#rachanaprati18

15 posts
  • bhaijaan_goldenwriteszakir 60w

    #Rachanaprati all

    .
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • vishal_05 62w

    #rachanaprati18

    सबसे पहले मैं anusugandh mam का तहे दिल से शुक्रिया करना चाहूँगा,जिन्होंने मुझे इस
    योग्य समझा कि मैं rachanaprati का
    संचालन कर सकूँ।
    मेरे विषय " प्रेम " पे मुझे बहुत सुन्दर सुंदर
    रचनाएं पढ़ने को मिली ।।
    @bhaijaan_goldenwriteszakir
    @anusugandh
    @maakinidhi
    @dipsishri
    @shruti_25904
    @happy81

    सबने बहुत बहुत खूब लिखा प्रेम के बारे में ,
    और @shivi_18 जी की रचना दिल को
    स्पर्श कर गयी ।
    इसलिए मैं @shivi_18 जी को #rachanaprati18 का विजेता घोषित करता
    हूँ । ️️️️️


    और rachanaprati19 का संचालन happy81 जी को देना चाहूँगा ।।

    मुझे उम्मीद है आप सब मेरी बात से सहमत
    होंगें ।।
    अगर कोई त्रुटि हुई है तो माफ़ी चाहूँगा ।।
    धन्यवाद ।।
    ©vishal

  • shivi_18 62w

    प्रेम

    जो दूर होकर भी पास होने का एहसास कराए,
    वो है प्रेम............
    जो सारा जहां आपके नाम करके बदले में कुछ ना चाहे,
    वो है प्रेम...........
    जो आंसुओं को मुस्कुराहट में बदल दे,
    वो है प्रेम...........
    जो सपनों को हकीकत में बदल दे,
    वो है प्रेम..........
    ©shivi_18

  • shivi_18 62w

    #rachanaprati18
    @vishal_05,. @hindinama, @hindiwriters

    क्या...है प्रेम ?
    हर रिश्ते में छिपा हुआ एक अनोखा एहसास है प्रेम......
    तपती भूमि की बादल के प्रति पनपती हुई प्यास है प्रेम......
    हरियल पक्षी का स्वाति नक्षत्र में होने वाली बरसात है प्रेम......
    प्रेम तो सभी करते हैं पर, जो निस्वार्थ भाव से बदले में बिना कुछ चाहे प्रेम करें.... वही तो है सच्चा प्रेम।।

    प्रेम....... शब्द एक, रूप अनेक।

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    प्रेम

    किया जिस प्रेम का बड़े-बड़े कवियों ने गुणगान,
    शिवी की ये नन्ही - सी कलम, क्या कर पाएगी उस प्रेम का बखान.....
    सूरदास और मीराबाई, चाहे हों रसखान,
    सबकी लेखनी ने दिए, प्रेम के नए-नए आयाम.....
    ईश्वर के प्रति प्रेम प्रकट कर, कवि बन गए महान...
    देकर प्रेम को भक्ति का स्वरूप, दिया प्रेम की एक नई परिभाषा को अंजाम.......
    कृष्ण प्रेम में हुई दिवानी रानी मीराबाई ने,
    प्रेमवश ही कर लिया खुशी से विषपान.....


    दोस्ती जैसे अनमोल रिश्ते में; जब घुलती है प्रेम की मिठास,
    तभी तो दोस्ती जैसा प्यारा रिश्ता; बन जाता है बहुत खास।
    जैसे-
    अपने सखा श्री कृष्ण पर था, सुदामा को अटूट विश्वास,
    देंगे उनका साथ कन्हैया, मन में लगी थी यही एक आस....
    मित्र प्रेमवश दान कर दिया, तीनों लोकों का राज और पाट...।।


    कलयुग में तो प्रेम का स्वरूप ही बदल गया है,
    प्रेम जैसे प्रेम नहीं लेन-देन बन गया है......
    प्रेम का अर्थ दो आत्माओं का मिलन नहीं,
    मात्र दो जिस्मो का मिलन बनकर रह गया है......
    मानो, प्रेम का सच्चा अर्थ कहीं खो- सा गया है.....
    हर प्रेम कहीं ना कहीं बस स्वार्थी हो गया है.....
    किसी को प्रेम करने का मतलब, उससे भी बदले में उतना ही प्रेम मिलना,
    और ना मिलने पर उस रिश्ते में कड़वाहट घुलना,
    आजकल तो प्रेम का बस यही अर्थ रह गया है........


    संसार में निस्वार्थ प्रेम सिर्फ एक मां का ही होता है....
    करती है वो प्रेम अपने बच्चे से, जब उसका जन्म भी नहीं होता है.........
    खुद चाहे लाख मुसीबतें झेले,पर अपने बच्चे का जरा-सा दर्द भी उससे सहन नहीं होता है......
    फिर चाहे बुढ़ापे में वही बेटा पलट कर भी ना देखे उसकी ओर,
    फिर भी उस बेटे के लिए मां का प्यार कम कहां होता है.......
    दूसरा निस्वार्थ प्रेम एक फौजी का अपने देश के प्रति होता है........
    जो कड़कड़ाती ठंडक और चिलचिलाती धूप में भी, अपने कर्तव्य पथ पर डटा रहता है.......
    वो बिना खाए; बिना सोए,
    हर मुश्किलों से लड़कर देश की रक्षा के लिए सीमा पर खड़ा रहता है........
    देश की खातिर अगर बलिदान भी होना पड़े, तो कभी भी पीछे नहीं हटता है.......
    सच्चे अर्थों में प्रेम का असली रंग तो, देश प्रेम में ही झलकता है..........

    ©shivi_18

  • mid__night__thoughts 62w

    #rachanaprati18 @vishal_05
    प्रेम��

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    .

  • happy81 62w

    प्रेम निर्मल कमल,,
    प्रेम गंगा का जल...
    प्रेम की बात कोई समझ ले गर.. प्रेम मिल जायेगा.. प्रेम दिल में अगर.. प्रेम मिल जायेगा प्रेम दिल में अगर..
    प्रेम साजन की बातों का मोहताज़ नहीं..
    प्रेम दूरी से बढ़ता है और कोई राज़ नहीं,,
    प्रेम की गहराई समझ जाओगे.. प्रेम की गहराई समझ जाओगे...
    प्रेम की राग धागे से चुन ले अगर...
    सीपियों का मोतियों से संगम नहीं... प्रेम धारा अगर बीच उनके नहीं.. प्रेम धारा अगर बीच उनके नहीं...

    ©happy81

  • maakinidhi 62w

    प्रेम

    बरगद की ठंडी छावों सा,प्रेम कहां मिलता है बोलो?
    ऐसा प्रेम चाहिए तो फिर, जाकर मां की गोद टटोलो!

    कुछ अनुशासन कुछ कठोरता वाला प्रेम कहां है बोलो?
    ऐसा प्रेम चाहिए तो फिर, प्यार पिता का तुम संजो लो!!

    बहुत सुरक्षात्मक अनुभव दे,ऐसा प्रेम कहां है बोलो?
    ऐसा प्रेम चाहिए तो फिर,जाकर भाई से मन खोलो!!

    हर क्षण अपना अक्स लगे जो, ऐसा प्रेम कहां है बोलो?
    ऐसा प्रेम चाहिए तो फिर,प्यारी बहन के गले लग रो लो!!

    अन्तर्मन को शीतल कर दे, ऐसा प्रेम कहां है बोलो?
    ऐसा प्रेम चाहिए तो फिर, प्रियतम की तुम याद पिरो लो!!

    जो सबसे है भिन्न अलौकिक, ऐसा प्रेम कहां है बोलो?
    ऐसा प्रेम चाहिए तो फिर, ईश्वर में तुम खुद को खो लो!!
    ©maakinidhi

  • anusugandh 62w

    #rachanaprati18@vishal_05,@bhaijaan_goldenwriteszakir,@alkatripathi
    प्रेम शब्द बहुत छोटा है पर उसका संसार इतना विस्तृत है कि उस पर लिखना जैसे सूरज को दिए कि रोशनी दिखानी है। कुछ शब्दों में इसको जाहिर करने की कोशिश की है शायद आपको पसंद आए✍️

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    प्रेम✍️

    प्रेम का बीज,,,,,,, है तब पनपता
    जब से शिशु, मां के गर्भ में आता
    और किसी ने ,,,,,,यह नहीं जाना!!
    मां का प्रेम नौ महीने पहले आ जाता!!
    पिता का प्यार ,नौ महीने बाद है आता
    जब शिशु ,,,पिता की गोद में आ जाता!!

    है भाई बहन का,,,, प्रेम निराला ऐसा
    लड़ते झगड़ते ,,,,,फिर एका हो जाता !

    पति पत्नी का ,,,,,,,,रिश्ता कुछ ऐसा
    कुछ खट्टा ,,,,,,,,कुछ मीठा सा रहता
    इन,,,,,,,,,,, खट्टे मीठे अनुभव में ही
    पूरा जीवन ,,प्रेम में विलीन हो जाता!

    जब बात आती,दादा दादी, नाना नानी के प्रेम की
    सारे संबंधों का प्रेम ,,,,,,,नगण्य हो जाता
    सबको अपने,,,,, बस बच्चे प्यारे
    पर इनके लिए असल से सूद प्यारा हो जाता!

    दो मित्रों में,,,,,,,,,, प्रेम जब होता
    बाकी संबंधों का रंग,,, फीका पड़ जाता

    प्रेम से ओतप्रोत,,,, जब यह संसार हो जाता
    फिर कोई ओर ना छोर , ना कोई इसका पारावार रह जाता
    ©anusugandh

  • sanjay_kumr 62w

    तेरी चाहत मुझें इस कदर पागल कर दिया
    तेरी प्रेम की चाहत ने आज मुझें शायर बना दिया
    ©sanjay_kumr

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 62w

    प्रेम ✍️

    ईश्वर की भक्ति प्रेम का सागर है
    माँ बाप की सेवा - प्रेम का इक रूप है
    भाई बहन का प्यार - प्रेम की परिभाषा है
    दोस्ती की नींव - विश्वास का जलता हुआ चिराग प्रेम है
    पति पत्नी के रिश्तो की ना टूटने वाली डोर - प्रेम है
    नटखट रिश्तो में होनी बाली नोकझोंक - प्रेम की शुरुआत है
    प्रेम ही लबों की मुस्कान
    ज़िन्दगी में खिलता हुआ खुशियों का फ़ूल - प्रेम ही है......!
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • shru_pens 62w

    Prem ek aisa bandhan hai, jo do logo ko nahi balki do dilo ko jodhta hai. Vishwas, saath dena, khushiya aur dukh ek doosre ke sath baantna, aur adjustments prem ki atoot neev hai. Maana jaata hai ki ladhne jhagadne se prem kai guna badhta hai, kintu wahi ladhai agar had se zyada lambi tikti hai to wo prem ko nasht karne lagta hai.
    Prem ke bandhan saat janmo ka hota. Prem ka arth sirf shaadi ya pati patni ka rishta ni hota, prem bhai behen, maa pitaji kisi se bhi ho sakta hai. Bas uski neev mazboot honi chahiye. Prem jab kiya hi hai, to usey nibhaane ki himmat bi honi chaiye. Shri krishna ka Radha se prem, shri ram ka sita maiyya se prem kuch atoot prem ke sarvottam udaaharan hai. Hamari jeevan ki aayu upar waale Ke haatho mein hoti hai .. isliye apne amoolya jeevan ko Prem, saadgi, dosti, acche karm se hi poorn kijiye. Aap sabko itna prem kijiye ki log aapko aapke naam ke saath aapki prem bhavna se bhi jaane.
    Prem ek aisa bhav hai jo baatne se badhta hai, jiski kabhi kami nai hoti. Aur saccha prem ka saath ishwar sarvda dete hai.
    ©shruti_25904

  • vishal_05 62w

    #rachanaprati18




    सर्वप्रथम मैं @anusugandh mam का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने मुझे इस योग्य समझा कि मैं #rachanaprati का संचालन आगे बढ़ा सकूँ।।
    और मैं उन सभी लोगों को शुक्रिया अदा करना चाहूँगा जिन्होंने मेरी रचनाओं को बढ़ावा दिया ।

    इस संसार मे एक ही चीज है जो लोगों को
    लोगों से जोड़े हुए है वो है प्रेम ।
    प्रेम का मूल्यांकन करना सम्भव नही ।
    पर इस सुन्दर से शब्द पे कुछ रचनाएँ लिख के इस शब्द को आलंकृत करने का प्रयास हम अवश्य कर सकते हैं ।
    इसलिय मेरा topic है "प्रेम" , मुझे विश्वास है
    की आप सब इस topic पर बहुत सुंदर सुंदर
    रचनाएँ प्रस्तुत करेंगें ।।
    समय सीमा 6 pm । Date: 7 June 2021
    ✍️ ✍️ धन्यवाद !




    ©vishal

  • anusugandh 62w

    #rachanaprati 17

    सबसे पहले में Kirit जी का शुक्रिया करना चाहूंगी जिन्होंने मुझे rachanaprati17 के संचालन का कार्यभार सौंपा और मुझे इस योग्य समझा
    (संघर्ष)
    विषय पर सभी ने बहुत सुंदर विचार प्रकट किए। सभी की रचनाएं उत्कृष्ट रहीं।
    आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया कि आप सभी ने पाठशाला में हिस्सा लेकर इसे मज़बूत बनाया।आप सबकी कलम काबिले तारीफ़ है।मेरी तरफ से आप सभी विजेता हैं ।

    rachanaprati18 अगले चरण के संचालन की जिम्मेदारी में vishal_05 को देती हूं ।

    मेरी ओर से सभी कलमकारों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं
    कुछ गलती हुई हो तो क्षमाप्रार्थी हूँ


    ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
    ©anusugandh

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 63w

    प्रेम ❤✍️

    कांधे पर सर रख कर "वो अकसर पूछती थी
    तुम बिन कैसे मैं जी पाऊँगी ---- ? ? ?
    और आज बिछड़े हुए एक जमाना हो गया
    ना कोई ख़त ना कोई सन्देश ना हालेदिल
    वो यार मेरा अब "प्रेम के शहर से अजनबी हो गया...
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • dipsisri 64w

    "तुम किसी प्रेम कविता की वो खूबसूरत पंक्ति हो जिसे चाहे जितनी बार पढ़ लो पर उसकी खूबसूरती से हम उभर नहीं पाते।वो पंक्ति,वो शब्द और वो भावना हम में ही कहीं रह जाती है"।

    "तुम मेरे साथ तो नहीं हो पर मेरी चेतना के धागे अभी भी तुम्हारी चेतना के धागे से उलझे हैं। तुम्हें अगर नहीं पता तो मैं बता दूं कि जो रिश्ते इस धागे से बुन कर तैयार होते हैं वो अनश्वर होते हैं"!

    "और प्रेम में जरूरी नहीं कि दो व्यक्ति हमेशा एक-दुजे के साथ रहे,उनकी प्रतिदिन बातें हो"!

    "प्रेम तो उस बेचैनी में भी होती है जब चिड़िया अपने बच्चों के लिए खाना ढूंढने जाती है और वो नन्ही जान अपनी मां की राह देखते हैं"!

    "प्रेम तो उस रात्रि में है जब चांद को देख कर हम दोनों कई मीलों दूर से घंटो बातें करते हैं"!

    "मेरे प्रत्येक शब्दों में तुम शामिल हो कि नहीं इस बात का ख्याल रखना 'प्रेम' ही तो है"!

    "तारों में तुम्हारी आंखों की चमक देखना 'प्रेम' ही तो है"!

    "रात को अपने सिरहाने तुम्हारी बातों को समेट कर रखना
    'प्रेम' ही तो है"!

    "तुम्हारे विरह में बीते हुए लम्हों को अलंकारों से सजा कर शब्दों में पिरोना 'प्रेम' ही तो है"!

    "स्याही में तुम्हारी यादों को रंगना इसमें 'प्रेम' ही तो है"!

    तुम जानते हो मैंने भले ही अपना एक हिस्सा तुममें खो दिया है पर तुम्हारा एक हिस्सा जो मुझमें बाकी रह गया वो कभी मुझे अधूरेपन की अनुभूति नहीं होने देता।

    मैंने तुमसे कभी बदले में कुछ नहीं मांगा था और ना ही मुझे तुमसे कुछ भी चाहिए।क्यूं कि तुम्हारे प्रति मेरा जो प्रेम है उसे किसी की इच्छा नहीं है वो तो खुद में परिपूर्ण है!

    सभी कहते है कि मेरा प्रेम अधूरा रह गया पर मेरा मानना है कि मेरा प्रेम खुद में ही पूरा है क्यूंकि "प्रेम कभी अधूरा नहीं होता,अधूरी तो रह जाती हैं बस कविताएं"!

    ©दीप सी ��

    //तेरे संग बीते हर लम्हे पे हमको नाज है तेरे संग जो ना बीते उससे ऐतराज है//❤

    #rachanaprati18

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