#rachanaprati12

13 posts
  • bhaijaan_goldenwriteszakir 60w

    #Rachanaprati all

    .
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 63w

    ख़ुशी ---❤

    [ ख़ुशी एक छोटा सा शब्द ]
    जिसे पाने के लिए ज़िन्दगी की उमर गुजर जाती है
    रख कर नो महीने कोख में हर एक दर्द को माँ पल में भूल जाती है
    देख कर अपने बच्चे को गोद में हर ख़ुशी एक पल में जी जाती है..

    दुनियां की दौलत से वो हर इक चीज़ खरीद लाता है
    रख कर दिल में गुमान वो हर इक दिल तोड़ जाता है
    कितनी अजीब बात है वो इक इक ख़ुशी को तरस जाता है...

    पूछकर वो सवाल पे सवाल अपने दादा दादी से
    "मासूम पोता उनकी मुस्कान बनजाता है
    थामकर पिता की उंगली ज़ब बेटा खड़ा होता है
    वो एहसास ख़ुशी का हर सुख से अजीज पिता के लिए होता है

    बाबुल का आँगन - ससुराल सिमर का - जीजा जी छत पर हैं
    धाराबाहिक के बाद ज़ब फ़िल्म - जोरू का गुलाम - बीबी नंबर 1 -
    मेरी बीबी का जवाब नही - के बाद बाली कहानी - भाई - पिता - फिर एन्ड मैं सौतन जैसी फ़िल्म देखने के बाद ज़ब रेडिओ पर बजता गीत
    ए - मेरे वतन के लोगो जरा आँख में भर लो पानी जो शहीद हुए -
    ज़ब कानो में सुनाई देता है तब आँखों में नमी - दिल से दुआ - फिर लबों पर आजादी की ख़ुशी --- ज़िन्दगी में इससे बढ़कर और क्या होगी....
    जिसे हम आज भूलकर क्या तेरा क्या मेरा ख़ुशी को एक तरफ रख कर ग़म को ज़िन्दगी में बुला रहे हैं....
    ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 63w

    खुशियाँ

    [ खुशियाँ बोले तो लबों पर मुस्कुराहट ]

    छुपाकर पलकों में आंसू वो मुस्कुराती बहुत है
    ज़िन्दगी जीने के लिए ये नकाब भी चहरे पर जरूरी बहुत है
    कब कैसे ज़िन्दगी में ख़ुशी की बजह बनकर कौन आ जाए
    उस इंतज़ार में ज़िन्दगी रूठी रहे - -

  • alkatripathi 63w

    #rachanaprati12
    @shivi_18
    ��������

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    #rachanaprati12

    सर्वप्रथम मैं shivi_18जी को तहे दिल से शुक्रिया बोलना चाहूंगी, जिन्होंने मुझे rachanaprati12 के संचालन का कार्यभार सौंपा मुझे इसके योग्य समझा। इस दौरान मुझे विषय — खुशियाँ पर उत्कृष्ट रचना पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ। सभी प्रतिभागी की रचनाएँ उत्कृष्ट थीं।
    आप सभी को सहयोग देने के लिए मैं तहे दिल से आभारी हूँ, आपसबका धन्यवाद
    rachanaprati12 में the_truth_ और shivi_18 जी को विजेता घोषित करती हूँ तथा अगले चरण के संचालन की ज़िम्मेदारी shivi_18 जी को देती हूँ। मेरी ओर से दोनों विजेताओं को बहुत बहुत बधाई और ढ़ेरो शुभकामनायें

    ©alkatripathi

  • happy81 63w

    #rachanaprati12

    #खुशियाँ

    @alkatripathi

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    खुशियाँ.. आख़िर क्या है खुशियाँ... ??..
    बचपन में कागज़ की कस्ती वो बारिश का पानी,,
    अन्जानो के बीच हॉस्टल में बीती यारो संग जवानी..,,
    बुढ़ापे में बच्चे को देख जब खिलखिलाये नानी...
    क्या यहीं है खुशियों की कहानी..... ?...
    सुप्रभात पर सूर्य की किरणों का प्रभाव जब एक नन्ही सी
    कली पर पड़ता है तो उसका रोम रोम महकता है,,
    हर्ष उल्लाष से बावला हो जाता है हर बादल.. जब प्यासी जमीं पर बरसता है...
    खुशियाँ.... क्या है......
    बॉस की झोपड़ी पर बना, छपरे से ढका हुआ परिवार...
    किसान की फसल पर पानी का बौछार....
    तितलियों का फूलों का प्यार बेशुमार...
    खुशियाँ... क्या है...
    ख़ुशी एक वास्तविक अनुभव है.. दिखावे और रुतबे से रहित एक भावना है...
    फुटपाथ पर बैठी एक बच्ची को जैसे मिल जाये कोई मीठा फल,,
    छल के बुनियादे घेरे में, जैसे एकता का बल...
    वहीं जहाँ जिस्मो की मोहोबत्त के बीच...
    पवित्र प्रेम सफल.....
    वहीं खुशियाँ है...
    जब जवान बेटे को सेना में भेजते हुए.. माँ की आँख ख़ुशी से भर जाये... जब बेटी को ऊंचा उड़ता देख पिता का सीना गर्व से भर जाये..
    जब दोस्त की दोस्ती निभाने, कोई ईश्वर से भी लड़ जाये..
    जब नारियों को हर दिन पूज कर, नवरात्र सा हर दिन हो जाये..
    जब कोई वृद्ध बच्चों के द्वारा ना सताया जाये..
    जब कोई बच्ची दरिंदो के हाथों ना कुचली जाये..
    यहीं है.. सुख.. यहीं है... वास्तविक खुशियाँ..

    ©happy81

  • vishal_05 63w

    खुशियां

    खुशियों के मायने सबके लिए अलग से होते हैं,
    जिनको खुशी से फर्क नही पड़ता उनके लिए
    रौशनी में और जिनके जिन्दगी में सिर्फ दुःख
    है उनके लिए अंधेरो में चिराग से होते हैं।

    यूँ तो खुशियों के साथ हम ज्याक्ति सा करते हैं
    हज़ारो खुशियां होने पे भी सिर्फ दुःखो को ही
    गिनते हैं,
    दुःख की बात आये तो इसे एक अध्याय की
    तरह याद सा करते हैं,
    और सुखों को एक लाइन समझ के नजरअंदाज
    सा करते हैं।
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    -------------------------
    जो खुशियां मन में छुपी हैं उन्हें समाज और
    वस्तुओं में ढूंढने का निरंतर प्रयास सा करते हैं,
    लोगो को जला के रुला के खुद के संतोष को खुशी
    का नाम देते हैं।
    आज कल खुद को ऊपर उठा के नही लोगों को
    नीचा दिखा के खुशी की अनुभूति करते हैं।

    जिस पिता की गोदी में घूमने से स्वर्ग का आनंद
    होता था आज उस पिता के प्यार को भी जरूरत
    का नाम देते हैं।
    माँ की गोदी में सोने से मिलने वाली खुशी को
    किसी और कि गोदी में सोने के लिये दरकिनार
    सा कर देते हैं ।
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    -------------------------
    फिर लोग कहते हैं कि जिंदगी भर बस दुःख ही
    मिला .....

    अरे मूर्ख खुद में झाँक के देख एक बार सोच के
    तो देख किसे कहते हैं खुशियां।।।।

    * जो तुझे निःस्वार्थ प्यार करे तू उसे एक बार प्यार करके तो देख उसे कहते हैं खुशियां।।।
    *किसी के सपनो को पूरा करके तो देख उसे कहते हैं खुशियां ।।
    *किसी की जरूरत में उसका साथ देके तो देख
    उसे कहते हैं खुशियां।।
    * अपने सारे मोह को एक बार त्याग के तो देख
    उसे कहते हैं खुशियां।।
    ©vishal_05

  • shivi_18 63w

    खुशियां

    इंसान की जिंदगी के हर मोड़ पर उसकी अपनी एक अलग ही खुशी होती है....
    और उसकी वो खुशी उसके देखने के नजरिए में छुपी होती है।
    जैसे,
    देखा जाए तो बचपन एक इंसान को सबसे ज्यादा खुशियां देता है,
    क्योंकि नादानियों से भरा बचपन हर छोटी-छोटी चीजों में अपनी खुशियां तलाश ही लेता है....
    बचपन में उन खुशियों के वो पल चेहरे पर एक अलग ही चमक लाते थे,
    जब हम अपने गुड्डे- गुड़ियों की शादियां रचाते थे....
    मिट्टी का वो छोटा सा घर बनाकर खुशी से फूले न समाते थे....
    मन ना होने पर भी मुंह बनाकर स्कूल जाते थे,
    और फिर अचानक से छुट्टी हो जाने पर चहकते हुए घर वापस आते थे.....
    सच में.........
    उस नादान से बचपन में हम छोटे-छोटे पलों से बड़ी-बड़ी खुशियां ढूंढ लाते थे..............
    पर, आज इतना ही समझदार होते जा रहे हैं, ऐसा लगता है कि; उतना ही अपनी खुशियों से दूर होते जा रहे हैं..........
    पर सच तो ये है कि-
    खुशियां हमसे दूर नहीं; बल्कि हम अपनी खुशियों से दूर चले जाते हैं.....
    क्योंकि हम हर पल किसी बड़ी खुशी के इंतजार में जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियों को ही नहीं देख पाते हैं.....................

    धीरे-धीरे जिंदगी एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच जाती है,
    जब दूसरों की खुशियों में ही अपनी खुशियां नजर आती हैं...
    जैसे-
    एक मां की असली खुशी उसके बच्चों की हंसी में नजर आती है........
    एक पिता की असली खुशी उसके परिवार की खुशी में नजर आती है........
    और एक शिक्षक की असली खुशी उसके छात्रों के द्वारा की गई तरक्की में नजर आती है.........

    सच कहूं तो.....

    ये जिंदगी दिल को एक सच्ची खुशी का एहसास तब कराती है,
    जब खुद के द्वारा की गई एक छोटी- सी कोशिश से;
    किसी परेशान व्यक्ति के चेहरे पर हंसी आ जाती है।।
    ©shivi_18

  • mohittilak 63w

    #rachanaprati12 @alkatripathi
    खुशियों के बारे में ज्यादा तो पता नहीं है मुझे
    मगर मेरी गुड़िया मुस्कुराए तो बारिश होती है
    मेरी सब से प्यारी बच्ची�������������������������������� @shrii_
    खुशियां तो उसके मेरे पास आने से हैं
    खुशियां तो उसे रुठा हुआ देख मनाने से हैं
    खुशियां तो उसके चढ़ने और भाव खाने से हैं
    खुशियां तो उसकी जिद पर सर झुकाने से हैं
    खुशियां तो उसकी मेरी गोद में बैठ जाने से हैं
    खुशियां तो उसकी चोटियां बनाने से हैं
    खुशियां तो उस पर लगी बद नजर को भगाने से हैं
    खुशियां है मेरी सारी मेरी गुड़िया है बहुत प्यारी
    खुशियां मेरी गुड़िया को लाड लड़ाने से है
    खुशियां उसे कंधे पर शहर घुमाने से हैं
    खुशियां होती होंगी लोगों की अलग-अलग मगर मेरी
    खुशियां तो मेरी बच्ची के मुस्कुराने से हैं

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    खुशियां..

    कि मेरी खुशियों का तो यारो कोई ठिकाना नहीं हैं
    क्योंकि मुझे मेरी गुड़िया से कभी दूर जाना नहीं हैं
    जी मेरी बच्ची में मुझे देखती है मेरी सारी दुनिया
    और तो कोई मेरे पास खुश होने का बहाना नहीं हैं

    किसी को रोने से आती हैं तो किसी को खोने से आती हैं
    मगर मेरी खुशियां तो मेरी गुड़िया के खुश होने से आती हैं
    ©mohittilak

  • mr_duffer 63w

    खुशियां

    मुश्किलें भी जो हो, तो नहीं कोई गम।
    चेहरे की ये मुस्कान, फिर भी न हो कम। 
    हम जब हो साथ, तो खुशियां कहां जाएंगी। 
    कितनी भी हो रूठी, खुशियां लौट कर आएंगी। 

    वक्त की नजाकत को, थोड़ा समझो तुम भी। 
    थोड़ा बदलो तुम भी, थोड़ा बदले हम भी। 
    पतझड़ के बाद, बहारें फिर मुस्कुराएंगी। 
    कितनी भी हो रूठी, खुशियां लौट कर आएंगी। 

    टूटता नहीं हौंसला, लड़ने को ये आमादा है। 
    किस्मत पर नहीं भरोसा, खुद पर यकीन कुछ ज्यादा है।
    मसाकली बनती उम्मीदें, क्षितिज को भी छू आएंगी। 
    कितनी भी हो रूठी, खुशियां लौट कर आएंगी। 

    गुज़ारिश है बस इतनी, कि हो अपनों का साथ। 
    मुराद भी है कि, छूटे न यह हाथ। 
    अमावस के बाद, भोर की किरणें खिलखिलाएंगी। 
    कितनी भी हो रूठी, खुशियां लौट कर आएंगी
    ©the_truth____

  • mr_duffer 63w

    नाराज हमसे खुशियां ही होती हैं ।।


    गमो के इतने नखरे कहां होते हैं,,,
    ©the_truth____

  • beleza_ 63w

    खुशियां

    ༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆
    फरेबियों में क्या रखा है
    कभी दिलदारियों का दिखाना भी है खुशियां
    खामोशियों में क्या रखा है
    कभी दिल से गुनगुनाना भी है खुशियां
    कभी कुछ ऐसा कीजिये जो बेपनाह दिलक़श हो
    कभी अपनी शरारतों से सबको हँसाना है खुशियां
    कुछ यादों की रहगुज़र अच्छी नही
    कुछ यादों को बेशक़ीमती बनाना है खुशियां
    कभी अपनों को सहारा बनाकर
    तो कभी अपनों का सहारा खुद बन जाना हैं खुशियां
    कभी ज़िन्दगी के किनारों पर अपनों के लिए हाथ बढ़ाकर
    अपनों के सुख़-दुःख में साथ रह जाना है खुशियां
    ये ज़िन्दगी है हर पल दर्द-ए-गम में नही रहती
    मुस्कराहट-ए-ज़िन्दगी की फ़िर से बहार आना है खुशियां
    हैरतज़दा है ये ज़िन्दगी हैरतों से भरी हुई है
    हैरत में पड़ जाये ये ज़िन्दगी
    कभी उन हौसलों से मुसीबतों को पार कर
    जीत का परचम लहराना है खुशियां
    कभी अपनों की नादानियों पर अपनों से मान जाना
    तो कभी अपने हो नाराज़ तो उन्हें दिल से मनाना है खुशियां
    यही तो ज़िन्दगी की खूबसूरती है
    खुद भी हँसना और दूसरों को भी हँसाना है खुशियां
    ༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆❥❥༆

    ©beleza_

  • alkatripathi 63w

    #rachanaprati12

    @Shivi_18
    सबसे पहले मैं shivi_18 का ह्रदय से आभार व्यक्त करती हूँ मुझे rachanaprati12 को संचालित करने की बागडोर देने के लिए।
    #rachanaprati12 में मेरा विषय है ‘खुशियाँ''' मुझे आशा है की आपसब अपना अनुभव साझा करेंगे, और हम सबको बेहद खूबसूरत रचनाएँ पढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। कल 31.5 सुबह 9 बजे तक आप सब अपनी उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करेंगे
    ©alkatripathi