#kalam

936 posts
  • mohabbatwani 1w

    लोट आना

    तुझसे एकतरफा मोहब्बत कर्ता राहुगा,
    राम की तरह तेरा नाम जपता रहूंगा,
    कभी मन करे तो लोट आना,
    जहां छोटा था उसी मोड़ पर खड़ा मिलूंगा।
    ©mohabbatwani

  • neerajsaini 1w

    अंदाज़-ऐ-ज़िदगी

    तुम्हें तो इस बात से भी शिकायत हो जाएगी
    कि अब मैं कोई शिकायत क्यों नहीं करता!
    ©neerajsaini

  • raisahab767767 3w

    Itna likha usey...

    Itna likha usey, kalam ki siyahi khatam ho gyi
    Baat shuru hui ,dur talak gyi aur khatam ho gyi

    Pahadon pr chal rha tha mai, kuch dur chala ,
    Ek arsa chalne k baad, zameen khatam ho gyi

    Bhut purani dosti thi hmari, voh seher chor dia
    Ek ldki mili gyi usey, hmari batcheet khatam ho gyi

    Ab zyda toh kisi se kya hi bolna samjhna ,
    Ek hi zindagi thi , kharch hote hote khatam ho gyi


    ©raisahab767767

  • harishkumar32 5w

    #kalam
    kuch chij sabki sathi hoti hai..

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    ✒️ Kalam ✒️

    Khbar sabki rkhta hai..✍️
    Kisi ke liye khushya lata hai ..✍️
    Kisi ke liye dukh..✍️
    Bache ki udhan ki pahali kshti hai ye...✍️
    Or bude ki kamij ki shan hai ye..✍️
    Hamara kl hai ye......✍️
    ©harish

  • vy_thoughts 6w

    Wo jaruri thi par ab wo jaruri nhi...by - V¥ "R∆M∆"
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    #jaruri #adhuri #kahani #ishq #kalam #sad #status #feelings #khatam #uske #liye

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    कहने को
    बस बात नही होती वैसे कोई दूरी नही

    उसे चाहना हक है मेरी कोई मजबूरी नही,

    हां वो जरूरी है - २
    लेकिन
    उसके लिए ये जरूरी नही

    तो फिर वो भी जरूरी नहीं,

    उसे ऐसा लगता है अगर
    की उसकी जिदगी पूरी है मेरे बिना

    तो उस से भी कह देना
    मेरी भी कहानी उसके बिना अधूरी नहीं,

    वो जरूरी थी
    पर अब वो जरूरी नही -२ ...!


    By - V¥ "R∆M∆"











    ©vy_thoughts

  • navyaksingh_ 16w

    Have You Ever Asked Yourself?

    Have You Ever Asked Yourself...?
    Might be your lungs getting tight of that chaotic air,
    Might be your heart getting uncomfortable with that bitter hold,
    Might be your throat getting choked, and pleading you to vomit your emotions,
    Might be your body getting stuffed with those filthy longings,
    Might be your soul getting rough with those teary thoughts,
    Might be your firm fingers are no more supportive to your thoughts,
    Might be those deep words which come from you are all getting jumbled up,
    Might be the nib of your pen is getting weak and about to break, no longer being able to compose your pain,
    Might be the pages of your diary are now crisp enough having absorbed all your tears...

    Have You Ever Asked Yourself...?

    - NKS

  • navyaksingh_ 17w

    नव्यता का निशांत

    वासता पहले, तुमसे कुछ ग़म का था,
    नज़र मिली, जवाब मिले,
    मानो, दिल की तारों के हिसाब मिले...

    कुछ तेज़ लहरें,
    कुछ गहरी तलब उठी थीं मन में,
    सबने अपने मन का कुछ कहना चाहा...
    हुआ दिल कुछ नम,
    आंखें भी अब भीग गईं,
    कुछ मीठे लगने लगे अब ये आंसू भी,
    जब ठहरे, होंठों पर, तुम से कुछ बयान करने के लिए...

    तुम ना कम हो, ना ही कुछ ज़्यादा,
    हो मेरी रूह का एक भरपूर आहार...

    तुम हो सवेरा, मेरे मोहब्बत के शहर का,
    जिसके दीदार में, मैं हूं हर पल तैयार...

    तुम हर उस कविता का सुंदर अलंकार हो,
    जिसको पढ़, मेरा प्यार हुआ है कुछ और बेहतरीन...

    तुम हर उस प्रेम पत्र की रंगीन सियाही हो,
    जिसके रंग में रंगना है नाज़नीन...

    तुम कोई बेवजह का इश्क नहीं,
    तुम कुछ यूं हो, जिसे मैं खुद से बढ़ कर चाहूं,
    सिर्फ तुमसे ही नहीं,
    तुम्हारे होने से भी मोहब्बत में पड़ जाऊं...

    अब कुछ ऐसा हो गया हूं मैं,
    कि तस्सली से पढ़ना चाहता हूं तुम्हें,
    तुम पर अपने प्यार कि लिखावट छोड़ना चाहता हूं मैं...
    अब मुझे फ़ुरसत नहीं रही, सुहाने मौसम की,
    तुम हो, एक चांदनी रात को आगाज़ देने के लिए...

    अब है कुछ इंतजार,
    तुम्हारे पास होने का,
    जब तुम्हारे साथ एक छोटा सा सफ़र भी ज़िंदगी लगता है,
    जब तुम्हारा नज़दीक होना मेरे दिल की लहरों को पनाह दे देता है...

    साथ तुम्हारा कर रहा है हर तड़प मुकम्मल मेरी, हर दिन रोशन मेरा...
    अब बस,
    हमेशा के लिए तुम्हारी मोहब्बत के उजाले में ही रहने को है मन मेरा...

    हूं नहीं कोई शायर मैं,
    आता नहीं मुझे रिझाना,
    कुछ चंद शब्दों में कहूं- मेरे कौन हो तुम,


    " हो मेरी नव्यता
    का
    खूबसूरत निशांत तुम "

    - NKS

  • anuradhasharma 17w

    लिख दू सारे शब्द कि, बाक़ी मुझमें कुछ न रहें।

    कि बाद उसके ख़ाली होना, मुझे कोई गम न दे।




    ©anuradhasharma

  • navyaksingh_ 17w

    होठों से जो ना बयान हो पाईं,
    बातें वो आज फ़ोन की रोशनी से झिलमिला उठीं...

    - NKS

  • goldenwrites_jakir 18w

    हाथो कि साख ✍️

    ज़ब भी दिल ने तुझे याद किया
    जुबां पर ख़ामोशी आँखों में नमी
    हाथो से कागज़ पर तुझे संग अपने सवारा है
    लिख कर नाम तेरा - तेरी वफ़ा को
    लफ़्ज़ों कि साँसो से रूह में उतारा है ,,,,,

    याद आते वो लम्हें ज़ब मेरे हाथो में हाथ तुम्हारा होता था
    लबों पर खुशियों के फ़ूल वो पल ज़िन्दगी के अनमोल होते थे

    आज ज़ब भी देखता इन तन्हा हाथो को तेरी यादों कि बरसात में खो जाता हूँ
    करके दोस्ती कलम कागज़ से - फिर रूबरू तुझसे होता हूँ
    मिलो कि दूरी तेरी हर एक बेरुखी को भुल जाता हूँ ,,,,

    मिटा तो ना सका तन्हाई कि लकीरों को
    पर तेरे सिबाह किसी और को नाम लिख भी ना पाया
    दिल कि हर एक गलियों में
    आज भी हजारों ख़त तुझे लिखे
    गुमनाम पते पर भटक रहे हैं
    मिले कहीं से तेरा पता वो दुआ कि अर्जी लगा रहे हैं
    मोहब्बत है कितनी वो एहसास के ज़ज़्बात मनमन्दिर में
    हर रोज ये सवाल पूछ रहे हैं
    देखता ज़ब भी ये खाली हाथ - आँखों में नमी
    हर और तुझे ढूंढ़ता हूँ .....
    ©goldenwrites_jakir

  • hp2310 23w

    इश्क़ गुनाह था मेरा
    सज़ा भी मेरे नाम लिखी जाएं,
    फ़ैसला उसके हक में करके
    कलम तोड़ दी जाएं।
    @H.P.

    Ishq gunaah tha mera
    Saza bhi mere naam likhi jae,
    Faisla uske hak me karke
    Kalam tod di jae.
    @H.P.

  • goldenwrites_jakir 23w

    आज़ादी ✍️

    आज़ादी की इक तस्वीर अब कलम में देखता हूँ
    ज़िन्दगी नही अब गुमराह वो ख़्वाब देखता हूँ
    है इश्क़ ज़िंदा कलम से कागज़ पर
    वो ज़ज़्बात एहसास की सांसे अब शब्दों से ले रहा हूँ ,,
    मुकम्मल तो नही हुआ मेरी चाहतो का आसमाँ पर
    यादों की जमीं पर बिखरे ख़्वाबों को समेट रहा हूँ ,,
    लफ़्ज़ों की आज़ादी में तेरी तस्वीर को कागज़ पर
    हर्फ़ दर हर्फ़ कलम से कागज़ पर सज़ा रहा हूँ ,,
    रख कर जुबां पर ख़ामोशी नम आँखों से
    आज़ादी का तोल - भाव कर रहा हूँ ......
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 28w

    गबाही हर इक दर्द "दिल के ज़ख्म का देगा
    अभी तन्हा है इश्क़ मेरा "कल तुझको मेरा एहसास होगा
    मोहब्बत यूँ ही नही साथ चलती बनकर परछाई यादों की
    कल सितारों के बीच रोशन मेरी चाहत का आशियाना होगा

    तुम जमीं से फलक़ पर "तलाश मेरी मोहब्बत को करोगी
    बहाकर अश्क आँखों से कागज़ पर "मेरी वफ़ा की तस्वीर लिखोगी
    छूना चाहोगी हर इक मेरी यादों को फिर अपनी ज़िन्दगी में
    वो लम्हें की अधूरी कहानी फिर ज़िंदा तेरे दिल की किताब में होगी
    ग़ुमान है मुझको मेरी आशिक़ी पर "कल तेरी तस्वीर के साथ मेरी तस्वीर होगी ....
    ©goldenwrites_jakir

  • badnaamshayar777 32w

    Meri kalam

    मेरी कलम की शाही इतनी
    जल्दी भी नहीं सूखती
    जितनी जल्दी तेरे इश्क़ की
    बात ख़तम हो जाती है
    मेरे इश्क़ मैं वो नशा है
    जो मेरी कलम लिख के बताती है

    ©badnaamshayar777

  • ayushi_m_writes 32w



    कुछ होते है कामियाब, जहां मिलता उन्हे हर जगह प्यार।
    और कुछ मेरी तरह, जिंदगी भर भटकते है मोहब्बत के लिए,
    मिलकर भी अधूरा रह जाता है।

    खैर, कोई फर्क नही पड़ता अब हमें इस दुनिया से,
    जिस्से पड़ता था, वह रहा नही हमारा।

    अब बरबादी भी आए, अपना हाथ दे कर उस्से साथ निभायेंगे,
    मौत भी आए, उस्से गले मिलकर अपनाएंगे।

    ©ayushi_m_writes

  • goldenwrites_jakir 35w

    #jp #zakir #jakir #song #sad #music #yaden #mohabbat #ishq #kalam #kagaz #aashiqi #rachanaprati92 @mamtapoet

    ज़िन्दगी के खूबसूरत रंग - दिल से होकर शब्दो में घुल गए
    बनकर कागज़ पर तस्वीर मोहब्बत की कलम की परछाई बन गए

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    वो बेवफा ✍️

    किसको दिखाऊं मैं - दिल के ये छाले
    कैसे छुपाऊं मैं - आँखों के ये अश्क पुराने
    हर इक तरफ - तन्हाई की बरसात
    हर इक दर्द दिल का हरा हरा
    मेरी ज़िन्दगी का ये कैसा फलसफ़ा मेरे खुदा तूने लिखा
    वो बेवफा ✍️ वो बेवफा ✍️ वो बेवफा ✍️ वो बेवफा है

    यादों में वो रिमझिम तेरी मुलाक़ातें - वो तेरी मीठी मीठी बातें
    वो तेरा मुझसे रूठ जाना - वो तेरा मुझसे रूठ जाना
    तुझको फिर मेरा मनाना - वो कल याद आता है - दिल को बहुत सताता है - कैसे मैं अब जियूँ तन्हा - तुम बिन ये ज़िन्दगी इक सज़ा
    कैसे किसको दिखाऊं मैं दिल के ये छाले - कैसे अब छुपाऊं में आँखों के ये अश्क पुराने - तू बेवफा - तू बेवफा - तू बेवफा
    कैसे तुझको मैं बुलाऊं - कैसे मैं तुझको बुलाऊं
    वो बेवफा वो बेवफा वो बेवफा ✍️✍️✍️✍️✍️✍️

    ज़िन्दगी के सफ़र पर थामकर हाथ मेरा तू रहा
    देकर कांधे का सहारा - सुनता रहा तू हर इक राज़ दिल का मेरा - तुझसे ही मेरी सुबह थी तुझसे ही रातों का सफ़र - तू ही इबादत तू ही दुआ थी फिर कैसे तू मुझसे बिछड़ गया ओ हमसफ़र ओ हमसफ़र ओ हमसफर तू बेवफा कैसे हो गया तू बेवफा कैसे हो गया ओ हमसफर ओ हमसफ़र कैसे तू बेवफा हो गया कैसे मैं तुझको बुलाऊं बेवफा बेवफा बेवफा ✍️✍️✍️✍️

    वो बेवफा वो बेवफा वो बेवफा ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 36w

    वो चला गया ✍️

    घर से बेघर होकर वो चला गया

    करके रौशनी - दिल की दुनियां में
    जलाकर घर मेरा "वो चला गया ,,

    धूप छाँव का अब पता नही
    जुगनू मेरी ज़िन्दगी को बनाकर वो चला गया ,,

    इल्जाम किस पर तन्हाई का अब हम दें
    इंतज़ार के लम्हों में - यादों से दोस्ती करा कर वो चला गया ,,

    दिल की जुबां पर रख कर ख़ामोशी के ताले
    कागज़ पर कलम की मोहर लगा कर वो चला गया ,,

    चाँद सूरज हर रोज आते जाते फलक से जमीं पर
    ख्यालों के शहर में घर अपना बनाकर वो चला गया ..!¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • anuradhasharma 37w

    भले कुछ कमी हो ,
    पर मेरी लेखनी हो ।

    चाहें आंखों में नमी हो ,
    पर जिंदगानी–ए–हिस्सा हो ।


    ©anuradhasharma

  • anuradhasharma 38w

    ये काग़ज़ नहीं , मेरी रुह हैं ।
    काग़ज़ नहीं , मेरी रुह की महक हैं ।
    काग़ज़ नहीं , मेरी रुह की आवाज़ हैं ।
    काग़ज़ नहीं , मेरी रुह का आईना हैं ।
    काग़ज़ नहीं , मेरी रुह की छाया हैं ।
    काग़ज़ नहीं , मेरी रुह–ए–एहसास हैं ।
    ये काग़ज़ नहीं , मेरी रुह हैं ।

    ©anuradhasharma

  • ayushi_m_writes 38w



    When B Praak said-
    "Jo Tu Na Mila Maanenge...
    Woh Dehleez Nahi Hoti...
    Rabb Naam Ki Yaara...
    Yahan Koyi Cheez Nahi Hoti."
    I could relate.

    ©ayushi_m_writes