#banaras

249 posts
  • rajvairagi 1d

    Banaras, Ishq aur Tum...

    बनारस या तुम इश्क करने से खुदको नहीं रोक सकता मैं
    तेरे शहर में पहला कदम नहीं भूल सकता मैं।

    ठंड में हथेली को अलाव की गर्माहट और
    तेरा मुझे बस अड्डे पर लेने आना नहीं भूल सकता मैं।

    गरम चाय में गोते लगा जैसे बिस्किट पिघलता है
    तेरा गले लगाना मुझे मोम बनाना नहीं भूल सकता मैं।

    तुम साथ थी या रास्ता छोटा पड़ गया मालूम नहीं
    वो रिक्शे में कैंट से लंका का सफर नहीं भूल सकता मैं।

    किसी और ही दुनिया में खोए बैठे थे हम दोनो
    अस्सी घाट पर नींबू चाय की चुस्कियां नहीं भूल सकता मैं।

    बिस्तर की सिलवटें मेरी थकान बखूबी बयां कर रहे थे
    मगर तुम्हारा हाथ थामकर वो VT दर्शन नहीं भूल सकता मैं।

    अस्सी से दशाश्वमेध से मान महल का वो उतार चढ़ाव
    गंगा के दो किनारों को नाव से नापना नहीं भूल सकता मैं।

    एक हो कर भी अलग रहने की तड़प
    जलते समशान की धाह नहीं भूल सकता मैं

    अनजान से दोस्ती, दोस्त से प्यार, उस प्यार का इज़हार
    बदन के एक एक रोम को छूती वो रात नहीं भूल सकता मैं।

    मृत शरीर को बनारस चाहिए, वैरागी को तुम
    तेरा होने तक मोक्ष का मिलना मुश्किल है नहीं भूल सकता मैं।

    ©rajvairagi

  • sahilharish22 7w

    Banaras ki Shaam ☺️

    Dil mei sukoon
    Ankhon mei araam sa hai
    Tumhara Ishq
    Banaras ki shaam sa hai
    ©sahilharish22

  • ravi1211 7w

    तुम गंगा घाट तो बनो, मैं बनारस ना बनू तो कहना।
    ©ravi1211

  • subhasish_chakra 8w

    Banaras

    Iss sheher ki bheed bhari sadkon pe
    bhala kya hi baat krna

    Mann ho toh Banaras chalein?
    Pehle ghar kinare guftagoo karenge
    Phir saath baithe Ganga Aarti dekhenge

    ©subhasish_chakra

  • amansaxena321 16w

    Banaras ❤️

    तेरा हाथ पकड़े Ganga ghat घूमना चाहता हूं,
    तेरे साथ dasaswamedh की आरती देखना चाहता हूं
    Assi की chai पीना चाहता हूं,
    तेरे साथ Ganga उस पार जाना चाहता हु,
    नाव में बैठ कर पूरा Ganga ghat घूमना चहता हूं।
    विश्वनाथ मंदिर में Mahadev का आशीर्वाद पाना चहता हूं ,
    तेरे साथ पूरा Banaras❤️ घूमना चहता हूं।
    ©amansaxena321

  • tooli_singh 18w

    तुम सामने लाकर रख दो ज़न्नत भी अगर,
    हम फ़िर भी अस्सी घाट का सुकून ही चुनेंगे।
    ©tooli_singh

  • iam_vaibhav07 22w

    चाय और सुट्टा

    तुम अंग्रेज़ी Whiskey का खंबा हो,
    मैं देसी ठर्रे की बोतल हूँ,
    तुम DU की शहज़ादी हो,
    मैं विद्यापीठ का लोकल हूँ,
    तुम घाट इस पार की भीड़ हो,
    मैं उस पार का सन्नाटा हूँ,
    तुम लक्ष्मी चाय की चुस्की हो,
    मैं तलब लगा एक सुट्टा हूँ।

    तुम Girls Squad की leader हो,
    मैं लौंडों में भौकाली हूँ,
    तुम रात की प्यारी चाँदनी हो,
    मैं ढ़लते सूरज की लाली हूँ,
    तुम Domino's में लगती Tax हो,
    मैं कपड़ों पर मिलता बट्टा हूँ,
    तुम लक्ष्मी चाय की चुस्की हो,
    मैं तलब लगा एक सुट्टा हूँ।

    तुम बड़े Restaurants की Chilli Potato,
    मैं सड़क पर बिकता समोसा हूँ,
    तुम McDonald's की burger हो,
    मैं Kerala Café का डोसा हूँ,
    तुम राजभोग सी मीठी हो,
    मैं इमली जैसा खट्टा हूँ,
    तुम लक्ष्मी चाय की चुस्की हो,
    मैं तलब लगा एक सुट्टा हूँ।

    तुम Zara की Shopping हो,
    मैं Sale में मिलता कपड़ा हूँ,
    तुम आपस में होते समझौते सी,
    मैं लौंडों में होता लफड़ा हूँ,
    तुम James Bond की Pistol सी,
    मैं मिर्ज़ापुर का कट्टा हूँ,
    तुम लक्ष्मी चाय की चुस्की हो,
    मैं तलब लगा एक सुट्टा हूँ।

    तुम बहती गंगा सी शीतल हो,
    मैं एक झरने का पानी हूँ,
    तुम किसी लेखक की उपन्यास हो,
    मैं ख़ुद की लिखी कहानी हूँ,
    तुम हरिश्चंद्र सी सच्ची हो,
    मैं भोला सा एक झूठा हूँ,
    तुम लक्ष्मी चाय की चुस्की हो,
    मैं तलब लगा एक सुट्टा हूँ।

    ~वैभव

  • shikha62 26w

    Aasan kahan....

    Aasan kahan banaras ho jana
    Kbhi Moksha to kbhi nirvaan ho jana
    Chalo mai tumhe aaj apna sheher dikhati hu
    Sakri galiyo se ho k ganga ghat le jati hu....
    Tumhe yakin nhi hoga yaha maut ko bhi aashirvaad kehte hai !!
    Aur hosh udaate bhang ko bhi prashad kehte hai
    Kehte hai log ki ye shiv ki nagri hai
    Sayad isiliye yaha bhare shor me bhi aseem bhakti hai
    Are yar, kal jaldi uthna hai, kal somvar hai
    Subah darshan krne jana hai, ye yaha ka takiyakalam hai
    Kahan mumkin h iske liye kisi kavi ki pankityon ka saar ban jana
    Bas isliye to kehti hun
    Aasan kahan banaras ho jana
    Kbhi assi to kbhi manikarnika ghat ho jana
    ©shikha62

  • ishq_wali_tapri 28w

    तुम आना काशी के घाट पर
    हम साथ मिल दिये कुछ जलाएंगे,
    तेरी मोतियों सी आंसू बनेगी गंगा,
    हमारे पुराने शिकवे उनमें बह जाएंगे,
    तुम आना काशी के घाट पर
    हम साथ मिल दिये कुछ जलाएंगे।

    ©ishq_wali_tapri

  • saurabh_k_tiwari 30w

    उस ओर भी एक शहर बसता है।
    इस ओर तो अब बस तुम्हारा ख़्याल बाकी है!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 35w

    Banaras a beloved!!

    Banaras is like that one beloved with whom you never want to break up but you go far far away from her that is not because you don't love her anymore but because you don't want her to be blamed for tells of your struggle with life but once you win you give all credit to that beloved.

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 38w

    एक तस्वीर झूठी सी ख्वाहिश बनकर ठहरी है।
    कोई मेरी सांझ को पनघट का सहारा दे दे।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 39w

    What feels terrible is, when you are deliberately misunderstood!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 39w

    Understanding of essentiality of acceptance is rare in many people, nothing stays without temptation!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 39w

    It is difficult to stay natural , many unwanted factors would try to push you into chaos!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 39w

    वो मेरी आखिरी गज़ल थी।
    मैं अब अपनी कविताओं में केवल कहानियां लिखता हूँ।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 39w

    मेरे बाद का मौसम तुम्हें खुशी देगा।
    मेरे साथ कि हवा अक्सर उदास रहा करती है।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 39w

    घाट के बिना बनारस वैसा ही लगता है,
    जैसे माथे के बीच कुमकुम के बिना स्त्री श्रृंगार।

    ©saurabh_k_tiwari

  • shivanikushwah 41w

    ???

    Oyo se bhare jmane mein sath mandap tak le jaoge kya...
    Shimla Mnali to sabhi jate hai...tum mujhe banaras le jaoge kyaa..??
    ©shivanikushwah

  • saurabh_k_tiwari 43w

    उसके होने से एक आहट सी सुनाई देती है मुझे मेरे अन्दर।
    मैं उसकी बिखरी जुल्फों में बिखर जाना चाहता हूं।
    उसे खुद में भर लेना चाहता हूं और उसके होने को एक नया नाम देना चाहता हूं
    एक तिनका उठाकर तितली सा कुछ उसके बालों में पिरो देना चाहता हूं।
    जो बाकी है अधूरा सा लिखा हुआ इश्कनामा उसे पूरा करना चाहता हूँ।
    एक नई शक्ल देना चाहता हूं, होने को, होने की असीमित संभावनाओं को।
    मैं टूटे रास्ते के उस पुराने पेड़ के नीचे, बैठ जाना चाहता हूँ।
    और उसे तबतक लिखना चाहता हूं, जब तक कि स्याही ख़त्म न हो जाये।
    एक नई कलम से पूराने दिनों को किसी चीथड़े हुए डायरी के आखिरी पन्ने पर उतार देना चाहता हूं।
    और चैन से कुछ उम्मीद को सिरहाने रखकर, गहरी सांस भरते हुए, उसकी बिखरी जुल्फों में हमेशा के लिए बिखर कर उसमें समा जाना चाहता हूं।
    चाहता हूं कि इश्क में ख़ुद को फिर से कैद कर लिया जाए
    चाहता हूं ख़ुद के होने को फिर से जिया जाए।
    चाहता हूँ फिर से कोई गीत लिखा जाए।

    ©saurabh_k_tiwari