#raahi

115 posts
  • raahi1 17w

    रंगों के अगर माईने होंगे
    तो फिर झूठे आईने होंग
    दीपक.
    ©raahi1

  • raahi1 19w

    एक लड़की.

    एक
    लड़की
    बहुत खूबसूरत नहीं
    पर खूबसूरत है
    चांद नहीं
    पर चांद की चांदनी है
    फूल नहीं
    पर फूलों पर बिखरी शबनम है
    नदी नहीं
    पर बहता पानी है
    मनमोहक सुबह नहीं
    पर मनमोहक ढलती शाम है
    वसंत का मौसम नहीं
    पर वसंत की बाहार है
    गज़ल की किताब नहीं
    पर किताब में रक्खा गुलाब है
    श्रंगार से भरपूर सूरत नहीं
    पर सादगी की मूरत है
    एक लड़की बहुत खूबसूरत नहीं
    पर खूबसूरत है.
    दीपक.
    ©raahi1

  • raahi1 23w

    कब तलक

    कब तलक उसे देखते हुए काम लिजीए
    कभी तो इन लबों से उसका नाम लिजीए

    है हसरत बस एक नज़र उसको देखने की
    चाहे तो हमसे कितना भी दाम लिजीए

    इश्क़ नहीं देखता क्या रात - क्या दिन
    वक़्त अच्छा है उसका हाथ थाम लिजीए

    ऐसे ही बनी रहे उसके लबों पर मुस्कान
    बदले में हमारी खुशीयां तमाम लिजीए

    उसके शहर का मौसम बहुत सुहाना है
    आप भी एक गुलाबी शाम चुरा लिजीए
    दीपक.
    ©raahi1

  • raahi1 23w

    आहिस्ता से

    गुज़र के जाती है शाम आहिस्ता से
    दिल लेता है उसका नाम आहिस्ता से

    जलते रहते हैं चराग़ बड़ी खामोशी से
    हवा करती है अपना काम आहिस्ता से

    चांद को जरा सी भी खबर नही हुई, और
    चांदनी घूम आई चारों धाम आहिस्ता से

    इस कदर बदली है करवट इस मौसम ने
    जैसे बाहार लाई हो पैगाम आहिस्ता से

    उसको छू पाना कुछ ऐसा होगा राहि, जैसे
    हासिल किया हो कोई मुकाम आहिस्ता से
    दीपक.
    ©raahi1

  • raahi1 26w

    हरेक मंजर मेरी आखों से खो रहा है
    कोई अपना भी अब पराया हो रहा है

    तू मुझे रोकता भी नहीं ठहरने के लिए
    और मेरी बस निकलने का वक्त हो रहा है

    तब तो यह बहुत बुरा हुआ है कि
    मुझे छूकर भी तू मेरा नहीं हो रहा है

    इस नय शहर की हवा कुछ ऐसी है कि
    तेरे बगैर सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है

    यह मंजिल ना जाने कब नज़र आयेगी
    और अब यह सफर भी खत्म हो रहा है

    इस कदर तेरे दिल से निकाले गए हम
    जैसे दरिया से साहिल दूर हो रहा है

    यह तन्हाई का आलम कुछ इस कदर है
    अब मेरा घर ही मुझे खाने को हो रहा है
    दीपक.
    ©raahi1

  • ronit_b 39w

    राहीं

    राही है राह चल दिए हैं,
    थके नहीं,
    साथ उत्साह जो लिए है,
    थमे नहीं,
    साथ चाह जो लिए है,
    हारें नहीं,
    साथ उम्मीद जो लिए है,
    डरे नहीं,
    साथ तेरा जो लिए है,
    राही है राह चल दिए हैं,

    साथ तेरा लिए राह चल दिए है,
    राही है राह चल दिए हैं।

  • piya_nka 49w

    Raaste to sahi dekhaye zindgi ne
    Pr hum manzil tk pahuch nah sake !!
    Kbhi mausam ne Rukh mod liya
    Or kbhi humne pathro ko parvat smjh liya !!


    Manzil aaj apni hoti agr dare nh hote
    Aesa tum kuch saal baad soccho !!
    Usse aacha hai aaj kuch patharo ko todo
    Mausam jo b ho bs tum raah me chalte bno !!



    ©piya_nka

  • ammy21 63w

    Dost

    Aaj muddaton baad baat hui meri dost se
    Dil ko ek sukoon mila hai
    Jaise barso ke pyaase raahi ko
    Kisi meethe panghat ka paani piya hai
    ©ammy21

  • danish_ah 65w

    राह हम भी बदल लेंगे, पर मंज़िल कैसे बदलें?

    #loveqoutes #humsafar #manzil #heartbreak #heart #shayari #poem #write #mirakee #origanal #love #way #raahi #change

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    हम उन्हें हमसफ़र बुलाते रहे
    उन्होंने अपनी राह बदल ली,
    हम उन्हें अपना समझते रहे
    उन्होंने अपनी चाह बदल ली।

    ©danish_ah

  • rahulkushwaha 68w

    सफ़रनामा २

    यूँ ठहाकों से मन भर लेने की ख्वाहिश क्या ख़ूब होगी,
    पर फ़िलहाल तू मेरी ज़िंदगी में मुस्कुराना लिख दे,
    सितारों से आगे जहां और भी होंग़े यक़ीनन,
    फ़िलहाल इन वक्त के इम्तिहानों का ठहर जाना लिख दे,
    मैं लिख देता अगर वो क़लम मेरी मिल्क़ियत होती क़ायेद,
    तू लिख सकता है तो अज़राह-ए-नवाजिश मेरा संभल जाना लिखदे,

    मैं मशाल बना लूँ अपनी सूखती दरख़्त से, बस इतना सा सब्र,
    और स्याह अँधेरा है जबतक, सिर्फ़ तब तक का उजाला लिखदे,
    तू ख़ैरात में मुझे मंज़िल बेशक मत लिखना ख़ालिक़,
    बस एक जुगनू का टिमटिमाना और साथ एक सितारा लिखदे,
    तूने लिखे हैं मुकद्दर कई खानाबदोशों के अक्सर,
    अब तू आके सुर्ख़ स्याही से मेरा सफ़रनामा लिख दे !

    ©राहुल कुशवाहा

  • matsonic 81w

    tu chal

    Sir tera rakhna hai upar

    to sirf chalna chlau kar

    chalte tu girkar firse uthkar

    sir tera rakhna hai upar
    ©matsonic

  • silentlover12 83w

    राही

    मैं राही उन राहों का,
    जो मंज़िलो तक पहुँचती नहीं...
    मैं आशिक़ उसका,
    जिसको मोहब्बत समझ आती नहीं...
    सोचता हूँ चला जाऊं कहीं दूर इन सबसे,
    पर उस बिन साँस भी तो आती नहीं...

    ©the_dead__writer

  • sumeha 86w

    Zindagi

    ऐ भ्रमित राही!
    अंतहीन क्रीड़ाओं का
    दास हुआ
    तू कहां चलता चला जा रहा?
    क्या तुझे ज्ञात भी है
    समय नहीं थमता
    ये आनंद की थाली
    ले उड़ेगा काल यूं ही
    चख लेगा ग्रास ग्रास
    ये खोने पाने की सनक
    भूल जा..
    अरे उन्मुक्त हो जा.. मोह
    विषबेल से खुद को छुड़ा
    जो कभी चाहा था
    गगन लांघना
    उस क्षितिज के पार झांकना
    आज अभी कदम बढ़ा
    कल किसने देखा...
    ©sumeha

  • masoom_bachchi 92w



    तुम बन जाओ कोरा कागज़
    मैं अल्फ़ाजों की स्याही बन जाऊँ,
    तुम बन जाओ मेरी प्यारी मंज़िल
    और मैं एक राही बन जाऊँ।
    ©masoom_bacchi

  • sagarsr 93w

    Original content
    Sagar SR
    Rights reserved®

    मंज़िल ✍️✍️✍️

    आस्मां को पहुंचना जमीं तक है
    उनका साथ बस यही तक है

    उनसे बिछड़ कर ये जाना
    आँखो कि हैसियत नमी तक है

    कम्बख्त दर्द भी कम नहीं होता
    यादों की चुभन भी अभी तक है

    किसी एक पे नहीं होती ख़त्म
    ये कहानी पहुंची सभी तक है

    ना जाने कितने रास्तों से गुज़रे है वो
    कहते है उनकी मंज़िल हम'ही तक है


    #manzil #raahi #zakhm #diarydilki777 #love #life #inspiration #friendship #diary #poetry #thoughts

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    आस्मां को पहुंचना जमीं तक है
    उनका साथ बस यही तक है

    उनसे बिछड़ कर ये जाना
    आँखो कि हैसियत नमी तक है

    कम्बख्त दर्द भी कम नहीं होता
    यादों की चुभन भी अभी तक है

    किसी एक पे नहीं होती ख़त्म
    ये कहानी पहुंची सभी तक है

    ना जाने कितने रास्तों से गुज़रे है वो
    कहते है उनकी मंज़िल हम'ही तक है

    ©SagarSR

  • geet_001 93w

    एक सफ़र जारी है मेरे अंदर
    खुद में खुद को ढूंढने का
    ©kuchunkahibaatein10

  • princehamdard 103w

    मन्ज़िल

    वो मंज़िल क्या जो आसानी से तय हो
    वो राही क्या जो थक कर बैठ जाये

    ©princehamdard

  • faulty_puppet 109w

    Safar (Journey)

    Sochu mai aksar, zindagi kya hai
    Chaurahe pe ruk k dekhi to lage sagar
    Sagar ki soch aur soch k sagar me dooba
    Takrati lehron k beech, mai uthal puthal

    Is sagar me badla humsafar, humnava
    Badla mausam, mizaaz, hua mehroom ka tamasha
    Koi ruka to koi nahi, piche mud k dekhu to
    Kadam dar kadam mai hi chala akela

    Tehre hum dweepon me mahadweepon me
    Saalon guzre par rahe lapata manzil se
    Kai log mile, baatein hui, khoyi yaadein mili
    For bhi raha anjaan taqdeer se

    Is saagar ne diye toofan kayi
    Andheri raatein, kaale sannatein
    Ghanghor baadal aur lehron ki laatein
    Aansu diye magar diye sabak bhi kayi

    Seekha ki manzil nahi maqsad humesha
    Safar me hi to waqt guzrega
    Manzil hai soch me, soch ki koi baadha nahi
    Safar hai pairo me, chala tu jitna bas manzil wohi

    Mehnat meri bekar na hui
    Kyuki khwaab abhi zinda hai
    Khwaab me hai ek haseena, manzil jiska naam hai
    Ye raah to hai yaar mera, zindagi to iske naam hai

    Ab ye sagar lage na apar
    Meri raah hai yeh, mai iska rahgeer
    Uthte girte lehron k beech
    Mai aur mere irade khade stheer

    Manzil to kahaani ka anth hai
    Kahaaniyan banti hai bas is raah me
    Koi hai kahi, kahi jaane ka armaan hai
    Chalte hi jana hai, ye zindagi ka paighaam hai

    ©the_prabhashish

  • vishnu777 110w

    Bade din baad idhar ka rukh kiya h
    #vishnu #raahi

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    बेअदब

    राही बड़ा बेअदब है
    सफ़र पर निकल चुका है
    फ़िर क्यों
    मंज़िल बदलता है
    हु-ब-हू दिल की तरह

    ©vishnu777

  • drayeshakhan 117w

    Should leave this type of addictional disease said to be as ISHQ , first Love(Do_Ishq) the LORD then go for other one!!!
    & please should to focus on last stanza.

    *ISHQ phr ASHK*
    Jaame ishq pee gaya wh Ashiq rafta rafta
    Yun bhi zindagi ghisat hi rahi hafta hafta
    Bohut intezaar kiya gya oo!patthar k sanam
    Ashk behte hn aashiqui m ab yk bayakja,
    Reh reh raahein hn rawani hai saaqui
    Kho gaya rahee kahin wh saathi hasta basta,
    Shughal masti mein aey áysh! Ishq yun barmala
    Mile pr jannat_e_mehram wa na-mehram hue pe dozakh ja_bja


    @mirakee @readwriteunite @writersnetwork @mirakee_assistant #mirakee #writersnetwork #readwriteunite #ishq #ashk #saaqi #raahi #saathi #mehram #Namehram #shughal_masti #dozakh #jannat #patthar #intezaar #rafta_rafta #hafta_hafta #hasta_basta #drayeshakhan #D@k

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    عشق پھر اشک

    جامِ عشق پی گیا وہ عاشق رفتہ رفتہ
    یوں بھی زِندگی گھست رہی ہفتہ ہفتہ
    بہت انتظار کیا گیا او! پتھّر کے صنم
    اشک بہتے ہیں عاشقی میں اب یک بیکجہ
    رہ رہ راہیں ہیں روانی ہے ساقی
    کھو گیا راہی کہیں ساتھی وہ ہستہ بستہ
    شغل مستی میں ائے عئش! عشق یوں برملا
    ملِے پر جنّتِ محرم و نامحرم ہوئے پہ دوزخ جابجہ
    ©drayeshakhan⁦✍️⁩