#carwashing

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  • chahat_samrat 117w

    #मजदूर# सियासत

    पसीना भी उन्होंने ही बहाया था
    आंसू भी वहीं बहा रहे थे
    खून भी उन्हें ही बहाना पड़ रहा है
    सब तो वो खुद का बहा रहे है
    इतने कर्ज वो खुद हम पर चढ़ा कर
    सबको,गलियों, घरों को बनाकर

    इस बहाने की दौड़ में
    तुम सियासी दलों ने तो केवल इस
    भूमि का अनमोल जल
    अपनी गाड़ियों को धोने
    में बहाया है
    ©chahat1samrat