#go4sandeep

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  • go4sandeep 2d

    कलयुग

    आज सचमुच हम कलयुग का फर्ज निभा रहे हैं
    भगवान को भी उनका अस्तित्व दिला रहे हैं ।
    श्री राम , कान्हा और महादेव
    तो पहले दिल में बसते थे ,
    आज उनके लिए भी नए प्लांट दिला रहे हैं
    हर धर्म जो हमें प्रेम और शांति का पाठ पढ़ाता है
    उसी धर्म के लिए कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं ,
    क्या खूब हम कलयुग का फर्ज निभा रहे हैं ।
    महंगाई और बेरोजगारी से हमारा क्या सरोकार
    हम हनुमान चालीसा और लाउडस्पीकरों के वॉल्यूम से तरक्की और विकास ला रहे हैं
    आज सचमुच हम कलयुग का फर्ज निभा रहे हैं
    विद्यालय में शिक्षा से ज्यादा हिजाब और भगवा गमछे की महत्ता बता रहे हैं ,
    धर्म संसद में धर्म नहीं , नफ़रत के पाठ पढ़ा रहें हैं
    आज सच में हम कलयुग का फर्ज निभा रहे हैं
    भर्ती घोटाला और बुल्डोजर से देश का मुस्तकबिल बना रहे हैं ।
    भूखी बेरोजगार और महंगाई से त्रस्त '' मीडिया गौरवान्वित ''जनता से भारत को विश्व गुरु बना रहे हैं
    आज सच में हम कलयुग का फर्ज निभा रहे हैं ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    ना जाने ये कब हो गया ,
    तुझसे मोहब्बत कुछ ऐसी हुई
    कि तू ही मेरा रब हो गया .....


    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    तेरी मोहब्बत के सिवा
    मेरे जीने की वजह कुछ भी नहीं
    तु जब मुस्कुराती है
    तो मेरा दिल धड़कता है
    तुम जब शर्माती हो
    तो मेरी सांसे चलती है
    मेरा जो कुछ भी है
    बस तेरे लिए ...तेरे लिए
    तेरी मोहब्बत के सिवा
    मेरी जिंदगी में
    कुछ भी नहीं .... कुछ भी नहीं

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    तेरी खूबसूरती बेमिसाल है
    तू ख़्वाब है या हकीकत कोई !
    जो भी है तू कमाल है ।।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    शाम

    काश..... जिंदगी में कभी एक ऐसा भी मक़ाम हो ,
    शाम हो , जाम हो और महफिल में दोस्त तमाम हो ।।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    अब जो मिले हो
    तो ज़बां ना खोलो !
    सांसो को सांसो से टकराने दो
    और नजरों से दिल की बात बोलो ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    तुम्हारा ख़त पढ़कर ,अक्सर मैं जला दिया करता हूं
    मोहब्बत के इस निशानी से हम रुसवा ना हो कभी,
    यही सोच के सबूत मिटा दिया करता हूं ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    ग़म- ए- जुदाई

    तेरी यादों के अंधेरे में जिये जा रहा हूं मैं
    ग़म के आंसू पिए जा रहा हूं मैं ....
    साथ अपना तो मुमकिन ना हुआ
    अब ग़म-ए-जुदाई में मरने की दुआ किए
    जा रहा हूं मैं ......


    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Chai

    तुम और चाय
    बस मेरे होठों से
    लग जाए.......
    तो सुरूर छा जाए ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    तू एक सोच है ,
    जिसे मैंने कोरे कागज
    पर उतारी है
    दूर चाहे जितनी भी जा ....
    या हजार नखड़े दिखा .....
    तू तो बस हमारी है .........
    और बस हमारी है ।।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Quote

    सुख का वास्तविक अर्थ है
    शारीरिक , मानसिक
    और आध्यात्मिक सुख

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    तेरे बगैर यह शाम
    अधूरी सी लगती है ।
    तेरे बिन जिंदगी
    मजबूरी सी लगती है ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Quote

    संभाले रखा है हमने अपने वजूद को
    आज के दौर में ये कम तो नहीं है ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    कितनी अदब और नज़ाकत है तुझ में
    कि हर शख़्स दीवाना हुआ जाता है ,
    ये बिखरी जुल्फें और ये तेरा ढ़लता आंचल
    मेरा दिल बेकाबू हुआ जाता है ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Motivational

    अगर कभी हार जाओ
    तो समझ लेना की अगले
    प्रयास में जीत निश्चित है ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    Romantic

    जाने तुम इतना क्यों याद आती हो
    दूर हो शायद इसलिए इतना तड़पाती हो
    भूले नहीं भूलता तेरा वो मुस्कुराता चेहरा
    हर वक्त अकेले होने का एहसास दिलाती हो
    जाने तुम इतना क्यों तुम याद आती हो ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5d

    वक्त-वक्त की बात है
    कभी दिन तो कभी रात है
    कहीं सूखा तो कहीं बरसात है
    बस वक्त -वक्त की बात है
    कल तक जो बेगाने थे
    आज वो अपने साथ है
    बस वक्त वक्त की बात है
    मंजिल मिलेगी जरूर
    खुद.... पर विश्वास है
    अभी तो बस सफर की शुरुआत है
    सब वक्त वक्त की बात है

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 1w

    Motivational

    Your action and decision
    decide your future...........

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 1w

    मुसाफिर हूं यारों , चला जा रहा हूं।
    ना खुद का ही सुध है
    न लोगों की परवाह
    बस अपने ही धुन में
    बढ़ा जा रहा हूं।
    ना खोने को कुछ है
    ना पाने की हसरत
    बेफिक्र होकर
    बढ़ा जा रहा हूं ।
    ये मालूम है
    राह मुश्किल बड़ी है
    ज़माने की नजरें मुझ पर गड़ी हैं।
    मुश्किलें बन के बाधा
    मेरे पग-पग खड़ी है
    न रुकना है मुझको
    ना झुकना है मुझको
    मुश्किलों से लड़ने की ,
    अब तो , आदत है मुझको
    बस बेफिक्र होकर
    बढ़ा जा रहा हूं।
    मुसाफिर हूं यारों , चला जा रहा हूं ।

    ©go4sandeep

  • go4sandeep 5w

    Romantic

    तेरे बगैर ये शाम
    अधूरी सी लगती है ।
    तेरे बिन जिंदगी जैसे
    मजबूरी सी लगती है ।

    ©go4sandeep