#rachanaprati42

11 posts
  • tejasmita_tjjt 56w

    #rachanaprati42 #rachanaprati43

    सबसे पहले @anantsharma_ @beleza_ जी का बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहूंगी जिन्होंने मुझे संचालन का काम सौंपा। मैं आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहूंगी��������❤️❤️❤️❤️❤️ जिन्होंने "सास बहू" के रिश्ते को अलग अलग और नए रूप में प्रस्तुत किया। सबकी रचनाएं श्रेष्ठ थी������������������
    और माफी चाहूंगी देरी के लिए, तबियत थोड़ी नासाज होने के कारण इस कड़ी में रुकावट आ गई थी इसका मुझे खेद है।����������������
    आगे विजेता के रूप में मैं @bhaijaan_goldenwriteszakir @aka_ra_143 @maakinidhi को घोषित करती हूं जिन्होंने बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण रचना प्रस्तुत की।

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    आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद और आभार जिन्होंने मेरे टॉपिक को पसंद किया और अपने अपने विचार प्रस्तुत किए। आगे संचालन का कार्य मैं @bhaijan_goldenwriteszakir को सौंपती हूं।
    इस कड़ी को आगे बढ़ाए।
    धन्यवाद
    ©tejasmita_tjjt

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 57w

    एक सत्य ✍️

    कब ख़त्म होगी सास बहू की जंग
    बहू ने उठाय सास के हर इक सितम
    फिर बही कहानी उस बहू ने सास बनकर निभाई
    एक बेटी बहू बनकर सास की परछाई ही रही .....

    मनमन्दिर की तरहा घर को सजाकर रखा जिस पत्नी ने
    अपने पति को देवता बच्चो को फूलों की तरहा रखा
    ज़ब आई उस घर को जन्नत बनाने बहू लक्ष्मी
    तब माँ से सास बनकर - बेटे बहू में अनबन शुरू हने लगी
    बेटा भूल ना जाए माँ का प्यार कहीं बट ना जाए माँ का प्यार
    ये डर दिल में माँ लिए पति पत्नी के बीच एक दरार दुरी की खींचती रही ...
    ये बात बेटा जान ना सका रहा दूर माँ पत्नी से जिसमे वो उलझा ही रहा
    काश बेटा माँ के प्यार को समझ पाता -- वो अपनी बीबी और माँ के झगडे को प्यार में बदल पाता ----
    तो आज सास बहू नही --- एक बेटी एक माँ की कहानी का नया अध्याय शुरू होता ------------

    गलती माँ और बीबी की नही बेटे की है ------ जो उनके प्यार एहसास को समझ ना सका ----
    बेटा माँ लिए उतना ही अनमोल है जितना बीबी के लिए ...
    रिश्तो की डोर बड़ी नाजुक होती है
    जिसका धागा हर इक हिस्से में होता है
    जहां कमजोर एक कड़ी हुई --- बहाँ घर कब माकान बनजाए पता नही चलता .....
    बस इतना ही कहूंगा -- घर को घर बनाने के लिए औरत के साथ आदमी का भी उतना ही योगदान होता है
    चाहे वो पिता हो पति हो या हो बेटा हर एक का होना लाज़मी है ...
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 57w

    सास भी कभी बहू थी

    बाबूल के आँगन से होकर दूर
    अजनबी शहर अनजान लोगों के बीच
    एक बेटी आई निभाने ____
    बेगाने लोगों में एक रिश्ता संजोने
    जो आई पीछे छोड़ अपनों को
    ज़ब लिए अग्नि के साथ फेरे
    भरकर मांग में सिंदूर ---- ---- ------
    एक नई दुनियां में ससुर को अपने पिता का मानसम्मान दिया
    सास को माँ की परछाई - ननंद को बहन का आईना
    देवर को छोटे भाई का नटखट रूप
    ना जाने कितने ख़्वाब कितनी उम्मीद के चिराग लेकर तन्हा वो कर घर में आई .... एक बहू लेकर बेटी का रूप .....

    देख कर ज़िन्दगी का आईना वो मुस्कुराती रही
    फ़ूल सी वो नाजुक गुड़िया --- हर एक गम को भुलाकर ख़ुशी ख़ुशी आगे बढ़ती चली गई -----
    कब उसकी ज़िन्दगी में एक नन्ही सी गुड़िया आई
    भूल कर अपने दर्द को वो फिर फ़ूल की तरहा खिल आई
    वक्त का आईना फिर बदला माँ की गोद में बेटे ने जन्म लिया
    कब ज़िन्दगी बदलती चली गई बहू फिर कब सास बन गई
    भूलकर अपने गम अपनी तकलीफ वो जुर्म फिर बहू से करने लगी
    क्या थी तकलीफ एक बेटी की वो दर्द भूल कर वो औरत सास बनगई

    वक्त कभी किसी के साथ नही चलता - हर बार लौट कार साथ बही चलता है जो खुली आंखे देखती है
    बंद आँखों के ख़्वाब तो चंद पल के मेहमान होते हैँ
    जो पल भर के बाद टूट कर बिखर जाते हैं
    ...... आओ मिल कर बेटी के दर्द को बयां करते है
    बहू के घर को बाबूल की बगिया बनाते है
    जहां फर्क ना हो किसी रिश्तों में उस आँगन में खुशियों के फ़ूल सजातें है ..... आओ मिलकर बहू को बेटी बनाकर रखते हैं

    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • tejasmita_tjjt 57w

    #rachanaprati42
    @aka_ra_143 @bhaijaan_goldenwriteszakir
    @maakinidhi @shivi18 @didi__alka

    <<<<<सफर लड़की से बहू बनने तक का>>>>

    ब्याह बाद जब बहू घर आई बड़े ही चाव से स्वागत हुआ
    कुछ दिन मान मनुहार चला सब काम खुशी से पूरा हुआ
    धीरे धीरे दिन गुजरने लगे बहू अब भी बहू है पर
    पहले जैसी उसकी मान मनुहार नहीं
    जरा सा जोर से हंसने लगी तो टोका धीरे हंसा कर
    जरा सा जोर से बोलने लगी तो रोका धीरे बोला कर
    जरा सा पल्लू खिसका तो "शर्म हया है या नहीं" तंज कसा

    मतलब घर कहने को मेरा है मगर मेरा नहीं है
    थोड़े समय बाद पतिदेव से भी बात बात पर अनबन होने लगी
    "जब से आई है क्लेश ही करती है" सास भी ये कहने लगी
    किसी से कुछ न कहती बस चुपचाप सब कुछ सहने लगी
    उसकी इच्छा उसकी भावना उसके सपने किसी ने ना जाने
    कमियां निकालने के फिर बस सब ढूंढने लगे बहाने
    जी जान लगाकर सबका दिल जीतने की वो कोशिश करती
    किसी का किसी बात पे दिल ना दुखे हर पल ये जतन करती

    चाहे जन्मदिन हो या सालगिरह बहुत धूमधाम से वो मनाती
    बदले में उसके जन्मदिन पर कोई न कोई उलहाना ही खाती
    उपहार तो दूर प्यार से किसी ने सिर पे भी हाथ न रखा
    जो खुशी पीहर में मिलती जरा सा स्नेह भी यहां न मिला
    मुस्कुरा कर सबके सामने आंसू छुपाना सीख लिया
    इन हालातों के साथ उसने ये समझौता कर लिया

    पति जब काम से लौटता वक्त अपना मां बाप के साथ बिताता
    दिनभर क्या किया क्या नहीं ये सारा हिसाब उसे दिया जाता
    वो नादान नासमझ भावनाएं उसकी कभी नहीं समझता
    कितनी मोहब्बत करती वो उससे इसका भी ध्यान नहीं करता
    अपनी हर जरूरत वो उससे पूरी कर ही लेता
    तकलीफ गर उसे कुछ होती "सब ठीक हो जाएगा"
    कहकर बस मुंह अपना फेरकर वो चला जाता

    पीठ पीछे क्या क्या उसके लिए कहती सामने झूठा प्यार जताती
    अपने ही बेटे का जाने क्यों वो घर बर्बाद करती
    बेटे के प्रति उसका प्यार उसकी(पत्नी) परवाह उसको(सास) न दिखती
    दिखता बस इतना कि "ये पराए घर की है"
    सच कहा है औरत ही औरत की दुश्मन बनी है
    सास बहू की कहां कब बहुत अच्छी बनी है
    ये रीत है जो चली आ रही है सदियों से
    जाने कब सास बहू को समझेगी बेटी
    और बहू कब कहेगी सास के रूप में मुझे मां मिली

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    *****

    NOTE [PLEASE DON'T LIKE WITHOUT READ]

    *सफर लड़की से बहू बनने तक का*

    See the caption
    ©tejasmita_tjjt

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 57w

    सास बहु ✍️

    माँ कब सास बन गई
    और बेटी कब बहु बन गई
    बदलता चला गया वक्त के साथ कारवां
    कब एक औरत दूसरी औरत की दुश्मन बन गई ...

  • yuvi7rawat 57w

    Saas-bahoo

    Kasautii zindage ki se lekar,
    Sasural simar ka tak,
    Dekhi saas-bahoo ki nok-jhok...

    Yudh-shetra ban jata ha ghar,
    Jab-jab takraye ye,
    Pataal-lok aur Par-lok...

    Saas bole bahoo ha beti,
    Bahoo bole maa ha saas,
    Mahabharat na ho dono mai,
    Aagar baap-beta ho aas paas...

    Saas bole ek Pota tho dena,
    Bahoo chahe aapna alag basera,
    Saas kahe khane me namak kam dalna,
    Bahoo kahe tum ghar se bahar nikal jana...

    Iss saas-bahoo k riste me,
    Thoda gussa ha tho thoda ha pyar,
    Mil k rahe aagar ye dono tho,
    Ghar ko banade ek sundar sansar...
    ©yuvi7rawat

  • aka_ra_143 57w

    #Rachanaprati42
    @tejasmita_tjjt
    सास-बहू दोनों ही एक औरत के दो भाग है
    एक दूसरे के प्रति इनका कर्तव्य भी अनोखा है
    कभी खट्टी-मीठी तकरार तो कभी बेशुमार प्यार है
    सास-बहू का रिश्ता इस जग में बेहद ही निराला है
    एक दूसरे की कभी परवाह तो कभी नाराजगी है
    सास बहू को बेटी समझे, बहु सास को समझे माँ
    सास-बहू का रिश्ता भी इस जग में मां-बेटी ही जैसा है
    @greenpeace767 @mamtapoet @anusugandh @didi__alka

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    सास-बहू

    कुछ रिश्ता इनका ऐसा है
    नींबू चीनी के जैसा है
    एक बोले मीठे से बोल
    दूजी बोले नींबू से बोल
    सास-बहू के चक्कर में
    बेटे का बोलबाला गोल
    सास कहे बेटा बहुमूल्य
    बहू कहे पति अनमोल
    ©aka_ra_143

  • tejasmita_tjjt 57w

    @anantsharma_ @beleza_

    #rachanaprati42
    सर्व प्रथम मैं @beleza_ और @anantsharma_ जी का बहुत आभार व्यक्त करना चाहूंगी कि उन्होंने @rachanaprati42 का कार्यभार मुझे संभालने का मौका दिया। आप सभी का तहे दिल से बहुत बहुत शुक्रिया ������������ जिन्होंने मेरी रचनाओं को खूब पसंद किया और इतना प्यार दिया। सबकी रचनाएं एक्स बढ़कर एक होती हैं।

    इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए हमारा अगला विषय जो मैं बताने जा रही हूं वो कुछ ऐसा है कि हम सब उससे परिचित हैं और जानते भी हैं। हमारा अगला विषय जो है वो है एक "सास बहू" का।
    आप सभी जानते हैं कि सास बहू का रिश्ता खट्टा मीठा होता है, कभी झगड़ा कभी तकरार तो कभी आपसी लगाव सब कुछ देखने को मिलता है।
    हालांकि आज का दौर बदल चुका है और इस रिश्ते में काफी कुछ बदलाव आ चुका है फिर भी आप सभी अपनी अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें।

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    #rachanaprati42

    समय की व्यस्तता के कारण विषय के चुनाव और आपको अवगत कराने में विलम्ब के लिए क्षमा चाहती हूं ।
    "सास बहू" की खट्टी मीठी नोंक झोंक पर अपनी अपनी प्रतिक्रिया अवश्य प्रस्तुत करें
    आपकी रचनाओं का इंतजार रहेगा।
    विजेता का चयन 19 जुलाई 12PM को घोषित किए जायेंगे।
    धन्यवाद
    ©tejasmita_tjjt

  • anantsharma_ 57w

    @beleza_ @shruti_25904
    #rachanaprati41 #rachanaprati42

    @bhagyshre @tejasmita_tjjt @maakinidhi आप लोगों की लेख वाकई कमाल की थी।
    और आप सभी जिन्होंने अपनी रचना दी आप सबों की लेख बहुत अच्छी थी।
    आप सबों का बहुत शुक्रिया।

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    ◆◆

    सर्वप्रथम मैं बहन @shruti_25904 का आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो इन्होंने मुझे #rachanaprati41 का कार्यभार सौंपा ।
    और उन तमाम लेखक/लेखिकाओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिन्होंने #rachanaprati41 में अपने अनमोल लेख प्रस्तुत किए।
    आप सबों की लेख प्रसंसनीय थी वाकई बहुत हीं बेहतरीन लिखा आप सबों ने।
    चुकी इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए मुझे आप सभी लेखक/लेखिकाओं में से किसी एक का चयन करना है जो मेरे लिए वाकई बहुत कठिन कार्य है।
    परंतु इस क्रम को आगे बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है तो मैं जिनका चयन करता हूँ वो हैं @beleza_ जी।
    इनकी रचना वाकई बढ़िया थी।
    आशा करता हूँ आप सबों का समर्थन इन्हें मिलेगा।

    @beleza_ जी अब @rachanaprati42 का कार्यभार आपको सौंपा जाता है, अब आप इस क्रम को आगे बढ़ाए।
    ©anantsharma_

  • bhaijaan_goldenwriteszakir 60w

    #Rachanaprati all

    .
    ©bhaijaan_goldenwriteszakir

  • anantsharma_ 101w

    #rachanaprati42 @tejasmita_tjjt
    #prayasss40
    ◆सास◆


    हर बेटी की यही आस अपनी माँ की तरह हीं हो उसकी सास।

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    ◆सास◆

    हर बेटी की यही होती है आस
    ब्याह के बाद मिले माँ की तरह हीं सास
    जो बिन कहे समझ जाती सारे अनकहे अल्फाज
    चाहे वह अजनबी के रूप में ही क्यूं ना हो उसकी सास।
    ©anantsharma_