#saveenvironment

50 posts
  • kp_singh 12w

    Every Diwali we get into fight whether we should ban crackers or not.
    And suddenly the discussion which started as an environmental issue takes the form of religious issue.
    We start pointing out fingers at each other.
    But please for a moment forget what religion you follow.
    Forget everything you have been told till now.
    And listen to your own heart!
    Ask any of your friends/relatives suffering from Asthma that how they feel on Diwali Night.
    Ask any of your dog lover friends how afraid dogs get on Diwali Eve. Many run away from their own area and then end up getting lost or attacked by other dogs.
    Ask any of your Bird lover friends how many birds die each year.
    Before you start judging me and start pointing out what people from my religion do, I would like to tell you bursting cracker is bad no matter who does it and on which occasion.
    Whether it's Diwali, Gurpurab or any other festival.

    #saveenvironment #saveearth #behuman #diwali #gurpurab #humanity #kindness #kpspoetry #kpsquotes

    Read More

    Every Diwali we get into fight whether we should ban crackers or not.
    And suddenly the discussion which started as an environmental issue takes the form of religious issue.
    We start pointing out fingers at each other.
    But please for a moment forget what religion you follow.
    Forget everything you have been told till now.
    And listen to your own heart!
    Ask any of your friends/relatives suffering from Asthma that how they feel on Diwali Night.
    Ask any of your dog lover friends how afraid dogs get on Diwali Eve. Many run away from their own area and then end up getting lost or attacked by other dogs.
    Ask any of your Bird lover friends how many birds die each year.
    Before you start judging me and start pointing out what people from my religion do, I would like to tell you bursting cracker is bad no matter who does it and on which occasion.
    Whether it's Diwali, Gurpurab or any other festival.
    ©kp_singh

  • advait_toke 28w

    Environment

    We raise voice against global warming and pollution just because it will harm us in future, not because it is wrong.....
    ©advait_toke

  • pratima_pandey 31w

    मशीनें बनाने को इंसान पेड़ पर पेड़ काटते गए ,
    अपनी ही संतानों का जीवन खतरे में डालते गए ।
    - प्रतिमा पांडेय
    ©pratima_pandey

  • gaurisarswat 32w

    जब चहकती थीं चिड़ियाँ, खुली थी हवा
    खुले आसमां के नीचे, जी उठता था दिल सबका
    #environment #crisis #livingincrisis #saveenvironment #savesurroundings
    #miraquil #writer@mirakee #writingforgreenry

    Read More

    जब महकती थी फिज़ा

    जब चहकती थीं चिड़ियाँ, खुली थी हवा
    नीला था समंदर, महकती थी फिज़ा
    घुटन जब हुआ करती थी सिर्फ़ बंद कमरों में
    खुले आसमां के नीचे, जी उठता था दिल सबका

    जब चहकती थीं चिड़ियाँ, खुली थी हवा

    पेड़ जब कटने लगे, चिड़ियों के घर उजड़ने लगे
    धुंध बनगई वो हवाएं,
    जहाँ खिला करती थी फ़िज़ाएँ

    जब चहकती थीं चिड़ियाँ, खुली थी हवा

    नदियों का पानी, जो रहता था नीला
    मछलियाँ जब दिखती थी पानी में साफ़
    पंडरों का पानी जब मिलने लगा नदियों में
    भूल गयी मछलियाँ रहना अपने घरों में

    जब चहकती थीं चिड़ियाँ, खुली थी हवा

    इंसान है परेशान,
    जब काटना पड़ रहा है उसे अपना ही खलियान
    जब बोया था बबूल, काँटे आने साथ
    शायद अनजान था तब,
    कि यही काँटे लेलेंगे उसके अपनों की जान

    अब याद करता है, दिल दुखाता है
    मन ही मन रोता है, जब खुद से ये कहता है
    जब चहकती थीं चिड़ियाँ, खुली थी हवा
    खुले आसमां के नीचे, जी उठता था दिल सबका।

    ©gaurisarswat

  • pratima_pandey 34w

    सारे पशु -पक्षियों ने गाँव का रुख कर लिया है ,
    शहर की हवा में अब उनका दम घुट रहा है ।
    - प्रतिमा पांडेय
    ©pratima_pandey

  • nuances_in_life 34w

    .





    ©nuances_in_life

  • nuances_in_life 34w

    .





    ©nuances_in_life

  • pratima_pandey 34w

    फूल देते हैं , फल देते हैं
    बदले में कुछ नहीं लेते हैं
    खुद कार्बन सोख कर
    हमे ऑक्सीजन देते हैं
    जब धूप हुई
    वो छाया बने
    जब तपन बड़ी
    बारिश कर दी
    गर्मी से हमें
    राहत दी
    पशु पक्षियों
    को हैं देते आश्रय वो
    हमारे घरों के भी
    खिड़की - दरवाजे
    इनके बिना कहां हैं बन पाते
    दुष्ट प्रदूषण से ये
    वृक्ष ही हमें बचाते हैं
    सर्वस्व समर्पित अपना
    निस्वार्थ भाव से करते हैं
    कितना सच्चा प्रेम ये
    पेड़ - पौधे हमसे करते हैं
    इनके निस्वार्थ प्यार के
    सोचो, क्या काबिल हम हैं
    अपने ही संरक्षक के
    हम तो भक्षक बन बैठे हैं
    अपनी स्वार्थ सिद्धि को
    वृक्षों को उखाड़ फेंकते हैं
    उनके संग संग जाने
    कितने ही जीवों को
    आश्रय हीन कर देते हैं
    धरती मां की गोद
    उजाड़ उन्हें दुःख देते हैं
    कुल्हाड़ी सिर्फ पेड़ों पर नहीं
    अपने जीवन पर हम चलाते हैं
    पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं
    प्रकृति का दिया अमूल्य वरदान है
    इसलिए एक पेड़ रोज लगाओ
    हजारों जीवन बचाओ
    - प्रतिमा पांडेय
    ©pratima_pandey

  • m_etanoia 52w

    #humanity
    #maketherightchoice
    #pod
    #loveanimals
    #environment
    @writersnetwork
    #saveenvironment

    Also, the leather you are wearing, has a cruel history attached to it that is often denied and overshadowed by the lucrative lusture of the embellished garment. Clothing is a choice and so is food consumption, but awareness is a human duty and action, a humane approach. Remember choices define you and your surroundings. ❤️

    Read More

    .

  • thezero_pen 66w

    मन करे तो आसमां दफनादो,
    सागर के जमीं को काबू कर, सागर ही जमीं पर लहरादो;
    फ़िर भी गर मन भरे नहीं यारा,
    समझो जंगल कुछ और बचे हैं, उन्हें भी राख़ कर दफनादो...

    ©kanandgopal

  • pahel237 86w

    We all belongs to nature.
    Nature is the greatest blessing to human kind,
    It has all the healing power of your every problem.
    Staying at a riverfront makes you lost in it,
    We compare trees with saints who never demand anything
    And only keep giving us fruits, shadow and relaxing environment.
    Though, being selfish humans always forget this greatness of mother earth.
    Humans keep disturbing the nature by pollution and dirt.
    It is worst that humans always forget the value of things they have,
    And for a long they are destroying the nature by different means
    Just to complete their selfish motives.
    We now will have to conserve and underst the worth of nature.
    Even it didn't asked,
    We must nurture the nature as it nurtures us,
    We must care mother earth as our mother.
    Nature has always been healing us,
    Now we have to heal nature.����
    Wishing all the happpppyyyyy environment day.
    Nature is not from us, we are from nature.
    Keep planting trees, make your surrounding healthier and green.
    Make yourself as deserving this blessing.
    #gogreen #saveenvironment #savemotherearth
    #Happyenvironmentday2020 #nature #love #travel #friendship #inspiration #life #poetry #thoughts #diary

    Read More

    Mother Earth heals❣️

    Nature has always been healing us,
    now let us heal nature. ♥️
    When we heal the earth,
    We heal ourselves.

    ©pahel237

  • prashant_singh_rajawat 92w

    आने वाला कल

    आने वाला कल ना जाने क्या कुछ ले कर आएगा ?
    थमा हुआ इंसान न जाने अब क्या मन्ज़र ढायेगा ?

    क्या कल फिर मासूम से पशुओं की निर्मम हत्या होगी ?
    क्या कल फिर आकाश धुएँ के बादल सा बन जाएगा ?

    कल फिर सब अपनी-अपनी मंज़िल को पाने निकलेंगे,
    सड़कों पर फिर इक-इक वाहन ज़हर उगलता जाएगा।।

    फिर पंछी अपने ही घर की आस में दर-दर भटकेंगे,
    कल फिर वृक्ष कटेंगे और आशियां मिटाया जाएगा।।

    फिर सारा सरितामृत, हालाहल में परिवर्तित होगा,
    जल-जीवों को जल में ही ज़िंदा दफ्नाया जाएगा।।

    हर लब पर ख़ामोशी है और हर दिल में बेचैनी है।।
    मानव से ही मानव कब तक अपने प्राण बचायेगा ?

    ©prashant_singh_rajawat

  • s_riyansha 92w

    Celebrating beauty of earth on World Earth day:)
    #nature #earthday #nature'slove #lovefornature #saveearth #mirakee #saveenvironment

    Read More

    क्या कहूँ उसे?

    क्या कहूँ इस प्रकृति को; ईश्वर की नियामत या कुदरत की देन

    जिसकी एक झलक से नेत्रो को मिले सुकून और चैन

    क्या फुरसत से बनाया है इश्वर ने इस प्रकृति को

    पे‌‌‌‌ड़, फूल, पत्ते, आकाश और धरती को

    हर मुस्काते हुए पुष्प को देखकर ह्रदय प्रफुल्लित हो जाता है

    सुर्य की बादलो के साथ आँख मिचोली देखकर मनमोहित हो जाता है

    पर्वत की बाहो से नीचे कूद रहे विशाल झरने

    विहगो की उड़ान ऊँचे अम्बर मे

    फूलो से रंग चुराकर जब निकल आता है इंद्रधनुष

    संसार का हर एक मन हो जाता है खुश

    पुरा जग सुनहरा हो जाये सुर्योदय की पहली किरण से

    अंतस्तल भ्रमित हो जाये शीतल वायु की छुअन से

    खूबसूरत चमत्कार या ईश्वर की अद्भुत कलाकृति, क्या कहूँ इसे?
    कोई भी उपमा दो कम है जिसे!
    ©s_riyansha

  • distresssoul 96w

    Roo roo kar ye kahte pashu h...Manav mujho mat Maaro......
    Suno suno awaz humari...thodi si karuna dharo.......

  • poetik_world 101w

    "मैं पानी"

    मैं पानी जलधारा मे बहा करता था
    अब बोतलों तक सिमट गया।

    मैं पानी जरुरी कामों मे आया करता था
    अब बिन बात के कामों मे लाया गया।

    मैं पानी साफ-सूत्रा हुआ करता था
    अब बीमारियों का कारण बताया गया।

    मैं पानी पहले अमृत था
    अब विष का पायला बनाया गया।

    मैं प्यास बुझाने के काम आता था
    अब तो व्यापार बनाया गया।

    मैं काम के बाद नालों मे बहाया जाता था
    अब नदियों को हि नाला बनाया गया।

    ©_raut_writes_
    ������������������������������������

    Translation

    "I water"

    I used to flow in water stream
    Now reduced to bottles

    I used in important works
    Now used in useless works

    I used to be clean water
    Now called as the cause of diseases

    I used to called amrit
    Now converted into poison bowl

    I used to quench thirst
    Now business is created

    I used to go to the drains after work
    Now rivers have been made a drain

    ©_raut_writes_
    ������������������������������������
    @anisha_23 @era_of_shayar @readwriteunite @writersnetwork #pod

    ������������������������������������
    #pani #savewater #saveyourself #saveenvironment #savelife #water #life

    Read More

    मैं पानी

    मैं पानी जलधारा मे बहा करता था
    अब बोतलों तक सिमट गया।


    ©_raut_writes_

  • bhabana_deka 95w

    Let's go to the ancient times again.
    Let's live, let's play, let's love.
    Let the world live in its own way.
    Let us be just its component.

    Let the nature rule.
    Let the flowers bloom.
    Let the rocks erosion.
    Let the birds lay eggs.
    Let the clouds rain.
    Let the rivers flow.
    Let the trees grow.

    Let us go to the ancient times again.
    Let's just eat, just dance, just love,
    just laugh, just live.


    Let just be a part of the earth.
    Not the ruler.

    Let the emotions win, let the compititions stop.
    Let the developement of modernilisation stop.


    Let the GREEN live.
    Let the life live.
    Let's go to the ancient times again
    ©bhabana_deka

  • amii__ 107w

    Praying For ऑस्ट्रेलिया ��
    #saveenvironment #saveearth
    #love #nature #travel #poetry #life #thoughts #diary #inspiration

    Read More

    .

    अपने नेकियों के बदले
    उसने ये सुंदर जहाँ बनाया
    फिर बुतो को उसने इंसान बनाया
    और बदले में उस बुतो ने
    उसकी हर चीज को बेदर्दी से जलया।

    ©amii__

  • _vhoot 112w

    That will be the end of poors as they will not have oxygen. Atleast they will live a better life than a life on this wicked earth created by the extra technologised people who don't know to use anything in right way!!!
    #humanity #trees #saveenvironment #nature #inspiration #life

    Read More



    I wonder how people can cut trees in jungle to make beautiful houses but grow plants on the roof of their house to make it seem beautiful.

    I fear one day the oxygen will also be private for every house and nothing would be left for charity not even the air of humanity!!

    ©_vhoot

  • kp_singh 117w

    जब तक किसी गरीब के घर में आटे का ड्रम खाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    जब तक किसी शाहुकार के पास गिरवी किसी बेसहारा की बाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    मुंह पर दोस्तों के सलाम और पीठ पीछे गाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    प्रदूषण से मरे पक्षियों का इंतज़ार कर रही उनकी प्यारी डाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    घर से पुरानी वस्तुएं हटा ली, पर ज़िन्दगी से बुराई ना निकाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    सच्ची हो गई है नफरतें हमारे बीच और मोहब्बत ज़ाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    Till the time the flour container of a poor person is empty,
    How can I say, it's Diwali!

    Till the time earrings of a helpless lady are pledged with a moneylender,
    How can I say, it's Diwali!

    Till the time there's greetings in front of friends and backbiting behind them,
    How can I say, it's Diwali!

    The birds dead because of pollution, are being missed by their favourite branches,
    How can I say, it's Diwali!

    Old things of the home have been moved, but wrong deeds have not been moved away from life,
    How can I say, it's Diwali!

    True is the hate between us and fake is the love,
    How can I say, it's Diwali! -kps©2019


    #crackerfreediwali #ecodiwali #saveenvironment #saveearth #kpspoetry #kpsquotes #kpsshayari #diwali #quote #stories #qotd #quoteoftheday #wordporn #quotestagram #wordswag #wordsofwisdom #inspirationalquotes #writeaway #thoughts #poetry #instawriters #writersofinstagram #writersofig #writersofindia #igwriters #igwritersclub

    Read More

    Diwali

    जब तक किसी गरीब के घर में आटे का ड्रम खाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    जब तक किसी शाहुकार के पास गिरवी किसी बेसहारा की बाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    मुंह पर दोस्तों के सलाम और पीठ पीछे गाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    प्रदूषण से मरे पक्षियों का इंतज़ार कर रही उनकी प्यारी डाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    घर से पुरानी वस्तुएं हटा ली, पर ज़िन्दगी से बुराई ना निकाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    सच्ची हो गई है नफरतें हमारे बीच और मोहब्बत ज़ाली है,
    मैं कैसे कहूं दिवाली है!

    Till the time the flour container of a poor person is empty,
    How can I say, it's Diwali!

    Till the time earrings of a helpless lady are pledged with a moneylender,
    How can I say, it's Diwali!

    Till the time there's greetings in front of friends and backbiting behind them,
    How can I say, it's Diwali!

    The birds dead because of pollution, are being missed by their favourite branches,
    How can I say, it's Diwali!

    Old things of the home have been moved, but wrong deeds have not been moved away from life,
    How can I say, it's Diwali!

    True is the hate between us and fake is the love,
    How can I say, it's Diwali!
    ©kp_singh

  • kanakamrcricket 124w

    ప్రకృతి జీవం పోస్తుంది,
    ప్రకృతి జీవాన్ని నిలుపుతుంది,
    ప్రకృతి జీవన విధానాన్ని నేర్పుతుంది,
    ప్రకృతి జీవితాన్నే ఇస్తుంది.

    అటువంటి ప్రకృతిని కంటికి రెప్పలా కాపాడుకుందాం,
    ఏ ఆపద వచ్చినా.. తిరిగి అది మనల్ని కాపాడుతుంది.

    అలా కాకుండా..
    ప్రకృతితో వ్యాపారం చేద్దాం, ప్రకృతిని పైసాగా మార్చుదాం, ప్రకృతితో చెలాగాటమాడదాం అని ప్రయత్నం చేస్తే...

    దానికున్న జాలి అనే గుణాన్ని కాసేపు పక్కన పెట్టిందనుకోండీ.. కనీసం జాడ కూడా లేకుండా పోతాం, జాగ్రత్త!

    ©Kanaka