#rachanaprati137

12 posts
  • shru_pens 19w

    #Rachanaprati137 par bahut hi manbhavan rachnayein praapt hui..
    Sabhi ki rachnayein atisundar aur khoobsurat thi, sabko mera aabhaar
    To iss baar ke vijeta hai @_do_lafj_ aur @anandbarun jii ... vijetao ko meri haardik shubhkamnayein
    #rachanaprati138 ka karyabhaar mai @_do_lafj_ dii ❤️ ko saunpti hu
    ©shruti_25904

  • gannudairy_ 19w

    सर्दी का एहसास

    बचपन में हमें ठंड लगती सुहानी थी
    जब पूरे घर में चलती हमारी मनमानी थी
    स्कूल में पूरे 15 दिन की छुट्टी होती थी
    वो भी दिन क्या मस्ती भरे होते थी!

    इन छुट्टियों में जी भर के खेलते थे,
    ठंड से तनिक भी नहीं डरते थे,
    हमको ठंड नहीं लगेगी सबसे
    हम यही कहते थे!

    ठंड में माँ बहुत ख्याल रखती थी,
    ठण्ड लग जायेगी बाहर मत जाना
    हमेशा यही कहती रहती थी
    लेकिन अब ये जवानी बहुत सताती है
    गर्मी हो या ठंड रोज जिम्मेदारी का रास्ता दिखाती है!!
    ©gannudairy_

  • mamtapoet 20w

    बड़ी कठोर सजायें मिलती हैं कुछ बातों को,
    हर एक जिस्म के मन की अदालत में,
    कुछ की चिताएं जला दी जाती हैं,
    और उस चिता से उठती हैं सैकड़ो चिंगारिया,
    जो जलाती रहती हैं ,
    आस पास के नरम फूलों को।
    कुछ को दफ़न कर दिया जाता हैं ज़मी में गहरे,
    और उस मिट्टी से फूटती है
    और नई नई कोपले,
    जो पुन: अपने नये अस्तित्व में ,
    आने की करती हैं जी तोड़ कोशिश।
    और जो कुछ बच जाती हैं वो ,
    नमी बनकर छुप जाती है बादलों में
    और रिस रिस कर बरसती हैं सर्दियों में,
    और बढ़ाती रहती हैं ठिठुरन ,
    बाहर भी और भीतर भी।
    ©mamtapoet

  • anandbarun 20w

    स्तब्ध

    सर्द तो थी रातें
    सूरज न खिला फिर से
    बादल उतर आए जमीं पे
    और बूँदों की झरी लागे
    धरा ने झीनी चादर ओढ़े
    फुनगियों पे थरथरी ठहरे
    पेड़ों की स्तब्धता खले
    अंधेरों में सफेद रौशनाई से
    नहाई है आकृतियां कैसे
    स्निग्ध रुई सी फाहें
    उतर रही है परकोटे
    निस्तब्धता में खलल न पड़े
    मगन हूँ मैं बर्फ में ठंडे
    लड़ रहा हूँ अंतर उष्मा से
    कि कहीं कोई ना जगा दे
    ©anandbarun

  • mamtapoet 20w

    सर्द अहसास

    बड़ी सर्द सी दोपहरी थी कल
    हाथों में हाथ लिए बैठे रहे
    और उस पल की खामोश तितलियाँ
    सभी उड़ कर मेरी कलम से
    आज पन्नो पर बिखर गई।
    और जब धूप आई
    वो तितलियाँ मेरी कविता में
    फिर से पिघल गई।
    ©mamtapoet

  • anusugandh 20w

    सर्द मौसम और खुश्क रात
    जिंदगी संवर जाए
    जब मिले अपनों का साथ
    चलो कहीं दूर
    डाले हाथ में हाथ
    चांदनी रात हो
    सितारों से हो जज्बात
    दूधिया रोशनी में
    नहाते लम्हात
    रुकी अधरों पर
    आकर दिल की बात
    बस आंख बोल रही
    सारे ज़ज़्बात
    आओ मिलकर करें
    एक नई शुरुआत
    सर्द मौसम और
    मिले तुम्हारा साथ
    मिले एक कप चाय
    तो बने कुछ बात☕
    ©anusugandh

  • tejasmita_tjjt 20w

    सर्द मौसम

    इन सर्द हवाओं में इस सर्द मौसम में
    तेरे कोमल हाथों का एहसास
    तेरी गर्म सांसों की कतार
    और एक प्याली चाय
    बस इतना ही काफी है मेरे लिए
    ©tejasmita_tjjt

  • goldenwrites_jakir 20w

    सर्द मौसम ✍️

    किस्सा बिते लम्हो का बड़ा ही प्यारा था
    सर्द था मौसम गली में उसकी अंधेरा था
    रात का वक़्त क़रीब एक बजे का था
    ऐसी ये हमारी पहली मुलाक़ात थी
    मेरे गांव से उसका गांव करीबन 45km दूर था
    बाइक का सफ़र मुश्किलों से भरा था
    जैसे मैं उसके घर के क़रीब आया कुछ दूर पहले
    बाइक साइड लगाकर ज़ब में आगे चला
    आप सब यक़ीन नही कारोगे हर दो चार कदम के बाद मैं
    गिरता संभलता उसके घर पहुंचा हाथ पैर काप रहे थे
    होंठो पर धुजनी जोरो पर थी कहते किसे ठण्ड वो एहसास सर्द मौसम का मुझ पर हुआ था ,,,,
    पर सच ये भी है इक पल में वो ठण्ड ना जाने कहां ग़ुम हो गई
    उसकी बाहों का हार दिल को इतना सुकून दिया
    हर इक दर्द हर इक तड़प दूर हो गई वो सर्द रात
    मेरी ज़िन्दगी की इक खूबसूरत सुबह थी उस पल
    का एहसास दो दिलों का इश्क़ था ,,,,,
    लफ्ज़ नही कैसे उस पल को बयां करूँ वो लम्हा
    मेरी ज़िन्दगी का अनमोल पल था
    क्या पाया क्या खोया बताना आसान नही
    वो रात मेरी मोहब्बत की सुबह थी ........ |
    ©goldenwrites_jakir

  • _do_lafj_ 20w



    ये सुबह सुबह ना दिखने वाला सवेरा,
    कोहरे की चादर और आँखों मे अंधेरा।।
    वो सुबह बाबा का आवाज लगाना,
    और मेरा कंबल से ना निकलने के बहाने बनाना।।
    वो गरम गरम चाय को लबों से लगाना,
    पीते ही सुकून और राहत मिल जाना।।
    सुबह उठते ही भूख लग जाना,
    और दादी के हाथ का गरम गरम खाना।।
    ठंडी हवाएं, बारिश का आना,
    धूप के इंतेज़ार में फिर कंबल में जाना।।
    सुनहरी धूप,पंछियों का ,
    फिर घर से बाहर आना।।
    शाम की बढ़ती गलन,
    और आग का जलाना।।
    रात को उसकी बाहों में होने के ख़्वाब,
    कितना खूबसूरत है ये सर्द का अहसास।।



    ©_do_lafj_

  • piu_writes 20w

    सर्द का एहसास

    सार्द का एहसास भर देता है मन को गर्माहट पाने के लिए
    जैसे नरम मुलायम रज़ाई , कुछ गरम खाने का चाव , मिठाई मेवों से लगाव , वो गाजर का हलवा ,वो गर्म समोसे कचोरी , वह सर्द दोपहर में मटर छीलना , वो अमरूद की चोरी , वो अचार की बर्निया , वो मां दादी के हाथों में ऊन के गोले , वो धूप सेकने बैठे लोग , वो चाय कॉफ़ी के रेले , वो पकौड़ो की फरमाइश , वो नए स्वेटर शॉलों की नुमाइश , वो कश्मीरी फेरी वाले , वो फल सब्ज़ियों के ठेले , वो छोटी शामें ,वो लंबी काली रातें , वो कम्बल रज़ाई ओढ़े दुनियां भर की बातें, वो फुरसत भरे दिन वो नरम बीछऔने , इस आपा धापी वाली दुनियां में क्यों वो पल लगे हैं खोने
    ©piu_writes

  • shru_pens 20w

    #rachanaprati137

    @mamtapoet dii का आभार जिन्हे मेरी रचना पसंद आई। आप सबका आज का विषय है - सर्द का अहसास... आप इस पर कविता, कोई बचपन की याद, शायरी, या कहानी प्रस्तुत कर सकते हैं।

    रचनाओं की अपेक्षा में।।।

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    शीर्षक - सर्द का अहसास...
    समय सीमा - 7 जनवरी, शाम 7 बजे तक।

  • mamtapoet 20w

    @goldenwrites_jakir bhai ji @gannudairy_, @_do_lafj_,@suryamprachands,@shruti_25904, आप सभी का हार्दिक आभार, इतनी उम्दा और खूबसूरत रचनाएँ पढ़ने को मिली। @suryamprachands की हास्य रस से भरी रचना, @gannudairy_की D honi ji पर रचना और @goldenwrites_jakir bhai ji की 4 रचनाएँ सभी प्रशंसनीय रही।
    @shruti_25904 को विजेता घोषित करते हुए उन्हें आगे #rachanaprati137के संचालन की जिम्मेदारी प्रदान करती हूँ। अत्यंत शुभकामनाओ के साथ बेहतरीन संचालन करे।
    ©mamtapoet