#hanumanji

8 posts
  • likhitvaat 31w

    आंजनेय

    अस्तित्व माझं तुझ्यामुळे
    पायी तुझ्या माझं चित्त स्थिरे
    अपार ममता तुझ्या नेत्री दिसे
    बलाढ्य काया जरी तुझी
    तरी तुज पाहता मुख आई वदे...
    - लिखित वाट
    ©likhitvaat

  • pragati_ki_duniya 144w

    ब्रह्माण की छोरी हूँ,
    दबंगों वाली पहचान रखती हूँ,
    सही लोगो के लिए सही हूँ,
    तो वहीं सरफिरे के लिए दिल में तूफान रखती हूँ,
    सोच समझ कर रखना कदम दुनिया में मेरी,
    हनुमान जी की भागता हूँ,
    एक हाथ प्रेम तो दूसरे हाथ हतियार भी रखती हूँ

    ©pragati_ki_duniya

  • high_on_rhyming 151w

    KARMA

    You will never understand the damage you did to someone until the same thing is done to you, That's why I am here.
    ~ karma

  • udiisingh_ur_day 173w

    बजरंग हूँ

    पवन हूँ , गगन हूँ , अनन्त हूँ , विकराल हूँ ।
    अमर हूँ , अजर हूँ , अखण्ड हूँ , महाकाल हूँ ।।

    ©udiisingh__ur_day

  • shwetsameer 173w

    Jai Hanuman

  • aman_singhai_ 173w

    हनुमान

    Dekh dhoop chaav ko har fool jagat k khile h ...
    aur jab jab jhaka h chaati hanuman k siyaram mile h!
    ©amanjain200

  • khush4bharat 198w

    जय वीर हनुमान

    राम निशानी दे सीता, गरज उठे हनुमान।
    उपवन के फल देखकर, खान लगे बलवान।।
    अशोक वाटिका नष्ट कर दी। तहस-नहस पूरी ही कर दी।
    राक्षस कई यमलोक सिधारे। अक्षयकुमार पटक दे मारे।
    मेघनाथ को खूब छकाया। स्वयं बँध रावण सन्मुख आया।
    रावण अहम में दम्भ भरता। पर पवन पुत्र तनिक न डरता।
    पूँछ में इसकी अग्न लगा दो। बिना पूँछ ही कपि बना दो।
    हनुमत मन में खुश हो बोला। लंका होगी अब तो शोला।
    हनुमान तो महाबलशाली। लंका स्वर्ण जला ही डाली।
    लंका जली तो रावण, सिर धुन-धुन पछताय।
    वानर को यूँ छोड़कर, लंका ली जलवाय।।
    रामा मंगल भवन अमंगल हारी जय सियाराम
    द्रव्हु सुदशरथ अजर बिहारी जय सियाराम।

    महेन्द्र “खुश” मेरठी✍️
    लेखक-पटकथा, कहानी, गीत, कवि व हास्य-व्यंग्यकार।
    ©khush4bharat

  • preachers_pen 222w

    50 th post (dedicated to hanumanji & you all)
    Slow and easy i reached here, mirakee family is comparatively great so far keeps pushing and encouraging writer to write everyday furnishing up their work improvising their passion...
    Every work is god's grace and this work of mine is no exception...
    i have been a vry rare kid raised up by a light which stayed for me while i slept, gave me reasonz (not only reason but reasons) to laugh while i cried , raised me up when i falled , stiched my torn life by his own, he is present every sec and at any place i think of he is there,
    He my lord,my gaurdian, my father,my mother, brother, as sister, as a friend, as a soulmate,and as many of "as" i could think of he was there for me....
    #hanumanji #bajrangbali and i always called him " का प्रभु" and wooosh !
    All the answer i need he pass me on...
    Love him like; my love has never been for any body...

    So here is one incident i will share....

    I was asked in class " तुम कौन हो ?"
    And i said sir sanjay sharma....
    Teacher said that' sharma is ur fatherz identity " तुम कौन हो ?"....
    He said take ur time...
    And herez what i replied....
    Those line in picture is what i said and in here the caption �� holds the explanation ������

    Explanatory part of those lines:

    वो सभी विशेषण या क्रिया विशेषण जिससे मैं अपने आप को यूँ परिभाषित करता फिरता हूँ, इन धड़कती नसों पर जब हाथ फेरा, तो स्मरण हो गया कि मेरी बुलबुले मात्र की औकात है, उस ईश्वर के सामने।
    परन्तु हाँ , जब बात मेरी क्षमताओं से कुछ कर गुजरने की हो , तो मैं उस अनंत का ही अंश हूँ ।
    और तब ना तो मेरा कोई पार है और न ही मेरी पहुँच का कोई अंत ।।

    Relate to it...
    Thatz how strong every single one of you are believe me almighty is always there if u see him and believe him to be there.... ��

    ©preachers_pen


    @differentgirl @harvi2226
    @abhey1289 @tushar22 @dhanyanaidu @an_unsung @word_hidden_in_heart @alchemic_faerie @theunheardsoul @words_from_jk #Galaxymilkyway

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    मैं कुछ नहीं हूँ, संत हूँ ।
    उस अनंत का ही अंश हूँ।।
    ©preachers_pen