#rachanaprati167

15 posts
  • raakhaa_ 9w

    #rachanaprati167
    #rachanaprati168

    श्रृंखला में भाग लेने के लिए सबका आभार! ��
    @mamtapoet

    आप सबसे बहुत कुछ सीखना है अभी ��

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    @shru_pens @yuvi7rawat @anusugandh @_do_lafj_ @psprem @gannudairy_ @mamtapoet @aryaaverma12 @alkatripathi79 @ajnabi_abhishek

    मेरे छोटे से झरोखे को आपने जीवन के अलग अलग नज़ारों और रंगों से भर दिया है!

    मानो ये झरोखा सिर्फ दृश्य नहीं, पूरी दृष्टिकोण दिखाता है✍️

    मैं #rachanaprati167 की विजेता @mamtapoet जी को घोषित करती हूँ! आपकी लेखनी ने इस श्रृंखला को और भी सुंदर कर दिया है!

    #rachanaprati168 का संचालन आपको सौंपती हूँ।

    ©raakhaa_

  • ajnabi_abhishek 9w

    कार्यालय और वैवाहिक कार्यक्रमों के चलते...विलंब से रचना प्रेषण हेतु क्षमाप्रार्थी हूं...

    #rachanaprati167 #Abhishek_Aznabi #feelings_today #hindiwriters @prakhar_kushwaha_dear @vipin_bahar @emma_16s19 @raakhaa_ @alkatripathi @anusugandh @suryamprachands @aryaaverma12 @mamtapoet @psprem

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    यादों का झरोखा

    दिल के अतरंगी कमरे से क्यों सूनापन जोड़ दिया?
    एक 'झरोखा' मेरे मन में यादों का क्यों छोड़ दिया?

    छोड़ के दुनिया कदम से तेरे कदम मिलाये थे हमने
    तेरे सपनों की ख़ातिर.... हम भूल गए अपने सपने।
    नींदें लेकर मेरी तुमने.....क्यों ख्वाबों को तोड़ दिया?
    एक 'झरोखा' मेरे मन में यादों का क्यों छोड़ दिया?

    इसी झरोखे से तेरी.............आवाज सुनाई देती है,
    आंखें बंद करने पे तेरी....... तस्वीर दिखाई देती है।
    प्रश्न यही है क्यों तुमने हमसे अपना मुख मोड़ लिया?
    एक 'झरोखा' मेरे मन में यादों का क्यों छोड़ दिया?

    नयी कहानी प्रेम की गढ़ना... चाह रहा था शब्दों से,
    बीच सफ़र 'अजनबी' ने हमको मार दिया लफ्ज़ों से।
    क्यों प्रेम कहानी के पन्नों को तुमने तोड़-मरोड़ दिया?
    एक 'झरोखा' मेरे मन में यादों का क्यों छोड़ दिया?
    ©ajnabi_abhishek

  • alkatripathi79 9w

    झरोखा

    काश मैं किसी कवि के कमरे का झरोखा होती
    वो जब भी मुझसे तारों को देख ख़्वाब बुनता,,
    उसे शब्दों में पिरोता,
    मैं उसके आँखों की कशिश को देखती
    वो जब भी मुझपर बैठी तितलियों को देखता,,
    और उसके रंगों को अपने पन्नों पर सजाता,,
    मैं इंद्राधनुष सा सजा उसका चेहरा देखती
    वो घंटो मेरे पास बैठता,
    अपनी भावनाओं मुझसे छिपा ना पाता
    मैं तब उसकी साथी बनती,,उसकी गवाह
    उसके आँसूओं की हर बूंद को ख़ुद में सोख़ लेती
    काश मैं किसी कवि के कमरे का झरोखा होती
    वो मुझसे मिलने को बेताब रहता,,
    मुझपर अपनी कुहनी टिका कर,,
    शब्दों के जाल बुनता...
    मेरे पास आकर उसे सुकून मिलता..
    घंटो बिना थके मेरे पास बैठता
    मैं उसकी कितनी बातों की अकेली राज़दार होती
    काश मैं किसी कवि के कमरे का झरोखा होती..
    ©alkatripathi79

  • aryaaverma12 9w

    झरोखे

    यूं तो गुजरते हैं बहुत से नजारें इन आंखों के झरोखों से,
    पर इस नज़र का क्या करें, जो तुम तक ही रहना चाहती हैं,
    ©aryaaverma12

  • mamtapoet 9w

    झरोखा

    टूटे फूटे दरखतों के,
    झरझर हुए झरोखों से,
    झांक रहे है कुछ शब्द,
    डरे सहमे है, कुम्हलाएं से कुछ उसके पर्ण,
    सूख गई सब शिराएं,
    धूमिल हो गया अब हर वर्ण,
    कागज़ का कोना कोना रुठा।
    मर गई सब अभिव्यक्ति,
    शब्द ही शब्द बनकर टुकड़ों में टूटा।
    तभी......
    अफरा तफरी हो गई,
    विचारों के झांझावत में,

    खंडित शब्दों के उदर से हुआ
    एक लरजती हुईं कविता का नव सृजन,
    किलकारी मची, बांदनवार सजी,
    डाली डाली झूमी,
    लहराया वो झरझर दरख़्त,
    झरोखों में समा गई सब शब्दावली,
    टूटा ताला चक्षुओं का,
    कलम से बह गई सरिता
    रूप निहारो, नज़र उता रो
    मिला नव जीवन, मैं हुईं परम पु नीता
    मैं तेरी कविता, मैं तेरी कविता।।

  • gannudairy_ 9w



    ऐ बालिग-ऐ-हिन्दुस्तान पूरा असमान नापना है तुझे...
    यूँ झरोखों में रील बनाने पैदा नहीं हुआ तू..!!!



    ©gannudairy_

  • anusugandh 9w

    ✍️

    एक झरोखा रखना खुला रिश्तों के लिए
    रूठ ना जाए कहीं रिश्ते सदा के लिए!!
    ©anusugandh

  • anusugandh 9w

    झरोखा-ए-याद

    यादों के झरोखों में तस्वीर बन उभरता है कोई
    आज भी दिल के आईने में तस्वीर उकेरता है कोई

    ना मिलना संभव हुआ तो क्या ही हुआ
    आज भी ख्वाबों खयालों में रंग भरता है कोई

    दिल के टूटने का मलाल आज भी रहता
    टूटे दिल के टुकड़ों में याद बन संवारता है

    दिल के अरमानों की लाश सजा रखी है दिल में
    आज भी अरमानों की शमा में पिघलता है कोई

    कोशिश बहुत की दिल को समझाने की.... पर
    यादों का झरोखा बन दिल में उतरता है कोई
    ©anusugandh

  • psprem 9w

    झरोखा

    दिल के झरोखे में झांको तो,,,,
    सच का पता चल जाएगा।
    सभी आवरण हट जाएंगे,,,,
    मन का बहम निकल जायेगा।
    आंखों के झरोखे से देखोगे,,,,
    सब कुछ सुंदर दिख जायेगा।
    दिल भी सदा पाक रखोगे,,,,
    सब कुछ पवित्र नजर आएगा।
    जैसी खुद की रहे भावना,,,,
    वैसा ही जीवन बन जायेगा।
    आंख मूंद कर कभी न चलना,,,,
    वरना फिर तो पछताएगा।
    जिस रंग का चश्मा पहनोगे,,,,,
    वो ही रंग नज़र आएगा।
    मन का झरोखा साफ बताता,,,,,
    फिर कभी न धोखा खायेगा।
    ©psprem

  • _do_lafj_ 9w

    ❤️
    जाना!!
    कभी आना तो दिखाएंगे,
    तुम्हारे नाम का एक झरोखा है।।
    जहाँ घंटों बैठ हम,
    तुमसे बातें किया करते है।।
    हर मौसम देखा है,
    इन झरोखों से।।
    वो बारिश में,
    चेहरे पे बूंदों को बटोरना।।
    ठण्ड में ,
    सूरज की किरणों को चूमना।।
    गर्मी में,
    हवाओं से गुफ्तगू करना।।
    देखें है,
    हज़ारों नजारे हमने।।
    लहलहाती है,
    फूलों की डालियां।।
    कलियां फूल बन,
    खिलखिला जाती है।।
    ताकते है वो फूल,
    उन झरोखों से।।
    हर पहर हमें,
    और हम बेख़बर बस मुस्कुरा जाते है।।



    #rachanaprati167 @raakhaa_
    #Lol

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    कोई ताकता है उन झरोखों से,
    जिसके होने से हम बेखबर रहते है।।
    कोई तो है जिसकी नजरों में,
    यूँही हम हर पहर रहते है।।


    ©_do_lafj_

  • yuvi7rawat 9w

    Jharokha

    Mera dil darbari ban baitha,
    Dhunde kisi diwane ko,
    Jo dekhe mujhe Jharokhe se,
    Aur ban jaye meri rani vo...

    Jharokha mere pyar ka,
    Mere aakho k samne rahe,
    Didar mile ya na mile,
    Bas vo mujme samahe rahe...

    Jab-jab dekhu jharokhe pe,
    Mere dilruba mujse sharma jaye,
    Me dekhta rahu ushe subha-shayam,
    Par vo mujse nazre churaye...

    Jab jau me yudh-bhoomi ki aur,
    Tho vo ghabrake jharokhe pe aaye,
    Mere khoon ki har ek bund,
    Uski mang ka sindur ban jaye...

    Me jeet k jab aayu ran-bhoomi se,
    vo jharokhe se mujpe phool barsaye,
    Jo na lauta me kisi din tho,
    Uski chunar mera kafan banjaye...
    ©yuvi7rawat

  • shru_pens 9w

    #rachanaprati177 @satender_tiwari

    Erased the previous writeup... And wrote this


    Hope u like it !!! 🙃🙃🙃

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    Wo jo galatfehmiyo ke dhaage usne piroye the
    Phool ke madhuras se nichodkar usne sajaye the
    Lafzo mein karele ka ehsaas jhalak raha tha
    Suno, kya tumne galatfehmiyo par bhi degree kar rakhi hai...

    Usne kuch yu galat saabit kiya mujhe
    Na kehne ka mauka dia, naa usne sunne ki koshish ki
    Bas patthar ki lakeer apne man se bana lia usne ek
    Suno, kya tumne "friendship" ke bharose ko sadaa se hi galatfehmi samjha hai?...
    ©shru_pens

  • raakhaa_ 9w

    #rachanaprati167
    #rachanaprati168

    @soonam जी को बहुत आभार! मेरी एक पंक्ति अगर आपके हृदय में घर कर सकती है तो शायद मेरा लिखना और 'लिखते रहना' सफल हो गया है��

    #rachanaprati की पंक्ति में मेरी पंक्तियों को जगह देने के लोए धन्यवाद��

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    #rachanaprati167

    मैं सहृदय #rachanaprati167 का विषय " झरोखा " घोषित करना चाहती हूँ!

    ये शब्द मेरी कविता जिसे @soonam जी ने सराहा, उसका अंश भी है। मेरा मानना है कि हर झरोखा कुछ अलग दिखाता है या यूं कहें कि कुछ अलग दिखाना चाहता है! हम देख नहीं पाते।

    एक झरोखा पूरी दुनिया दिखा सकता है या पूरी दुनिया छिपा भी सकता है। आपके झरोखे से क्या दिखता है? साझा करें...

    समय सीमा - 24 अप्रैल 2022
    ©raakhaa_

  • soonam 9w

    #rachanaprati166
    #rachanaprati167 @raakhaa_
    विजेता हर कोई होता है पर किसी एक की कोई शब्द, वाक्य दिल को छू लेती है..❣️

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    *

    मैं @anonymous_143 जी की आभारी हूं.. जिनके कारण मुझे #rachanaprati166 को संचालित करने का अवसर मिला..
    मैं सभी प्रतिभागियों @raakhaa_ @psprem @gannudairy_ @alkatripathi79 @isikaa @satender_tiwari @anusugandh @yuvi7rawat @somashekar @pandeyajay @sandye @shru_pens @anonymous_143 @sadhana_the_poetess @vickyprashant_srivastava को दिल से शुक्रिया की उन्होंने ने #rachanaprati166 में अपनी खुबसूरत कविताओं द्वारा अहम भूमिका निभाई और इसे सफल बनाने में मेरा साथ दिया..
    मैं #rachanaprati166 के लिए @raakhaa_ को विजेता घोषित करना चाहती हूं और उन्हें #rachanaprati167 को संचालित करने का अवसर प्रदान करना चाहती हूं..!!
    ©soonam

  • anusugandh 20w

    खिड़की

    मन करता है ,
    दिल की खिड़की खोल कर,
    थोड़ी हवा आने दूं ,थोड़ा सुकून आने दूं,
    आने दूं पुराने खयाल ,पुराने दबे जज़्बात,
    जो दिल के दरवाजे से पहुंच गए
    खिड़की के पास !!!!

    जब दरवाजे बंद हो जाते हैं ,
    तो खिड़की ही साथ देती !
    आती जब मंद मंद पवन ,
    सारे दिल के ज़ज़्बात बोल देती!!

    कहती ....मत दबा ,
    इनको बंद कमरों में,
    बहने दे ,हवा में ऊंचे गगन में !

    तुझे उड़ना है अभी गगन में
    महकना है अभी चमन में ..
    ना घुटकर दम तोड़
    अपनी अभिलाषा का !
    उन्मुक्त विचर.... तोड़ दे बंधन
    अपनी जकड़ी जंजीरों का !!

    दिल का दरवाजा,
    चाहे कभी, बंद भी हो गया हो तेरा
    सुकून की खिड़की खोल ,चाहे छोटी सी
    पर खोल कर रख दे ,मन जैसा भी है ,
    है तो यह तेरा!!!!!!
    ©anusugandh