#rachanaprati139

10 posts
  • gannudairy_ 18w

    #rachanaprati140

    Thanku bestie @_do_lafj_ जो आपने ये संचालन का मौका दिया... आप सभी की रचनाएं बहुत ही खूबसूरत थी!
    लेकिन @goldenwrites_jakir bhaijaan ने छाप छोड़ी है तो मैं उनको विजेता घोषित करता हूँ!
    @alkatripathi79 दीदी को मैं #rachanaprati140 के संचालन का कार्यभार सौंपता हूँ!!
    शुक्रिया!!
    ©gannudairy_

  • alkatripathi79 18w

    #rachanaprati139

    @gannudairy__

    काफ़ी दौलत मिल जाती है
    अपनी खासियत दे कर
    फिर भी लोग कमाते है
    अपनी इंसानियत बेच कर

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    काश! ऊपरवाले ने थोड़ी रहम दिखाई होती
    इंसानों से ज्यादा इंसानियत बनाई होती

    ©alkatripathi79

  • anusugandh 18w



    हिंदू हैं ना मुसलमान हैं
    पहले हम इंसान हैं
    ना सिख हैं ना ईसाई हैं
    मिटानी बस बुराई है

    देश को बस बचाना है
    मिलजुल कर हाथ बढ़ाना है
    इंसानियत बची रहे देश में
    बुराई ना आए किसी वेष में

    सबसे प्यार निभाना है
    सर्वधर्म सम्भाव का भाव जगाना है
    इंसानियत है सर्वोपरि धर्म
    जान लो सब अब इसका मर्म

    नफरत का भाव मिटा कर
    यह संदेश भिजवाना है
    ©anusugandh

  • gannudairy_ 18w



    ना मुसलमान खतरे में है,
    ना हिन्दू खतरे में है
    धर्म और मज़हब से बँटता
    इंसान खतरे में है।।

    ना राम खतरे में है,
    ना रहमान खतरे में है
    सियासत की भेट चढ़ता
    भाईचारा खतरे में है।।

    ना कुरआन खतरे में है,
    ना गीता खतरे में है
    नफरत की दलीलों से
    इन किताबो का ज्ञान खतरे में है।।

    ना मस्जिद खतरे में है,
    ना मंदिर खतरे में है
    सत्ता के लालची हाथो,
    इन दीवारो की बुनियाद खतरे में है।।

    ना ईद खतरे में है,
    ना दिवाली खतरे में है
    गैर मुल्कों की नज़र लगी है,
    हमारा सदभाव खतरे में है।।

    धर्म और मज़हब का चश्मा
    उतार कर देखो दोस्तों
    अब तो हमारा
    हिन्दुस्तान खतरे में है |

    एक बनो, नेक बनो
    ना हिन्दू बनो ना मुसलमान बनो,
    अरे पहले ढंग से इंसान तो बनो।।
    ©gannudairy_

  • mamtapoet 18w

    सबसे बड़ा धर्म

    इंसानियत - सबसे बड़ा धर्म


    राम और रहीम में धर्म को लेकर
    हुई जबरदस्त लड़ाई,
    सलमा की राह रोकी ,
    करीम ने हाथ पकड़कर
    करने लगा बदसलूकी,
    देख के ये मंजर,
    राम ने लाठी घुमाई
    डर के करीम ने घर की ओर दौड़ लगाई,
    रहीम की आँखे फफक कर रोई ,
    उसकी बेगम की आबरू जो राम ने बचाई,
    जोड़कर दोनों हाथ, रहीम फ़िर बोला,
    सब उतार फेकों ये झूठा धर्म का चोला,
    न श्याम छोटा न बड़ी ही कोई मस्जिद
    इंसानियत ही धर्म सबसे बड़ा,
    इंसान की पाक सोच ही सबसे बड़ी रीति।
    ©mamtapoet

  • gannudairy_ 18w



    ना मेरा कोई धर्म है ना मेरा कोई ईमान है..
    ना मुझे हिन्दू बनना है ना बनना है मुसलमान..
    मैं इंसानों को बस एक इंसान के नजरिए से देखना चाहता हूँ..
    मैं इंसान हूँ और इस इंसानियत से जाने जाना चाहता हूँ..
    ना मुझे राम ने कहा तू हिन्दू है..
    ना मुझे मुहम्मद ने मुसलमान होने की बात बताई..
    मुझे एक अच्छा इंसान बनना था..
    मुझे इंसानियत किसी धर्म ने नहीं मेरे बाबा ने मुझे सिखाई..
    किस बात के धर्म ले के चलते हो जब खून का रंग एक है..
    सब की भूख एक सी सबकी प्यास एक है..
    मुझे किसने कह दिया कि मेरा धर्म क्या है..
    जब चोट लगने पर सबका दर्द एक सब दर्द की दवा एक है..
    तू इंसान है तू अपने धर्म के बजाय आपने कर्म देख..
    तू पूजा कर तू नमाज़ पढ़ तू ना अपना धर्म देख..
    तू मन्नत कर या दुआ कर सिर हमेशा उपर जाता है..
    किसने कह दिया राम अल्लाह अलग अलग हैं..
    जब दोनों का घर एक ही जगह आता है..
    मैंने मन्दिरों से गुजरते वक्त सिर झुकाया है..
    मस्जिदों से जाते वक्त दुआ फरमाई है..
    मेरे बहुत से दोस्त मुस्लमान हैं..
    मैंने उनके साथ भी खुशी खुशी रोज़े ईद मनाई है...

    ©gannudairy_

  • gannudairy_ 18w

    #rachanaprati139

    विषय - "इंसानियत ही सर्वोपरी धर्म है" /"Humanity is the first religion"

    @anusugandh @mamtapoet @_do_lafj_ @alkatripathi79 @shruti_25904

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    विषय

    @_do_lafj_ bestie आपका बहुत बहुत धन्यवाद कि आपने मुझे संचालन का मौका दिया.... शुक्रिया
    #rachanaprati139 ka विषय है "इंसानियत ही सर्वोपरि धर्म है"
    विषय - "इंसानियत ही सर्वोपरी धर्म है" /"Humanity is the first religion"
    समय सीमा - 12 January 8:00AM
    ©gannudairy_

  • _do_lafj_ 18w



    #rachanaprati138 ke liye winner hai @gannudiary_ aur #rachanaprati139 k liye inhe sanchalan ki jimmedari deti hu
    ......
    Baki aap sabne bhi bahut accha likha hai☺️☺️...


    ©_do_lafj_

  • goldenwrites_jakir 39w

    इंसानियत ❤ ✍️

    सरहद पर आज भी ख़ून की नदियाँ बहती है
    इंसान के हाथों इंसान का लहू मिट्टी में दफ़्न इंसानियत होती है
    है कौन आज़ाद - और कीमत किसको चुकानी पड़ती है ..

    कौन क्या साथ लेकर जाएगा - चंद दिनों की ज़िन्दगी में संग अपने
    सब यही रह जाएगा - ज़िस्म के साथ दुनियां में
    और रूह पंछी की तरहा उड़ जाएगी तन्हा एक नई दुनियां में
    जहां इस दुनियां का मोल वहां कुछ भी नही,,
    फिर क्यों हम भटक रहे - सबसे आगे निकलने की चाह में

  • goldenwrites_jakir 84w

    इंसानियत

    इंसानियत तब तक ज़िंदा रहेगी ज़ब तक हममे इंसान रहेगा
    हम बदले फिर तस्वीर बदल जाएगी
    मोहब्बत के फूलों से महक रही ज़िन्दगी मे
    नफरतो के काँटों से लथ पथ होकर सिमट जाएगी ज़िन्दगी,,,,

    चंद रुपयों की ख्वाइश मे ईमान बेचकर बड़ा होना
    पैदल चल रहा इंसान को गिराकर आसमां के ख़्वाब सजाना ज़िन्दगी नहीं है ,,,,,,,,

    देखता हूँ ज़ब ज़ब बदलते जमाने की तस्वीर को
    इंसान रह गया पीछे ---- जरूरते आगे निकल गईं
    बदलती तस्वीर इंसान के टुकड़े हजार कर गई
    खौफ के सिबाह कुछ नहीं --- भटक रही हर एक ज़िन्दगी


    ©goldenwrites_jakir