#rachanaprati107

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  • rangkarmi_anuj 27w

    मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये
    तुम राजधानी एक्सप्रेस रेल हो, मैं हूँ पैसेंजर रेल प्रिये,
    तुम स्कूल में नर्सरी की टॉपर हो,मैं पांच बार नर्सरी फेल प्रिये
    मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये।

    तुम स्मार्ट सिटी की सड़क हो, मैं चूनाभट्टी की सड़क हूँ
    तुम ठहरी नेसकेफ की महंगी कॉफी, मैं टाटा टी कड़क हूँ,
    तुम पढ़ती हो ऑक्सफोर्ड विश्विद्यालय में, मैं बरकतउल्ला का विद्यार्थी हूँ,
    तुम खाती हो पांच सितारा में, मैं भंडारे का शरणार्थी हूँ।

    इस कदर तुम मिलने आओगी कैब से, मैं तो कंगाल हो जाऊँगा
    तुम्हारी वेस्पा में पेट्रोल भर भर कर, मैं तो बेहाल हो जाऊँगा,
    मुझे पसंद है इस्तिमा के रेट तुम्हें पसंद है डीबी मॉल का सेल प्रिये
    मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये।

    तुम रात की सुंदर रागिनी हो, मैं ठहरा डरावना निशाचर प्रिये
    तुम्हें सब कहते हैं मृगनयनी, मुझे बुलाते हैं आलसी खच्चर प्रिये
    तुम्हारी गाड़ी बात करती है पानी से, मेरी रहती हमेशा पंचर प्रिये
    तुम खाती हो छूरी और कांटे से, मुझे मिला जंग लगा खंजर प्रिये

    अपने पापा की तुम परी हो, मैं अपनी मम्मी का मगरमच्छ प्रिये
    तुम जाती हो स्विट्जरलैंड बाली, मैं जाता हूँ देवास सोनकच्छ प्रिये,
    तुम हो मोजीतो ब्लू लगून, मैं हूँ फ़ीका सरबत बेल प्रिये
    मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये।
    ©अनुज शुक्ल "अक्स"
    ©rangkarmi_anuj

  • lazybongness 27w

    #rachanaprati107 #rachanaprati108
    @jigna_a
    @loveneetm

    रचनाप्रति(१०७) में सभी ने छेड़ा है राग आज हास्यप्रद का,
    हम हो गए अचंभित पढ़कर, सबके इतने सुंदर रचना।

    आंका नहीं जाएगा हमसे आप सब का अनुभव
    हँसना- हँसाना होता नहीं मुझसे, लगता असंभव।

    आप ही बताए कैसे करें निर्णय सर्वश्रेष्ठ का,
    यह शास्त्र है सिर्फ कौशल प्रणेताओं का।

    कुछ भूल चूक त्रुटि अगर हुई हो हमसे तो
    न्यून समझकर क्षमा कर दीजिएगा
    वरना चेतावनी दे रहे हैं,
    अगली बार हास्य रस छोड़ , क्रंदन रस मंच में पाइयेगा ।।
    ©lazybongness

    ���� ������

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    #rachanaprati108

    आप सभी लेखकों को तहे दिल से शुक्रिया की आप सब ने
    समय निकाल कर हिंदी मंच #rachanaprati107 को सफल बनाया।
    मुझे इतने सुंदर और मनोहर भावविभोर कविताएं, बाल्यकाल के स्मृति से लदे मजेदार किस्से, दिल को ललचाती कविता, गाने, शायरी और ज़िन्दगी को जिंदादिल से जीने की कला समझाती आपकी रचना पढ़ने का मौका मिला।
    आप सब के योगदान से ही आज का दिन हँसते खिलते कट गया और पता ही नहीं चला। आप सबको प्रणाम।


    रही बात मंच को नए सारथी को सौंफने की,
    तो मैं अपने छोटे भाई और मित्र #loveneetm जी को निवेदन करूँगी की वह मंच को आगे बढ़ाए और बागडोर संभाले।



    आशा हैं एक पाठक के रूप में आप सभी को भी बड़ा मजा आया होगा आज के प्रसंग को लेकर, इसी उम्मीद को बढकरार कर कड़ी को आगे बढ़ाते हैं।

    आप सभी का धन्यवाद, बहुत बहुत आभार।

    ©lazybongness

  • mamtapoet 27w

    मेरी जीभ की दाँतों से एक दिन हो गई लड़ाई,
    तभी सामने से गुजरी,बर्फ़ी केसर मलाई,
    टपक टपक कर बूंदे जीभ से गिर रही,
    दांत जुड़ गए आपस में, जीभ को कैद दिलाई,
    देख के ऐसा मुँह, मम्मी की आँखे तिलमिलाई
    गाल पे कसके थप्पड़ मारा,
    जीभ को फ़िर आजादी दिलाई,
    दांत बेचारे भूखे रह गए,
    जीभ ने बिना चबाये बर्फ़ी गटकाई।
    पेट ने फ़िर हल्ला मचाया,
    दर्द के मारे मुँह चिल्लाया,
    तुम दोनों की लड़ाई,
    मैं बीच में कहाँ से आया,
    गाल और हाथ भी कहाँ चुप बैठे,
    कुछ नहीं मिलेगा ऐसे जो रहोगे ऐठे,
    गले जीभ ने दांतों को लगाया,
    गुलाबजामुन खाके मुँह मीठा कराया।
    ©mamtapoet

  • anusugandh 27w

    #rachanaprati107@lazybongness

    थोड़ा हरियाणवी भाषा का प्रयोग किया गया है आशा है आप समझ लेंगे ।यह सत्य बात है जब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था उससे पहले की बात है, नई-नई पोस्टिंग हुई थी पिताजी की Wellington और मेरे तीनों बड़े बहन भाई नए नए गांव से शहर गए थे ,यह तब की घटना है, बड़े भाई बहन से कई बार सुना था, आशा है आप सबको पसंद आएगी।

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    पिता हमारे पढ़े-लिखे
    मां हमारी अंगूठा टेक
    तीन भाई,,,, दो बहनें
    बीच वाला बहुत नेक
    गांव से आए बच्चे
    अंग्रेजी में थे जरा कच्चे
    नया- नया शहर
    अंग्रेजी का सफर सिफर
    लगे पढ़ाने पिताजी एक दिन
    बोले बेटा,बोल पेंसिल
    भाई बोला... पिल्सन
    फिर बोले ,बोल पेंसिल
    भाई फिर बोला पिल्सन
    आया तड़ाक चांटा
    गाल हुआ लाल
    ऐसा लगा गाल
    ज्योँ टमाटर लाल
    भाई बोले पिल्सन
    चांटा कहे आ मिल
    मां दूर बैठी देखे
    कैसे बेटे को पिटता देखे
    आई अंदर बोली
    क्यों पिटन लाग रया
    ऐसी के हो गई पिल्सन
    क्यों ना कह देता पिल्सन
    पिता ने ठोका माता
    बोले जा भोली माता
    इतनी हुई टेंशन
    पर ना बोलना आया पेंसिल

  • loveneetm 27w

    कृष्ण लीला

    ससुराल में सास नंनद के,
    नितदिन सुनती ताने,
    फिर भी खोजे राधा रानी,
    नितदिन नए बहाने।

    कब कैसे गोविंद आएंगे,
    करके अद्भुत लीला,
    धाक लगाकर बैठी घर में,
    सास नंनद कुटिला।

    राधा रानी मौन द्रवित हो,
    मोहन हृदय पुकारे,
    तभी कन्हैया भेष बदलकर,
    यावत ग्राम पधारे।

    सखी भेष में गोविंद बोलें,
    घर मेरा बरसाने,
    राधा की मैं परम सखी,
    आई संदेश बताने।

    खोल द्वार राधा की सासु,
    ना कर कोई बहाने,
    जाकर कह ना दूँ राजा को,
    तेरे सब कारनामे।

    सुन बातें झट द्वार खोलकर,
    राधा लगी बुलाने,
    एकटक देखें राधा मोहन,
    लगें हृदय मुस्काने।
    ©loveneetm

  • anandbarun 27w

    @lazybongness #rachanaprati107
    हास्य-विनोद में थोड़ी तंग है हाथ
    अब, इतना ही बन पड़ा जो साथ

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    नैया मझधार

    ये ज़िन्दगी है यहाँ हर बार
    नहीं होता दो और दो चार
    रिवायतों की डालो अचार
    थोड़ा सा खुल जाओ यार

    लेती हो, पीठ पीछे निहार
    गौर इत्ती फरमाओ बेकार
    तौलती रहो ना, ज़ार-ज़ार
    थोड़ा सा खुल जाओ यार

    अब तो, लड़खड़ाए क़रार
    मडड़ाते शंकाकुल कटार
    छठी इन्द्रिय की पैनी धार
    थोड़ा सा खुल जाओ यार

    हैं बस आदतन ही लाचार
    खोट नीयत में नहीं शुमार
    करो ना, जीना अब दुश्वार
    थोड़ा सा खुल जाओ यार

    आधे हम व आधे तुम वार
    प्रश्न-चिन्हों की मिटा ख़ार
    मर्यादित हो शुभ अंकवार
    जो थोड़ा खुल जाओ यार
    ©anandbarun

  • goldenwrites_jakir 27w



    बात उन दिनों की है
    ज़ब हम आम से तोड़ कर केरी खाते थे
    और आज केरी को करके आम खाते हैं
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 27w

    #rachanaprati107 @lazybongness @alkatripathi79 @anusugandh @anandbarun @monadeep

    हास्य कविता लिखना नही आता
    माफ़ करना ����

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    #मुस्कुराहट

    मुस्कुराहट ही असल ज़िन्दगी की पहचान है
    बनजाओ किसी लबों की मुस्कान यही ज़िन्दगी है
    ©goldenwrites_jakir

  • ira_neer 27w

    #gaana.hum.sunte.nahi
    #par.istemal.to.kar.sakte.hae
    #shayad.isiko.genius.kehte.hae.��


    #rachanaprati107 #hindi #hindiwriters #shayari #hindishayari #miraquill

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    Miraquill song in Hindi

    Na tum hame jano
    Na hum tumhe jane
    Magar lagta hae kuch aisa ke
    Miraquill ke shamiyaney talay
    Kuch lekhak jo hae jama huey
    To Kalam ko mila chalne ka bahana
    Phir kyu na ho sama suhana suhana

    Dekho ye dil ki
    Ajab dastan hae
    Kalam bolti hae
    Dil bejuban hae

    Keh rahi hae kalam,
    lekhak ke kai afsane
    Dahal ya bahal raha dil,
    bas pathak hi jane

    Ho gaya hae milan
    Lekhakon ka mastana
    Ho gaya hae koi
    Kisi ka phir deewana

    Yahan nagme hae, kissey hae
    Yaari, dushmani, shayari hae
    Yahan rachnakaro ka sahyog hae
    Bhakton ka adhyatmik prayog hae

    Hae idhar memeswale kai fankar
    Aur Chutkule bhi hae beshumar
    Shabdo ka yahan mela hae
    App bilkul yahh albela hae

    Na tum hame jano
    Na hum tumhe jane
    Magar lagta hae kuch aisa ke
    Miraquill ke shamiyaney talay
    Kuch lekhak jo hae jama huey
    To Kalam ko mila chalne ka bahana
    Phir kyu na ho sama suhana suhana


    ©ira_neer November 11, 2021

  • jigna_a 27w

    हास्य कविता

    छुटपन में शैतान बड़े हम,
    धमाल, धमाल, धमाल,
    सारा दिन बस भागादौड़ी,
    बवाल, बवाल, बवाल।

    एक मिनट कहीं ना टिकते थे,
    टोके कोई तो खीझते थे,
    रात को पैरों दर्द उठता जो,
    नींद में बड़े बिलखते थे।

    उस रात भी कुछ यूँ ही थके थे,
    भूल चुके थे भान,
    बड़बड़ाहट शुरू नींद में,
    बाँट रहे थे ज्ञान।

    माँ को बोला "छज्जे पे चोर"
    घर में मच गई अफरातफरी
    बारिश बिन नाचे थे मोर।

    भाई बोला "हाँ माँ झुककर बैठे हैं..
    सफैद कपड़े पहने दो चोर",
    पकड़ो, पकड़ो बोल के भागा,
    शोर शराबा चारों ओर।

    ज़ोर से लकड़ी दे मारी उनको,
    फटाक कर गूँजी आवाज़,
    चोर नहीं मटके थे उल्टे,
    भाई को पड़ी चार और पाँच।

    जैसे ही देखा मुझको,
    हम नींद गहरी थे सोए,
    दूजे दिन मिले वो फल,
    जिसके बीज थे हमने बोए।

    ©jigna_a

  • bad_writer 27w

    आज तुम इज़हार-ए-इश्क़ करते करते रह गई,
    उधर ख़्वाब में बेहने तुम्हारी मुझे जिजा कह गई,
    बिछड़ेंगे ना तुमसे हम तरीक़े इश्क़ के हज़ार हैं,
    बस मिलना जुलना कम रहेगा क्योंकि पेट्रोल १०० के पार हैं।
    ©bad_writer

  • lazybongness 27w

    #rachanaprati107

    पहले तो Jigna दीदी को बहुत धन्यवाद के मुझे संचालन करने का मौका दिया। आपका बहुत बहुत आभार।


    तनाव भरे जीवन में हास्य का महत्व उतना ही है जितना तन के लिए भोजन का। इसलिए आज का विषय मैंने सोचा है कि हास्यास्पद कविता रखें।


    आप सबसे अनुरोध है कि इस विषय में अपनी अपनी,
    लेख और कविताओं से पाठकों को खूब मनोरंजन करें।
    आप सबसे निवेदन है कि कल शाम 8:00 बजे तक
    #rachanaprati107 में बढ़ चढ़ कर भाग ले और मंच को सफल बनाए।

    आप सबको तहे दिल से शुक्रिया और शुभकामनाएं।


    ©lazybongness

  • jigna_a 27w

    #rachanaprati106 #rachanaprati107 @deepajoshidhawan मुझे लगता है दी अनुपस्थित है @lazybongnesd आप संचालन करें।

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    #rachanaprati106 के अंतर्गत बहुत सारी उत्कृष्ट रचनाएँ पढ़ने को मिली हमें। हरएक मन विविध ख़्वाहिशों से भरा है। हर ख़्वाहिश का एक अलग ही रस है, रंग है और रूप है। @anandbarun ji की शैली हो, @amateur_skm सौरभ भाई का अद्भुत अंदाज़, @glodenwrites_zakir भाईजान की भावपूर्ण रचनाएँ, @loveneetm भाई की सशक्त लेखनी @mamtapoet की सकरात्मक रचना @lazybongness की भावों के समंदर में गोताखोरी, हरकोई अपनेआप में उत्कृष्ट था।

    मगर आज की विजेता कृति है @deepajoshidhawan दी की मार्मिक रचना। झकझोर दिया, भाव से भिगो दिया। आपको अनेकों बधाई। आगे का संचालन आपके हाथों में दी।