#rachanaprati66

23 posts
  • sajank 44w

    29.08.201. 7:28pm
    #rachanaprati66 @rahat_samrat thoda late ho gya hu aadat se majboor �� ��
    #Sj #heart #broken #alone #shayari #Hindi #hindiwriters #love #shej #dishu

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    मैं क्या लिखूँ प्रेम पर
    प्रेम का मतलब क्या समझाऊँ मैं,
    मैं खुद वंचित हूँ प्रेम से
    तुम्हें क्या महसूस कराऊँ मैं,
    चोट तुम्हें लगे, दर्द मुझे हो
    और इससे ज्यादा क्या बताऊँ मैं!!
    ©sajank

  • goldenwrites_jakir 44w

    प्रेम ✍️

    प्रेम की परिभाषा ही प्रेम है
    प्रेम के रूप अनेक प्रेम ही ईश्वर है
    ©goldenwrites_jakir

  • somefeel 44w

    प्रेम बहुत ही सरल है अगर इसे समझना नहीं महसूस करना चाहो तो, अगर आप इसे जताना या समझना चाहो तो यह उतना ही दुर्लब है जितना किसी समुंदर को लहरों से अलग करना!

    #rachanaprati66

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    मैं एक स्थिर पत्थर था,
    प्रेम पानी की तरह बहता आया और मुझे झरना बना दिया!

    मैं वीरान पड़ा एक मक़ान था,
    एक परिवार प्रेम बनकर आया और मुझे घर बना दिया!

    मैं एक पेड़ के नीचे रखा पत्थर था,
    प्रेम किसी के हाथ बनके उठा और मुझे मंदिर बना दिया!

    मैं पहाड़ से टूटा एक पत्थर का टुकड़ा था,
    किसी ने प्रेम से छैनी हथौड़ी चलाई मुझे मूर्ति बना दिया!
    ©somefeel

  • shayarana_girl 44w

    यूं ही बैठे बैठे ये खयाल आया कि
    जैसे कला का प्रदर्शन करने वाले को कलाकार कहते,,
    (तो जो दर्शाता है प्रेम को उसे प्रेमकार कह सकते क्या,,
    नहीं नहीं में अपनी बात नहीं कर रही,,)
    मै तो अपने विज्ञान की बात कर रही,,
    जिसका हर एक अंश हमे दिखाता है उसमे व्याप्त
    अथाह शक्तियों के पुंज को,,और शक्ति ही तो प्रेम का आधार है,,
    क्यूंकि अगर प्रेम में शक्ति ना होती,,
    तो क्या कलयुग में जन्मी मीरा का मिलन होपाता
    द्वापर युग में जन्मे श्री कृष्ण से,,
    अगर ऐसा न होता तो क्या राधा कृष्ण एक साथ होते,,
    रुक्मणि और सत्यभामा जैसी रानियों के साथ होते हुए,,
    नहीं ऐसा नहीं हो सकता,,

    देखो तो विज्ञान में ही प्रेम का जन्म हुआ है,,
    कभी गुरुत्वाकर्षण लगाके यह एक दूसरे को पास बुलाता,,
    तो वहीं एस्केप वेलोसिटी लगाके ये हम इतना दूर भेज देता,,जहां से हमारा आना असंभव होता,,
    कभी ये रसायनिक विज्ञान के एक्सेप्शनो की तरह बढ़ता ही जाता,,
    तो कभी भौतिक विज्ञान के सिद्धांत ऊर्जा संरक्षण के नियमो को साक्षी मानकर अपने क़दमों को बढ़ाता।।

    आप लोगो के विचारो का पता नहीं पर हां मेरे लिए उतना ही आकर्षण है मेरे प्रेम में,,
    जितना तो शायद गुरुत्वाकर्षण में भी नहीं,,
    बस यह दिखता नहीं शायद सुएडो फोर्स की तरह,,
    पर इसका मतलब ये भी नहीं कि उसका अस्तित्व है ही नहीं।

    -)अनुष्का

    #rachanaprati66 @rahat_samrat

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    " प्रेम प्रशंसा "
    मेरे लिए प्रेम की प्रशंसा विज्ञान में ही उत्पन्न होती है।
    (अनुशीर्षक पढ़ें)
    ©shayarana_girl

  • yuvi7rawat 44w

    प्रेम प्रशंसा

    Draupadi ke प्रेम ne,
    Lagai bhagwan ko awaj,
    Hee madhav-manmohana,
    Bachalo meri laaj...

    Kari प्रशंसा prabhu ki usne,
    Kahade ye bade baat,
    Sunlo pukar meri gopala,
    Tum dedo mera saat...

    5 surveero ki ardhangeni mai,
    Akele kadi hu jagat me aaj,
    Koi nahi is papi sabha me,
    Jo rok le dushasan k haat...

    Sunke pukar krishna ne uski,
    Nikal liya sudharshan chakra,
    Bachai aan aapne sakhi ki,
    Har gaya duryodhan ka ghamand...

    Aao kare kanah ki प्रशंसा,
    Lagaye jaikare prem se milke,
    Isbar janmashtami k parv mai,
    Sabpar krishna ki kripa barse...

    Hare krishna, Hare ram
    ©yuvi7rawat

  • anshuman_mishra 44w

    प्रेम प्रशंसा

    गरल भी बन जाय अमृत... स्वयं जल जाएं दीए,
    प्रेम अनुपम है! अलौकिक काज हैं इसने किये!
    दुःखी शिव थे, और थे विचलित सिया के राम भी,
    माया अधीश्वर कृष्ण भी.... रोए थे राधा के लिए..

    _अंशुमान__

  • rani_shri 44w

    उसका प्यार बाकियों से हटकर है,
    मुझसे तो है मगर सबमें बंटकर है।
    ©rani_shri

  • uttkarsh_15 44w

    मुस्कान

    तुझे मुस्कुराते हुए देखकर
    क्या महसूस होता है
    ये कैसे बयां करें
    ...
    लगता है कभी कभी दिल भी धड़कना
    भूल जाता होगा
    - उत्कर्ष

  • chahat_samrat 44w

    #rachanaprati66



    तुम वहां से मुड़कर देखने की बात करते हो
    जहां ठहरकर मैं एक कदम भी नही बढ़ा हूं��

    कल्पना मात्र☺️

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    प्रेम प्रसंशा

    जहां हम मिलकर हमेशा के
    लिए बिछड़े थे
    ❣️
    आज
    वो रास्ते वही के वही रुके हुए हैं,
    बहारें उन्ही नई कलियों पे ठहर गई हैं
    फूल वहां के अब तक नही मुरझाए हैं,
    कलियां जस की तस खिलने को बेताब हैं
    बूंदे बारिश की पत्तों पर से
    अटक कर मोती सी लटकी हुई हैं
    सर्द हवाएं कैद हो गई हैं उस बालकनी में
    बुलबुल अब तक वही गीत गुनगुना रही है
    कोयल वैसी ही आवाज लगा रही है

    हम भीग रहे थे जब
    उस लम्हे में कुछ बारिश की बूंदे
    हवा में ही अटकी थी
    जिसपर से सूरज की किरणे गुजर कर
    हमारे प्रेम को इंद्रधनुषी रंग में समेट रही थी,
    अरसों से पत्तों में वैसी ही हरियाली बरकरार है
    उस प्रेम के उपवन में खुशहाली बरकरार है
    भंवरा अब तक उस फूल पर मचल रहा है
    वक्त भागने की दौड़ में खुद को
    रोक कर थोड़ा संभल रहा है
    कुल्लहड में गर्म चाय से
    भाप अब भी निकल रही है
    तुम्हारे इंतजार में तबसे जगी
    आंखे बहुत जल रही हैं

    बस एक तुम्हारे फिर से वैसे ही
    आने के इंतजार में
    जैसे गए थे इन लम्हों, बागियों, वक्त
    फूल कलियों भवरों तितलियों बारिश की बूंदों,
    सर्द हवाओं, महकती फिजाओं के साथ
    मुझे इन सब के बीच आजाद कर
    अपने प्रेम के धागे में बांधकर,
    छोड़कर
    फिर लौट कर वापस आने की उम्मीद में

    की तुम लौटते वक्त राह भटक ना जाओ
    किसी नई बगिया में अटक न जाओ
    इन सब ने खुद को बदला नहीं है
    नाम तुम्हारे ये वक्त कर
    खुद को प्रेम मिलन के
    लम्हे में कैद कर रखा है,

    की तुम अब कदम रखो
    और इस बगिया की थमी बयार
    फिर बहने लगे
    जो बंधी है किसी भी पल तुम्हारे आने से
    खुद को सबसे पहले
    तुम्हारी सांसों में उतर जाने को
    तबसे अबतक वो बहती सी हवा
    थमी है,
    बाद तुम्हारे जाने की
    वो बहती नदी जमी सी है
    ~चाहत❣️

  • sadhana_the_poetess 44w

    #प्रेम प्रशंसा

    परिवर्तन संसार का नियम हैं !
    किन्तु प्रेम के नहीं।
    इतिहास गवाह हैं,
    सती संग शिवा हैं।
    राम की सिया है।
    राधा- कृष्णा हैं।
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 44w

    प्रेम से बोलिए राधे - राधे! ❤️ जय श्री कृष्णा!
    Happy Janmashtmi in advance ����
    #rachanaprati66 @rahat_samrat
    Happy Morning! All mirakeans user's.......

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    #'प्रेम' प्रशंशा

    मैं करू 'प्रेम 'प्रशंशा या कहूं राधे- राधे।
    राधे के बिना कृष्णा तो हैं आधे- आधे।

    जीवन का असली आधार ही होता 'प्रेम 'है।
    मोहन के नाम से पहले सब लेते 'राधे ' नेम है।

    लेकर पृथ्वी पर जन्म आए 'प्रेम ' है सिखलाने।
    इस संसार को 'प्रेम 'का सही अर्थ समझाने।

    'प्रेम 'में नहीं होता कोई भी पक्ष- पात है ।
    ये तो होता अथाह जब तक शेष अंतिम सांस हैं।

    जो भी करें भेद- भाव वो कर नहीं सकता 'प्रेम 'है ।
    वे होते होंगे विद्वान् जो खेलते 'प्रेम ' का गेम हैं।

    मोहन की लीला सदैव होती अपरंपार है ।
    'प्रेम 'के बीना सुना ये सम्पूर्ण संसार है।

    राधे- कृष्णा का 'प्रेम 'अद्भुद, अमर, अनंत है।
    सच्चे' प्रेम' का हो सकता नहीं कभी भी अंत है।
    ©sadhana_the_poetess

  • alkatripathi 44w

    #rachanaprati66

    @rahat_samrat
    @bad_writer

    मेरा मित्र और उसके प्रेम कि मैं क्या ही बात बताऊँ, सब ये बताते है वो कितना प्रेम करते है, मैं आज बताऊँगी मेरा मित्र मुझसे कितना प्रेम करता है...
    बस यूँ समझ लीजिए ये प्रेम शब्द भी छोटा है उसके प्रेम के सामने, बात बात पर थप्पड़ कि धमकी देता है, मुँह फुलाना, आँसू दिखाना उसका सबसे favourite तरीका है अपना प्रेम दिखाने का ☺️.... वो मेरी इज़्ज़त भी बहुत करता है..
    बस यूँ समझ लीजिए इतना कि कोई भी जानवर उसे पसंद आए उसे मेरा नाम ही देता है ��इतनी इज़्ज़त मुझे कोई और दे ही नही सकता बेधड़क मुझे बेवकूफ़ बनाता है और फिर हँसता है,, how sweet ��.... मेरी हर बात मानता है..
    बस यूँ समझ लीजिए कि जो बोलूं वो करता है लेकिन उससे पहले उसका उल्टा जरूर करता है.....मेरी हर dimand पूरी करता है..
    बस यूँ समझ लीजिए कि जो मांगु वो देता है, बस उसे सही नही बताता ��‍♀️
    अब इतना प्रेम करने वाले के लिए प्रेम शब्द छोटा नही?? मुझे दर्द महसूस हो उससे पहले उसके आँसू आते है...
    मैं अपनी तकलीफ़ उससे छुपा नही पाती वो इतना शैतान है कि सब समझ जाता है ��
    वो मेरा ऐसा एकलौता मित्र है जो मुझे मित्र नही कहता ��
    मेरा बुद्धू सा भाई मुझे दीदी कहता है

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    प्रेम करो तो प्रेम से
    प्रेम में होत नही द्वेष
    प्रेम होत हर सम्बन्ध में
    प्रेम का होत नही भेष
    ©alkatripathi

  • suryamprachands 44w

    प्रेम प्रशंसा

    मैं रिक्त घड़ा है पानी तू
    मैं कागज किंतु कहानी तू
    मैं बस काया अनुराग है तू
    मैं गीत शब्द में राग है तू
    मैं अधर मात्र मुस्कान है तू
    मैं यदि वीर यशगान है तू
    मैं नैवेद्य है स्तुति तू
    मैं हूँ कविता है प्रस्तुति तू
    मैं भोज किंतु तू विविध स्वाद
    मैं विजय मात्र तू विजय-नाद
    मैं हूँ भव का झंझावात
    तू झंझावातों में बात
    मैं शब्द मात्र, शाब्दिक हूँ मैं
    तू है शब्दों का अमर मिलाप
    मैं जुगनूँ इतना प्रकाश बस
    तुझमें दिनकर सा है ताप
    मैं वस्तु मात्र, तू वस्तु मात्र की
    व्याख्यायित अनुशंसा है
    मैं मात्र प्रेम प्रेमातुर मैं
    तू अति प्रिय "प्रेम प्रशंसा" है

    ©Suryam Prachands

  • loveneetm 44w

    प्रेम प्रशंसा

    सुंदर भाव सुंदर छवि,
    सुंदर सरल विचार,
    प्रेम प्रशंसा क्या करूँ,
    जो खुद ही प्रेम अवतार।

    मोर मुकुट लकुटी बंसी,
    गले वैजयंती हार,
    शब्द कहाँ प्रशंसा के,
    जो खुद में ही संसार।

    मेरे सखा मनमीत वो,
    मैं उनका लवनीत,
    मैं हारू सर्वस्व सब,
    गिरधर की हो जीत।

    फिर भी सखा भाव से,
    कहूँ शब्द अनमोल,
    सुख दुःख मे सहयोग दे,
    बस राधा माधव बोल।
    ©loveneetm

  • shru_pens 44w

    #rachanaprati66 @rahat_samrat

    Sakhi-prashansa ☺️☺️☺️❣️❣️❣️������❤️❤️❤️������

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    Prem prashansa...

    Aisi kya prashansa likhu teri meri kahani mein
    Teri chaandi ki pyaali mein mujhe sharkara yuk chai hona manjoor hai
    Teri shaam ki laalima mein thandi os bankar patto ko behlana mujhe pasand hai
    Teri wo chaanv ki chaadar par mujhe paanv pasaarne hai
    Jo sabhi tadapte tan ko duaao ki garmaahat baantti firti hai
    Mujhe tere sang uss chhatri ke niche dubakna hai tere sang
    Jaha humari chatar patar hamesha yu hi chalti rahe aur
    Aakhri saans ke baad hum ek hi shmshan mein ek dusre ki chhalchhalati aansuo ko sookhe ret me parivartit kr ik dooje ke sang bhatakti rahe...
    ©shruti_25904

  • anusugandh 44w

    #rachanaprati66
    @rahat_samrat @greenpeace767 @goldenwrites_jakir @aka_ra_143

    मैं आज उस रिश्ते पर लिखना चाहूंगी जो प्रशंसा भी करता है निंदा भी ,लड़ता भी है प्यार भी उसी से करता है। पूरा जीवन यूं ही कट जाता है ।समझ गए होंगे ये प्राणी हैं-----"पति और पत्नी "
    इस जीवन की आपाधापी में जीवन यूं ही गुजर गया
    ना तुम्हें समय मिला ना मुझे समय मिला ����
    बस मन ही मन एक दूसरे की प्रशंसा करते रहे
    ना सामने तुमने कभी कहा ना हमें ही मौका मिला
    सब कुछ बस अंडरस्टूड ही रह गया ��������
    बच्चों को पालने में ना जाने "प्रशंसा" शब्द कहीं गुम हो गया बस जी जान से घर के काम में पूरा समय निकल गया ☺️
    नून तेल लकड़ी की भागमभाग में पूरा दिन निकल गया��

    फिर भी पत्नी अपने पति के लिए जो भाव रखती है उसे लिखने का प्रयास किया है----

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    प्रशंसा

    प्रेम प्रशंसा
    एक तेरी तारीफ में शब्द भी कम पड़ जाए ,
    एक तेरी खातिर कलम भी बस थम जाए !
    मेरे सोने से लेकर, जागने तक के साथी तुम ,
    मेरे सुख-दुख धूप छांव,मेरे दिया की बाती तुम!
    मेरा वज़ूद तब, जब साथ हो मेरे तुम,
    इस जीवन की नैया के पतवार तुम!
    शब्द मेरे ,मेरी कलम की धार तुम,
    धरती मैं ,तो गगन के इंद्रधनुष तुम !
    तेरे चेहरे की मुस्कुराहट से चलती जिंदगी,
    तू ना हो तो बियाबान जंगल जिंदगी मेरी !
    एक तेरा साथ होना ---------गुरुर मेरा ,
    एक तेरा साथ निभाना,खुशनसीबी मेरी!
    जब तक इस दिल ❤️में धड़कन मौजूद है ,
    ना छूटेगा साथ, बस यही है इबादत मेरी!!
    बस यही है इबादत मेरी----------

  • vaish_02 48w

    #rachanaprati66 @rahat_samrat pdh li jiyega ����

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    जहाँ प्रेम है वहा आनंद हैं
    या यूँ कहूँ के ,आनंद का ही विस्तार हैं प्रेम

    प्रेमी अगर साथ हैं , तो समर्पण में आनंद हैं
    प्रेम में विरह का ना होना, दाल में नमक ना होने के बराबर हैं
    प्रेमी अगर दूर हैं , तो विरह की वेदना में भी आनंद हैं

    प्रेम में खिलते होठ़, जगत की सब से सुंदर भेट हैं
    प्रेम में बहते आंसू, बूंदों से बने मोतियों की भाति ही विशेष हैं

    प्रेम में खो जाना, प्रभु में लीन होने जितना ही पवित्र हैं
    प्रेम को सच्ची निष्ठां से निभाना , एकमात्र आदर्श चरित्र हैं

    प्रेम हैं तो समाधान हैं, प्रेम ही आनंद हैं
    प्रेम मिले या ना मिले,
    प्रेमी का सदैंव हित चाहने में ही परमानन्द हैं /

    ©Vaishnavi ♥️

  • mamtapoet 75w

    प्रेम प्रशंसा

    कैसे तारीफ करू अपने इश्क़ की,
    कि उसकी हर अदा पे बस प्यार और प्यार आता है।

    तन्हा न रहूँ उसके बिना,
    इसलिए अपनों की भीड़ में
    अपनी यादों के साथ छोड़ जाता हैं।

    बड़ा मासूम सा दिल है ,
    टूटे न उसकी बातों से कभी भरोसा मेरा
    हाथ में हाथ रखकर कई सवालों के जवाब
    अनकहे ही दे जाता हैं।


    तूने तो नहीं कहा कभी,
    कैसे रहोगे कभी मेरे बिन,
    पर मैं तुझे एक सबब दिये जाती हूँ,

    सुन, मेरी कलम के भावों को
    आँखे मुंदकर महसूस कर लेना,
    हर रंग के अहसास छुपे है
    प्यारे सपने हैं जो तेरे लिए बुने हैं।

    मेहंदी हूँ प्रेम की यू ही निखर जाऊंगी,
    कस्तूरी हूँ,खुशबू बन हवा में बिखर जाऊंगी,
    औरों को खबर न होने देना,
    अपने दिल में होले से बस महफूज कर लेना।।
    ©mamtapoet

  • goldenwrites_jakir 91w

    प्रेम दिल का

    पहली नजर का प्रेम अजनबी बातों से शुरू
    आख़री मुलाक़ात तक ^ इक सूकून भरा पल का इक आईना है मेरी ज़िन्दगी का
    जिसे हर रोज खुली और बंद आँखों से देखता हूँ
    हर लम्हा ख़्वाबों ख्यालो मे महसूस ये दिल करता है
    हर इक इश्क़ की कहानी मे उसे खुदमे ढूंढ़ता है
    टूट कर बिखर गया दिल का हर इक इक टुकड़ा उसके जाने के बाद यादों के लम्हों मे ये दिल उन लम्हों मे खुदको जोड़ता है
    वो पहली नजर पहली इश्क़ इबादत मे आज भी सजदे मे ये दिल क़ुर्बान है
    वो अनकही बातों से सुरु वो अजनबी रिस्ता मेरी पहली मोहब्बत की पहचान है
    मेरी ज़िन्दगी की अधूरी कहानी का खूबसूरत एहसास है
    वो अजनबी बातें मेरे दिल के आज भी क़रीब है
    वो पहली नजर ज़ब है मिली वो लम्हा दिल मे चाँद सूरज की तरह धड़कनो मे रोशन है
    जींस के ऊपर बड़ा कुरता और रेशमी रूपट्टे से ढाका उसका चेहरा लवों पर बेसुमार खुशियाँ और आँखों मे नमी वो इक़रार उसका आज भी याद है
    वो पहली मुलाक़ात का लम्हा मेरी ज़िन्दगी मेरा आज है


    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 92w

    प्रेम ❤ संगनी

    घर को स्वर्ग बनाया ज़िन्दगी थी तन्हा
    उसे खूबसूरत ज़िन्दगी बनाया
    संगनी तुझसे ही है घर स्वर्ग ....

    सच्ची मुस्कान ज़िन्दगी की यही है
    मेरी दौलत मेरा अभिमान यही है

    प्यार मोहब्बत के सफर के बाद जिंदगी मे एक मोड़ आया
    क़बूल है निकाह के बाद जिंदगी मे सच्चा हमसफर आया
    घर परिवार की पसंद से घर के आँगन मे एक चाँद आया

    कहते जिसे जिंदगी की अमानत वो संगनी तक़दीर की लकीरों
    मे खुशियाँ बेहिसाब लाई
    इश्क़ मोहब्बत चाहत आरजू ख़्वाब सब रंगों मे बहार बनकर आई
    वो अमानत किसी और आँगन की मेरी जिंदगी मे रौशनी बनकर आई
    कब हम दो से तीन फिर चार हुए दो फूल नन्हे हमारी जिंदगी मे फरिस्ते बनकर आए .....
    जिंदगी के सफर मे वो खूबसूरत सबेरा बनकर आए

    सुख दुख मे जो साथ रहा बनकर मेरी परछाई वो साथी मेरी जिंदगी मे एक हक़ीक़त बनकर आई
    वो संगनी वो साया मेरा मेरी किस्मत मे हजारों खुशियाँ साथ लाई
    कहते जिसे जिंदगी वो मेरी जिंदगी बनकर आई
    वो हमसफर हमसाया मेरे लबों की मुस्कान बनकर आई ...।।


    ©goldenwrites_jakir