#rachanaprati116

15 posts
  • loveneetm 8w

    अगर पहले मिलते तो दिल ना भटकता,
    मोहब्बत की गलिया इतनी आसान नहीं है,
    वो तड़पाए तरसाए तन्हाई में पहले,
    फिर मिलवाए उनसे जिन्हे परवाह नहीं है ।
    ©loveneetm

  • jigna_a 8w

    सबने अगर को बहुत खूबसूरती से परिभाषित किया। फिर वो अल्का जी हो या अनु दी, आनंद जी, ज़ाकिर भाई, सोनालिका, प्रेम जी, सबने खूबसूरत लिखा।

    परंतु आज की विजयी कृति है ममता जी की। बहुत बधाई @mamtapoet

  • anandbarun 8w

    अथप्रेमध्यायम

    'अगर', है अनोखा, इक सच्चे आशिक के लिए
    ये, शायद कभी मरता नहीं है, प्यार भरे दिल में
    घोर अंधेरों में भी, जलाए रखे जो आस के दिए
    जज्बा उसे ले जाता है, रवि व कवि से भी आगे
    गीली लकड़ी से कभी, आग पैदा हो जाए, भले
    सूखी जमीं से भले, कभी पानी का सोता उमड़े
    पर यह कभी हो सकता नहीं कि वो आस छोड़े
    अगर वह मर भी जाए तो रखता है आँख खोले
    ©anandbarun

  • psprem 8w

    #rachanaprati116 @jigna_a

    अगर इतना व्यापक शब्द है कि इस पर एक पूरा ग्रंथ लिखा जा सकता है।जैसे मैं आपको कुछ उदाहरण देता हूं।
    १. अगर द्रौपदी का चीरहरण ना होता तो महाभारत भी नहीं होता।
    २. अगर सीता का हरण नहीं होता तो राक्षसों का विनाश नहीं होता।
    ३. इतिहास में कहीं भी देख लीजिए।अगर अहंकार न होता तो युद्ध नहीं होते।
    ४.अगर को कहीं पर भी लगाकर देख लो दुनिया में सारा खेल इस अगर के लिए ही है।
    ५. सारी प्रकृति,सारी सृष्टि इस अगर के चक्कर में ही घूम रही है।

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    "अगर"

    अगर ये आसमां ना होता, तो ये जमीं भी ना होती।
    फिर हम भी ना होते और , तुम भी ना होती।
    अगर को कहीं पर भी लगाकर तो देखो,
    अगर तुम हम ना होते तो,ये दोस्ती भी ना होती।
    अगर हम पैदा ना होते तो, ये जिन्दगी भी ना होती।
    अगर ये जीवन ना होता, तो ये मृत्यु भी ना होती।
    अगर प्रकृति ना होती तो,ये दुनियां भी ना होती।
    अगर दुनियां ना होती तो,कोई मुसीबत भी ना होती।
    कोई बटवारा ना होता तो,तेरी मेरी भी ना होती।
    एक दूजे को जीने ना देते,अगर जिंदगी छोटी ना होती।
    अगर प्रेम न होता तो,ये मोह माया भी ना होती।
    अगर का खेल है सारा,ये ना होती तो कुछ भी ना होती।
    ©psprem

  • anandbarun 8w

    अगर..

    अगर-मगर के चक्कर ये
    भ्रम के बादल से मडराते
    अगर पैर दिए दो नावों में
    थम जाए सफर, बढ़ने से
    दुविधाओं के दल-दल में
    डूबा नर अथक जतन से
    रात के, स्याह घनेरे पहरे
    अंतरे आशा भी, आ उगे
    अगर, मन पे छाए कोहरे
    कोई सूरज अब क्या करे
    ©anandbarun

  • piu_writes 8w

    जब होश आया तो हम औंधे मुह गिरे थे लेकिन तुम्हारी ख्वाहिश में कुछ पल तो जिए थे
    ©piu_writes

  • anusugandh 8w

    अगर

    अगर चाहत ना होती बेटों की
    तो क्यों मारी जाती बेटियां कोख में
    तिल तिल ना मारी जाती ससुराल में
    अगर ना रहता मानव लोभ में!!
    इस अगर मगर में दुनिया डोल रही
    अगर मैं अमीर होता तो यह होता
    गाड़ी बंगला होता ,जाने क्या क्या होता
    सब कुछ होता बस सब्र जो होता
    सारी दुनिया में खुशी छा जाती
    अगर सब्र का फल वो चख लेता
    ©anusugandh

  • mamtapoet 8w

    #rachanaprati116
    @jigna_a,@anandbarun,@anusugandh,@psprem,
    अगर यादों के गलियारों को
    बदलना मुमकिन हो पाता,
    तो हर याद खिलखिलाती,
    हर कली अनछुए स्पर्श पर
    अगर कछुए जैसे ख़ुद को अपने में समेट कर
    कठोर खोल ओढ़ पाती,
    जीवन्त हो उठता हर आँख का
    सलोना सा सपना,
    अगर ऐसा हो पाता, तो
    सच मैं गवाह बनना चाहती उस
    एक पल की।।

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    अगर...

    कुछ पल के लिए ही
    अगर,मैं तुम बन पाती,
    और तुम बन जाते मैं,
    अगर ऐसा सच में कभी होता,
    तो,
    तो तुम्हें अहसास होता,
    मेरी सुप्त होती उम्मीदों का, जो
    कभी पंख फैलाये सूरज को तकती थी।

    अगर ऐसा होता तो तुम्हें होता अहसास
    उन अनकही बातों के जज्बातों का
    जो शब्द बनने के पहले ही ,
    न जाने कितनी परतो के नीचे
    घुट कर रह गए।

    अगर ऐसा होता तो, तो तुम समझ पाते,
    कि क्यों बाँवरी सी तुम्हारे आगे पीछे घूमती थी
    क्योंकि शायद तुम्हारे पास होने
    को ही तुम्हारा सानिध्य समझ कर
    अपने मन को बहला पाऊँ।

    तुम्हारी तरह खुद में मशगूल होना
    नहीं सीखा मैंने,
    सपनों के रंगीन उलझे तारों से ही
    कैसे सजा ली है मैंने अपने मन की तस्वीर।।

    काश अगर एक बार भी तुम, मैं बनकर देख पाते.....
    ©mamtapoet

  • goldenwrites_jakir 8w

    #अगर

    अगर ऐसा हो , मेंहगाई का बोझ किसी पर ना हो
    जले सब घर चूल्हे , हर घर आँगन ऐसा हो
    अगर ऐसा हो , राजनीति में धर्म नीति ना हो
    बने सबके साथ ईद दिवाली ऐसी आराधना ईश्वर की हो
    अगर ऐसा हो , दुनियां खूबसूरत सुखी संसार हो
    प्यार ही प्यार हर इक दिल मैं नफरत के कांटों की चुभन ना हो
    अगर ऐसा हो , में - तू भूलबकर हमसब इक हो
    अगर ऐसा हो --- तो आप सब हम सब मिलकर दुआ करें
    ऐसा ही हो ............ आमीन
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 8w

    #अगर ✍️✍️

    अगर मिल जाते हम ,
    बिखरते नही ख़्वाब दिल के ,,
    चाहत के आँगन में खिलते रहते फ़ूल मोहब्बत के
    काश अगर हम मिल जाते तो
    अधूरी वफ़ा की आग में हम जलते नही
    अगर हम मिलते नही तो
    आज बिछड़ते नही ........
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 8w

    #अगर ✍️

    अगर मिल जाए कहीं फिर तुम्हारे दिल में मेरा पता
    लिख देना इक प्रेम पत्र तुम भी जरा
    दिल के ज़ज़्बात हर इक इक शब्द में दास्तां
    हमारी मोहब्बत की बयां कर जाए
    वो शब्दो की माला लफ़्ज़ों में पिरो जाना
    सुख दुख क्या पाया क्या खोया
    सब प्रिय तुम प्रेम पत्र में लिख जाना ,,,,,
    कैसे हम मिले फिर कैसे हम बिछड़े
    वो पेहली और वो आख़री मुलाक़ात
    प्रिय तुम प्रेम पत्र में सब के सब लिख जाना
    शब्द अगर ज्यादा हो या कम हो मलाल दिल में मत रखना
    दिल के हैं वो अल्फाज़ प्रिय तुम दिल से लिखना जाना
    ©goldenwrites_jakir

  • piu_writes 8w

    अगर

    लिखती नहीं कविताएँ तो खोल नहीं पाती अपने पंख
    नहीं उड़ पाती जीवन रूपी गगन में स्वछनद
    नहीं होता मन का आभास नहीं करती प्रेम मानवता से प्रकृति से तुम से अपने आप से
    नहीं होता बोध अपनी गरिमा का नहीं होता ख़याल अपनी क्षमताओ का
    नहीं होता कृतज्ञता ईश्वर के बनाये संसार का
    नहीं होता पूर्ण प्रेम साई तुमसे भी तो
    लिखती नहीं कविताएँ तो मैं कैसे ये जान पाती मेरी हर कविता में तुम ही तो हो
    ©piu_writes

  • alkatripathi79 8w

    #rachanaprati116
    @jigna_a

    यादें भी कभी कभी दस्तक दे ही जाती है

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    जब दफ़न मेरी रूह थी
    कभी अमावस कभी ग्रहण थी ज़िंदगी
    रात के अँधेरे में बस खोई थी ज़िंदगी
    अगर सवेरा होता, मैं भी ज़िंदा होती

    ©alkatripathi79

  • iamfirebird 9w

    लोगों से सुना है कि बहुत खुश हो तुम
    खुशी तेरी में खुदको फना कर रहा हूं मैं

    बिछड़ कर तुझसे हूं जिंदा मैं अब तलक
    अगर ये है गुनाह तो गुनाह कर रहा हूं मैं
    #arungagat

  • jigna_a 9w

    #rachanaprati116 का संचालन मुझे सौंपने हेतु @psprem जी का धन्यवाद।

    तो दोस्तों आज का विषय/शब्द है "अगर'..

    अगर शब्द कितनी ही शक्यताएँ दर्शाता है। तो चलिए अपनी कल्पनाओं के पंख खोलिए और भरिए एक ऊँची उड़ान। तैयार है ना?

    समय सीमा... कल रात 10 बजे तक।
    ©jigna_a