drraghav

शून्य ही शून्य

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  • drraghav 13w

    बिन बोले
    जो दिल की बात
    समझ ले
    सच्चा प्यार
    वो ही है
    ©drraghav

  • drraghav 13w

    ये शब्दों का ही तो खेल है
    हम कभी मिले नहीं
    फिर भी सब एक हैं
    ©drraghav

  • drraghav 15w

    हमें जो सच्चे दिल से
    प्यार करते हैं
    अक्सर उन्हें हम
    बेवकूफ समझ लेते हैं
    ©drraghav

  • drraghav 16w

    प्यार बाँटना तो सीखो
    हजार गुना होकर
    वापस आता है
    ©drraghav

  • drraghav 16w

    इन्सानियत के आगे पद प्रतिष्ठा पैसा इज्ज़त शोहरत सब बौने नज़र आते हैं !
    ©drraghav

  • drraghav 17w

    सार

    " आधुनिकता "

    " असमानता "

    " क्रुरता "

    " विनाश "

    " स्रष्टि का "
    ©drraghav

  • drraghav 19w

    " कब जागोगे "

    एक दूसरे शब्द के पर्यायवाची बनते गए ...?
    शब्द ......
    कभी शूद्र....
    कभी अछूत....
    तो कभी हरिजन.....
    और अभी दलित नाम से....
    हम पुकारे जाते हैं .. ?????
    सदियों पर सदियाँ बीतती गईं
    परन्तु हम वहीं के वहीं ...?
    जस के तस?!!!!
    बार बार थोड़े ही आयेंगे....
    बाबा साहब
    डाक्टर भीम राव अम्बेडकर
    तुम्हें जगाने...?!?!!!!!!??
    आज भी तुम
    वही अत्याचार निशब्द होकर
    सहन करते हो
    जो सदियों पहले....?!??
    " राघव "
    ©drraghav

  • drraghav 22w

    कोई किसी का नहीं जग में यारों
    सब मतलब से बनते रिश्ते यारों
    ©drraghav

  • drraghav 26w

    अनकहे शब्द भी पहुँच जाते हैं,
    बस दिल में सच्ची चाहत होनी चाहिए
    ©drraghav

  • drraghav 31w

    Lets celebrate the present moment
    It will never come back in our lives
    ©drraghav