआ ये के, वो जवानी में ही किसी और की सुंदरता पर फिदा हो गये,
    मैं तो मरने के बाद भी उनके नाम के सिंदूर से संवरना चाहती थी।
    ©dr_seema

  • dr_seema 79w

    किसी को वक्त नहीं मिलता किसी को याद करने को,
    किसी को वक्त नहीं मिलता किसी को याद करने से,

    कोई भूल जाता है किसी को एक छोटी सी भूल की तरह,
    कोई भुल से भी भूलने की किसी को भुल नहीं करता,

    कोई प्यार को ढोंग कहने से नहीं कतराता,
    कोई प्यार को संजोग और किस्मत कहता है, और किस्मत पर उसका जोर नहीं चल पाता,

    कोई मस्त अपनी मस्ती में जिंदगी जीता है,
    किसी को उसकी जिंदगी बरसों दिदार नहीं होता,

    कोई कुछ न कर के भी आराम से रह लेता है,
    तो कोई सब कुछ लुटा कर भी एक पल चैन नहीं पाता,

    कोई दुनियाँ से कदम मिलाकर चलने में अपनी शान समझता है,
    कोई होता है जो एक इंशान को अपनी दुनियाँ कहता है,

    कोई किसी से कोई भी वास्ता नही रखता,
    कोई मंजिल तक पहुंचने का एक शख्स के सिवाय और रास्ता नहीं रखता,

    कोई मोहब्बत के नाम पर बस दिन गुजारता है,
    कोई मोहब्बत के नाम से अपना दिन गुजारता है,

    इसी दुनियाँ में रहते हैं दो तरह के लोग,
    कोई मोहब्बत का मतलब भी नही जानता पर हमेशा मोहब्बत बस मोहब्बत पाता है,
    कोई बेहद मोहब्बत कर के भी खुद के मोहब्बत के लिए तरस जाता है।
    ©dr_seema

  • dr_seema 97w

    सुनो,
    तुम मुझे कबूल हो,अपनी हर खामियों के साथ,
    तुम्हारी बेपरवाहियों,नज़रअंदाजगी, और बेवफ़ाईयों के साथ,
    तुमसे कुछ कहना है तो बस इतना के अपना ख्याल रखा करो,
    हम रह लेंगे खुश "तुम्हारी ख़बर-ए-ख़ैरियत" के साथ।
    ©dr_seema

  • dr_seema 100w

    है उन्हे इश्क मुझसे वो बताने आये थे,
    अपनी मजबूरियों के किस्से सुनाने आये थे,
    जब तल्ख मैं कहती रही झूठे हो तुम, वो मुझे मनाते रहे,
    मान बैठी जो सच, तो कहते हैं के वो सिर्फ मुझे आजमाने आये थे।
    ©dr_seema

  • dr_seema 101w

    बस कुछ दिन और फिर मैं तुमको भूल जाऊँगी,
    एक यही बात कहते-कहते शायद मैं एक दिन मर जाऊँगी।
    ©dr_seema

  • dr_seema 102w

    Valentine's week

    7 febरात 12बजते ही, लाल गुलाब की एक सुंदर सी तस्वीर भेज दिया करते थे,
    8feb को सुबह फोन लगा जिंदगी भर साथ रहने का प्रस्ताव रखा करते थे,

    9feb को चाकलेट सी मीठी बातों से दिन का आगाज़ किया करते थे,
    10feb को टैडी की जगह उनकी गोद मे सर रखने के सपनों को अंजाम मिला करते थे,

    11 febकी सुबह से शाम तक का समय अनगिनत छोटे-बड़े वादों,कसमे खाने में निकल जाता था,
    12febको उनकी जगह ,उनकी किसी चीज़ से लिपट कमाल का सुकून आता था,
    13feb की चैटस पर किसी खास इमोजी की भरमार होती थी,
    सुबह से ले कर शाम तक की बातों मे सबसे सुरीली एक और आवाज़ होती थी,

    14 febको 12 बजते ही love you so much happy Valentine's day से मोहब्बत के लिये बनाये हुये दिन में दिन भर मोहब्बत की बरसात होती थी,
    मीलों दूर होते थे हम, पर एक दिन तो साथ होंगे ही ,की उम्मीद हर बार साथ होती थी,

    न तोहफों की अदला बदली होती थी न गुलाबों से मुलाकात होती थी,
    दूर रहने में भी पास रहने से भी अधिक करीबी वाली हमारी कुछ बात होती थी,

    औरों की तरह Valentine's week का मुझे भी हर साल इंतजार होता था,
    कुछ इस तरह long distance relationship होने के बाबजूद भी हमारे बीच कभी बेशुमार प्यार होता था।
    ©dr_seema

  • dr_seema 105w

    मेरी मोहब्बत को एक तरफा न समझिये ,कुछ दिन का साथ उनसे भी मिला था,
    हाँ पर मेरी मोहब्बत उन्हे रास नहीं आई, दरअसल उन्हे मेरे हर तरिके से गिला था।
    ©dr_seema