#kya

178 posts
  • badnaamshayar777 34w

    Dil kya kare

    दिल क्या करें तेरे लिए
    उसे बता तो दे
    दिल को तेरे होने का
    एहसास करा तो दे
    दिल को मत रुला इतना
    एक नज़र मेरी तरफ गुमा तो ले

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 36w

    Chod gye

    क्या हुआ जो हम ना रहे
    दर्द भी अब सारे मिट गए

    किसी अपने को
    किसी और के लिए छोड़ गए

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 38w

    Meri jarurt kya hai

    तू सलामत रहे
    हमारा क्या है
    तू जिंदा रहे
    मेरी जरूरत क्या है

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 38w

    Aashiq ho gya

    क्या हुआ
    मैं खो गया
    तेरी याद में
    मेरा दिल रो गया

    तू हस गई
    मैं फस गया
    मेरा दिल तेरा
    आशिक़ हो गया

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 38w

    Kya hua hai tujhe

    क्या हुआ है तुझे
    जो तू मुझे इतना सताने लगी है
    तू बेवफा है
    उसकी झलक मुझे तेरी बातों में दिखाने लगी है

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 38w

    Vo kahti hai

    वो कहती है
    क्या है इन बातों में

    मैंने कहाँ
    तेरा इश्क़ है इन बातों में

    तू नहीं समझ पाई
    इतने सालो में

    और क्या लिखू
    तेरी यादों में

    नहीं थी तू मेरे साथ
    इन काली रातों में

    जुदा थे हम तेरी बेवकूफी
    भरी बातों से

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 38w

    Hum kya karte

    हम क्या करते
    उसे पाने के लिए
    वो किसी और के बन बैठे
    हमें बुलाने के लिए

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 38w

    Nagin

    उस बेवफा से उम्मीद करता था
    क्या पता वो मुझे समझती है

    लेकिन

    उसी ने नागिन बन के डस लिया
    जो मेरा होने का ज़िक्र करती थी

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 38w

    Kya karu

    क्या करू ऐ ख़ुदा
    कुछ समझ नहीं आता

    और उसे
    मेरा प्यार नज़र नहीं आता
    शायद नफ़रत हो गई है उसे
    प्यार के नाम पे

    इसलिए उसे मेरी कही बातों का
    अर्ध समझ नहीं आता

    ©badnaamshayar777

  • badnaamshayar777 42w

    Tujhko kya batau

    तुझको क्या बताऊ
    मेरा क्या हाल है
    तेरे बिना ये
    दिल बेहाल है
    बस एक तू कमाल है
    और मेरे दिल की जान है

    ©badnaamshayar777

  • divine_bhakti 59w

    क्या?

    मुझ में कितने रज़ है बतलाऊ क्या?
    बंद एक मुद्दत में हूं खुल जाऊ क्या?

    एक याहा में था जहा तुम आज हो
    में तुम्हारी तरह इतराऊ क्या?

    एक पत्थर है मेरी राह का
    गर ना ठुकराऊ तो ठोकर खाऊ क्या?

    फिर जगाया तूने सोये शेर को
    फिर वही लहज़ा दराजी ! आऊ क्या?
    ©Rahatindori

  • mercileie_zealeaous01 64w

    ©mercileie_zealeaous01
    #Kami khalein..... ������...
    #kya hum ghalat thein , aap sahi thein ....?
    Really very sad.

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    Kami.......

    Aap ghalat nahi , hum sahi nahi thein,

    Yeh koin ghalatfehmi thi , yaan kuch aaap samjhe nahi thein,
    Shaayad isiliye kissi ke khaaatir ,Abb tak ruke thein,
    Beshak koin kuche bhi kahe,
    Ya iss baare mein kuch bhi soche,
    Sach toh ye hain bin tere kahaan thikaana hai,
    Aur kehne waalon ko aksar kisike liye kahaan aaj kal hoti parwaah hain,
    Kyunki aaji yeh duniya hain, isiliye aaj tak yahaan kon kisi ke liye Rukaa hain,

    Ajji , kyunki aap saa koin, nahi yahaan jo iss veeran zindagi ko gulzar karein,
    Aur shayad taaumrr, humein aaap ki zindagi mein kami khalein....
    #taaumr zindagi mein kami khalein,
    #Kami khalein..... ...

  • preranarathi 66w

    क्या रख?

    ऊँची है उड़ान तेरी, अपने हौसलो को बुलंद रख।
    होगी एक दिन ये दुनिया कदमो में तेरे, खुद पर यकी रख।
    राहे होगी नहीं आसान, पर अपने कदमो को मजबूत रख।
    मिलेगी जन्नते भी तुझे, उस खुदा पर एतबार रख।
    जमाना कहे चाहे कुछ भी तुझसे, बस अपनो पर भरोसा रख।
    जो दिल मासूम है तेरा, उस दिल में सिर्फ मोहब्बत रख।
    किसने कहा आसमान को अपनी सीमा बना, अपनी सोच को सीमाहीन रख।
    छूना है अगर उस चाँद को, तो पंख अपने फैला कर रख।
    पूरी कायनात भी होगी तेरी, दिल में अपने तव्वजो रख।
    याद रखेगा ये जमाना तुझे, अपने नाम का परचम लहराने को तैयार रख।

    - प्रेरणा राठी
    ©preranarathi

  • dolly123 67w

    Dil se hamesha ek awaj aati hai
    Mujhe unki har waqt yad aati hai,
    Dhadkan puchti hai bar _ bar mujhse
    Jitna tu yad karti hai , kya
    Usse bhi Teri yad aati hai..
    ©dolly123

  • kashish__gupta 71w

    #kya likh diya mene ��������������


    Very old photo

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    लिखते हम अच्छा है ..
    ..ये बात तो हमे भी पता है
    बस वो महसूस नहीं करते ..
    ..ये राज तो हमे भी पता है
    ©kashish__gupta

  • mercileie_zealeaous01 73w

    ©mercileie_zealeaous01 #Kya khona........... ����

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    Kya Khona ......... !!!!

    Jo apna tha hi nahi ,

    ab uske liye kya rona ;

    Jo Mera tha hi nahi ,

    Abb uske jaane parr uska kya khona!!!!!

  • 7secondsauthor 74w

    #दुख #क्या #हुआ #Sad #Kya #Hua

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    क्या हुआ?

    क्या हुआ, जो तुम इतना बदल गई हो?
    क्या मेरा सामाजिक व्यवहार सब कुछ है?
    क्या हुआ, जो मैंने प्रतिवाद में किसी को कुछ बोला?
    या तुम्हारा प्रेम इन सब कारकों पर निर्भर करता है?
    कल तक जो तुम मुझसे बात-बात पर प्रेम थी दर्शाती,
    क्या भूल गई जो उपहार हमने एक दूसरे को दिए?
    या मैंने तुम्हारे प्रेमी के नाते जो भी सहायता की,
    क्या मेरी कविताओं में भी तुम्हारी रुचि अब नहीं?
    लगता है कि तुम सब कुछ भूल गई हो।
    या तुम्हारा प्रेम कभी प्रेम था ही नहीं...

    तुम्हारे उत्तर की प्रतीक्षा में,
    ©अतुल कौशल

  • 7secondsauthor 74w

    #दुख #क्या #हुआ #Sad #Kya #Hua

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    क्या हुआ?

    क्या हुआ, जो तुम इतना बदल गई हो?
    क्या मेरा सामाजिक व्यवहार सब कुछ है?
    क्या हुआ, जो मैंने प्रतिवाद में किसी को कुछ बोला?
    या तुम्हारा प्रेम इन सब कारकों पर निर्भर करता है?
    कल तक जो तुम मुझसे बात-बात पर प्रेम थी दर्शाती,
    क्या भूल गई जो उपहार हमने एक दूसरे को दिए?
    या मैंने तुम्हारे प्रेमी के नाते जो भी सहायता की,
    क्या मेरी कविताओं में भी तुम्हारी रुचि अब नहीं?
    लगता है कि तुम सब कुछ भूल गई हो।
    या तुम्हारा प्रेम कभी प्रेम था ही नहीं...

    तुम्हारे उत्तर की प्रतीक्षा में,
    ©अतुल कौशल

  • soamdigvijaykavi 85w

    "गज़ल"

    जिस शाम जिस शहर से मुझे लौट आना था उसी शाम उसी शहर मे उसको आना था,
    तब उसी शहर मे ठहरने का मै बहाना ना करता तो क्या करता।

    कुछ दफ़न राज़ कुछ छिपी गहरी बाते जान नी थी मुझे,
    सख्त लहज़े मे मै ना पूछता तो क्या करता।

    आँखों मे भरकर आँसु दुप्पटे से अपने अधरों को भीच लिया उसने,
    उस पल की गर्मी मे बर्फ़-सा मै ना पिघलता तो क्या करता।

    मौहब्बत मे ज़माने की रूढ़ि परंपरा चट्टानें बनकर खड़ी थी,
    उनसे झरना बनकर मै ना अकड़ता तो क्या करता।

    और अमावस्या की एक रात चाँद की रौशनी चाहिये थी मुझे,
    उसकी चहरे से उसकी ज़ुल्फें मै ना हटाता तो क्या करता।

    राक़िब के नाम की मेहँदी खूब लगी थी उसके हाथों मे,
    मग़र मेहँदी महकने को उसकी हथेली मै ना चूमता तो क्या करता।

    वो अपने घर की इज़्ज़त ख़ातिर मुँह मोड़ रही थी मुझसे,
    एक माँ की ख़ुशी ख़ातिर उसका हाथ मै ना छोड़ता तो क्या करता।

    मौहब्बत करने को थे खुबसूरत चहरे और भी,
    दिल मे रख तस्वीर बनजारा-सा मै ना भटकता तो क्या करता।
    ©soamdigvijaykavi

  • shreyashabd 94w

    क्या है जिंदगी
    कभी आस, कभी काश.
    कभी धूप, कभी छाव.
    क्या है जिंदगी...
    कभी खुशी, कभी गम.
    कभी इश्क़, कभी नफरत.
    क्या है जिंदगी
    ©stubborn