#rachanaprati40

19 posts
  • shru_pens 50w

    Mai punah meri cinderella @beleza_ ko shukriya adaa karna chahungi jinhone mujhe sanchalan karne ka swarnim mauka diya. Sabhi ne bahut hi sundar tareeke se ek ladki ke man ki vyathao ko apne lekh mein prastut kiye. Sarvshreshth rachna ka chayan karna bahut mushkil tha. Fir bhi jinki rachnayein dil ko chhoo gyi, wo hai ---
    @aka_ra_143, @beleza_, @tejasmita_tjjt, @anantsharma_ @archana_000

    Mai #rachanaprati41 ke sanchalan ki baagdor @anantsharma_ ko saunpti hu
    ©shruti_25904

  • tejasmita_tjjt 50w

    #rachanaprati40 @shruti_25904 @aka_ra_143
    @shivi_18 @archana_000 @greenpeace767

    घर के दरवाजे से ही उसे घूरना शुरू कर दिया जाता है
    इसलिए कि वो एक लड़की है
    उसके कपड़ों पर ताना कस दिया जाता है
    इसलिए कि वो एक लड़की है

    "अरे! देखो इसने लाली लगा रखी है,
    क्या होंठ हैं इसके, एकदम माल लग रही है"
    छी!!!!! शर्म नहीं आती क्या इनको
    इनकी घटिया सोच इनके वही गिरे हुए विचार

    बाजार जाती हुई औरत को आंखों से नग्न कर दिया जाता है
    वस्त्र सहित होते हुए भी वस्त्र रहित कर दिया जाता है
    कभी वो दुपट्टा संभालती है तो कभी साड़ी ठीक करती है
    इसलिए कि वो एक लड़की है

    मासिक धर्म जब आए तो नैपकिन काली थैली में लाती है
    ये देख पास खड़ा देखता लड़का उसपे हंसता है
    भूल गया नादान वो इसी से उसकी मां ने उसे जन्म दिया है
    लज्जावश कुछ ना बोली चुपचाप चली जाती है
    इसलिए कि वो एक लड़की है

    किसी की मां किसी की बहन किसी की पत्नी है वो
    सबका सम्मान करने वाली को ही अपमान सहना पड़ता है
    कभी बोली कभी चेहरा कभी कपड़े तो कभी सुंदरता
    और यहां तक कि सांवली सूरत हो तो भी
    इसलिए कि वो एक लड़की है

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    सबकी नजरों में एक लड़की
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    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 50w

    #rachanaprati40 @shruti_25904 @aka_ra_143
    @anusugandh @shivi_18 @didi__alka

    हां मैं एक लड़की हूं
    मुझे नाज है खुद पे
    क्यों कि सृष्टि का मैं सृजन करती हूं

    मुझे नाज है खुद पे
    क्यों कि मां दुर्गा मां सरस्वती
    गृह लक्ष्मी के रूप में जानी जाती हूं
    मां काली का रूप धारण कर
    बुराई का संहार भी करती हूं

    मुझे नाज है खुद पे
    क्यों कि कन्या का दर्जा मुझे प्राप्त है
    नवरात्र में में मैं पूजी जाती हूं

    मुझे नाज है खुद पे
    क्यों कि मुझे कोख का वरदान मिला है
    मुझमें ही एक जीव का निर्माण होता है
    उसको संस्कारित भी मैं ही करती हूं

    मुझे नाज है खुद पे
    क्यों कि मैं अन्नपूर्णा का रूप हूं
    पेट भरता है सबका जब मैं पकाती हूं
    मेरे बिना वीरान है घर का रसोईघर

    मुझे नाज है खुद पे
    क्यों कि मेरे बिना ये सृष्टि अधूरी है
    अधूरा है ये सारा जग
    अधूरा है वो अर्धनारीश्वर
    मुझे नाज है खुद पे

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    हां मैं एक लड़की हूं
    मुझे नाज है खुद पे
    ©tejasmita_tjjt

  • archana_000 50w

    #rachanaprati40 #fictional
    @shruti_25904 @aka_ra_143
    ""एक छोटी लड़की की मन की दुविधा जब वो पहली बार अकेले सफ़र करती है..वो ना डरने की भरपूर कोशिश करती है और अजीब अजीब विचारों के साथ वो सही सलामत अपनी मंजिल पर पहुंच जाती है, उसे ये सफ़र एक रण लगता है और अंत में वो खुद को विजेता की तरह देखती है""

    कल सुबह की परीक्षा थी तो आज शाम को ही निकलना था शहर के लिए.. जल्दबाजी के फेर में देर हो गई..घर से, मैं खुद जा सकती हूं, मैं कोई बच्ची नहीं हूं यह कह कर निकल तो गई थी, पर मन डरा रहा था मुझे.. हां तू बच्ची नहीं है, जवान हो गई है, ये कह कर..एक घंटे गांव के बस स्टॉप पर इंतजार करना पड़ा... इक्का दुक्का लोग दिख रहे थे, सभी अपने आप में व्यस्त और ये भारी भरकम पीठू बैग मेरे कंधों को खाए जा रहा था और चोरी के डर से मैं इसे उतार भी नहीं रही थी.. पहली बार अकेली सफ़र कर रही थी ना इसलिए कुछ ज्यादा ही सोच रही थी..
    (बस आ गई थी, बैग संभालते हुए मैं चढ़ी, दरवाजे के पास वाली सीट पर हक जमा लिया, तभी मैंने गौर किया कि बस में कम ही लोग थे और वो भी सब आदमी)
    ""इतने कम लोग क्यू हैं, और ये मुझे ऐसे क्यों देख रहे हैं,अच्छा हुआ मैं जींस की बजाय सूट पहन आई, अगर कुछ ऐसा वैसा हुआ ना तो जोर से चिल्ला दूंगी मैं, पर चलती बस के बाहर क्या आवाज़ जा पाएगी? एक काम करती हूं.. पेन निकाल लेती हूं, अगर किसी ने भी आगे बढ़ने की कोशिश की ना तो पेन मार दूंगी, आंख में मारना सही रहेगा या कहीं और.. भगवान जी प्लीज !! अगले स्टॉप पर कोई औरत चढ़ जाए.. अगर कोई लड़की नहीं आई तो मैं उतर जाऊंगी..पर उतर के जाऊंगी कहां? बाहर अंधेरा होने वाला है..अगली बार पक्का टाइम से चलूंगी..किसी दोस्त के पास कॉल करूं क्या?.. नहीं.. मैं वैसे भी ज़ोर ज़ोर से बोलती हूं, और अगर हँसी तो कहीं ये लोग हिंट समझ लें..अच्छा इयरफोन ही लगा लेती हूं और गाने चलाने के लिए रहने दूंगी, सचेत रहना ज़रूरी है""

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    (हरियाणा रोडवेज की पहचान बरकरार रखते हुए, बस ने अचानक ब्रेक मारे, मेरा फोन गिरते गिरते बचा, कुछ लोग चढ़ते हैं , उनमें औरतें भी थीं और एक जवान लड़का भी जो मेरी बगल में बैठ गया)
    ""शुक्र है कि कोई आंटी तो दिखी, ये पूरी बस खाली है और इस लड़के को मेरे पास ही बैठना था, लगता तो सीधा सा है, पर जो दिखता है ना वो होता नहीं, जरूरी बकरी की खाल में भेड़िया मिलेगा,पक्का बोलने की कोशिश करेगा, अगर ज्यादा बातचीत की ना तो कह दूंगी..मेरा बॉयफ्रेंड है, यार प्यास लगी हुई है , पानी पियू या रहने दू, अगर इसने मांग लिया तो, कह दूंगी की बॉटल झूठी है, और फिर भी मांग लिया तो.. ना ना रहने दी देती हूं, बॉटल वैसे भी ऊपर रखी है, अगर उतारने के लिए खड़ी हुई तो सभी का ध्यान मेरी तरफ़ ही जायेगा,थोड़ी देर में बस आने ही वाला है शहर""
    (शहर आ जाता है, ऑटो से मैं मेरी दोस्त के घर की तरफ़ जाती हूं, अंधेरा छा चुका है और बत्तियां जल चुकी हैं)
    (मैं दोस्त से -)
    ""पता है, आज मैं अकेली आई हूं, और मैं डरी भी नहीं, और पता है मैं बस में सोई भी नहीं और किसी को अपने बारे में भी नहीं बताया..और ऑटो वाले भैया तो बड़े वाले रास्ते से आ रहे थे पर मैंने कह दिया था..कि मेरे पापा पुलिस में है और उन्होंने कहा है कि छोटे वाले रास्ते से ही जाना है..वो बेचारा डर गया और मुझे घर के गेट तक छोड़ के गया है, पापा को फोन कर के बता दूं कि अब मैं बड़ी हो गई हूं""

    उस नादान को नहीं पता कि इस दुनिया में अच्छे लोग भी हैं..तभी वो आज सही सलामत घर पहुंची है..और ये छोटी सी खुशी शायद उसे हिम्मत दे, जिंदगी के लंबे रास्तों को अकेले तय करने में..

    ©archana_000

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 50w

    #rachanaprati40

    घर आँगन की मैं तुलसी
    मैं ही पूजा की थाली
    भाई की नटखट बहन
    Papa की मैं लाडली
    ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
    पर ना जाने क्यों -- ख़ून के रिश्तो के बाद
    समाज में --- मैं देखी जाती बुरी नज़र से
    ये कैसा मेरा बजूद -----
    किसको मैं इल्जाम दूँ किसका है ये दोष
    पहन में छोटे कपडे ---- संस्कार को भूल
    समाज बदल रहा - बदलता मेरा स्वरूप
    कहीं पर मिले मान सम्मान तो कहीं पर उजड़ जाती ज़िन्दगी
    बेटी बनकर ससुराल जाती - दहेज़ की आग में रूह तक जल जाती
    ये कैसा मेरी ज़िन्दगी का इक रूप ..... !¡!
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 50w

    मैं लड़की ✍️

    जीवन के हर इक मोड़ पर
    ज़िन्दगी जिसके संग चले वो नाम हूँ
    जल की धारा मेरा इक रूप - मैं लक्ष्मी का स्वरूप
    मैं ही गीता मैं ही नमाज़ हूँ
    हर तरफ हर जगह मैं -----
    मैं ही धरती मैं ही चंदा चकोर हूँ ... !¡!
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • maakinidhi 50w

    व्यथा

    समाज हमारा बहुत प्रगति कर गया है!
    फिर क्यों कुछ अंधेरा शेष रह गया है?

    सुनसान रास्तों पर वो सहमी सी आंखें!
    नहीं महफूज मैं,ये कहती सी आंखें!!

    क्यूं अब भी ये दहशत सी छाई हुई है!
    वहशियत ये किसकी फैलाई हुई है!!

    सवेरा जो आएगा साथ लेकर सुरक्षा!
    तभी पूर्ण होगी हर मन की ये इच्छा!!

    न होगा कोई डर न भ्रम कोई होगा!
    जैसे एक नया सा जन्म कोई होगा!!❤️
    ©maakinidhi

  • anantsharma_ 50w

    #rachanaprati40 @shruti_25904
    @writersnetwork @miraquill @mirakeeworld
    #writersnetwork @hindiwriters



    क्या वास्तव मे एक लड़की माल है?
    माल अर्थात वस्तु
    एक ऐसी चीज जिसे उपयोग में लाया जा सके और उसके बाद उसे फेंक दिया जाए।

    गर सच में ऐसा है
    जिन लोगों को भी ऐसा लगता है , की एक लड़की माल है अर्थात एक वस्तु या यूं कहूँ की उपयोग कर के फेंके जाने वाली चीज।
    तो फिर ऐसा कैसे सम्भव हो सकता है इन्हीं लोगों की जो बहन माँ बेटियां है वो इस (माल) शब्द के दायरे में नही आती है।

    गौरतलब है कि गर ये (माल) शब्द जो इन जैसे कुछ नीच,निर्लज्जों लोगों द्वारा दूसरी लड़कियों के लिए इस्तेमाल किए जाते है ,
    उन लड़कियों में उन ज़ाहिल लोगों की माँ बहन बेटी भी शामिल होनी चाहिए थी परन्तु ऐसा नही है।

    क्यो?
    महज़ इस लिए क्योंकि वह उनकी अपनी माँ बहन बेटियाँ है।
    और इन लोगों को इस बात से घंटा नही फर्क पड़ता है कि ये जिन्हें (माल) कह कर संबोधित कर रहें हैं वह भी किसी की अपनी माँ बहन बेटी है।

    हाँ
    मगर इन जाहिलो में भी थोड़ी-बहुत अकल होती है।
    क्योंकि जब कोई अगला इनकी माँ बहन बेटियाँ को (माल) कहता है तो इन्हें बहुत फर्क पड़ता है।
    जबकि इन्हें भी फर्क नही पड़ना चाहिए ,
    क्योंकि एक लड़की तो इनकी नज़र में माल होती है।

    आज के समय मे कुछ लड़कियां साहसी हुई है जो इन सब बातों को बर्दाश्त नही कर पाती है।
    और इसका जवाब उन्हें पलट कर बखूबी देना आता है।
    और जो पूर्णरूपेण सही भी है।
    मगर समाज मे आज भी बहुत सारे नीच सोच के व्यक्ति है, जिन्हें इनका जवाब देना गलत लगता है।
    वो उल्टा इन लड़कियों को हीं दोषी ठहराते हैं।

    आज के समय में बहुत सारी लड़कियों को बाहर जा कर पढ़ने का भी मौका मिलता है।
    और बाहर आये दिन उनके साथ ऐसी घटनाएं होती रहती है।
    परन्तु महज इस डर से ये लड़कियां इन बातों को घर मे नही बतलाती है कि कहीं न गर इन बातों को घर मे बताया तो उनकी पढ़ाई में बाधा आ जाये,और उनकी आगे की पढ़ाई रोक दी जाएगी।
    और वह इसी घुटन के साथ जीती है अपनी पढ़ाई और अपने शौक को पूरा करने के लिए।

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    ◆एक लड़की◆

    यूं दुसरो की माँ बहन बेटियां को माल कहने वालों।
    खुद की माँ बहन पर बात आई तो (माल) शब्द को बुरा मानते हो।।
    जो घुटन भारी सांसे ले रही कई चिड़ियाँ तुम्हारे वजह से पिंजड़े में।
    उसकी आजादी अपनी बहन बेटियों से जोड़ के देखना क्या तुम जानते हो।।
    ©anantsharma_

  • yuvi7rawat 50w

    Rachanaprati40

    Isbar bola gaya ha ki ladki ki maan ki vyatha ko batao.

    Hmm thik ha par me ladka hu. Mujhe nahi pata ki ladkiya kya sochte ha. Aur mujhe koi farak bhi nahi padhta.

    Social media pe dil jeetne k liye pyari-pyari bate likh du, ye bol du ki ladko hame mat thako, hum jab ghar se nilke tho comments mat karo..aaji ghanta usse hoga kya???

    Mene real life me kya kiya ha vo batata hu na..jada se jada tum log bura maan jaoge na. Koi ni such sun k log bura he mante ha

    Naam nahi batauga kisika bhi. 11th class ki baat ha lunch-time me ground mai khade the hum sare ladke..10th ki do ladkiya (juniors) pas se nikal rahe the. Mere best friend ne chilla k bola " aabe ye sunny leone kaun hai?? " kyuki dono ladkiya mere dosto ki language me insaan nahi bas "maal" the.

    Undono ne aapna ser jhuka k waha se chale gaye. So aap samaj he sakte ho bhot bura laga hoga un dono ko..meri khopdi ghum-gaye or mene seedha jawab diya "sunny leone kaun hai vo ha tere Maa". Aab aap comment section me mujhe gaali doge ki Maa k liye kaise bol diya. Iska afsoos aajtak ha mujhe ki aapne best friend ki janani pe gaya me.

    Aacha hua kuch aisa ki iske badh mere class k ladko ne ladkiyo juniors ya seniors pe comments karna he chhod diya..kyuki unko pata tha " Yuvraj sabke samne pant utar dega ".

    Mujhe use time aur kya karna tha?? Gandhi ki tarah ahinsa ka path padhana tha aapne dosto ko. Pahale bhi try kiya tha kuch nahi hua. Ya un teachers se complaint karta jinke pas staff-room me bate karne aur makeup lagane se fursat nahi milte the.

    Ladkiyo aagar tum dab k rahoge na tho humara purush-pradhan samaj tumhe aur jada dabayega...ladhna seekho, rona nahi.

    Aur ha Gandhi se yaad aaya ki uski bakchodi se azadi mile aagar ye lagta ha na tho aapne muh pe thuk dena kyuki tumko history nahi pata..indian national congress se britisher ne agreement sign hua tha ki 2nd world war me 10 lakh indian soldiers japan aur germany k khilaf ladege British Indian army ki taraf se..mere par-nana jii " shri khushal pal singh bisht " ko japanese faujiyo ne aapne rifle k butt se mar-mar k unki hatya kardi the. Tab britisher yani angrejo ne is india ko azad kara tha..ishe shart pe. 3 lakh se jada jawan shaheed hue the is war me aapne. Ahinsa se azadi mili
    ©yuvi7rawat

  • ankahe_alfaz 50w

    .

    ये जो नज़रे है तुम्हारी इनको संभालो भी
    अब इन सहमे हुए परिंदो के पर काटने का ख्याल छोड़ो भी
    हमारी खामोशी को हमारी कमजोरी समझते हो
    इतने बेवकूफ हो की बस बनने की कोशिश करते हो

    कदम जो हमने इस दुनिया में रखे हैं
    खुद के लिए सही गलत का फैसला कर भी सकते हैं
    तुम्हारी नजरो पर पट्टी बांधना जरूरी है शायद
    कही लग ना जाए इन नन्हे परिंदो पर तुम्हारी बुरी नजर

    ©ankahe_alfaz

  • shru_pens 50w

    #rachanaprati39 #rachanaprati40 @beleza_
    @bhaijaan_goldenwriteszakir @anusugandh
    @anantsharma_ @sahildureja06
    Panchhi ban unmukt gagan mein
    Udd chalu mai saari dorein chhudakar
    Kisi ke kosne par bhi nahi aaungi mai
    Mujhe parinda nahi aasmaa banna hai

    Kya bigaada h maine tumhara
    Jo itna zaleel krte ho
    Tum mujhe sparsh karke to dekho
    Agni me bhasmit kar diye jaaoge
    Pachtaave ki raakh bhi nahi reh jaayegi

    Sabhi parindey ek si nahi hoti
    Kuch ko palat kar jawab dena bhi aata hai
    Ab mai koi maal to hu nahi
    Jo ukhadne ki sochte ho...

    Read More

    Aap sabhi ko meri prabhati shubheccha.
    Ummeed hai aap sab sakushal honge.
    Sarvpratham @beleza_ ko mai tahe dil se shukriya kehna chahungi jinhe mera lekh pasand aaya aur jinhone mujhe sanchalan ki baagdor sambhalne yogya samjha. Ummeed hai aap sab rachanaprati40 mein bhi apna sakriya yogdaan denge
    Aap sabka agla vishay hai... Uss ladki ki man ki vyathao ko prastut kijiye jise apne hi galiyo me chalna asurakshit mehsoos hota, usey insaan nahi, maal samjha jaata hai.

    Rachanaprati40 ki vijeta 13 July ko ghoshna ki jaegi.
    Aap apne miraquill priyajano ko comment section mein tag kar sakte hai .
    Apne lekh mein mujhe @shruti_25904 aur #rachanaprati40 ko tag karna naa bhoole
    ©shruti_25904

  • beleza_ 50w

    सबसे पहले मैं आकांक्षा जी को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने मुझे #rachanaprati39 के लिए चुना।
    @aka_ra_143 ��❤️��
    #rachanaprati39 में मेरा विषय था 'ख़ुद और विश्वास' जिसमे सभी लोगो ने बेहद ही ख़ूबसूरती से लिखा।������������
    जिनकी रचनाएं सबसे खूबसूरत थीं वो है
    @shruti_25904
    @unrealheterodox
    @tejasmita_tjjt
    @somefeel
    #rachanaprati40 की बागड़ोर @shruti_25904 को सौंपती हूँ। खूबसूरत व विश्वास से भरी हुई रचनाओं के लिए आप सभी का ह्रदय से धन्यवाद����������������������

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    ❤️ग़र अँधेरा है ज़िन्दगी, तो रौशनी के इंतज़ार में रहिये
    जो न टूटे कभी, ज़िन्दा उस विश्वास पे रहिये❤️
    ❤️
    हँसते रहिये, मुस्कुराते रहिये
    अपने विश्वास से भरे हुए शब्दों से
    उम्मीदों के दिए जलाते रहिये
    ❤️
    ©beleza_

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 52w

    #Rachanaprati all

    .
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • aka_ra_143 58w

    #Rachanaprati40
    @shruti_25904
    व्यथा हर उस लड़की की जो
    अकेली घर से निकलने को बार बार सोचे
    हर मोड़ पर असुरक्षित महसूस करे
    टेडी-मेड़ी गलियों में जाने से डरे
    सूनसान सड़कों पर जल्दी से चले
    सबकी नजरों से खुद को बचा कर चले
    फिर भी सभी की नज़रों में दूर से दिखे
    गर उसका दुपट्टा उड़े तो उसे सब देखे
    उसे लड़की नही माल समझे
    इतनी यातनाएं उसे सताये
    इसलिए वो अकेली जाने से हमेशा घबराए

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    मैं लड़की हूँ

    कोई कुछ भी बोले मैं चुपचाप सुन लूँ,
    क्योंकि मैं एक लड़की हूँ।
    हर दर्द मैं अपना हँसकर सह लूँ,
    क्योंकि मैं एक लड़की हूँ।
    ज़ुबान होते हुए भी मैं कुछ न बोलू,
    क्योंकि मैं एक लड़की हूँ।
    ख़्वाब अपने सारे मैं भुला दूँ,
    क्योंकि मैं एक लड़की हूँ।
    अपमान का कड़वा घूँट पी लूँ,
    क्योंकि मैं एक लड़की हूँ।
    मुझे ऐसा करने की सज़ा मिली है,
    क्योंकि मैं एक लड़की हूँ।
    ©aka_ra_143

  • aka_ra_143 63w

    #Rachanaprati40
    @shruti_25904
    इतना ही आसान होता किसी लड़की का जीना तो बात ही क्या थी यहां तो लोग एक लड़की को बस उपभोग की वस्तु समझते हैं बस दिखावा की हम हैं तुम्हारे साथ मगर साथ कोई नही होता
    बस लड़की को तो लोग कमजोर, लाचार, बेचारी, अबला समझते हैं जो कुछ नही कर सकती कुछ लोगों की मानसिकता ऐसी है कि ये लड़की है तो बस एक खिलोना है जब तक मन करे खेलो मन भर जाए तो तोड़ कर फ़ेक दो
    ज़िन्दगी भर एक लड़की को बस सहना ही होता है कोई कुछ भी बोले बस सुन लो बोलना चाहो भी तो सब चुप करा देंगे लड़की जात को इतना नही बोलना चाहिए लड़की को ये नही करना चाहिए लड़की को वो नही करना चाहिए
    दुनिया भर की रोक टोक बस एक लड़की के लिए ही है आखिर क्या करे वो लड़की जो अपने सपने देखने के बाद भी उन्हें पूरा नही कर सकती
    चाह कर भी अपने हिसाब से ज़िंदगी नही जी सकती चाह कर भी कुछ ऐसा नही कर सकती जिसमें सिर्फ उस लड़की की खुशी हो
    आखिर हर पाबंदी एक लड़की के लिए ही क्यों है कभी इसे भी अपने सपने जीने का हक़ दो कभी लड़की को भी अपनी दिल की हसरतें पूरी करने दो

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    लड़की

    मुझे खुद पर गर्व है कि मैं एक लड़की हूं
    ©aka_ra_143

  • anantsharma_ 108w

    #rachanaprati41 @shruti_25904 @aka_ra_143 @tejasmita_tjjt @beleza_ @archana_000
    #rachanaprati143 @happy81


    सबसे पहले मैं @shruti_25904 जी का बहुत आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो कि उन्होंने हमें #rachanaprati41 का कार्यभार सौंपा है। और उन सभी लेखकों को जिन्होंने #rachanaprati40 में अपना लेख दिया उनसे यह कहना चाहूंगा कि वाकई आप सबों की रचना सराहनीय और प्रसंसनीय थी , मैनें हरेक की रचनाएं पढ़ी।
    और साथ हीं सभी का शुक्रिया करना चाहूंगा जो आप सबों ने हमारी रचना को इतना प्यार दिया।��

    अब समय है #rachanaprati की कड़ी को आगे बढ़ाने हुए एक नया विषय देने का,
    तो आज के #rachanaprati41 का विषय है ( महादेव )
    मैंनें इस विषय का चयन इस लिए किया क्योंकि वैसे भी अब सावन का समय आने वाला है और सावन का महीना विशेष कर माहादेव के लिए बहुत प्रचलित है, और यह बहुत पावन भी माना जाता है।

    तो अब आप सबों से अनुरोध है इनपर बढ़ चढ़ कर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर,
    आप सबों के रचनाओं का हमें इंतजार रहेगा।��

    आप सभी अपनी रचनाओं को दिनांक 15/7/21 प्रातः 00:10am बजे तक दे सकते हैं।

    __________________
    विषय:-महादेव
    -------------------------------

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    ◆महादेव◆

    कालों के महाकाल हो
    दुखियों के दिन-दयाल हो।
    देवों में त्रिदेव हो
    तुम हीं तो महादेव हो।

    असुरों के संहारक हो
    सृष्टि के तुम पालक हो।
    भूतों के तुम नाथ हो
    तुम ही तो भोलेनाथ हो।

    गंगा के तुम धारक हो
    चँद्रमा के कष्ट निवारक हो।
    समुद्रमंथन के विष को धारण करने वाले
    तुम ही तो विषधारक (नीलकण्ठ ) हो।

    सती के प्रेम पुजारी हो
    गणपति के पितृ प्यारे हो।
    नन्दी तेरी सवारी है
    तू हीं तो जटाधारी है।

    सर्प है तेरे गले की माला
    भभूतियों में तुम लिपटे हो।
    शमशानों में तेरा वास हो
    तुम्ही तो अघोरी नाथ हो।

    देबों के महादेव हो
    कालों के महाकाल हो।
    जिसका कभी ना कोई अंत
    तुम तो वही अनंत हो।।
    ©anantsharma_

  • sandye 126w

    define Girl ?

    Girl..is .apple of my eye
    Girl is flower, not fruit
    ©sandye