#shyam

29 posts
  • meteorically_ashi_ 37w

    "Ek ek TULSI PATRA ki keemat tum kya jano , NON DEVOTEES INSANO"

    Ap na hoti toh kya ho hamara ,
    Thakurji toh seva hi na le hamari .
    ©meteorically_ashi_

  • originalwriters 44w

    Jai shree shyam

    नैन नशीले श्याम के, नैनो से जादू करता है
    एक बार जो नजर मिला ले, फिर वो श्याम – श्याम करता है
    ©originalwriters

  • ajayamitabh7 53w

    भगवान श्रीकृष्ण जैसे व्यक्तित्व का सामना दुर्योधन कर रहा था । दुर्योधन की कथा श्रीकृष्ण के चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन किये बिना अधूरी हीं है । पूतना , शकटासुर ,तृणावर्त , कंस आदि के साथ कृष्ण ने क्या किया था , ये सर्व विदित है । जरुरत पड़ने पर श्रीकृष्ण राधा का त्याग करने में तनिक भी नहीं सकुचाते हैं, तो कभी माता को मिटटी को मुख में धारण कर पूर्ण ब्रह्मांड दिखाते हैं । ये वो ही श्री कृष्ण है जो दुर्योधन के सामने शांति का प्रस्ताव लेकर प्रस्तुत हुए थे । इन लीलाओं का वर्णन इसलिए भी लाजिमी हो जाता है क्योंकि श्रीकृष्ण की इन लीलाओं के बारे में जानते हुए भी अभिमान वश दुर्योधन ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। प्रस्तुत है दीर्घ कविता "दुर्योधन कब मिट पाया" का पंचम भाग।#Poetry #Hindi_Kavita #Duryodhana #Mahabharata #Krishna #Ravana #Govardhan #Kanha #Shyam #Angad

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    दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-4
    कार्य दूत का जो होता है अंगद ने अंजाम दिया ,
    अपने स्वामी रामचंद्र के शक्ति का प्रमाण दिया।
    कार्य दूत का वही कृष्ण ले दुर्योधन के पास गए,
    जैसे कोई अर्णव उदधि खुद प्यासे अन्यास गए।

    जब रावण ने अंगद को वानर जैसा उपहास किया,
    तब कैसे वानर ने बल से रावण का परिहास किया।
    ज्ञानी रावण के विवेक पर दुर्बुद्धि अति भारी थी,
    दुर्योधन भी ज्ञान शून्य था सुबुद्धि मति मारी थी।

    ऐसा न था श्री कृष्ण की शक्ति अजय का ज्ञान नहीं ,
    अभिमानी था मुर्ख नहीं कि हरि से था अंजान नहीं।
    कंस कहानी ज्ञात उसे भी मामा ने क्या काम किया,
    शिशुओं का हन्ता पापी उसने कैसा दुष्काम किया।

    जब पापों का संचय होता धर्म खड़ा होकर रोता था,
    मामा कंस का जय होता सत्य पुण्य क्षय खोता था।
    कृष्ण पक्ष के कृष्ण रात्रि में कृष्ण अति अँधियारे थे ,
    तब विधर्मी कंस संहारक गिरिधर वहीं पधारे थे।

    जग के तारण हार श्याम को माता कैसे बचाती थी ,
    आँखों में काजल का टीका धर आशीष दिलाती थी।
    और कान्हा भी लुकके छिपके माखन दही छुपाते थे ,
    मिटटी को मुख में रखकर संपूर्ण ब्रह्मांड दिखाते थे।

    कभी गोपी के वस्त्र चुराकर मर्यादा के पाठ पढ़ाए,
    पांचाली के वस्त्र बढ़ाकर चीर हरण से उसे बचाए।
    इस जग को रचने वाले कभी कहलाये थे माखनचोर,
    कभी गोवर्धन पर्वत धारी कभी युद्ध तजते रणछोड़।
    अजय अमिताभ सुमन:सर्वाधिकार सुरक्षित

  • shrihari_nandini 61w

    #mahalakshmi #narayana #shyam #gopala #cowherd #god #contemplate #never #forget #real #pure #bliss #truth #happiness #priceless #lament #grief #on #separation #pain #love #see #through #mind #seeking #devotion

    जब देखो तुम
    -भव्या गोगिया

    जब देखो तुम गोपाल जो प्यारे
    रोक लेना वो है नाथ हमारे
    श्याम बदन पर पीतांबर संग
    जो कंठ में वैजंती डाले
    जब देखो तुम गोपाल जो प्यारे
    रोक लेना वो है नाथ हमारे
    माधव नहीं यह मन छलिया है
    उनसे दूर यह तन छलिया है
    दुर्लभ रत्न जब पास तुम्हारे
    खो मत देना वो है श्याम हमारे
    जब देखो तुम गोपाल जो प्यारे
    रोक लेना वो है नाथ हमारे
    जाने न देना यह सोच कर मन में
    न रखना गुरूर भी तन पे
    वो आये न अगर फिर तुम भी
    रोने लगोगे अपने जीवन पे
    जब देखो तुम गोपाल जो प्यारे
    रोक लेना वो है नाथ हमारे
    ©shrihari_nandini

    इसका तात्पर्य यह है की जब भी आपके मन में श्रीकृष्ण का स्मरण हो, उस पल को कभी कम मत आँकना। ऐसे क्षण में, उनकी छवि को कही भी अपने मन से जाने मत देना, उनका दर्शन ही नहीं, स्मरण भी दुर्लभ होता है। काफी जन्मों के पुण्ये के बाद हमे मनुष्य बनने का सौभागय मिलता है, उसमे भी सिर्फ कुछ को ही भक्ति का सौभाग्य प्राप्त होता है, ऐसे में श्रीहरि का स्मरण प्यासे को अमृत मिलने के समान है।
    श्रीहरि का दुर्लभ स्मरण जब हो जाए, तो उनकी छवि को कभी मत भूलना क्योंकि एक बार ऐसा सुख फिर मिलेगा या नहीं यह हम नहीं जानते। हमारा मन बहुत चंचल होता है, विभिन्न वस्तु विषयों के लिए सबसे बड़े सुख का परित्याग कर देता है और अहंकार आदि विकारो का शिकार हो जाता है। एक बार श्याम आये, और फिर दूसरी बार छवि न दिखाये, तो यह कष्ट नर्क समान ही लगेगा। इसलिए उन्हे कही जाने न देना! मन मंदिर में सिर्फ उन्ही को सबसे ऊचाँ स्थान देना चाहिए।

    Whenever you see the adorable cowherd,
    Stop him with you (in your mind)
    The one who wears yellow clothes on his black form,
    And a garland of Vaijanti Flowers in his neck
    Whenever you see the adorable cowherd,
    Stop him with you (in your mind)
    Madhav isn't fooling you, but your mind is
    Apart and away from him, this material body is fooling us
    When you have the priceless gem with you,
    Don't lose it, it's our own Shyaam, the black complexioned God
    Whenever you see the adorable cowherd,
    Stop him with you (in your mind)
    Don't let him go thinking thus in your mind,
    Don't be filled with unnecessary pride (for body, status, wealth etc)
    When he won't return to you,
    You would be left lamenting your entire life
    So, whenever you see the adorable cowherd,
    Stop him with you (in your mind)
    ©shrihari_nandini

    The poem explains that whenever you remember ShriKrishna in your mind, never underestimate that moment. At that time, never let his form fade away from your mind, because not only his Darshan (Vision), contemplation upon him, too is a rare thing. After inculcating good fortune for many many births, we get to become a human, and after that too, only few get a chance to practice devotion, in such a state the contemplation upon ShriHari is like providing nectar to a thirsty man.
    When you are able to remember ShriHari, never forget his form again, because we never know when we'll be able to get this bliss again. Our mind is very fickle, it goes after unnecessary sense gratification, and therefore forgets the pure real happiness and becomes prey to various faults like ego etc.
    Once when you experience Shyaam, and then it does not happen again, the pain would be much like hell. Therefore, never let him go! In the Temple of your Mind, always allot the highest position to him and him alone.

    Jay ShriHari! ShrimanNarayana bless all!
    Pic credit: To original owner

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    जब देखो तुम

    -श्रीहरि नंदिनी

  • prernadurgawle 73w

    Shyam

    Shyam rang me rangi radhika
    Aaj hui matwali

    Krishna Krishna dohorae har pal
    Bhul ke sudh Budh sari

    Maha raas ki paawan bela
    Tin lok se nyari

    Raas rachaye golok me
    Kanha kunj bihari....

  • anshikasinha_ 93w

    प्रेम कहानी

    राधा श्याम की और सिया राम की अमर प्रेम कहानी बन गई,
    सारे त्याग कर के शक्ति भी तो भोलेनाथ की महारानी बन गई,
    देखा है क्या तुमने कभी उस नूरानी ताज की छटा,
    वो पत्थर भी आज देखो किसी के प्यार की निशानी बन गई।।।
    ©anshikasinha_

  • kailashnegi 99w

    COVID

    मन के बाहर घूमे -
    'COVID COVID'

    अंतर्मन में झूमे -
    'GOVIND GOVIND'

    ।। हरे कृष्ण ।।
    0407201332 ©kailashnegi

  • samirongogoi 114w

    Lo Phir aur ek shyam
    Bas yun hi dhal gayi
    Lo Phir aur ek baar
    Dil ki baat,
    Dil Mein hi reh gayi


    ©samirongogoi

  • stupid_shayar 115w

    राधा श्याम सा इश्क़ था हमारा
    तो जुदाई भी वैसी ही होगी न

    ©stupid_shayar

  • stupid_shayar 117w

    मैं सांवला था और वो गोरी थी
    बस, यूँ समझो राधा श्याम सा इश्क़ था हमारा

    ©stupid_shayar

  • roshansonii 124w

    दर्शन

    जरूरी नही जब तक जिंदा हु आपके दर्शन करता रहूं। ।
    जरूरी यह है जब तक आपके दर्शन हो में जिंदा रहूँ ।।
    और
    जिस दिन आपसे दूर हो जाओ ।
    दुनिया से दूर हो जाओ ।।
    ©roshansonii

  • pushp_harshwal 125w

    मै बनकर मोर रंगीला
    बरसाने तेरे आऊ
    मै राधे राधे गाऊ
    श्याम आ जाउ तुम्हे रीझाऊ।।
    ©pushp_harshwal

  • shraddha_suryanarayana 137w

    Lines from the serial bhajan radhakrishn, starring Sumedh Mugdalkar and Mallika Singh as Krishna and Raadha..streaming on Star Bharat and hotstar.It exactly shows the way of purification of self and also the problem that we have with the self is more than others...
    #radha #krishna #radhakrishna #shyam #radheshyam

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  • kapilaggarwal25 144w

    #JAI SHREE SHYAM����

    Dil Mein Ho Tum
    Aankhon Mein Tum
    Pehli Nazar Se Hi Yaara����

    #SHYAM PREMI��

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    श्याम तुम्हारे बिना मैं शून्य हूँ,
    तुम साथ हो तो में अनंत हूँ...
    तन की जाने, मन की जाने, जाने चित की चोरी,
    अपने खाटू वाले से क्या छिपावे जिसके हाथ है सब की डोरी...
    ©kapilaggarwal25

  • rukmini_vasudev_yadav 145w

    पाप

    अरे जाओ जाओ क्या कहती हो,
    न फेंको असीम अपार,
    तेरा पिया क्या प्रेम करेगा,
    ऐसा निश्छल निः स्वार्थ।

    मैंने पाप किया, अपराध नहीं,
    उसकी प्रियतम को नकारा है,
    फ़िर भी उसने हर पल हर क्षण,
    असीम प्रेम मन वारा है।

    वो सहता रहा हर तंज मेरा,
    निः शब्द निष्क्रोध बिन आह भरे,
    मुझ पापिन को नासमझ समझ,
    प्रेम का मोती लुटाया है।

    अरे जाओ जाओ क्या कहती हो।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • rukmini_vasudev_yadav 145w

    बारिश

    मेघ बन तेरा साथ निभाना,
    बूंदे बन कन्धा सहराना,
    उड़ा के छतरी दौड़ पड़ी मैं,
    ये तुझसे मिलने का मेरा बहाना।
    ©rukmini_vasudev_yadav

  • aakashnegi 146w

    होठों में प्यास लिए बैठे हो
    ओर हाथों में तलवार लिए बैटे हो।
    आखों में गुस्सा ओर
    दिल में जज्बात लिए बैठे हो।..
    क्यू हर श्याम उसके लिए
    कुर्बा किए बैठे हो...
    जो चला गया वो अब नही आएगा
    क्यू इस कदर खुद को उसके नाम किए बैठे हो.
    ©aakashnegi

  • raoshab 153w

    #A rathi #Shyam #Saka # A maan & all my school wale frnds

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    जहरी

    कहा था उन्होंने की नहीं रह पाएगा हमारे बिना,
    तब मैं लाख कहने पे भी नहीं माना,,
    लेकिन अब समझ गया मैं,
    की एक तरफ तुम और दूसरी तरफ जमाना।।
    ©raoshab

  • dinosaur_abh 164w

    गरमोजूदगी

    याद है दिसंबर की वो सर्द रात??
    जब तुम, में, और हमारे दिल मिले।

    याद है वो तेरी मेरी मोहब्बत की शुरुआत??
    जब तेरी साँसों से मिले मेरी साँसों के शीलशीले।

    याद है मेरा वोह झूठ का रुठ जाना??
    जब तेरी तस्वीर पाने मेरे अरमान खिले।

    याद है तेरा वो चेहरा छुपाना??
    जब मेरी बातों में तेरी सुंदरता के संवाद मिले।

    याद है तेरा वो बात बात पर आँशु बहाना??
    याद है तेरा वो मुझसे लिपट जाना??
    याद है तेरा वो चेहरा छुपा के मुझे सताना??

    याद है मेरी बातों में शामिल सवाल दर सवाल ??

    जब आज भी खनकती हुई तेरी आवाज़ होले से
    मुझे कहती है "याद है मेरे प्यारे श्याम"
    तूझे खोने का ग़म मानो खो सा जाता है।

    ©mahv_e_khayaaal

  • mereshabdmeresaath 185w

    श्याम, निराला

    गोवर्धन पूजा के सुअवसर पर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की श्याम विराजे....

    जिधर देखिये, श्याम विराजे ।
    श्याम कुंज वन, यमुना श्यामा,
    श्याम गगन, घन-वारिद गाजे ।

    श्याम धरा, तृषा-गुल्म श्याम हैं
    श्याम सुरभि-अंचल दल साजे;
    श्याम बलाका, शालि श्याम हैं,
    श्याम-विजय-बाजे नभ बाजे ।

    श्याम मयूर, कोकिला श्यामा,
    कूजन, नृत्य श्याम मृदु माजे;
    श्याम काम, रवि श्याम मध्य दिन,
    श्याम नयन काजल के आंजे ।

    श्रुति के अक्षर श्याम देखिये,
    दीप-शिखा पर श्याम निवाजे;
    श्याम तामरस, श्याम सरोवर
    श्याम अनिल, छवि श्याम संवाजे ।