#du

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  • rituparn 1w

    माँ

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    माँ
    रागी-
    विरागी,
    तपस्विनी,
    ममतामयी,
    प्रेम अट्टालिका,
    पुष्प ज्यों शेफालिका।१।

    वो
    वट
    विशाल
    सुकुमार
    सदाबहार
    छाँव परोसती
    भरभर कलछी ।२।

    ©rituparn

  • rituparn 1w

    मन के उपजे द्वेष को,देता है बल कौन।
    पूर्वाग्रह की धारणा,औ' विद्वेषी मौन।१।

    मानव के विषदंत से,भले नाग के दंत।
    सम्मुख होता है सदा,आता नज़र तुरंत।२।

    तू तू मैं मैं में कहीं,खोता जाता अर्थ।
    मानव की ऊर्जा कहीं,होती व्यर्थ निरर्थ।३।

    अलग-अलग ही खो रहा,तेरा मेरा सत्य।
    मुँह औंधे गिरते दिखे,सारे तर्क व तथ्य।४।

    मकड़ियाँ मतिमान सभी,रचे जटिल नित जाल।
    साधारण से कीट तो,फँस कर पड़े निढ़ाल।५।

    ©rituparn
    दि०-०८/०५/२२

  • simian 8w

    Melting moments

    The kisses he planted,
    His touch is always wanted.
    Those Goosebumps, when he stares
    That sensual tension in the air.
    That long kiss, enough to make me wet,
    His tongue across my skin, turns on cold sweats.
    Hands tangled in the bed when we lay,
    His lips to mine, always finds a way.
    The marks he left across me with those lips
    Nails carving my territory on him with sharp tips.
    Melting below him in his warmth,
    Pains never felt soo smooth.
    Crushing the sheets in my fist,
    There is more to this night in the list.
    These moments melting us in each other,
    Its His dominance or mine it doesn't matter.
    Night turned into day in those passionate hours,
    Now its time for sun to see , what was witnessed by those stars.
    © Cryptic_simran

  • ehsaas_arav 20w

    मासूम सा चेहरा, गाल गुलाबी, हल्की सी मुस्कान लिए है,
    कोई और नहीं ये खूबी ओढ़े, ये तो मेरी वही प्रिये है,
    स्वभाव नरम तो कभी गरम है, चंचल वो मदमस्त पतंग है,
    वैसे वो है चांद सी शीतल, कभी वही हड़कंप द्वंद्व है।

    ~ehsaas_arav

  • ehsaas_arav 20w

    सपने में कल पापा का आना‌ हुआ,
    उन्हें देखकर रहा ना गया
    मेरा उन्हें कसकर गले लगाना हुआ,
    नये जीवन का जैसे आभास और आगाज हुआ,
    उन्हें मुस्कुराता देख जैसे मैं पुनः जीवंत हुआ,
    वक़्त बिताया बातें हुई, काफी हंसी ठिठोली भी चली,
    जैसे अधजली किताब के बचे पन्नों को
    पानी की बौछार मिली,
    पापा के स्नेह की छत्रछाया में
    मैं मंत्रमुग्ध हो गया था,
    जी ऐसे रहा था जैसे
    स्वप्न ही अब जीवन हो गया था।

    ~ehsaas_arav

  • immature_poet_ 20w

    #छा_गए

    पतझड़ से वीरान पड़े दिल पर
    हो वसंत बन कर छा गई
    उसकी खूबसूरती मानो
    हमारे दिल पर इश्क बनकर छा गए।
    ©immature_poet_

  • dipwordz 25w

    Koi kisika poora nahi.
    Beshumar chahte ho tab bhi ishq na jane kyu adhura reh jaata hai.

    ©dipwordz

  • 73mishrasanju 29w

    बस यूँ ही
    तम तमी अँखियों में बीत गई ,
    तुम बेवज़ा फिर याद आ गई ।
    हम टूट गए थे बा वज़ तुम पर
    तुम तम सी बेवफ़ा यामिनी हो गई।

    बा वज़ / सभ्यता के साथ
    बेवज़ा/ बगैर बनावटी ढंग के

    ©73mishrasanju

    26 /10/2021 4:00 am

  • badnaamshayar777 31w

    dil main bhi tera tod du

    दिल मैं भी तेरा तोड़ दूँ
    या इश्क़ करना छोड़ दूँ

    तेरे मेरे रिश्ते को नया मोड़ दूँ
    या वफ़ा में जीना ही छोड़ दूँ

    ©badnaamshayar777

  • simian 31w

    THOUGHTS IN fUSION

    In the mist of emotions,
    With numerous commotion,
    Thoughts in fusion,
    Too much confusion,
    Can't find a solution,
    Do you got some magic potion,
    In this spineless institution,
    Need some seclusion,
    The care they show is an illusion
    People here lack restitution,
    Truth i knew turned out as a delusion
    The brain might have an explosion,
    My existence need an evolution,
    Got to do some exclusion,
    My life demands a revolution,
    Have to clear that negative pollution
    I guess thats the only conclusion,
    Bringing this positive life resolution,
    Not just in words but also in execution
    ©Simran Sharma

  • milord21 32w

    Mantra

    STICK TO THE MAKING
    LIVE BEYOND ACCORDING
    ACT UNTIL BURYING
    GIVE WITHOUT TAKING
    ©milord21

  • dipwordz 34w

    जो पहले था अब भी वोही महसूस हो रहा है।
    दर्द अब धीरे धीरे फासलों में सिमट रहा है।

    ©dipwordz

  • dipwordz 38w

    अगर हम साथ होते.!!!

    अगर हम साथ होते
    ज़िन्दगी के मायने कुछ खास होते
    तुम और मैं हम होते

    भूल के दुनियादारी दोनों मिलकर जीते
    थोड़ा रोते खूब हस्ते
    अगर हम साथ होते

    हमारे प्यार के हर पल बहुत खास होते
    ना होती ये बेरंग राते
    अगर हम साथ होते

    ख़ामोश ना हमारे दिल के जज्बात होते
    रिश्ता हम खूब निभाते
    अगर हम साथ होते

    आंखो में उलझनें दर्द और आंसू ना होते
    इश्क़ दिल खोल के बताते
    अगर हम साथ होते

    ©dipwordz

  • arathi_dazzled_viara 38w

    Empty

    I don't know what my current feeling is
    Not too sad, not too happy
    Neither too lonely nor too busy
    I don't know why I start thinking about the things
    That still dabs me deeply
    I don't know why tears doesn't even have a heart to visit me once
    I don't know what the path which I took may turn out to be
    It is just that I keep walking
    It seems as if I am comfortable within four walls of my room
    I don't like to talk or share my heart's pang❤
    I don't know why I keep cooking my feelings deep inside my heart.....
    Am I the one whom no one can love? Probabilities are more it seems to be..
    Looking back I realise what colourful my life was but now it seems as if the colours have diminished.
    Yes, I have to refill those but I have forgotten where I left my refiller..
    I forgot how to think, I forgot how to stay smile and thereby I literally forgot how to ❤love..
    Trust me I am lost but still I am living
    ©arathi_dazzled_viara

  • 73mishrasanju 39w

    तकिया

    मैंने बदल दिया है
    वह तकिया जिस पर सर रखकर हम सोते थे
    सपने देखते थे
    बहुत दिनों तक मेरी नींद सोख लेता था वह तकिया
    सपने बुलबुले हो गए
    अपने जाने कहां खो गए
    धुल धुल कर भी ना गई तुम्हारी खुशबू
    उस तकिए से
    मेरा रतजगा बुलाती रही हर रात
    बिस्तर के हर तरफ से उतरता रहा, चढ़ता रहा पैर ,पेट ,कांधे सब सो गए ,सोते रहे
    सिवाय एक मन के ,
    जो प्रेत सा उड़ता रहा रात भर जागता रहा या पीता रहा अश्क ,मन मेरा ,अब
    मैंने वह तकिया बदल दिया है ।
    संजय मिश्रा
    15/8/2021

    ©73mishrasanju


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  • jaduikhopdi 40w

    अब हवायें भी तुम्हारा हाल पूछा करेंगी
    हमारा चिराग जो साथ लिए जा रहे हो
    ©jaduikhopdi

  • jaduikhopdi 40w

    कैसी बला है तू मालूम नहीं
    तुझे भूलें तो मरें याद करें तो
    ©jaduikhopdi

  • dipwordz 41w

    मेरे ख्वाबों में एक पल तो ठहर जाया कर
    हकीकत में ना सही वहीं मिलने आया कर

    ©dipwordz

  • simian 42w

    उम्मीद

    उमीदों की इन गहरायिओं में अक्सर यह दिल गोते लगाने को मचलता है, उसकी ज़िद में पीछे यह मन भी हो चलता है,
    तैरते हुए इन आशाओं की लहरों में, किसी और के वादों की हवाओं के सहारों में हम अक्सर खो से जाते है,
    उनके दिखाये रास्ते में अपनी मंज़िल भूल जाते है।
    उनकी हस्ती को सवारने में, अपने अस्तित्व को गहराई में डुबा जाते है।
    वो उमीदों की लहरें कुछ देर को ऊंचाई पे लायी, इस एहसास में उन लोगों के वादों की बेबुन्यादि कस्मे भी नज़र आई। लहरें वो उछाल के फिर पटक तुम्हे ज़मीन पे ले आई, तब ज़िन्दगी की रेत में छुपे उस मंज़िल के नक़्शे को ऑंखें तुम्हारी देख पाई।
    अब सफर फिर शुरू करना होगा, गिरने पर खुद ही संभालना होगा। चोट के उस दर्द को कई बार अकेले ही सहना होगा, आपना मरहम तुम्हे खुद ही बनना होगा।
    मगर अब ना मंज़िल झूठी होगी ना उसका रास्ता, हमसफ़र भी मिलेंगे तुम्हे जिनका होगा तुमसे सच्चा वास्ता,
    मज़बूत सी उंचाईआं वो छू पाओगे, जहां खुद के सिवा किसी और से तुम ना उम्मीद लगाओगे।
    © Simran Sharma

  • anuradhasaxena 42w

    सुनो ना,
    मैंने हमारे बारे में बहुत सारे ख़्वाब देखे हैं,
    कुछ ख़्वाब तुम भी देख लो ना!!
    ©️अनुराधा सक्सेना