#Prayasss29

11 posts
  • goldenwrites_jakir 73w

    मित्र ✍️✍️

    रूहानी दुआओँ में दोस्ती खुदा से मांगी
    इबादत इल्म की ईमान वाली सजदों में रखी

    कर क़बूल मेरे मोला दुआएँ मेरी
    इस बेरंग दुनियां में रंगों की होली


    ©goldenwrites_jakir

  • tiwaripriti 73w

    #prayasss29 मित्र@rnsharma65@life09@rim-writes@loveneetm@
    reenu312.

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    मित्र

    मित्रता किसी से भी
    स्वार्थवश ना करना
    निस्वार्थ भाव
    से ही करना
    आपत्ति काल
    में जब मित्र
    अपने मित्र
    के हर सुख और दुख
    का साथी होता है
    तो वही सच्चा मित्र कहलाता है
    सच्ची मित्रता कृष्ण औ सुदामा
    के जैसी होती है
    जो जग में सबसे ऊँचा
    नाम कर देती है
    ©tiwaripriti

  • rnsharma65 73w

    मित्र

    आज इन्टरनेट की दुनिया में हैं अनेक मित्र
    आनन्द लेते चार्टिंग और वीडियो कॉल कर ।
    और भी अनेक स्वार्थ सिद्धि के होते मित्र
    जबतक रहता फायदा बनते जान देवा मित्र ।
    जिस दिन अपना स्वार्थ हो जाता संपन्न
    दुश्मन बन पछताता नहीं लेने को जीवन ।
    संकट के समय आकर जो खड़ा होता,
    कर्म वचन से मित्र के हृदय धीरज बंधाता,
    समझा कर अपने मित्र को सही दिशा दिखाता,
    जीवन में वह ही तो सच्चा मित्र कहलाता ।।
    ©rnsharma65

  • suno_naa 73w

    #prayasss29 @rnsharma65 @cherrrry @govinda_bag @goldenwrites_jakir
    @tiwaripriti jii द्वारा दिये गये शीर्षक - " नारी " पर मेरा एक प्रयास
    #prayasss32

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    नारी

    सुनो ...
    नारी आज केवल एक चीज / सामान बनकर रह गयी है
    वरना उसकी ऐसी हालत तो कतई ना होती
    हवा में बात नही कर रही ....
    कुछ सबूत इस प्रकार हैं ...

    केरल में एक नाबालिक का सामूहिक बलत्कार हुआ
    किया किसने - बगल में किराये से रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने । वो भी बहुत दिनो तक ।। स्कुल में बदले बर्ताव को देख शिक्षकों की सहायता से इस तथ्य की जानकारी मिली।

    उत्तर प्रदेश में एक और नाबालिक का बलात्कार हुआ
    गला काट कर उसे सूखे तालाब में फेक दिया गया
    और बाद में उसके पैरों के कुछ हिस्से को जानवरों ने खाना शुरु कर दिया गया था ।।

    ये दोनो नाबालिक थी एक 14 तो दुसरी 17 की थी ।
    यह घटना एक सवाल है हमारे समाज पे हमारे प्रशाशन पे लड़को की परवरिश पे और नारी जाती के अस्तित्व पे

    समाधान - अगर होता तो आज ऐसा सुनने नहीं मिलता ।।

    निष्कर्ष - नारी वस्तु है जिसका उपयोग करो और उसके बाद उसकी जान ले लो ।।
    ©khayalaat_hamare

  • tiwaripriti 73w

    धर्म

    धर्म की राह पर
    मानव को सदा
    चलते ही जाना है
    कर्म ही तो होता है
    सच्चा धर्म हमारा
    जब कोई संकट आन पडे़
    करता है हरपल रक्षा
    यह धर्म हमारा
    अपने धर्म का
    मान हमें बढाना है
    जब जब इस धरती
    पर अत्याचार बढा
    तब तब इस धर्म रक्षा
    के ही ख़ातिर
    प्रभु ने अवतार लिया
    इस कलयुग में भी आया है
    घोर संकटकाल का क्षण
    चहुँदिश फैली है
    यह महामारी
    दूर कर दो हे विधाता
    इस महामारी रुपी राक्षस
    को इस संसार से
    है मन में दृढ़ विश्वास
    इक दिन होगी सत्य और
    हमारे धर्म की विजय
    ©tiwaripriti

  • tiwaripriti 73w

    धीरज

    आज की इस युवा पीढी़ में
    धीरज नहीं रहता
    है सबल
    छोटी सी बात का
    भी कर लेते हैं
    बड़ा ही बवाल
    नहीं सहन कर सकते हैं
    कितने निर्बल होते है
    ये हमारी युवा
    पीढ़ी के मानव
    कितने भी हो जाएंगे
    ये ज्ञानी फिर भी नहीं
    सहन कर सकते हैं
    ये विपरीत परिस्थितियों
    का सामना
    इनकी बुद्धि का
    धैर्य खो जाता है
    और डिप्रेशन में
    आकर ये धीरज
    नहीं धारण कर पाते है
    और खुद को ही फांसी
    की सजा देकर अपनी
    ही हस्ती मिटा देते हैं
    ©tiwaripriti

  • loveneetm 73w

    #prayasss29 धीरज धर्म मित्र नारी सभी शब्दो को एक साथ संजोने का प्रयास। @tiwaripriti ji

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    संवाद

    हे! माधव इतना कहो,
    क्यूँ नारी इतना सहती है,
    सखी आपकी द्रोपदी,
    इतना तुमसे कहती है।

    धीरज धरकर नारी ने,
    सदा जगत अन्याय सहा,
    इतनी पीड़ा देने पर भी,
    जगत धर्म को पूछ रहा।

    भरी सभा में मुझ नारी पर,
    कितने झूठे आरोप लगे,
    ज्ञानी शक्ति वान वहाँ पर,
    मुझको दुर्बल हीन लगे।

    रक्त नहीं उबला लोगों का,
    नारी के अपमान पर,
    वस्त्र हरण की कोशिश पर,
    उसके भीषण परिणाम पर।

    मित्र एक तुम्ही सच्चे,
    जिसनें मेरी जग लाज रखी,
    द्रोपदी की मर्यादा पर,
    संरक्षण की आस रखी।

    सुन बातें पांचाली की,
    माधव बोले मत घबराओ,
    नारी होना सरल नहीं,
    यह बात हृदय को समझाओ।

    नारी शक्ति नारी भक्ति,
    नारी ही सृष्टि रूप है,
    नारी मन से गर अबला है,
    तो भीतर से दुर्गा रूप है।
    ©loveneetm

  • tiwaripriti 73w

    #prayasss29

    मीराकी परिवार के सभी लेखको को मेरी तरफ से सादर
    सप्रेम तथा प्रयास की पाठशाला को अभिनंदन ।

    @cherrry ji ने आज मुझे संचालन का दायित्व सौपा है
    जिसके लिए मै उनका बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हैं
    आपने हमें इस संचालन के योग्य समझा जिसके लिए तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हुं ।

    मै आभारी हुं rnsharma65 ji @reenu312 ji
    प्रिय तुलसीदास जी का कहना है -
    धीरज, धर्म, मित्र अरु नारी।
    आपद काल परखिए चारी।।

    मेरा आज #prayasss29 का Topic ऊपर दिये गये शब्दों जैसे कि(धीरज ,धर्म,मित्र,नारी ) में से आप किसी भी विषय पर अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं

    मेरा आप सभी से विशेष अनुरोध है की #prayasssकी इस पाठशाला में अधिक से अधिक संख्या में योगदान देकर इसे आगे बढ़ाने की कोशिश करें।
    ©tiwaripriti

  • tiwaripriti 81w

    नारी

    रही खड़ी मैं सोचती,मन मे यही विचार
    क्या नारी ही है इस जग की शक्ति आधार

    फिर क्यों नहीं नारी कर देती उन घोर
    अत्याचारी, दुराचारी पापियों का संहार

    जो बन बैठे है अपनी इस मातृभूमि का भार
    इस भारत देश की नारी थी इक ऐसी मिशाल

    जिसने मान रक्षा के ख़ातिर
    कभी भी नहीं झुकाया सर

    इस देश को गोरो से आजादी दिलाने के ख़ातिर
    झाँसी की रानी ने उठा ली,अपने कर में तलवार

    लड़ते -लड़ते दम तोड़ दिया,दी देश पर कुर्बानी
    ऐसी शेरनी तो थी हमारे भारत देश की रानी

    ऐसी ही तो वीरांगना है आज की भी नारी
    फिर क्यों चुप बैठी है ये हमारी शक्ति

    जागृत हो कमर कस लो,ऐ नारी देख कर तुम्हें
    थरथर काँपे,ये घोर अत्याचारी,दुराचारी सारे

    क्योंकि नारी ही शक्ती है,औ सारी सृष्टी का आधार
    रही खड़ी मैं ये सोचती मन में यही विचार
    ©tiwaripriti

  • maakinidhi 81w

    #abhivyakti08...स्त्री अपने सभी रूपों में सर्वश्रेष्ठ है..... उसके समस्त जीवन वृतांत को कुछ पंक्तियों में व्यक्त करने का एक प्रयास_#prayasss29@tiwaripriti

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    स्त्री

    परमात्मा की सबसे नायाब कृति है वह!
    धैर्य उसमें समाहित धरित्री सा सदैव!
    प्रेम की पराकाष्ठा को परिभाषित करती!
    मां के रूप में स्नेह का गागर भरती!
    किसी पौधे की नन्हीं कलिका सी!
    खिलती है वह घर के आंगन में!
    जब पुष्प बने,हो जाए बड़ी कुछ!
    घोले सुगन्ध तब वातावरण में!
    मायके की असली रौनक वही है!
    प्रकाशित हो चहुंओर जो,दीपक वही है!
    बीतते हैं दिन, वर्ष बीत जाते हैं !
    मां, पिता तब कुछ चिंतित नजर आते हैं!
    चिंता यह भी कि उसे उसके योग्य वर मिले!
    चिंता यह भी कि वेदना नहीं,प्रेम का स्वर मिले!
    वैवाहिक जीवन में कुछ यूं प्रवेश करती है वह!
    समर्पित भाव से सबका वरण करती है वह!
    फिर वह सौभाग्यशाली दिवस भी आता है!
    बनती है मां जब,गौरव कितना बढ़ जाता है!
    अपनी संतानों के लिए कुछ भी कर गुजरती है!
    उसके आशीष से जिंदगी बच्चों की संवरती है!
    उन्मुक्त आकाश में वायुयान भी उड़ा आती है!
    हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाती है!
    फिर घर लौटकर पत्नी और मां बन जाती है!
    सारे कर्त्तव्य अपने पूरे मन से निभाती जाती है!
    फिर दादी बने या नानी,हर रूप में अप्रतिम है!
    प्रेम की सीमा नहीं कोई, असीमित अनुपम है!
    अपनी अंतिम श्वांस तक सबका साथ निभाती है!
    धन्य है स्त्री,बेटी, मां,जननी भी जो कहलाती है!!
    ©maakinidhi

  • rnsharma65 85w

    नारी

    जो थी कल घर घर की लक्ष्मी
    आज बन गई है वह अलक्ष्मी
    अपनी स्वार्थ पूर्ति की खातिर
    बरसती वह आग की बारी
    यही है आज आमलोगों की कहानी ।

    हटा दो मां अपनी यह निगरानी
    हो ना तुम घर घर की रानी
    बना दो घर अपना फुलवारी
    फैल जाएगी शान्ति मैत्री की लहरी
    मिलेगी तुम्हे बिती हुई सम्मान पुरी ।
    ©rnsharma65