#rachanaprati121

14 posts
  • loveneetm 7w

    आप सभी ही विजेता है जिन्होंने इस श्रृंखला हेतु अपनी अद्भुत रचनाए लिखी सभी को मेरा नमन और आभार।
    इस श्रृंखला को आगे बढ़ाने हेतु मै नव नवीन लेखकों को अवसर देता हूँ। @gannudairy_ जी को अगले श्रृंखला की हार्दिक शुभकामनाएँ । #rachanaprati121 #rachanaprati122

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    #rachanaprati122

  • gannudairy_ 7w

    काश!!

    काश उस 14 February को सुरक्षा थोड़ी पुख्ता होती,
    काश उस 14 February को वो 40 plane से move करते,
    काश उस 14 February की खबर हमे पहले होती,
    सायद आज वो वर्दी अभी तक तन पर होती..!!
    ©gannudairy_

  • goldenwrites_jakir 7w

    #काश ✍️

    काश मैं गरीब ना होता
    तो आज गरीबी की आग में ना जलता ,,
    काश मैं किसान ना होता
    तो आज खुदखुशी की मौत ना मरता ,,
    काश मैं इश्क़ ना करता
    तो आज तन्हाई में इंतज़ार ना करता ,,
    |||||||||||||
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 7w

    #काश

    "काश" शब्द ही ना आता ज़िन्दगी में
    तो आज किसी आरजू की तलाश नही होती ज़िन्दगी में
    ©goldenwrites_jakir

  • kshatrani_words 7w

    14:40
    04 Dec. 2021.

    #rachanaprati121

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    काश की आस

    मैंने अपनों को अपनों से लड़ते देखा है
    तो कहीं अपनों को पाने के लिए किसी को तरसते देखा है।

    किसी को दो रोटी में ही सुकूं और सन्तुष्ट देखा है,
    तो कहीं अथाह होते हुए भी रोता देखा है।

    मैंने सूरज की रोशनी में किसी को जलते, न हिम्मत तोड़ते देखा है
    तो किसी को दिखावटी छाँव में हारते देखा है।

    खुद ग़म में रह कर किसी अज़नबी को हँसाते हुए देखा है,
    तो किसी को अपनों की ही खुशी छीनते देखा है।

    मैंने अकेले चलने वाले को ऊँचाई पर देखा है
    तो किसी को भीड़ में तड़पकर मरते देखा है।

    के फ़क़त बस इतना सा है ,
    'काश' की आस लगा कर,
    जो है उसे बिना जिये ही हम,
    उसका गला घोटकर उसे भी खो देते हैं ।


    -अनुश्रुति /

  • _do_lafj_ 7w



    काश!!

    तुम किताब हो,
    और मैं उसमें लिखी कोई खूबसूरत कहानी।।


    ©_do_lafj_

  • jigna_a 7w

    #rachanaprati121 @loveneetm

    एक ही विषय पे मुसलसल ग़ज़ल। ये मुलाकात एक बहाना है की धुन पे।

    #nayab_naushad

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    काश/ग़ज़ल

    2122 1212 22/112

    काश का भी अजब फसाना है,
    बाद अफ़सोस के जताना है।

    जो गिला हम लबों किया करते,
    वो गिला काश से बताना है।

    वो मिला क्यूँ नहीं हमारा जो,
    खो दिया काश से भुलाना है।

    रात मायूस यूँ हुई है गुम,
    काश से साथ जो पुराना है।

    बोल "जिगना" जलन उठी कैसी,
    आग को काश से बुझाना है।
    ©jigna_a

  • anusugandh 7w

    #rachanaprati121@loveneetm

    शरशैय्या पर भीष्म पितामह
    निकल रहे ना प्राण
    उत्तरायण को सूर्य
    जाने को तैयार
    धनुर्धर अर्जुन ने
    धरती में मारा बाण
    पाताल से आकर
    गंगा मां ने मिटाई
    पितामह की प्यास
    अगल-बगल खड़े पांडव
    सभी पितामह के पास
    इतना कष्ट भोग रहे
    पर निकल रहे ना प्राण
    श्री कृष्ण निकट
    आकर बोले
    पाप देखने का
    पाप किया है तात
    भरी सभा में दु:शासन ने
    किया जब चीर हरण
    अबला की लाज लूट रहे
    तब क्यों नहीं उठाया प्रश्न
    काश पितामह रोक लेते
    द्रोपदी का अपमान
    आज ना भोगते कष्ट
    ना संकट में होते प्राण
    पितामह अब विचार करें
    क्यों बने बाप के भागी
    अधर्म करना है पाप
    तो चुप रहना भी है पाप
    काश तब आप बोल जाते
    महाभारत ना कभी होता
    ना मरते इतने प्राणी
    न कष्ट इतना होता
    पितामह ने देखा वह प्रसंग
    अपने चित्रपट पर सारा
    घूम गया आंखों के सामने
    द्रोपती का दया मांगता चेहरा
    "काश "में तब रोक लेता
    ना युद्ध होता घनेरा

    काश....काश ही रह गया
    सूर्य देव उत्तरायण पर झुक गया
    प्राण दिए पितामह ने
    जीवन पश्चाताप में ही ढल गया

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    काश..पश्चाताप

    यह प्रसंग महाभारत से लिया गया है जिसमें काश का अर्थ पश्चाताप है
    ©anusugandh

  • anandbarun 7w

    काश!

    सहेज रखा है
    उन पत्थरों को भी मैने
    जो वक्त ने फेके थे
    चोट देने मुझे
    जब भी खाता हूँ ठोकरें
    उभर आती है तुम्हारी यादें
    ना सोचना नहीं दिखते
    क्यूँ आँसू मेरे
    अंतर इक झील की गहरायी है
    कराहता हूँ जब भी दर्द में तेरे
    दौर जाती है ढूंढने
    हर ओर उर्मियों के फेरे
    टूटती है कगारों से टकराये
    हाल तेरा पूछते-पूछते
    जब भी उतरती है
    रात, दूर क्षितिज पे
    ना समझ लेना तुम हो अकेले
    गिन लेना ओस की बूँदें
    सजाए हैं करीने से
    आँसुओं को रातभर मैनें
    दर्द जब असह्य होने लगे
    चुन लेना मुझे तुम यकीं से
    गर सीखना हो दर्द सहने
    ना करो आँसुओं को जाया ऐसे
    उठाऐगा वक्त उंगलियाँ तुम पे
    लेगा हिसाब हर इक बूँद के
    क्यूँ घटाते रहे हो कद मेरे
    जो पलट कर देखा न तुमको मैंने
    यकीन करना कि एतबार था तुम पे
    परिचित हूँ मैं अकेलेपन में
    सिसकियों की गुमनामी से
    संदेह नहीं था कभी कि मैं
    नहीं रहुँगा तुम्हारी यादों में
    पर ये जो दिल है
    कि करार आने नहीं दे
    क्यूँ पुकार लेता हूँ अनमने से
    तुम्हारा नाम हर बार यकीं में
    जब भी लगता है
    कि तुम शायद होगी अकेले
    न जाने कब खत्म होगा सिलसला ये
    थक गया हूँ अब दफनाते
    वक्त को सासों में भर-भर के
    क्यूँ घुट रहा हूँ हर क्षण मैं
    यूँ खुले आसमान के तले..
    ©anandbarun

  • anusugandh 7w

    काश

    कभी ना खत्म होने वाली प्यास है काश
    मंजिल पाने की एक आस है काश
    जाने कितनी उम्मीद कर लेते हैं जिंदगी से
    अंतिम श्वांस तक चलती है यह काश
    काश ऐसा हो जाता काश पैसा हो जाता
    तो और ही आनंद का कर लेते आभास
    पर ना कभी खत्म हुई है ना होगी
    मरते दम तक साथ चलेगी ये काश
    ©anusugandh

  • loveneetm 7w

    #rachanaprati120 #rachanaprati121
    हृदय से आभार आपका @anandbarun जी इस अवसर के लिए।
    आप सभी की रचनाओं की प्रतिक्षा रहेगी।

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    विषय-"काश'

  • anandbarun 7w

    आमंत्रण

    मैं @gannudairy_ के प्रेरक 'शुरूआत' का आभारी हूँ,
    @jigna_a के 'मैं विशेष' से अतीव प्रभावित हूँ,
    @goldenwrites_jakir के खुशी में शामिल होना चाहता हूँ,
    @alkatripathi79 के अंतरिम भाव को हदय से महसूस करता हूँ,
    @piu_writes के साथ से गर्वोन्नत हूँ,
    कृतज्ञ हूँ @loveneetm का, जिनकी रचना से हरबार भक्ति भाव से ओतप्रोत हो जाता हूँ,
    मैं @mamtapoet के गर्व भरे क्षणों को बारंबार आत्मसात करता हूँ,
    मैं @aryaaverma12 और @anusugandh के व्यक्त मर्मस्पर्शी लम्हों में खो गया हूँ.

    मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए @jigna_a के सर्वोत्कृष्ट प्रयास को विजेता घोषित कर,
    इस बार #rachanaprati121 के संचालन करने हेतु @loveneetm को आमंत्रित करता हूँ

    ©anandbarun

  • anusugandh 39w

    काश ऐसा हो जाता यह सिर्फ कल्पना है
    @neelthefeel
    #rachanaprati121@loveneetm
    @anandbarun @mamtapoet

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    काश

    काश ऐसा कुछ हो जाता हमें भी
    इन रास्तों से प्यार हो जाता
    ख़्वाब जैसा ही सही पर लगता हो जाता
    जाने क्यों फिर गुजरे लम्हों की याद दिला जाता
    वह गुलमोहर के फूलों से लदे पेड़
    उन राहों पर गुजरते हम,, सारी रात बात करते हम
    क्या सोचकर,,,,, सोंधी मिट्टी की खुशबू भर दी तुमने
    अनुसुगंध को सार्थक करके,, प्यार भरने का काम किया तुमने
    लगता जैसे इन राहों से,,,,, कई बार गुजरी हूं
    गुजरते हुए ,,,,,,,,,,,एक एक लम्हे को जीती हूं
    काश ऐसा कुछ हो जाता ,हमें भी इन रास्तों से प्यार हो जाता
    फिर हम उन गुजरे पलों में जीते,
    उन्हें याद करते करते अपनी पूरी जिंदगी जीते
    काश ऐसा हो जाता,,,, हमें भी इन रास्तों से प्यार हो जाता
    ©anusugandh

  • goldenwrites_jakir 93w

    काश ... ‍♂️

    काश जिंदगी में कोइ हाथ थाम लेता
    जाने से फिर कोई अपना मुझे रोक लेता ,

    शिकायत खुदसे ही है
    काश में किसी के दिल में
    अपनी जगह बना लेता ,

    अनजान नहीं है सफर दुनिया में - अनजान ही बनकर
    में ना रहता ..... / / / / /
    ©goldenwriteszakir