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248 posts
  • borntowin 18w

    इश्क़ न तो लफ़्ज़ों का मोहताज है, न वादों का |
    ये तो बस एक एहसास है, रिश्ता है, ये दिल से दिल का ||
    ©borntowin

  • borntowin 26w

    ये चॉकलेट तुम्हारे लिए है सनम !
    तुम्हारे दिल की हरारत से वाकिफ़ है हम ;
    तुम कहो न कहो, तुम्हें समझते हैं हम ;
    तभी तो तुम्हें हद से ज़्यादा चाहते हैं हम |

    ©borntowin

  • borntowin 26w

    हमनवा मेरे , तुम्हारे नूरानी चेहरे के आगे
    तो मह-जमाल भी फीका पड़ जाए |
    रख लो! ये गुलाब कि जमाल- ए- ग़ुल से;
    तुम्हारी खूबसूरती में थोड़ा और इज़ाफ़ा हो जाए |
    ये दिल मुश्ताक़ है, तुम्हारे लबों से दो लफ़्ज़ प्यार
    के, सुनने को ;
    अब तो मेरे शिद्दत- ए- इश्क़ को महसूस करो
    तुम :
    और कर दो आज,इज़हार- ए- मुहब्बत तुम |
    ©borntowin

  • borntowin 26w

    देखो न! सनम तुम्हारे लिए हम गुलाब लाए हैं ;
    अब तो पैकार- ए- अक़्ल- ओ- दीं छोड़ दो ;
    और ज़रा-सा मुसकुरा दो |
    देखो न! ये गुलाब हमारे इश्क़ का पैगाम लाए हैं |
    क्या अब भी नाराज़ हो हमसे ?
    तुम्हारे नश्तर- ए- मिज़्गा के क़ायल हैं हम, कसम से |
    ©borntowin

  • borntowin 51w

    हम तो आज़ाद परिंदें हैं, भारत देश है हमारा ;
    इस पृथ्वी पर ऐसा कोई देश नहीं, जो हो इससे ज़्यादा प्यारा ।
    अपनी सीमाओं से लेकर अंतरिक्ष तक है दायरा हमारा ;
    कलम से लेकर ओलंपिक्स के मैदान तक चलता है खेल हमारा ।
    महामारी के काल में भी कम नहीं हुआ जज़्बा हमारा ;
    तब भी हमने दूसरों को मदद का हाथ था बढ़ाया ;
    हमारे डाॅक्टरों ने जान की परवाह किए बिना लोगों का इलाज किया ;
    कोरोना के ख़िलाफ़ इस जंग में दिन-रात एक कर
    हमारे वैज्ञानिकों ने कोवेक्सिन बनाया ।
    जब भी तिरंगे पर किसी ने बूरी नज़र डाली ;
    हमारे वीर जवानों ने उसके नापाक इरादों को शिकस्ता किया ;
    उन वीर पुत्रों की शहादत पर नाज़ करता है, देश हमारा ;
    जिन्होंने मातृभूमि की ख़ातिर ख़ुद को कुर्बान किया ।
    विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं का साझा संकलन है
    ये देश मेरा ;
    यहां दिलों में है, प्रेम गहरा ।
    जो आए यहां, वो यहीं बस जाना चाहें ;
    ऐसा खूबसूरत देश है मेरा ।।
    ©borntowin

  • borntowin 80w

    तसव्वुर के लम्हात में ही नहीं ;
    तुझे तो एक अरसे से मैंने अपने
    दिल में बसा रखा है ;
    तेरी इबादत में अपने सिर को
    झुका रखा है |
    तू ख़्वाब नहीं, इश्क़ है मेरा ;
    तेरी चाहत में मेरी आँखों ने नींदों से
    जफ़ा कर रखा है|
    मेरा दिल कहता है ;
    तू मुझे मिलेगा ज़रूर !
    क्योंकि क़ायनात ने मेरे
    हाथों की लकीरों में तेरा
    नाम उकेर रखा है |
    ©borntowin

  • borntowin 93w

    जब लगे कि सब कुछ ख़त्म होने लगा है ;
    हर ख़्वाब टूटने लगा है ;
    अपनों का साथ छूटने लगा है ;
    तो तुम हिम्मत न हारना |
    रो लेना जी भर के, फ़िर उठकर
    खड़े होना ;
    अपनी बाहें फैलाना, फ़िर अपनी आँखों
    को हलके से बंद करना ;
    एक लंबी साँस लेना, चंद पलों के लिए
    उसे रोके रखना |
    फ़िर उस जाती हुई साँस के साथ
    अपने हर डर को भूला देना ;
    एक बार से काम न बने तो
    चार बार करना |
    फ़िर अपने दिल पर हाथ रखना
    और कहना ;
    हर ख़्वाब सच होता है ;
    बिन अंधेरे के, सितारा कहाँ चमकता है ?
    मेरे हौसलों का सूरज अभी डूबा नहीं है ;
    अभी मैं थम जाऊँ ;
    ना,ना ! ये बिल्कुल ठीक नहीं है |
    फ़िर अपनी आँखों को धीमे से खोलना ;
    और अपनी हर ख़्वाहिश को हकीक़त में
    बदलते देखना ;
    करिश्मा होगा ज़रूर, बस तुम ख़ुद को
    तैयार रखना |
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 97w

    ये बारिशें भी कमाल करती हैं !
    बार-बार मुझसे एक ही सवाल पूछती हैं -
    आज फ़िर बंद झरोखों से मुझे,
    टुकुर-टुकुर देख रही हो तुम |
    बोलो न! किन ख़यालों में हो गुम ?
    कोई दर्द है क्या ? जिसे छिपाने
    में नाकाम हो तुम ;
    शायद कुछ कहना है, तुम्हें !
    तभी तो हो तुम, इतनी गुमसुम |
    इन लबों से कुछ कहो तो सही ;
    इतनी ख़ामोशी भी ठीक नहीं |
    दिल के दरवाजों को खोलती क्यों नहीं ?
    अपने अश्कों को अब तुम रोको नहीं |
    इन जादुई बूँदों से खेलो तुम ;
    आओ! खुशी से भीगो तुम ;
    फ़िर कोई नया साज़ गुनगुनाओ तुम ;
    अब तो खुल के मुस्कुराओ तुम |
    ©drsasmitawrites_

  • ashishh_kumar 97w

    बातों से हमारी जो कल तक चिढ़ा करते थे,
    आज खामोशी भी नहीं बर्दाश्त कर पा रहे।।।
    ©ashishh_kumar

  • borntowin 98w

    बड़े दिनों बाद,आज उनसे हमारी बात हुई है ;
    हमारे रिश्ते की नई शुरूआत हुई है ;
    दिल में खुशी की लहर दौड़ी है ;
    जिन अल्फ़ाज़ों को सुनने के लिए तरस गए थे हम ;
    आज वही हक़ीकत बन गए हैं|
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 98w

    कल जो छोड़ कर चला गया था मुझे ;
    आज मेरा वो महबूब, मेरे पास वापिस आया है |
    बड़े दिनों के इंतज़ार के बाद ही तो ;
    ये सावन आया है |
    मेरे सज्दों का ये खुबसूरत ईनाम आया है ;
    ऐ ख़ुदा ! तेरे फ़ैसलों पर मुझे,
    अब पहले से भी ज़्यादा यकीन आया है |
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 102w

    मेरी ख़ामोशियों की तू ही जुबां है ;
    तू मुझमें हर लम्हा है |
    घने बादलों के बीच मुस्कुराता
    सूरज है तू ;
    मेरे हर मर्ज़ की दवा है तू |
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 103w

    मेरे नासूर मेरी कमज़ोरी नहीं, मेरी ताकत हैं |
    ये मेरे ख्वाबों की शहादत नहीं ;
    एक नए सफ़र की शुरूआत हैं |
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 103w

    हलक में उसके कुछ अटका-सा है ;
    जाने क्यों वो डरा- डरा सा है ?
    दिल की बात दिल में दबाए
    जुबान पर ज़हर रखता है ;
    जाने क्यों खुद पर इतना सितम ढाता है ?
    कहना तो कुछ चाहता है ;
    पर कुछ और ही कह जाता है |
    ग़ुरूर से अपने अपनी कमज़ोरी छुपाता है ;
    गलती खुद की होने पर भी
    माफ़ी माँगने से कतराता है ;
    जाने क्यों खुद से इतना जी चुराता है ?
    चाँद से पक्की दोस्ती है उसकी ;
    तभी तो हमें पैग़ाम उसी के हाथों भिजवाता है ;
    जाने क्यों हमारे हर सवाल पर
    खुश होने का ढोंग करता है ?
    रिश्तों की गहराइयों को नाप न पाता है ;
    हालातों की साज़िश में, वो अपने
    ख़्वाबों को तोड़ देता है ;
    जाने क्यों अपने ज़ख्मों पर
    मरहम न लगाकर वो मसरूफ़ होने का
    दिखावा करता है ?
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 103w

    दिल लगा कर भूल जाने की उसकी ये आदत पुरानी है |
    वो कायर नहीं पर बेवफ़ा, बड़ा ही ख़ानदानी है ||
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 104w

    #hindikavyasangam #mirakee #hindiurdunetwork #hindiwriters
    तेरा ख़याल मेरे ज़हन में यूँ ही तो न आया होगा ;
    कुछ तो है ख़ास तुझमें, तभी तो तू मेरे दिल को भाया होगा |
    एक अनोखी कश़िश है तुझमें, मेरे रूह का मेरे जिस्म से
    तकरार यूँ ही तो न हुआ होगा |
    तेरे ख़ामोश लबों को मैं सुन लूँ, तेरी बेचैनियों को महसूस कर लूँ ;
    मुझे तुझसे ख़ुदा ने यूँ तो न मिलवाया होगा |
    हमारे दरमियान ये राबता इतना गहरा यूँ ही तो न हुआ होगा ;
    मैंने तुझमें, तूने मुझमें अपना आशियाना यूँ ही तो न पाया होगा |
    ©drsasmitawrites_

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    तेरा ख़याल मेरे ज़हन में यूँ ही तो न आया होगा ;
    कुछ तो है ख़ास तुझमें, तभी तो तू मेरे दिल को भाया होगा |
    एक अनोखी कश़िश है तुझमें, मेरे रूह का मेरे जिस्म से
    तकरार यूँ ही तो न हुआ होगा |
    तेरे ख़ामोश लबों को मैं सुन लूँ, तेरी बेचैनियों को महसूस कर लूँ ;
    मुझे तुझसे ख़ुदा ने यूँ ही तो न मिलवाया होगा |
    हमारे दरमियान ये राबता इतना गहरा यूँ ही तो न हुआ होगा ;
    मैंने तुझमें, तूने मुझमें अपना आशियाना यूँ ही तो न पाया होगा |
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 104w

    दो बूँद आँसू क्या बरसे नैनों से !
    उन्होंने अपना रूख बदल दिया |
    हम ठहरे नादान !
    हमने तो उनकी नफ़रत को
    जाम-ए-इश्क़ समझ कर पी लिया |
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 105w

    नायाब है पर नामुमकिन नहीं ;
    मेरी जुस्तजू अभी कम तो नहीं |
    यूँ तो बीच राह पर ठहर जाना मेरी
    फ़ितरत नहीं ;
    मैदान छोड़ कर भाग जाऊँ ;
    मैं वो बुजदिल नहीं |
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 105w

    हम मोहब्बत और नफ़रत दोनों ही शिद्दत से करते हैं|
    किसी के एहसान को भी हम, ब्याज के साथ ही चुकाते हैं ||
    ©drsasmitawrites_

  • borntowin 103w

    कतरा-कतरा हूँ मैं ;
    तुम मुझे और क्या तोड़ोगे ?
    ज़र्रे-ज़र्रे को जोड़ सको ;
    तो ही मेरे अस्तित्व को समझ पाओगे |
    ©drsasmitawrites_