#rashmikavta

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  • masoom_bachchi 54w

    छन्न - छन्न (part1)

    रात के 9:30 बज रहे थे, गांव में किसी के शादी के निमंत्रण पर पापा वहां गए थे ,,,,इस कारण मां ने भी घर पर खुशबू के पसन्द के आलू के परांठे बना दिया और बाजार से कुछ मिठाईयां भी मंगवा लिए..
    मा के काम में खुशबू ने भी जीतना हो सके हाथ बटाया.. उसके बाद मा अपनी छोटी बहन प्रभा के कॉल आने पर खुशबू को पढ़ने के लिए कहती है और ये भी कहती है कि बात करके दोनों खाना खाएंगे साथ ही।...खुशबू भी समझ चुकी थी कि अब इतनी जल्दी तो खाना मिलने वाला है नहीं ... इतनी जल्दी कहा होने वाली थी इस वार्तालाप की समाप्ति... आख़िर दो बहनों की बातें थीं । ये सब सोचकर खुशबू भी अपने नोट्स बनाने बैठ गई ...
    इधर खुशबू के कमरे में कलम और कागज के बीच अफ़ना - तफ़नी मची हुई थी... तो उधर मा भी कहा कम थी उन्होंने भी फोन पर ही कभी ठहाके ( मानो यारों की महफ़िल में हो) तो कभी गंभीर मुद्रा में (मानो किसी सीरियस बिज़नेस डील को लेकर ऑफिस मीटिंग् में मीटिंग हेड हों) अपने कमरे में अकेले ही महफ़िल जमा रखी थी ।
    पूरे एक घंटे के धुआंधार बातचीत के पश्चात वक्त से समझौता करते हुए दोनों ने कॉल डिसकनेक्ट करने का फैसला लिया तब जाकर किसी तरह मोबाईल को भी थोड़ी सांस लेने की फुर्सत मिली। मा कमरे में आयी तो देखा खुशबू पढ़ रही थी पर मा ने वक्त को देखते हुए कहा कि चलो पहले खाना खालो फिर पढ़ाई करना ...


    दोनों ने खाना खाए ...सारा चिली केचअप सिर्फ दो दिनों में ख़तम करने के लिए खुशबू को आलू पराठे के साथ-sath थोड़े बहुत डांट भी खानी पड़ी... मा अपनी रसोई के काम निपटाने लगी और खुशबू अपने लिए और मा के लिए पानी के बोतल भर कर उनके जगह पर रख लिए य तो मा को कभी कभी रात को प्यास लगती ह पर खुशबू को रात को पानी की बोतल उसके पास न मिले तो नींद में ही सारा घर नाप देती थी। मां अपने काम के बाद सोने चली गई जबकि खुशबू ने थोड़ी देर और पढ़ने का फैसला किया।।। चेप्टर कंपलीट हो जाने पर खुशबू अपने आदत क अनुसार मोब. में कुछ देर "प्रेमचन्द की निर्मला " किताब पढ़ी और फिर वही सो गई ।।।
    Continued...,,✍️


    ©masoom_bachchi