#rachanaprati41

17 posts
  • anantsharma_ 50w

    @beleza_ @shruti_25904
    #rachanaprati41 #rachanaprati42

    @bhagyshre @tejasmita_tjjt @maakinidhi आप लोगों की लेख वाकई कमाल की थी।
    और आप सभी जिन्होंने अपनी रचना दी आप सबों की लेख बहुत अच्छी थी।
    आप सबों का बहुत शुक्रिया।

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    ◆◆

    सर्वप्रथम मैं बहन @shruti_25904 का आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो इन्होंने मुझे #rachanaprati41 का कार्यभार सौंपा ।
    और उन तमाम लेखक/लेखिकाओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिन्होंने #rachanaprati41 में अपने अनमोल लेख प्रस्तुत किए।
    आप सबों की लेख प्रसंसनीय थी वाकई बहुत हीं बेहतरीन लिखा आप सबों ने।
    चुकी इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए मुझे आप सभी लेखक/लेखिकाओं में से किसी एक का चयन करना है जो मेरे लिए वाकई बहुत कठिन कार्य है।
    परंतु इस क्रम को आगे बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है तो मैं जिनका चयन करता हूँ वो हैं @beleza_ जी।
    इनकी रचना वाकई बढ़िया थी।
    आशा करता हूँ आप सबों का समर्थन इन्हें मिलेगा।

    @beleza_ जी अब @rachanaprati42 का कार्यभार आपको सौंपा जाता है, अब आप इस क्रम को आगे बढ़ाए।
    ©anantsharma_

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 50w

    माफ़ करना ज्यादा कुछ पाता नही ?
    #jp #rachanaprati41 @anantsharma_ @didi__alka @aka_ra_143 @anusugandh @shivi_18

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    #Rachanaprati41

    बम बम का लगा है नारा
    देखो भक्तों सावन का मौसम है आया

    हर इक दिल में सोलाह सोमबार ब्रत रखने की आस
    सज रही हर इक इक घर में पूजा की थाल
    डमरू बजाते शिव आए - हर इक घर आँगन में
    बनकर पतझड़ में सावन की बहार .......
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • tejasmita_tjjt 50w

    #rachanaprati41
    @anantsharma_ @aka_ra_143 @beleza_
    @yuvi7rawat @rahat_samrat

    आया भोले नाथ का प्रिय महीना
    कर लो तुम उसकी आराधना
    सभी कष्टों के हैं वो निवारक
    डूबती नैया के हैं वो तारक
    ����������������

    भांग धतूरा बील करो तुम अर्पित
    महादेव हो जाते भक्त पर समर्पित
    जब भी त्रिनेत्र खोले डमरू बाजे
    भय से धरा भी कांपे गगन भी डोले
    ������������������

    दूध दही मीठे का तुम भोग लगाओ
    चंदन का माथे पे तिलक लगाओ
    सावन में नाग देवता को ना सताओ
    मनचाहा तुम भोले से वर पाओ
    ������������������

    ऐसे हैं भोले भंडारी जटा में गंगा विराजी
    चंद्रमा ललाट पर साजे गले में सर्प सोहे
    सच्ची भावना से करो तुम इनकी पूजा
    इनके समान नहीं है कोई दूजा
    ����������������������

    देवों के देव हैं महादेव नाम हैं अनेक
    श्रद्धा अटूट विश्वास रखो शिव पर
    सदा कृपा बनाए रखते हर जीव पर
    हर गम को हर लेते बुराई को नाश कर देते
    ��������������������

    शिव के बिना नश्वर सारा संसार
    गरल है जिनके कंठ में अपार
    सृष्टि के हैं वो पालक और चालक
    दुष्टों के लिए हैं बड़े वो घातक
    ������������������

    ऐसे हैं महादेव शिव शंकर भोले
    सावन में जो जय जयकार बोले
    उसकी हर विपदा हर संकट टले
    हर हर महादेव बंदे तू रट ले
    ������������������

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    शव हूं मैं शिव के बिना
    देवों के देव महादेव
    ©tejasmita_tjjt

  • mamtapoet 50w

    शिव शक्ति

    कंठ में हलाहल, जटा में अमृत निर्मल
    सुर असुर जिसको जपते प्रतिपल।
    लंका प्रस्थान से पहले राम ने इनको पूजा
    विश्व हित सोचे न कोई इनके सम दूजा।
    काल भी क्या उसको डराएं
    महाकाल की शरण में जो शीश नवाये।
    बड़े भोले भंडारी है मेरे बाबा
    इनका प्रिय सावन महिना आया।
    गुणगान इनका करते न जिह्वा थकती
    वाम अंग में जिनके बिराजे स्वयं शक्ति।
    गौरी शंकर के सम जोड़ी ही हर कोई चाहे
    प्रेम इतना अगाध और कोई कहा पाए।
    अंत यही , आरंभ यही
    शिव में ही समाया सब सार हैं।
    शिव ही सत्य शिव ही सुंदर
    शिव ही स्वर्ग शिव ही मोक्ष
    शिव ही आदि शिव ही अनंत,
    शिव ही साध्य, शिव ही आराध्य है।।

  • _do_lafj_ 50w

    अंत है, अनंत है,��
    शिव ही बस सत्य है।।��

    #rachanaprati41
    #rachanaprati143
    @happy81

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    महादेव

    शिव के बिना ब्रह्मांड अपूर्ण है,
    शिव शक्ति से ही तो पूर्ण है।।
    गौरी के जो सिंदूर है,
    पूरे ब्रह्मांड का वो स्वरूप है।।
    आदि है, अनादि है,
    कालो के काल है।।
    शिव सत्य, शिव असत्य,
    शिव महाकाल है।।
    अंत है, अनंत है,
    शिव ही तो सत्य है।।
    नीलकण्ठ, भोलेनाथ, त्रिनेत्रधारी,
    पूरा ब्रह्मांड है शिव का पुजारी।।


    ©_do_lafj_

  • shivi_18 50w

    महादेव

    दुखी जनों के कष्टों का करते महादेव अंत,
    वो ही सबके भाग्य विधाता, वो ही आदि अनंत
    ©shivi_18

  • bhagyshre 50w

    @anantsharma_ @shruti_25904 #rachanaprati41

    Aise hi likh diya bas ����

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    कभी दिन के उजाले से हो तुम,
    कभी रातों के स्याह से तुम,
    किंतु मेरे लिए उस अंधकार में भी मेरे चांद से हो तुम ।

    निर्माण भी तुम,
    विनाश भी तुम ।
    भविष्य भी तुम हो ,
    काल भी तुम,
    किसी सरिता से शांत तुम,
    किसी सहलाभ से विकराल तुम ।

    क्या कहूं मैं तुमसे , जब मेरी बातें ही तुम।
    क्या देखूं में स्वयं को ,
    जब मेरा दर्पण भी तुम ।
    मेरा सब कुछ तुम को अर्पण ,
    मेरा संसार हो तुम ।
    मुझे प्रेम है तुमसे ,
    मेरा प्रेम भाव भी तुम ।

    आर्य तुम मेरे ,
    अर्धांगिनी मैं तुम्हारी ।
    जो बनो तुम मेरे शिव ,
    हो जाऊं मैं सती ।


    ©bhagyshre

  • yuvi7rawat 50w

    Mahadev

    Khol trinetra jagat pe bhari,
    He omkar teri lilla ha nayari,
    Paap se bhari duniya ye sari,
    Sirf satya ha bhole-bhandari...

    Shiv-shankar kailash adhikari,
    Bhakt tha inka Ravan ahankari,
    Maa Parvati aapki ardhangini,
    Karte ho aap nandi ki sawari...

    Chandrama aapke ser pe saje,
    Akash-ganga jatha me nache,
    Damru aapke haat pe baje,
    Hum ha aapke prem k pyase...

    Namo Parvati Pate:,
    Har Har Mahadev
    ©yuvi7rawat

  • shru_pens 50w

    Mai punah meri cinderella @beleza_ ko shukriya adaa karna chahungi jinhone mujhe sanchalan karne ka swarnim mauka diya. Sabhi ne bahut hi sundar tareeke se ek ladki ke man ki vyathao ko apne lekh mein prastut kiye. Sarvshreshth rachna ka chayan karna bahut mushkil tha. Fir bhi jinki rachnayein dil ko chhoo gyi, wo hai ---
    @aka_ra_143, @beleza_, @tejasmita_tjjt, @anantsharma_ @archana_000

    Mai #rachanaprati41 ke sanchalan ki baagdor @anantsharma_ ko saunpti hu
    ©shruti_25904

  • shrii_ 52w

    ॐ नमः शिवाय

    हे मेरे भोले भंडारी,महिमा है तेरी सबसे न्यारी
    करता है तू नन्दी की सवारी,तेरी छवि है सबसे प्यारी वस्त्र खाल बागम्भर सोहे,भस्म भभूती मन को मोहे
    गले है तेरे सर्पों की माला,सर पर तेरे चंद्र विराजे
    तू है त्री नेत्रों वाला,कहलाए तू त्रिनेत्र धारी
    एक हाथ में त्रिशूल धरा है,तो दूसरे हाथ में डमरू
    भांग धतूरा तुमको प्यारे,बेलपत्र से तुम खुश हो जाते
    मां पार्वती है अर्धांगिनी तुम्हारी तीनों लोकों में सबसे सुंदर जोड़ी तुम्हारी
    तुम हो पिता तो माँ पार्वती है माता हमारी।।
    नए-नए नाम तुम्हारे बाबा,तुम तो हो शिव त्रिपुरारी भोला
    हे मेरे भोले भंडारी महिमा है तेरी सबसे न्यारी..

    ©shrii_

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 53w

    #Rachanaprati all

    .
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • beleza_ 61w

    #jas_felt_��
    #rachanaprati41

    ��OM��NAMAH��SHIVAY��

    ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
    मैं शिव की जोगन हो जाऊं,
    शिव के अहसासों में ख़ो जाऊं
    मैं हर ओर देखूं और शिव को ही पाऊं,
    बस शिव की नज़रों से नज़रें मिलाऊं
    दिल मेरा भी शिव में खोकर धड़के,
    ऐसे प्रेम के दिए जलाऊं
    खोकर शिव में, शिव के लिए ही
    अपने लबों पर कमल खिलाऊं
    ताउम्र शिव आपके साथ से मैं
    मुसीबतों में भी मुस्कुराती जाऊं
    ऐ शिव आप पर भरोसा अटूट है मेरा
    आपके साथ होने से काँटों का सफ़र भी
    मलंग होकर पार कर जाऊं
    ऐ शिव आप तो ज़िन्दगी का हिस्सा है
    मैं आपकी रचित रचना बन जाऊं
    डर से न हो वास्ता कभी मेरा
    ऐ शिव मैं वो शक्ति बन जाऊं
    प्रेम में खोकर आपके
    मैं प्रेम की परिभाषा बन जाऊं
    ऐ शिव बस आपका ही अरमान करुं
    आपकी बेशक़ीमती नज़रों की
    बस एक शौहरत हो जाऊं
    शिव, शिव ,शिव, शिव बस
    शिव ही शिव मैं दोहराऊं
    ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

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    If you will splinter
    he will hold hands
    If you melt from trouble
    he will give you
    a way to recover
    Prayers are accepted
    without worship
    If you keep
    humanity in heart
    then he will loVe you
    ©beleza_

  • aka_ra_143 62w

    #Rachanaprati41
    @anantsharma_
    ����️����️����️����️����️����️
    देखो अब सावन मनभावन आये
    हरियाली देखो हर ओर ये साथ लाये
    वो अघोरी महादेव सावन में पूजे जाये
    शिवजी के चरणों मे हम शीश झुकाए
    महादेव शिव-शम्भू वो त्रिनेत्र कहलाये
    डमरू, त्रिशूल शिव आपने साथ लाये
    महादेव नागों को गले मे चारों ओर फैलाये
    भक्तगण महादेव की जय-जय कार लगाये
    भांग, धतूरा, पुष्प, सब महादेव को चढ़ाए
    महादेव आपके आगे हम अपना शीश झुकाए
    ��������������������������
    ©aka_ra_143

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    महादेव

    रुद्र है वो अघोरि है वो
    प्रेमी है वो विनाशक है वो
    रक्षक है वो महाकाल है वो
    शिव है वो त्रिशूलधारी है वो
    हे शिव!तुम ही कल्याणकारी हो
    ©aka_ra_143

  • aka_ra_143 63w

    महादेवा

    अघोरि है वो शिव
    काल है वो शिव

    डमरू हाथ है उनके
    त्रिशूल साथ है उनके

    भांग के शौकीन है वो
    नाग को लिए गले में वो
    ©aka_ra_143

  • maakinidhi 68w

    #happy arrival of month of mahadev to all of you,to you all����������������❣️❤️#rachanaprati41@anantsharma_

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    आराधना

    हे नीलकंठ हे महादेव!
    वंदन है हे देवों के देव!

    विषपान तुम्हीं थे कर सकते!
    अर्धनारीश्वर तुम ही बन सकते!
    तुमको नित मेरा आराधन!
    चरणों में कोटि-कोटि वंदन!

    विष रूप में जग की वेदना पी!
    नारी प्रतिष्ठा को संकल्पना दी!
    हे देव तुम वस्तुत: अप्रतिम हो!
    दानी तुम जग में सर्वोत्तम हो!

    मस्तक पर सुशोभित चंद्र प्रभु!
    मां गंगा जटा से बहतीं अविरल!
    जनहित भावना से ओत-प्रोत!
    मन जिनका कोमल और निर्मल!
    तन जिनका चंदन सा शीतल!

    हे नीलकंठ हे महादेव!
    वंदन है हे! देवों के देव!
    ©maakinidhi

  • maakinidhi 95w

    सासू मां

    मुझे नहीं पता लोगों की सास के बारे में क्या धारणा है... मैं आज आपको अपनी सासू मां के बारे में बताऊंगी...

    शादी हुई तो सीधा उत्तर से दक्षिण भारत जा पहुंची मैं!
    मन में डर था कैसे अपनाऊंगी वह परिवेश भी मैं!
    पति के साथ तो भाषा की कोई समस्या कभी न थी!
    पर परिवार को दिल से अपनाने की चाह भी थी!

    मेरे पति परमेश्वर ने एक डायरी मुझे बनवाई थी!
    जिसमें जरूरी शब्दावली सब उन्होंने लिखवाई थी!
    तेलुगू भाषा में है संस्कृत की अधिकता, मैंने जाना था!
    अच्छी थी मेरी संस्कृत,तो काफी कुछ समझ आ जाना था!

    पहले कुछ दिन कुछ-कुछ समस्या उनको बात समझाने में आई थी!
    फिर अगले दिन से डायरी ने अपनी महती भूमिका निभाई थी!
    जब उनसे हल्दी की जगह पसुपु,मांगा तो सासू मां मुस्काई थीं!
    पहली बार देखा मैंने रौनक उनके चेहरे पर आई थी!

    धीरे-धीरे सामंजस्य हमारा इतना अच्छा बनता गया था!
    वो चाय समझने लगीं थीं और मैं कारम समझ गयी थी!

    व्रत, त्योहार, मंदिर और पूजा, मुझे अच्छे लगने लगे थे अब!
    मेरी बनाई रोटियां घर में सभी,पड़ोसी भी खाने लगे थे अब!


    इसी तरह से खाना-पीना भी एक-दूसरे का अपनाया था हमने!
    और सबसे बढ़कर एक-दूजे को दिल से स्वीकारा था हमने!

    अच्छे से अच्छा व्यंजन मुझे बनाकर खिलाती हैं!
    मन से आशीर्वाद हैं देती, ढेरों लाड लगाती हैं!

    जब इतनी उलझी परिस्थितियों में भी जब कहानी मेरी सुलझी है!
    तो आपको तो सामंजस्य बिठाने की हर परिस्थिति पहले से मिली है

    सबको बस यही सलाह मेरी कि यह रिश्ता अच्छे से निभाओ आप!
    बेटी मानो बहू को और उसके लिए उसकी मां बन जाओ आप!
    ©maakinidhi

  • anantsharma_ 108w

    #rachanaprati41 @shruti_25904 @aka_ra_143 @tejasmita_tjjt @beleza_ @archana_000
    #rachanaprati143 @happy81


    सबसे पहले मैं @shruti_25904 जी का बहुत आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो कि उन्होंने हमें #rachanaprati41 का कार्यभार सौंपा है। और उन सभी लेखकों को जिन्होंने #rachanaprati40 में अपना लेख दिया उनसे यह कहना चाहूंगा कि वाकई आप सबों की रचना सराहनीय और प्रसंसनीय थी , मैनें हरेक की रचनाएं पढ़ी।
    और साथ हीं सभी का शुक्रिया करना चाहूंगा जो आप सबों ने हमारी रचना को इतना प्यार दिया।��

    अब समय है #rachanaprati की कड़ी को आगे बढ़ाने हुए एक नया विषय देने का,
    तो आज के #rachanaprati41 का विषय है ( महादेव )
    मैंनें इस विषय का चयन इस लिए किया क्योंकि वैसे भी अब सावन का समय आने वाला है और सावन का महीना विशेष कर माहादेव के लिए बहुत प्रचलित है, और यह बहुत पावन भी माना जाता है।

    तो अब आप सबों से अनुरोध है इनपर बढ़ चढ़ कर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर,
    आप सबों के रचनाओं का हमें इंतजार रहेगा।��

    आप सभी अपनी रचनाओं को दिनांक 15/7/21 प्रातः 00:10am बजे तक दे सकते हैं।

    __________________
    विषय:-महादेव
    -------------------------------

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    ◆महादेव◆

    कालों के महाकाल हो
    दुखियों के दिन-दयाल हो।
    देवों में त्रिदेव हो
    तुम हीं तो महादेव हो।

    असुरों के संहारक हो
    सृष्टि के तुम पालक हो।
    भूतों के तुम नाथ हो
    तुम ही तो भोलेनाथ हो।

    गंगा के तुम धारक हो
    चँद्रमा के कष्ट निवारक हो।
    समुद्रमंथन के विष को धारण करने वाले
    तुम ही तो विषधारक (नीलकण्ठ ) हो।

    सती के प्रेम पुजारी हो
    गणपति के पितृ प्यारे हो।
    नन्दी तेरी सवारी है
    तू हीं तो जटाधारी है।

    सर्प है तेरे गले की माला
    भभूतियों में तुम लिपटे हो।
    शमशानों में तेरा वास हो
    तुम्ही तो अघोरी नाथ हो।

    देबों के महादेव हो
    कालों के महाकाल हो।
    जिसका कभी ना कोई अंत
    तुम तो वही अनंत हो।।
    ©anantsharma_