#mohan

31 posts
  • silverquil1309 47w

    Do not let your
    heart be troubled.
    Trust in Krishna."
    ©silverquil1309

  • ammy21 49w

    Bansi sab sur tyaage hai
    Ek hi sur me baaje hai
    Haal na pucho mohan ka
    Sab kuch radhe radhe hai
    ©ammy21

  • soamdigvijaykavi 79w

    "गीत-मीरा"

    इनको तुम ही बतला दो ना,
    आकर इनको तुम ही समझा दो ना,
    मै विवाहिता हूँ तुम्हारी ये सब झुठला रहे है,
    आख़िर एक बार तुम इनको मोहन सच बतला दो ना,
    मेरा क्या तुम पर इतना भी अधिकार नही,
    बोलो कान्हा क्या मीरा तुमको स्वीकार नही।

    बालपन मे माँ ने ही तो समझाया था,
    सांवले श्याम को मेरा बतलाया था,
    तब से तुमको ही पुजा है तुमको ही माना है अपना,
    तब से मीरा ने खुद मे मीरा को नही तुमको है बसाया,
    मेरा क्या तुम पर इतना भी अधिकार नही,
    बोलो कान्हा क्या मीरा तुमको स्वीकार नही।

    माना मै तुम्हारी रुकमणी-राधा तो नही,
    मग़र मै उनसे से तनिक भी कम-ज्यादा तो नही,
    क्या मै तुम्हारी सखी-गोपियों मे से कोई नही,
    ये माखन चोर क्या मेरा प्रेम तुम्हारे लिये प्रेम नही,
    मेरा क्या तुम पर इतना भी अधिकार नही,
    बोलो कान्हा क्या मीरा तुमको स्वीकार नही।

    ऐ मुरलीधर बंधे हो तुम मुझसे ऐसे,
    दिल और धड़कन बंधे हो जैसे,
    रात से दिन बंधा है जैसे,
    फिर क्योँ मेरे जीवन के अँधियार मे भोर नही,
    मेरे क्या तुम पर इतना भी अधिकार नही,
    बोलो कान्हा क्या मीरा तुमको स्वीकार नही।

    मै ना जाणु तुम्हें बुलाना राग-विराग मे,
    तुम दौड़े चले आना जब मै बुलाऊँ तुम्हे अनुराग मे,
    आकर तुम केवल इनको इतना समझा देना,
    तुम ही हो मेरे मोहन-माधव एक बार इनको बतला देना,
    मेरा क्या तुम पर इतना भी अधिकार नही,
    बोलो कान्हा क्या मीरा तुमको स्वीकार नही।
    ©soamdigvijaykavi

  • deovrat 79w

    जीवन धन

    ●●●
    साँवरे तुझ बिन रहा न जाय....

    मोहिनी मूरत साँवली सूरत हिये में गयी है समाय।
    का से कहूँ सखी जागत सोवत लरज़ लरज़ ज़िया जाये।।

    साँवरे तुझ बिन रहा न जाय....

    तो प अपना तन-मन वारा कौन भला अब तुमसा प्यारा।
    चितवत तेरी टेढ़ी चितवन हिया की सुध दीनी बिसराय।।

    साँवरे तुझ बिन रहा न जाय...

    निस दिन देखत राह तिहारी आँखे हार गयी बनवारी।
    अधरों पर धरे मधुर मुरलिया वो नित मीठी तान सुनाय।।

    साँवरे तुझ बिन रहा न जाय....

    माधव अब यूँ करो न देरी आये हैं हम शरणन तेरी।
    जानत हो तुम उलझन मेरी रहे हो मन ही मन मुसकाय।।

    साँवरे तुझ बिन रहा न जाय....
    ●●●
    © deovrat "अयन" 04.02.2021

  • abhipriyashrivastaw 116w

    घनश्याम

    दिल के तंग गलियारो में,
    मन की विशाल दीवारो में,
    तेरा ही एक नाम है।

    हर धड़कन में हर साज़ में,
    और मन की हर आवाज़ में,
    तेरा ही एक नाम है।

    मेरे अंग-अंग में,
    मेरे रोम-रोम में,
    तेरा ही एक नाम है।

    बगीचे के फूलों में,
    हर पत्ते हर शाख़ों में,
    तेरा ही एक नाम है।

    तू श्याम है, तू राम है,
    तू ही राधा का प्यारे मोहन,
    तेरा ही एक नाम घनश्याम है।

    ©abhipriyashrivastaw

  • itsdrpal 121w

    राधा कँगन खनकाये ,की मोहन आए
    मोहन बाँसुरी बजाए , की राधा आए
    ©itsdrpal

  • soamdigvijaykavi 145w

    "राधे-राधे"

    जब पिया से इश्क़ की लागे है लगन,
    तब साँसों से बाजे बांसुरी धड़कन दे ताल आधे-आधे,
    ऐसे मे मीरा पूछे कैसे है मुरलीधर मोहन के हाल,
    तब मिलकर सब कहे बस राधे-राधे-राधे।
    ©soamdigvijaykavi

  • soamdigvijaykavi 145w

    "राधे-राधे"

    जब इश्क़ की बाजे है साँसों से बाँसुरी,
    तब धड़कन छेड़े है ताल आधे-आधे,
    ऐसे मे कोई हाल पूछे अगर मुरलीधर मोहन के,
    तो बस कहना सब मिलकर राधे-राधे राधे-राधे।
    ©soamdigvijaykavi

  • radhe_radhe 147w

    "वो कृष्ण हैं"

    अविनाशी अक्षर हैं वो कृष्ण हैं,
    सर्वप्रथम हैं सरवोत्तम हैं वो कृष्ण हैं,
    ग्वालों के प्रिय हैं गोपालप्रिया हैं वो कृष्ण हैं,
    प्रकृति के देव हैं हरि हैं वो कृष्ण हैं
    काले उलझे बाल हैं, केशव हैं वो कृष्ण हैं,
    प्रेम के प्रतीक हैं, मदन हैं वो कृष्ण हैं,
    बाँसुरी बजाते हैं मुरलीधर हैं वो कृष्ण हैं,
    सभी के ईश हैं जगदीश हैं वो कृष्ण हैं,
    राधिका के कृष्ण हैं वो राधाकृष्ण हैं,
    वो कृष्ण हैं वो राधेश्याम हैं वो राधाकृष्ण हैं !!

    ©radhe_radhe

  • radhe_radhe 147w

    राधा !! मैंने तुमसे ही सीखा है "प्रेम कर पाना" ।।

    अपने प्रियतम से स्वयं से अधिक प्रीत कर पाना,
    प्रियतम की प्रत्येक इच्छा का सम्मान कर पाना,
    उसे किसी अन्य संग रास रचाते हुए देख कर भी अपने प्रेम को सदैव आदर्श एवं स्थिर रख पाना,

    राधा !! मैंने तुमसे ही सीखा है "प्रेम को पा कर न पाना" ।।

    जिस कान्हा पर किया तुमने अपना सर्वस्व न्योछावर
    उसके तुम्हें छोड़ जाने पर भी उससे कष्ट न हो पाना,
    जो कृष्ण थे तुम्हारे जीवन का आधार उसी कृष्ण के किसी और का हो जाने की पीड़ा को हँस कर सह पाना,

    राधा !! मैंने तुमसे से सीखा है, "विरह में प्रेम जी पाना" !!

    ©radhe_radhe

  • radhe_radhe 147w

    "श्याम"

    हृदय का मेरे हाल न पूछो
    सब राधे-राधे है,
    मेरे मन में बसते श्याम हैं
    और नेत्रों में श्री राधे हैं !!

    ©radhe_radhe

  • radhe_radhe 147w

    मैं तो अनमोल हूँ तुम मेरा दाम नहीं हो,
    जो कर दे मुझे मदहोश तुम वो जाम नहीं हो,
    मुझे प्राप्त करने की लालसा त्याग दो,
    क्योंकि मैं जिसकी राधा हूँ तुम वो श्याम नहीं हो !!


    ©radhe_radhe

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    ख्वाब

    तू घूमें पंचरंग चोला पहन,
    न जाने कितने भेस धरे,
    कहीं क्रोध तेरा कहीं प्रेम तेरा,
    कहीं बनकर सखी ठिठोल करे।

    अंजान समझ जो क्रोध किया तो,
    धीरे से नयन मिला जाना,
    तेरा नाम जो भूली, तो कलम से,
    तेरे हुस्न की छाया दिखा जाना।

    तू मुझे खिलाये मैं तुझे खिलाऊँ,
    भर भर पकवान परथन में,
    जब आऊं मैं तेरे देस प्यारे,
    जब आऊं मैं तेरे देस में।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    ख्वाब

    तू दिखे जहाँ भी जिधर मैं देखूं,
    कहीं बछड़ा कहीं गोपाल बने,
    तेरा पता बताये हर पत्ता पत्ता,
    जब भी दिल दिल से बात करे।

    मेरा पाँव जो हारे भूले तुझे,
    बस एक आवाज़ लगा देना,
    तेरे प्रेम की खुशबू साथ लिये,
    वाहक वायु को बना देना।

    लट सुलझाये ,तू खेल करे,
    हृदय से लगा कर बाहों में,
    जब आऊं मैं तेरे देस प्यारे,
    जब आऊं मैं तेरे देस में।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    ख्वाब

    जो कदम पड़े भूमि पर वासु,
    अश्रु-अण की धार बहे,
    मांग तिलक कर चरण धूल का,
    आत्मा सोलह सिंगार करे।

    और तू फिर धीरे से आकर,
    मुस्कन की खिलकन सुनवा जाना,
    बंसी के स्वर की माला पिरोकर,
    घट घट कंठन पहना जाना।

    तू पास न हो पर साथ सही,
    मेरा हाथ हो थामा हाथ में,
    जब आऊं मैं तेरे देस प्यारे,
    जब आऊं मैं तेरे देस में।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    ख़ुशी

    होठों का मधुरस पिया नहीं,
    पर स्वाद जिह्वा पर ताज़ा है,
    तेरे दिल की धड़कन सुनी नहीं,
    पर महक अंग में ताज़ा है।

    तू बाकी जैसा नहीं है वासु,
    कि प्रेम के मीठे बोल सुनाये,
    पर मेरे अनहद संवरते इश्क़ में,
    तेरी मुस्कन ताज़ा है।

    तेरा हाथ कभी भी छुआ नहीं।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    ख़ुशी

    तेरा हाथ कभी भी छुआ नहीं,
    पर स्पर्श हृदय में ताज़ा है,
    तेरा स्वर कभी भी सुना नहीं,
    पर कर्ण में कंपन ताज़ा है।

    तू बाकी जैसा नहीं है वासु,
    उपहारों के तांते लगवा दे,
    पर तेरे प्रेम के इत्र की प्यारे,
    आज भी खुशबू ताज़ा है।

    तेरा हाथ कभी भी छुआ नहीं।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    क्षमा

    क्षमा करो ओ स्वामी मेरे,
    तेरे ज़ख्मों की कैसे भरपाई करूँ,
    मैं अधम और मूर्ख अति पापिन,
    पल भी कैसे रुस्वाई सहूँ।

    तू लाख जतन करवा मैं,
    बिन बोले करती जाऊँगी,
    पर माफ़ी देदे कसम तेरी,
    न फ़िर से ये दोहराई करूँ।

    क्षमा करो ओ स्वामी मेरे।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    पाप

    अरे जाओ जाओ क्या कहती हो,
    न फेंको असीम अपार,
    तेरा पिया क्या प्रेम करेगा,
    ऐसा निश्छल निः स्वार्थ।

    मैंने पाप किया, अपराध नहीं,
    उसकी प्रियतम को नकारा है,
    फ़िर भी उसने हर पल हर क्षण,
    असीम प्रेम मन वारा है।

    वो सहता रहा हर तंज मेरा,
    निः शब्द निष्क्रोध बिन आह भरे,
    मुझ पापिन को नासमझ समझ,
    प्रेम का मोती लुटाया है।

    अरे जाओ जाओ क्या कहती हो।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 155w

    प्रेम

    तू सहज ही हो स्वभाव मेरा,
    तेरा नाम ही हो अभिमान मेरा,
    तेरी याद में आँसू बहे दिन रैन,
    आँसू का दरिया धाम मेरा।

    बस तू ही हो, सिर्फ तू ही हो,
    हर राह की मंज़िल, साध्य मेरा,
    तेरा नाम रटत कुंजन में फिरूं,
    हो चन्दन मांग सिंगार मेरा।
    ©rukmini_vasudev_yadav