#jp

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  • goldenwrites_jakir 2d

    काफिला यादों का...... उम्र दराज हो गया
    रहा इश्क़ जवाँ और क़त्ल दिल का हो गया
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4d

    ये भी समाज कि.... इक तस्वीर है
    इसे हम अंधेखा नही कर सकते ......

    #jp #rachanaprati140 @alkatripathi79

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    आज का युवा ✍️

    आज का युवा नशे के आग़ोश में
    अपनी पहचान अपनी तस्वीर
    इतिहास के पन्नो से मिटा रहा है ,,
    भुल कर अपनी हक़ीक़त
    ख़ुदसे ही ख़ुदको दूर कर रहा है ,,
    क्या है ज़िन्दगी उस सच से अनजान
    मदहोश होकर भटक रहा है ....
    बनना था जिसे समाज कि खूबसूरत पहचान
    वो सितारा नशे के दल दल में धसता ही जा रहा है ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 4d

    युवा ✍️

    बचपन में जकड़ी कुछ ऐसी बेड़ियाँ
    युवा होते होते आंखे कमजोर
    शरीर बेजान हो गया .....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    दूरी ✍️

    फलक जमीं से दूर इतना
    जितना तू मुझसे ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    #jp #zakir

    दवा भी मैं था ज़ख्म कि बजह भी मैं था
    उसकी वफ़ा में भी मैं उसकी बेवफाई में भी मैं था

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    कशिश बहुत थी...... उसकी वफ़ा में यारों
    आज भी उसके शरीर पर ज़ख्म के निशां बाकी हैं
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    #jp #zakir

    आसान नही होती लहरें चाहत कि
    इक किनारे से दूसरे किनारे तक
    सदिया गुजर जाती है ....

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    मोहब्बत अब किताबी अल्फाज़ बनकर रह गया
    इश्क़ का फ़ूल बंद पन्नो में मुरझा कर रह गया
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    My song✍️

    तुम्हें पाकर ....
    तुम्हें खोना.... ऐसा लगता है
    ज़िन्दगी जी ली उन पलों में
    अब महसूस ऐसा होता है ......
    तुम्हें पाकर - तुम्हें खोना
    तुम्हें पाकर तुम्हें खोना ऐसा लगता है
    ज़िन्दगी जी ली ज़िन्दगी जी ली ज़िन्दगी जी ली ____
    ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
    तुमसे ही मेरी ज़िन्दगी कि सुबह तुमसे ही चाँदनी रात थी
    तुमसे ही लवों पर मुस्कान तुम ही वजह जीने कि थी
    क्या बताऊँ क्या दिखाऊं क्या मिला मुझको तुमसे
    तुम्ही मेरी ज़िन्दगी थी मेरी ज़िन्दगी थी ....
    तुम्हें पाकर तुम्हें खोना - तुम्हें पाकर तुम्हें खोना
    ऐसा लगता है जैसे मैं गिरा टूट कर तारा आसमां का
    ना मिली मुझको जमीं ना रहा पास मेरे फलक का किनारा
    तुम्हें पाकर तुम्हें खोना तुम्हें पाकर तुम्हें खोना
    ऐसा लगता है ज़िन्दगी जी ली उन पलों में
    ज़िन्दगी जी ली ज़िन्दगी जी ली ज़िन्दगी जी ली ....
    ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    उसका मुझे छू "जाना
    मानो हजार जनम के बाद किसी इक
    "दुआ" का मुकम्मल होना ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    सफ़र ✍️

    कितना अजीब लगता है ज़ब कोई अपना पराया हो जाता है
    करके वादा आख़री साँस तक संग रहने का
    कुछ पल ही बाद भुल जाता है ...
    क्या मजबूरी क्या उसकी मर्जी
    ये बात का दिल को एहसास नही रहता
    बस सोचता ही रहता है कि अब तन्हा सफ़र ज़िन्दगी का तय करना है
    उम्मीदें सब लाचार सी किसी कोने में दबी सी देख रही है
    इंतजार तन्हाई बेवसी सब ख़ामोशी कि सक्ल में
    हर इक ख़्वाब पर हावी हो रही हैं
    कैसे भुल जाऊं उन सुनहरे पलो को
    मोहब्बत के दिन रात के अँधेरे उजालों को
    बातों ही बातों में झलकता प्यार था
    होती कभी नोकझोंक तो कभी हँसी का इक बहाना था
    याद सब आते बहुत वो सफर मोहब्बत का
    कुछ इस तरह था .........
    लफ्ज नही ज़ज़्बात नही वो एहसास ज़िन्दगी से जुदा हो गए
    मिले फिर हम बिछड़गए इश्क़ कि चाँदनी में
    अब ना रास सुबह ना शाम आती
    बंद लिफाफे में क़ैद हो ज़िन्दगी वो ख़ुसबू मोहब्बत कि
    अधूरी लिखी कहानी में सवाल यादों कि परछाई से पूछती है
    सफर ऐसा ही क्यों दो दिलों का मोहब्बत कि राहों में मिलता है
    टूटकर बिखर जाता दिल नम आँखों का कारवाँ साथ चलता है
    ख़ामोशी पहरा देती जुबां पर - भरी महफ़िल तन्हा सी लगती है
    आग वफ़ा कि जलती दिलों में - दुआ भी बेअसर होती है
    सफर मोहब्बत का इतना मुश्किल क्यों होता है
    जैसे हो गुनाह ---- ऐसा अब दिल को लगता है ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    अनजाने राही ✍️

    सफ़र 2011
    सारणी से भोपाल लौट आने का कुछ इस तरह से हुआ
    अपने शहर से दूर अनजान शहर में
    अपने कि तलाश में ये दिल भटक रहा था
    वो अपना मिला भी बेगाने कि तरह
    दिल टूट कर बिखर गया ,,,,,
    आँखों से झलक रहे थे दिल के ज़ख्म के निशां
    सिसकियाँ ख़ामोशी कि चादर में दवे पाँव चल रही थी
    ये एहसास भी नही था कि पास वाली सीट पर
    कोई ये सब देख रहा था ,
    दर्द दिल का हर इक यादों के साथ दिल को दुखा रहा था
    सोचा था उससे मिलकर दिल को सुकून मिलेगा
    मोहब्बत भरी रूह को खुला आसमा जमीं पर मिलेगा
    होगी ज़ब उनसे मुलाक़ात आँखों ही आँखों में
    दिल कि हर इक बात का इंसाफ होगा
    कैसे रहे तन्हा हर इक पल का जवाब मिलेगा
    खिल उठेंगे मुरझाए हुए वफ़ा के फ़ूल
    मोहब्बत कि बारिसों में
    मिलन का बादल हमारी ज़िन्दगी में ज़ब होगा
    पर अफ़सोस उसकी आँखों में - मोहब्बत नही मिली
    डर - खौफ ही नज़र आया
    जैसे जिसकी तलाश नही वो मंजर नज़र आया ..
    इक इक पल दिल को रुला रहा था
    था क़रीब उसके पर ना जाने क्यों ऐसा लग रहा जैसे
    उससे बहुत दूर हूँ
    हिम्मत नही थी अब बहाँ ठहर जाने कि
    उस कस्ती पर सवार ज़िन्दगी थी
    वो दर्द वो अकेला पन उसके क़रीब जाकर हुआ
    मिला दर्द दिल को इतना जैसे ज़िन्दगी अब थमसी गई
    ना रहा अब वाकी ज़िन्दगी में वो मुस्कान लवों कि खो गई
    इस हालात में देख कर उस अजनबी ने मुझसे किसी तरह बात कि क्या हुआ मुझे क्यों इतने परेशान हो
    क्यों तुम रो रहे क्यों इस हाल में हो
    घर पर सब ठीक है या कोई और बात है
    इतने सारे सवाल सुनकर बस इक जवाब था
    आया था मैं मिलने अपनी जान से
    अब जान यहीं छोड़ कर जा रहा हूँ
    कैसे हम मिले कैसे हम बिछड़े हर इक बात बताई
    क्या खोया क्या पाया वो राज ए दिल उस अनजान को सब है बताया
    वो सफर अंजाना कुछ इस तरह से था
    मिला राह में इक मुसाफिर वो सफर ज़िन्दगी का था ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    मियाद ज़िन्दगी की चार दिन कि
    उसमे तड़प पल पल मोहब्बत कि
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    भुलाकर भी भूली नही हो ....
    यादों के आईने में देखती तुम मुझको
    कैसे यक़ीन करूँ तुम्हारी नाराजगी पर
    दिल में तुम्हारे मेरे सिबाह कोई और है |
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    उसकी दीवानगी और मेरी चाहत
    कब मोहब्बत से ....... इश्क़ बनगई
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    करबट बदलती ज़िन्दगी को
    ............... आराम देते हैं ,,
    ठहर कर कुछ पल ....
    नई शुरू आत करते हैं
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    #jp #zakir

    जलाकर रखी है ....... उम्मीद की रौशनी

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    हार जाता ..... ग़र साथ मेरे - तेरी यादें ना होती
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    पा कर भी ...... रहे हाथ खाली
    वो तक़दीर का रहवर हूँ .....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    गम की परछाई आईना बनकर उभर आई
    दस्तूर मोहब्बत का भूलकर आँखों में नमी दे आई
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 2w

    सर्द मौसम ✍️

    किस्सा बिते लम्हो का बड़ा ही प्यारा था
    सर्द था मौसम गली में उसकी अंधेरा था
    रात का वक़्त क़रीब एक बजे का था
    ऐसी ये हमारी पहली मुलाक़ात थी
    मेरे गांव से उसका गांव करीबन 45km दूर था
    बाइक का सफ़र मुश्किलों से भरा था
    जैसे मैं उसके घर के क़रीब आया कुछ दूर पहले
    बाइक साइड लगाकर ज़ब में आगे चला
    आप सब यक़ीन नही कारोगे हर दो चार कदम के बाद मैं
    गिरता संभलता उसके घर पहुंचा हाथ पैर काप रहे थे
    होंठो पर धुजनी जोरो पर थी कहते किसे ठण्ड वो एहसास सर्द मौसम का मुझ पर हुआ था ,,,,
    पर सच ये भी है इक पल में वो ठण्ड ना जाने कहां ग़ुम हो गई
    उसकी बाहों का हार दिल को इतना सुकून दिया
    हर इक दर्द हर इक तड़प दूर हो गई वो सर्द रात
    मेरी ज़िन्दगी की इक खूबसूरत सुबह थी उस पल
    का एहसास दो दिलों का इश्क़ था ,,,,,
    लफ्ज़ नही कैसे उस पल को बयां करूँ वो लम्हा
    मेरी ज़िन्दगी का अनमोल पल था
    क्या पाया क्या खोया बताना आसान नही
    वो रात मेरी मोहब्बत की सुबह थी ........ |
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 2w

    आज फिर उसकी तस्वीर कागज़ पर बन आई है
    मोहब्बत है ज़िंदा दिल की गहराई में
    वो बात कलम से कागज़ पर उतर आई ...
    कैसे भुल जाऊं उसकी वफ़ा को
    वो आग इश्क़ की फिर दिल में जल आई है
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 71w

    इक तरफा इश्क़

    काश कोई इश्क़ के दर्द में सूकून महसूस कर ले
    इश्क़ कहते किसे इस जख्म को दिल का नासूर कर ले
    तन्हाई यादों का इक घर "काश इस घर में कोई बसर कर ले
    जुदाई कहते किसे मोहब्बत में "कोई सच्चे दिल से प्यार कर ले
    बहुत जि लिए तन्हा इक तरफा मोहब्बत के सहारे
    काश वो मेरे दिल पर एतवार कर ले
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    ©goldenwrites_jakir