#jakir

224 posts
  • goldenwrites_jakir 5h

    सोचता हूँ संग तेरे - यादों के सहारे
    कागज़ पर कलम में समाकर तुझसे रूबरू हो जाऊं
    लिखूँ दिल कि हर इक बात तुझे कविता का नाम दे जाऊं
    अजनबी से कैसे दोस्त कैसे अपने बने
    वो मोहब्बत वो इश्क़ के हर इक रंग में फिर तेरे साथ रंग जाऊं
    सोचता हूँ तेरे ख़्वाब तेरे ख्याल में डूब कर तेरा ही रेह जाऊं
    ................................................
    कितनी प्यारी वो सुबह और शाम थी
    खुली आँखों से गुजर जाती
    हँसते हँसते वो खूबसूरत रातें थी
    दूर होकर भी क़रीब तेरी परछाई मेरे साय में थी
    कितनी प्यारी हमारी चाहत कि वो शुरुआत थी
    ....................................................
    आज भी मोहब्बत का वो आशियाना
    नम आँखों में दिखाई देता है
    तेरी नादानियाँ तेरी गुस्ताखीयाँ
    तेरी नाराजगी तेरी खिलखिलाती हँसी
    के वो सब लम्हें आज भी महसूस दिल को होते हैं
    जैसे रौशन आज भी उजड़ा वो आशियाना मोहब्बत का है
    ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    पा कर भी ...... रहे हाथ खाली
    वो तक़दीर का रहवर हूँ .....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    सर्द मौसम ✍️

    किस्सा बिते लम्हो का बड़ा ही प्यारा था
    सर्द था मौसम गली में उसकी अंधेरा था
    रात का वक़्त क़रीब एक बजे का था
    ऐसी ये हमारी पहली मुलाक़ात थी
    मेरे गांव से उसका गांव करीबन 45km दूर था
    बाइक का सफ़र मुश्किलों से भरा था
    जैसे मैं उसके घर के क़रीब आया कुछ दूर पहले
    बाइक साइड लगाकर ज़ब में आगे चला
    आप सब यक़ीन नही कारोगे हर दो चार कदम के बाद मैं
    गिरता संभलता उसके घर पहुंचा हाथ पैर काप रहे थे
    होंठो पर धुजनी जोरो पर थी कहते किसे ठण्ड वो एहसास सर्द मौसम का मुझ पर हुआ था ,,,,
    पर सच ये भी है इक पल में वो ठण्ड ना जाने कहां ग़ुम हो गई
    उसकी बाहों का हार दिल को इतना सुकून दिया
    हर इक दर्द हर इक तड़प दूर हो गई वो सर्द रात
    मेरी ज़िन्दगी की इक खूबसूरत सुबह थी उस पल
    का एहसास दो दिलों का इश्क़ था ,,,,,
    लफ्ज़ नही कैसे उस पल को बयां करूँ वो लम्हा
    मेरी ज़िन्दगी का अनमोल पल था
    क्या पाया क्या खोया बताना आसान नही
    वो रात मेरी मोहब्बत की सुबह थी ........ |
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    लाज़मी नही था उसका रूठ जाना
    अफ़सोस बस इस बात का है
    मनाते रहे उसे ता उम्र हम और वो खफा ही रहे
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    गुजारा तुम बिन अब
    कलम के साथ कागज़ पर
    कुछ अधूरे कुछ मुकम्मल से लगते हैं
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4w

    आंसुओं का बोझ उठाऊं कब तलक
    सफ़र ज़िन्दगी में लिखी नमी
    मैं झूठी हँसी दिखाऊं कब तलक |
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 5w

    बोल ✍️

    निराश ज़ब भी हुआ
    ख़ुदको ख़ामोश रखा
    बुनियाद क्या है जीने की
    वो बात माँ पिता की याद रखा
    ज़ब भी बोला तोल कर बोला
    ना दुखे दिल कभी किसी का
    उस दायरे में रख कर बोला
    देखे थे वो लम्हें कईं पुराने
    ज़ब मेरी बातों के बने थे अफसाने निराले
    किसी ने दिल से किया बहार
    किसी ने तोड़ दी दोस्ती अनमोल
    क्या है कीमत बोली की ये राज
    फिर आया समझ
    रख कर सच के आईने में
    ख़ुदको इस काबिल बनाया
    ज़ब भी बोला तोल कर बोला
    बड़ो को आदर छोटो को सम्मान दिया
    बनाकर जुबां को मीठी
    जहर को मिटाया
    क्या कीमत बोल की
    ये अब समझ आया .... |
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 6w

    भागीदारी ✍️

    मेरे हिस्से में उसके ज़िन्दगी के 2 साल ही आए
    करता रहा उससे प्यार
    बाकी मेरी ज़िन्दगी में फिर इंतजार के किस्से आए
    क्या थी उसकी भागीदारी मेरी ज़िन्दगी में
    उस कहानी में प्यार चाहत ख़्वाब आरजू के पहलू
    लबों की मुस्कान आँखों की नमी के साथ तन्हाई
    भी आए ..... | | |
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 6w

    आज़ादी ✍️

    आज़ादी की इक तस्वीर अब कलम में देखता हूँ
    ज़िन्दगी नही अब गुमराह वो ख़्वाब देखता हूँ
    है इश्क़ ज़िंदा कलम से कागज़ पर
    वो ज़ज़्बात एहसास की सांसे अब शब्दों से ले रहा हूँ ,,
    मुकम्मल तो नही हुआ मेरी चाहतो का आसमाँ पर
    यादों की जमीं पर बिखरे ख़्वाबों को समेट रहा हूँ ,,
    लफ़्ज़ों की आज़ादी में तेरी तस्वीर को कागज़ पर
    हर्फ़ दर हर्फ़ कलम से कागज़ पर सज़ा रहा हूँ ,,
    रख कर जुबां पर ख़ामोशी नम आँखों से
    आज़ादी का तोल - भाव कर रहा हूँ ......
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 6w

    #jp #jakir #rachanaprati128 @jigna_a दी " ��
    ग़ुस्ताखी माफ़ ����������

    Read More

    आज़ादी ✍️

    आज़ाद है कलम "पर कागज़ पर शब्दो की तस्वीर नही
    रूह मचल रही लिखने को "और किसी को यक़ीन नही
    कैसे दिखाऊं हर इक ख़्वाब को बिखरे उनके निशां
    ज़िन्दगी मुस्कुरा भी रही और गम को छुपाती भी नही ..
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 7w

    चुराकर तेरी आँखों की नमी
    हँसी में बदल जाऊं ,,
    खिलती रहे तू गुलाब सी
    मैं काँटा बनकर तेरी हिफाजत कर जाऊं ...|
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 7w

    यादें ✍️

    यादों की इक दुनियां है जहां हर रोज तुमसे मिलता हूँ
    है दूरी कितनी भी अब हमारे दरमियाँ
    पर हर रोज सब भुल कर तेरी यादों में खो जाता हूँ
    छुपाकर दिल के ज़ख्म को हर इक दर्द पर
    झूठी मुस्कान के पर्दे डालता हूँ ,,,,
    खो जाता हूँ तेरे ख़्वाबों ख्यालों में
    हर इक वो गली हर इक उन रास्तो पर
    जहां कभी थामकर हाथ मेरा तुम साथ चले थे
    वो लम्हें खूबसूरत ज़िन्दगी के
    हर रोज खुली आँखों से देखता हूँ
    तुम्हें महसूस करता हूँ तुम्हें पढ़ता हूँ तुम्हें ही लिखता हूँ
    क्या हो तुम मेरी ज़िन्दगी में वो आईना इश्क़ का देखता हूँ
    देखता हूँ ..... ||❤||
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 7w

    ज़ब भी खोलता हूँ ______
    यादों की किताब को ❤ मोहब्बत की खुशबू
    मेरे चारो और फेल जाती है ,,
    रखा हो जैसे तेरे कांधे पर सर मेरा
    हाथों में हाथ है ,,
    दिल थमसा गया और लबों पर सच्ची मुस्कान है
    तेरी पनाह में यार मेरे ❤मेरी ज़िन्दगी क़ुर्बान है ..
    ||||||
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 7w

    #Collab

    #Gauravs ✍️
    इश्क़ ज़ब रूह तलक का "तो इसकी लम्बी उम्र क्यों नही
    किसी को मिली नई दुनियां " किसी को तन्हाई - रुसबाई

    तेरी झूठी वफ़ाओं का जिक्र सबसे पहले होगा
    अगर तेरे इश्क़ का कभी हम किस्सा बयां करेंगे ,,
    रोएंगे हम बहुत चुभेेंगे ज़ब तेरी बेवफाई के टुकड़े दिल पर
    वो ज़ख्म सारे चीख चीख कर तेरे दिए हर इक दर्द की
    दास्तां सुनाएँगे - रोएंगे हम बहुत ज़ब तेरी कहानी बताएंगे
    कैसे मिले कैसे बिछड़े वो पहली मुलाक़ात से
    वो आख़री लम्हें ज़ब हम सुनाएँगे रोएंगे हम बहुत
    ज़ब हर इक साँसो का हिसाब हर इक रात का
    हर इक दिन का बताएंगे -- -----
    क्या है ज़िन्दगी तन्हाई के साय में ----
    क्या है ज़िन्दगी इंतज़ार की परछाई में
    हर इक आईना तेरा हम ज़ब सब को दिखाएंगे
    रोएंगे हम बहुत ज़ब तेरे इश्क़ की दास्तां सुनाएँगे ...|
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 7w

    एहमियत क्या रखी उसने ......
    पूछना भुल गए ,
    करते रहे इंतजार - उनके लौट आने का
    और हम जीते जी मरते रहे ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 7w

    क़ायनात बदलती तस्वीर ज़माने की
    हमसे ही बजूद दुनियां का
    आज नही हमारा - कल पर उम्मीद रख
    देख टूटते तो हर रोज सितारे भी हैं
    तू जुगनू सा चमक कर देख
    आ जाएगी रौशनी
    अँधेरी दुनियां में - तू इक बार बस मुस्कुरा कर तो देख...
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 15w

    मेरी मजबूरी थी

    तुम्हे पाकर तुम्हे पा ना सका ये मेरी मजबूरी थी
    तक़दीर के हाथों दिल को दुखाना मेरी मजबूरी थी

    सोचा नही था कभी तुम बिन जीना भी यूँ पड़ेगा
    तड़प कर तन्हाई में आंहे भरना मेरी मजबूरी थी

    रख कर दिल में यादों के सहारे अब तुम्हे महसूस करता हूँ
    भूलकर भी भुला नही तुम्हे तुमसे बिछड़जाना मेरी मजबूरी थी

    कलम से कागज़ पर हर रोज शब्दो के फूलों से तुम्हे सजाता हूँ
    गुमनाम पत्ते पर लिख कर ख़त तुम्हे भेजना ये मेरी मजबूरी थी

    क़ायनात की हर इक चीज़ तुम्हारी ये आरजू खुदा से की
    इक मैं ही तुम्हे लबों की मुस्कान दे ना सका मेरी मजबूरी थी
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 69w

    मन

    मन मे हर रोज हजार सबाल आते हैं
    पर जबाब खाली हाथ लोट जाते हैं
    अख़बार की सुर्ख़ियों मे हर रोज पापो से भरा समाज होता है
    किस राह की और हम बड़ रहे ये सबाल हर रोज मन की आत्मा मे जन्म लेता है
    किसे सही किसे गलत कहें ज़ब हम ही इन सब का एक हिस्सा हैं
    आज मेरी कल तेरी कहानी का खुलता काला चिठ्ठा है

    आज हर एक इंसान दूसरे इंसान से आगे निकलने की रेस लगाए हुए है
    रास्ता सच्चाई का भूल कर ------ गलत फेमियो मे उलझा हुआ है
    आज इंसान ---- ------------ इंसान नहीं मतलब का सौदागर बना हुआ है

    भगवान ने इंसान को उसकी इबादत के लिए बनाया था
    पर आज हर एक इंसान खुदा बनकर बैठा है
    सच --- ईमान की राह से कोसो दूर
    पाप के घड़े मे उलझाए रखा है

    बदलता बक़्त हर रोज कुछ ना कुछ सिखाता है
    पर हम उसे नजर अंदाज कर हर रोज एक नई गलतियां करतें है

    ☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 73w

    इक तरफा इश्क़

    काश कोई इश्क़ के दर्द में सूकून महसूस कर ले
    इश्क़ कहते किसे इस जख्म को दिल का नासूर कर ले
    तन्हाई यादों का इक घर "काश इस घर में कोई बसर कर ले
    जुदाई कहते किसे मोहब्बत में "कोई सच्चे दिल से प्यार कर ले
    बहुत जि लिए तन्हा इक तरफा मोहब्बत के सहारे
    काश वो मेरे दिल पर एतवार कर ले
    ☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️☔️
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 76w

    शिकायत ✍️

    ज़बसे उसको मुझसे शिकायत होने लगी
    मेरी ज़िन्दगी मुझसे रूठने लगी .....
    कैसे शिकायत के जहर को उसके दिल से निकालूँ
    अब असर मेरी ज़िन्दगी पर नाराजगी का होने को है

    उम्र की देहलीज पर दोनों चिराग बुझने को है
    एक दिल धड़कन अनेक सब की सब थमने को है

    दुआ अब करती नहीं वो मेरी हिफाजत की
    अब मेरी जिंदगी पर नजर लगने को है ,,,

    फिज़ाओ से अब महक आती नहीं
    दरख़्त इश्क़ का पतझड़ होने को है

    भीग गई पलकें तेरी आहट तेरी परछाई का एहसास ना मिला
    हिचकियो के आसमां से बरसात अब ना होने को है ..।।


    ©goldenwrites_jakir