#deshprem

176 posts
  • _the_panglossian_ 55w

    PATRIOT( khaki)

    Sab kuch h Zindagi mein
    Bus ek kami h baki
    Usko aa kr pura karegi
    Meri wardi KHAKI
    ©_the_panglossian_

  • kalam_ki_duniya 71w

    ©ajaypratapsinghchauhan

  • dhruvfauji 71w

    देश की दशा

    किसानों की क्या इच्छा होगी न पूछा गया होगा,
    निजी स्वार्थ की खातिर देश बेच डालेंगे,
    यही वचन दुष्टों के मन में, इसी से उनकी प्रतिष्ठा होगी,
    देश की क्या दशा होगी।
    भ्रमित कर संसार को, शायद जीवन उत्तम बनाने की पिपासा होगी,
    देश की क्या दशा होगी।
    आने वाले समय में क्षेत्रवाद, जातिवाद यही इनके जीवन की आशा होगी,
    अगर सफल हुए ये स्वयंभू नेता, जिसमें इनकी रक्षा होगी,
    फिर देखिए देश की क्या दशा होगी।
    जाल इतना बड़ा होगा, भयंकर सब प्रतीत होगा,
    हर मुद्दे पर संविधान से ऊपर, यही इनकी इच्छा होगी, देश की क्या दशा होगी।
    निज संस्कृति को त्याग कर, अगर सर्प बैठे मस्तक पर,
    करेंगे जो इनकी पिपासा होगी, देश की क्या दशा होगी।
    रक्तबीज से पड़े ये, हर पग पर कांटों की तरह खड़े ये,
    सोचिए किस तरह की शिक्षा होगी, देश की क्या दशा होगी।
    पर हम भी अब जागे हैं, इनकी सोच समझ पाए हैं,
    मस्तक पर सिंह विराजमान किया, ह्रदय में संस्कृति का प्रेम भरा,
    यह सिंह की दहाड़ है, यह देश भी पहाड़ है,
    पूर्वजों की जो प्रतिष्ठा होगी, वही देश की दिशा होगी।
    जो है सिंह की प्रतिष्ठा, उसे वह दिखलाएगा,
    कोटी रक्त बीजों को पल में समाप्त कर जाएगा
    देश एक ही रह जाएगा, विश्व एकता का गीत बच्चा-बच्चा गा पाएगा,
    अंत में यही सभी की इच्छा होगी, देश की उत्तम दशा होगी।
    ©dhruvfauji

  • pagal_sadhvyai 102w

    माटी

    माटी का मोल
    उनसे पूछो जिनके हाथ
    दिन रात मिट्टी से सने रहे
    अनाज उगाने की ख़ातिर
    और घर का चूल्हा भी
    माटी से लीपा गया उस
    अनाज को पकाने की ख़ातिर।
    ©pagal_sadhvyai

  • philosopher_at 102w

    कुठे हरवले

    कुठे हरवले राष्ट्र आज हे, कुठे हरवले तेज|
    गुलामीच्या जखमा देखील, कसा विसरला देश||१||

    कुठे हरवला स्वाभिमान तो, कुठे हरवली अान|
    स्वार्थ कसा हा बनला आहे, प्रत्येकाची शान||२||

    कुठे हरवला युवक आजचा, कुठे हरवले स्वप्न|
    राष्ट्रहिताचा ध्यास सोडून, कश्यात आहे हा मग्न||३||

    कुठे हरवली कृतज्ञता ही, कुठे हरवली लाज|
    देशाप्रतीचे कर्तव्य आपले, कसा विसरला समाज||४||
    ©philosopher_at

  • mohii11 126w

    तू देश मेरा तू प्यार मेरा
    सम्मान तेरा अभिमान मेरा
    तू गुरूर है तू ताज़ है
    तुझपे ही तो हमे गुमार है
    तू दुल्हन सी मैं तेरी चादर
    तू लहराए सदा मैं तेरी हवा

    ये एक दिन का प्यार नहीं
    तुझसे जन्मों का नाता है
    ख़ुदा भेजें दुबारा इसी मिट्टी में
    अब तुझमें में ही मिल जाना है
    बहे लहू मेरा, मुझे कोई ग़म नहीं
    लहराए ये तिरंगा सदा,इसपे दाग़ मुझे मंज़ूर नहीं

    महफूज़ रहे हर रंग तेरा
    जान मेरी ये रहे ना रहे
    जीता रहे तू सालो साल
    भले मेरा नाम रहे ना रहे
    Jai Hind..!!
    ©mohii11

  • ganesh_deo 126w

    26/01/20

    मेरी तरफ से आप सभी मेरे भारतीय मित्रों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं ।

    लोकतंत्र का त्यौहार
    चलो आज हम मनाएं

    कर ले आज उन तिन रंगों का सम्मान
    जिसे कभी कभी तू बाँट भी देता है
    आँख खुली कर जगा तेरा स्वाभिमान
    उन रंगों को धर्म से कभी जोड़ता है ।
    तो क्यों ना आज प्रण ले
    यह कभी ना फिर हम दोहराएं
    लोकतंत्र का त्यौहार
    चलो आज हम मनाएं ।

    कई बरस हो गए नहीं?
    अधिकार सब मिल चुके है ।
    यह वही तो दिन है
    शायद कुछ हम भूल चुके है ।
    तेरा अधिकार, तेरी सुरक्षा
    तुझे बोलने, चलने की आज़ादी ।
    क्या कुछ नही मिला तुझे,
    फिर से मज़बूती उन्हें हम दिलाएं
    लोकतंत्र का त्यौहार
    चलो आज हम मनाएं ।

    तुम आम इंसान ही सही
    देश को बढ़ाने तेरा भी
    कहीं छोटासा तो हात है ।
    सही दिशा, सही मार्ग चल
    तेरे संग दूसरों को भी दे सकता है
    खुशियों की शौगात है ।
    देश को सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न
    बनाने का संकल्प फिर हम दोहराएं
    लोकतंत्र का त्यौहार
    चलो आज हम मनाएं ।

    @writerstolli @mirakee @writersnetwork @readwriteunite #republicday #india #countrylove #jaihind #bharat #hindipoetry #deshprem #poetry #thoughts #inspiration

    Read More

    गणतंत्र दिवस

    .
    ©ganesh_deo

  • poetik_world 126w

    Shayari|गणतंत्र दिवस

    गणतंत्र दिवस पे नमन है 
    उन देश के वीरों को 

    जो रक्षा करते हैं हमारी
    उन देश के रियल हीरो को!
    ©_raut_writes_

  • anita_sudhir 138w

    प्रदूषण

    ****
    बीत गया इस वर्ष का,दीपों का त्यौहार।
    वायु प्रदूषण बढ़ रहा ,जन मानस बीमार ।।

    दोष पराली पर लगे ,कारण सँग कुछ और।
    जड़ तक पहुँचे ही नहीं ,कैसे हो उपचार ।।

    बिन मानक क्यों चल रहे ,ढाबे अरु उद्योग ।
    सँख्या वाहन की बढ़ी ,इस पर करो विचार।।

    कचरे के पर्वत खड़े ,सुलगे उसमें आग ।
    कागज पर बनते नियम ,सरकारें लाचार ।।

    विद्यालय में घोषणा ,आकस्मिक अवकाश,
    श्वसन तंत्र बाधित हुये ,शुद्ध करो आचार ।

    व्यथा यही प्रतिवर्ष की ,मनुज हुआ बेहाल।
    सुधरे जब पर्यावरण ,तब सुखमय संसार ।।

    ©anita_sudhir

  • pranavapraanjal 151w

    कुछ गुलामी, कुछ शिकायत और हिदायत साथ है

    सब मोहब्बत में परेशां पर मोहब्बत साथ है ।।

    - प्रणव

  • pranavapraanjal 151w

    देर तक जागूँ तो सुला देना
    उसके नाम की एक लोरी सुना देना

    इससे पहले कि कहीं गंभीर हो हालात
    वैध कोई टूटा मुझसा मेरे लिए बुला देना

    कोई पूछे कि मैं इश्क़ में गम्भीर कितना हूँ
    तो मोहब्बत को मोहब्बत से गुणा देना

    आदमी से नोचना हो हक़ मोहब्बत से
    नज़ाकत से दो चार खादी तुम बुना लेना ।।

    -प्रणव

  • pranavapraanjal 152w

    सब अगर पूजें तुम्हें तो कर ख़ुदाई एक सी

    सबके कंबल एक से सबकी रजाई एक सी ।।

    -प्रणव

  • pranavapraanjal 152w

    मैं लफ्ज़ लफ्ज़ में बिखर जाऊं
    जो तेरी ग़ज़ल में बंध पाऊं
    @monikakapur



    तुम्हें बांध के अपनी गज़लों में
    हर गाँव-गाँव गाता जाऊं
    -प्रणव

  • pranavapraanjal 152w

    चाँद के जलने से निकले जो काजल
    घटा बिखरने से पहले का अंधियारा
    आँख, ज़ुल्फ़ को रंग कर इन दोनों से
    आना लेकर अपने साथ प्रकृति सारा

    खग से सुर, आवाज लिए
    जंगल से कुछ राज़ लिए
    नदियों का अंदाज़ लिए
    नभ से एक परवाज़ लिए

    ऐसा करना देखे सब हारा हारा
    लेकर आना साथ प्रकृति सारा ।।

    - प्रणव

  • pranavapraanjal 152w

    ज़िन्दगी की भागदौड़ है
    तुमसे रूककर मुहब्बत भी करनी है

    तुम वक़्त दो अगर
    तो मैं ये दौड़ पूरा कर लूँ क्या??

    #justice_wt #hindilekhan #tod_wt #panchdoot_news #mirakee #hindipanktiyan #writerstolli #hindikavyasangam #panchdoot #deshprem #hind #pod

    Read More

    रोज़ रूठना, रुखसती
    का असर हो रहा है
    इश्क़ मेरा भी अब
    बेअसर हो रहा है

    मोड़ दूं खूबसूरत
    या मंज़िल तक पहुँचूँ
    मैं करूँ और कोशिश
    या कहीं और भटकूँ

    ये बताना तुम्हें है
    तुम्हीं पर हूँ निर्भर
    की जोड़ोगे दिल
    या करो और जर्जर

    भवर में फंसा हूँ
    डरा, अधमरा हूँ
    जल्दी बता दो
    देर से मैं खड़ा हूँ

    दोगे इज़ाज़त
    या फसकर रहूँ मैं
    अब रोता रहूँ
    या हँसकर रहूँ मैं ।।

    -प्रणव

  • pranavapraanjal 152w

    'रात' कहो चाहिए चाँदनी ?
    अभी तस्वीर बची है उसकी

    'सूर्य' जरूरत अगर हो कहो
    अभी तासीर बची है उसकी

    सब हो पास मेरे उसका
    मुझे ऐसा लगता है

    मेरे हाथो में बस एक
    लकीर नहीं है उसकी ।।

    -प्रणव

  • pranavapraanjal 153w

    #justice_wt #hindilekhan #tod_wt #panchdoot_news #mirakee #hindi panktiyan #writerstolli #hindikavyasangam #panchdoot #deshprem #hind #pod





    माँ तेरा एहसान उतारूँ कैसे
    मैंने पूछा अपनी माँ से जैसे

    माँ ने बोला एक मेरा काम करो तुम
    भारत माँ पर दो सौ बार मरो तुम

    हर जन्म तुम्हें मैं कोख में अपने रखूंगी
    हर जन्म तुम्हारा भारत माँ को दूँगी

    एक जन्म शिवजी, फिर महाराणा
    फिर सुभाष बन आना
    अपनी आँखों की अग्नि से
    सब पवित्र कर जाना

    आँख दिखाने की मजाल जो
    कोई करना चाहे
    अपने मस्तक की आभा से
    अंधा उसे बनाना

    बिन कोर्ट कचहरी पुलिस थाना
    के ये फरमान निकालो
    अपने अपने दिल के अंदर
    से अरमान निकालो


    तोड़ो चूड़ी, कंगन, राखी
    माँ का दिल न तोड़ो
    टुकड़े जितने भारत के हैं
    सबको लाकर जोड़ो ।।

    -प्रणव

    Read More

    एक कोशिश देश के नाम ।।
    अनमोल विचारों से प्रोत्साहित करें ।।

    चूड़ी कंगन तोड़ने से तात्पर्य है देश पे कुर्बान होने पर सब रिश्ते को भूलना पड़ता है, इसको गलत तरीके से न लिया जाए।।

  • anita_sudhir 153w

    सूतक

    16 जुलाई की रात 149 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग वाला चंद्रग्रहण लग रहा है ,और उसके 9 घंटे पहले से सूतक लग रहा है अर्थात इस समय लगा हुआ है।
    कुछ जिज्ञासा वश अपने विचार रख रही हूँ ।(मक़सद हास उपहास किसी धर्म का नहीं है।)
    सनातन धर्म के अनुसार सूतक लगने के कारण में ,ग्रहण के पहले ,घर में क़िसी सदस्य की मृत्यु या बच्चे का जन्म है । इस समय पूजा अर्चना न करने का विधान है । मृत्यु और जन्म के समय सामाजिक,
    शारिरिक और मानसिक कारण उस समय की परिस्थितियों में बनाये गये होंगें ।
    ग्रहण के पहले सूतक में कहा जाता है कि वातावरण अशुद्ध हो जाता है ,नकरात्मक ऊर्जा आ जाती है ।पूजा न की जाए ।मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं ।खाद्य पदार्थ की वस्तुओं में तुलसी दल डाल दिया जाता है ।
    मैं मूढ़ अज्ञानी का इस ग्रहण के पहले के सूतक पर ये प्रश्न ,जिज्ञासा और विचार है ...
    (हालांकि मैं कुछ भी मानती नहीं हूँ ,मेरी बेटी के जन्म के पहले भी सबने मुझे मना किया था ,लेकिन experimental model खुद को बनाया ,देखें क्या होता है )
    अगर अशुद्ध वातावरण और नकारात्मक ऊर्जा है ,तो मनुष्यों को नहीं लगेगी ,या सिर्फ धर्म विशेष पर ही प्रभाव पड़ेगा ,क्या उन बैक्टीरिया को पता है कहाँ attack करना है ।मंदिर के कपाट खुले रहेंगे तो वहाँ की सकारात्मक ऊर्जा उसे नष्ट करेगी या उस पर ही प्रभाव पड़ जायेगा ।
    मंदिर की ग्रहण के बाद धुलाई और सफ़ाई होती है,फिर वहाँ पूजा अर्चना शुरू होती है ।
    सूर्य ग्रहण के पहले तो माना जा सकता है ,कि उस समय की ultraviolet rays सीधे देखने पर आँखो को नुकसान पहुंचा सकती हैं ।
    तुलसी दल भी मान लिया antibiotic का काम करता है ,तो 2 लीटर दूध जो फ्रिज में रखा है ,वो कैसे दूषित हो रहा और 2 पत्ते तुलसी अगर इतना प्रभाव डाले तो ,इतनी high dose antibiotic का क्या औचित्य।
    पहले वैज्ञानिक तौर से जिन बातों को नहीँ समझाया जा सकता था ,तो ये नियम बना दिये गए थे ,पर वो अंधविश्वास बन जाये तो ?
    एक तरफ चंद्रयान 2 की तैयारी और दूसरी तरफ
    चंद्रग्रहण के पहले सूतक ।
    आपके मंच से विचार रख रहे कि कोई उचित समाधान और जवाब दे सके ।
    ©anita_sudhir

  • anita_sudhir 157w

    योग दिवस

    ***
    विश्व में सम्मान बढ़ा ,मची योग की धूम ।
    गर्व विरासत पर हमें ,धूलि देश की चूम ।।

    करते प्रतिदिन योग जो ,रहें रोग से दूर।
    साँसों का बस खेल है ,मुख पर आए नूर ।।

    आसन बारह जो करे,हो बुद्धि में निखार ।
    होता सूर्य नमन से ,ऊर्जा का संचार ।।

    पद्मासन में बैठ कर ,रहिये ख़ाली पेट।
    चित्त शुद्ध अरु शाँत हो,करिये ख़ुद से भेंट ।।

    प्राणवायु की कमी से , होते सारे रोग
    प्राणायाम सभी करें ,जीवन उत्तम भोग ।।

    ओम मंत्र के जाप से ,होते दूर विकार।
    तन अरु मन को साधता,बढ़े रक्त संचार।।
    ©anita_sudhir

  • anita_sudhir 159w

    पर्यावरण

    धैर्य रखिये आप सब,
    क्यों परेशान हैं
    हर बार पांच जून आएगी
    भाषण सेमिनार होंगे
    पर्यावरण के लिए चिंतित
    पौधे लगाए जायेंगें
    फ़ोटो भी खिंचेगी
    पर्यावरण दिवस मना लेंगे
    कम होगा तापमान
    धैर्य रखें क्यों हैरान हैं ।
    जरा एक पल विचारिये
    पौधे जो लगे थे पिछले वर्ष
    क्या हुआ उनका हश्र ।
    आपने तो कर्तव्य निभाया
    सोशल मीडिया पर संदेश भेजे ,
    फ़ोटो लगा ली पौधरोपण की
    अब और क्या कर सकते हैं,
    पर्यावरण दिवस मना तो लिया
    खैर जाने दें ,धीरज रखें
    सब ठीक हो जायेगा
    तापमान 25 पर आ जायेगा
    प्लास्टिक बैग अब
    आप नही ले जायेंगे
    पेड़ पौधे लगायेंगे
    AC कम चलायेंगे
    आज ही तो सबको बताया है
    क्या कहा
    ओह वो दूसरों के लिए बताया है..
    अपना काम कर दिया ,
    पर्यावरण दिवस मना लिया
    पर्यावरण ....?
    ©anita_sudhir