#bhagat

24 posts
  • soamdigvijaykavi 43w

    "गीत-1"

    आँखों में भरो जरा पानी, याद करो वो जवानी,
    वीरो की रवानी,शहीदों की क़ुर्बानी,
    चले थे जो वतन को आज़ाद कराने, ऐसे की मतवालों की दीवानिया,
    याद करो ऐसी हज़ारो टोलिया की कहानियां,
    थी अभिलाषा इतनी की, शमाँ की लौ पर जलता पतंगा हो........
    सदा ऊँचा हमारा तिरंगा हो........
    खण्ड--खण्ड--भूखण्ड से मिलकर बना अखण्ड भारत को याद करो,
    उत्तर मे कश्मीर, दक्षिण मे तमिल,
    पूर्ब मे पटेल वाला गुजरात, पश्चिम वाला नागा याद करो,
    और याद करो यहाँ की ऋतुएँ है चार, धर्म भी चार और वेद भी है चार,
    मगर लहू का रंग केवल एक सबका लाल है,
    इन सब से मिलकर बना ये हिंदुस्तान है,
    शमाँ की लौ पर जलता पतंगा हो.........
    सदा ऊँचा हमारा तिरंगा हो..........
    याद करो कुरुक्षेत्र वाला वो रण, हल्दी घाटी वाली माटी,
    चेतक की चाल, लक्ष्मी बाई की तलवार,
    गुरु गोविंद सिंह के पुत्र चार और उनका बाज़,
    द्रोण का वो चक्रवीयू और भीष्म पितामाह की प्रतिज्ञा,
    पथ पर घायल लाला लाजपथ और गीता--कुराण साथ रखने वाले कलाम,
    याद करो रंग-दे-बसंती वाली टोली, भगत सिंह की बोली,
    आज़ाद की पिस्तौल, गाँव-गाँव की हरियाली,
    वो सुभाष जिसको नेताजी शब्द फबता है,
    और इन्क़लाब जिंदाबाद की वाणी, जिसे बोलकर फ़ासी झूले सेनानी,
    उधम सिंह की क़ुर्बानी, मुंशी प्रेमचंद की कहानी,
    दिनकर की रवानी, भक्त्ति सूरदास की और सेवइयां याद करो रसखान की,
    जो वतन के काम आयी वो जवानी याद करो,
    याद करो कुछ ऐसी कुर्बानी,
    शमाँ की लौ पर जलता पतंगा हो.....
    सदा ऊंचा हमारा तिरंगा हो......
    ©soamdigvijaykavi

  • raman_writes 95w

    आज़ादी

    छोड़ के अपने घर को वो मतवाले चल दिए ।

    आज़ादी के लिए वो हर ताक़त से भिड़ गए ।।

    देख ना पाए ख़ुद की आँखों से वो आज़ादी ।

    पर हर एक शक़्श को वो आज़ाद कर गए ।।


    ©raman_writes

  • jeitendra_sharma 102w

    I am "...."

    I am Socrates
    walking dead
    I am Kafka
    and his metamorphosis
    I am Chris McCandless
    heading towards Alaska
    eating blueberries
    I am will, cleaning floors
    learning infinities
    I am Boltzmann, talking with entropies
    I am Copernicus, a rebel
    I am Zarathustra, I preach 'Superman'
    I am Buddha, I seek pure knowledge
    I am Tartini, I talk with the devil
    and I am Bhagat Singh, I see the permanent struggle
    I am Trotsky, a lone survivor
    I am Lenin, I want a revolution
    I am Marx, I want alternatives
    I am Che, I want emancipation
    I am Birsa Munda, I will rebel
    I am tribal, I will protect the forest
    I am the stars, burning out
    I am the sky, blue
    I am Grigori Perelman, I want isolation
    I am Chenab, I witnessed the love
    I am verse of Ghalib, beautiful
    I am Van Gogh, I see starry nights
    I want freedom, the liberty, I am Franch revolution
    I am an Idea, I am V
    Your bullets can't kill me,

    ©jeitendra_sharma
    Jks.

  • tushardave_ 115w

    Aaap jitkar bhi haar gye
    Aur hum haarkar bhi jeet gaye ..
    Kyunki
    Aapne Sukh ko Paiso se Tol diya
    Aur Humne Insaniyat me Sukh ko dhoond liya ....
    ©tushardave_

  • durgesh_chouhan 120w

    किताबों में तो बस चरखे वाले को दिखाया,
    ज़माने ने तो हमें बस भगतसिंह को दिखाया, चरखे ने नहीं दी थी जान वतन के वास्ते मरते-मरते, पर वो पागल दिवाना ही था जो चला गया हंसते-हंसते,

    #भगतसिहं #hindi #hindiwriters #writersnetwork #poem #inqlaab #story #bhagatsingh #bhagat

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    #BHAGAT_SINGH

    मुस्कुरा कर वो गुज़रा ऐसे
    इंकलाब मुस्कुराया हो जैसे
    ज़माना क्या डराएं
    मुझ पागल दिवाने को
    अत्तित में भविष्य मैंने देखा है
    वादा एक करके जाता हूं
    मैं लोटकर वापस आऊंगा
    भारत मां का बेटा
    भगतसिंह ही कहलाऊंगा
    भगतसिंह ही कहलाऊं
    ©durgesh_chouhan

  • sreema_sree 120w

    ସେ ଭଗତ୍ ଥିଲା

    ମହମବତୀ ଜଳୁଥିଲା
    ଆଲୁଅ ତଳେ ଅଧିକାର ଥିଲା
    ଫାଶୀ ଦଉଡ଼ିକୁ
    ଫୁଲମାଳି ଭାବି ଗଳାଇ ନେଲା
    ସେ ମୋ ମାଟିର ବୀରପୁତ୍ର
    ଭଗତ୍ ସିଂ ହିଁ ତ ଥିଲା।
    ରକ୍ତ ଫୁଟୁଥିଲା ଯାହାର
    ଯେ ସଂସଦ ଥରେଇ ଦେଇଥିଲା
    ହସି ହସି ସେଦିନ ମାଆ କୁ ବୁଝାଇ
    ମାଟି ପାଇଁ ଜୀବନ ଦେଇଗଲା
    ସେ ମୋ ମାଟିର ବୀରପୁତ୍ର
    ଭଗତ୍ ସିଂ ହିଁ ତ ଥିଲା।
    ସ୍ବପ୍ନ ପ୍ରେମିକାର ନଦେଖି ସେ
    ସ୍ୱାଧୀନତାକୁ ନିଜ ପ୍ରେୟସୀର ଆଖ୍ୟା ଦେଇଥିଲା।
    ସମସ୍ତେ ଏଠି କୁହନ୍ତି ଚରଖା ସ୍ୱାଧୀନତା ଆଣିଲା
    କିନ୍ତୁ ସେଦିନ ମୁହଁରେ କଳା କନା ଢାଙ୍କି ଫାଶୀ ଗୃହକୁ ନେଲାବେଳେ ସେ ଦଉଡି ବି କାନ୍ଦିଥିଲା
    ସେ ମୋ ମାଟିର ବୀରପୁତ୍ର ଭଗତ୍ ସିଂ ହି ତ ଥିଲା।

    ©ଶ୍ରୀମା

  • _rebel_artist_ 121w

    भगत सिंह

    जो मिटा रहे थे अस्तित्व उन्हें नदियों में बहाकर
    उन्हें क्या पता था वो फैला रहे है क्रांति 
    हर भारतवासी के लहू में मिलाकर
    _rebel_artist_

  • tushardave_ 126w

    Unknown

    Jab charche rhe he teri meri mohabbat ke us Ishq ke Bazaar me ....~2
    Fir kyun Badnaam kru us Ishq ke Mohalle ko ~2
    Jha naye navaye ashiq rachne vale apna Naam he ......
    ©tushardave_

  • shwetamanpoetry 147w

    आज भी हम उन तारीखों से पूछे
    ज़र्रे ज़र्रे से निकली जुल्म की दास्ता को सुने
    लटक कर भी अमर हुए
    उन दीवानों से पूछे
    जम चुकी रक्त की नसों से पूछे
    भारत के स्वर्णिम इतिहास से पूछे
    एक होकर अपने आप से पूछे
    असली "आजादी" से पूछे
    हम आजाद है हम आजाद है।।।।
    ©shwetamank

  • tushardave_ 157w

    Apne

    Koi sapno se dur he apno ke liye ...to koi apno se dur sapno ke liye.

  • afjalkhan 158w

    Tu pyar hai or rahegi
    meri nhi kisi or ki hoti rahegi
    #fuck #bhagat singh da fan

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    Love

    Tu jaan thi
    ©afjalkhan

  • tushardave_ 161w



    Teri khushi ke liye teri ek naa ne ,
    Shayad kisiko zindagi bhar k liye shant bana diya he .....
    ©tushardave_

  • tushardave_ 170w

    Unknown

    If u r not doing what u love ....
    U r wasting ur time ...
    ©tushardave_

  • tushardave_ 170w

    Success

    If ur dream is too big ...
    110% chances are there that ......there will be more ups& down , critical situations ,trolls and etc in ur way..but...
    Iam damn sure that when u get success in future .... Ur level of happiness is too high that u can'nt even imagine a word to express urself in front of otherss...
    ©tushardave_

  • tushardave_ 170w

    JJ

    Mohabbat ki ummeed to me usse bahut phle hi chod chuka tha ......
    Magar uski un baatien krne ki adayon ne ,uski vo palakte naino ne , uski vo muskurahat ne ..... ....shaayad ..shaayad ..mje rok ke rakha tha ....
    Jiski vajah se na me usse dur jaa paa rha tha or na hi uske kareeb aa rha tha bsss zinda laaash ki tarh din kaat rha tha
    ©tushardave_

  • kailashn 173w

    भगत सिंह

    सत्ता पर आसीन विदेशी, देश था जब उस दमन को ढो रहा
    क्षुब्ध होकर ये अपना भारत, सिसक रहा था, रो रहा
    शांति को तज दिया और शौर्य का जमाना आ गया था
    देश को निद्रा से जगाने इक परवाना आ गया था

    आजादी थी एक स्वप्न जो दिख रहा था असाध्य जैसे
    सिंह जो है नृप जहाँ के रहे सके वो बाध्य कैसे
    गुलामी की अंधेरी सी निशा में, दीपक जलाना आ गया था
    देश को निद्रा से जगाने .......

    चुभ रही थी मन में शूल ये जो, गुलामी की जंजीर बन कर
    खड़ गया वो नरसिंह भगत, शौर्य का उच्च पीर बन कर
    आ गई जब मृत्यु तब उसका असल ठिकाना आ गया था
    देश को निद्रा से जगाने इक परवाना आ गया था

  • trollarun 179w

    Unleash the Bhagat within you.

    ©arun_unknown

  • dheeraj_unkownnu 179w

    If you think we got independence only because of Gandhi.

    Bhagat & Bose were the reason for it.


    ©dheeraj_unkownnu

  • trollarun 179w

    If I sum up my country's history all I get to learn is :
    Be Buddha in life , but don't forget Bhagat.

    ©arun_unknown

  • prathmaish 200w

    Inqalab

    Sun lo meri duniya vaalo,
    baat jo me ab kehta hu

    Tum to chaho jisko maano,
    Me inhen mahatma kehta hu.

    ©prathmaish