happy81

anmol koi bhi cij mere kam ki nhi dikhti chavi jisme siya ram ki nhi����

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  • happy81 5d

    प्रेम का रिश्ता... कैसा है..
    रिश्ता हमारा ऐसा है...
    गठबंधन से मुक्त..
    विरह से युक्त..
    दिव्य नेत्रों से भ्रमण..
    मन का मन में तर्पण..
    हाथों को हाथों की अभिलाषा..
    तुमको पाने की हर क्षण आशा..
    युक्त प्रचुर मन मन्त्र..
    प्रेम से परिपूर्ण हर अंग
    साहस बलिदान का..
    प्रेम चित के अभिमान का..
    गोद में उफ़नते सैलाब..
    अधर शून्य मुस्कुराते आप..



    बस
    फिलहाल के लिए...
    ©happy81

  • happy81 5d

    चलो आज लिखते है...
    कई दिनों से दुँधला दुँधला लग रहा है दिल
    इस पर कुछ बेहिसाब लिखते है..
    चलो आज लिखते है..
    आज़मा कर देखा महलों का सुख हम फ़क़ीर हर जगह पीर का जवाब लिखते है..
    हमें गुरूर है अपने हुज़रे का हम वक़्त को मंदिर का प्रसाद लिखते है..
    चलो आज लिखते है..
    नींद आती नहीं थी और सो जाया करती भी थी मैं..
    दिल में भर कर खो जाया करती थी मैं
    ये कैसे कागज़ी दिमाग रखते है
    हमें याद नहीं कल का हिसाब ये सब याद रखते है..
    चलो आज लिखते है..
    मज़्जिद में भी लोग नापते है चादर की कीमत..
    महंगी वाली ज्यादा पास रखते है..
    किस्से कितने दुःखदायी है जग के..
    भगवान भी पैसो की मुराद रखते है..
    चलो आज लिखते है..
    निकल पड़ती है जुबाँ खुद को समझाने अंदर तक.
    ऊपर कुछ अंदर कुछ रकीब ऐसे किरदार रखते है..
    छुपाती है माँ घऱ की दिक्कत कंधों पर बच्चों को बाप रखते है..
    ताजमहल की रौनक कम हम दो सितारों से सरफ़राज़ रखते है..
    चलो आज लिखते है..

    ©happy81

  • happy81 1w

    जलता दिया बुझने लग जायेगा..
    हाथों पर अगर किसी का साथ नहीं आएगा..
    मैंने पूजा है तुम्हे मेरे तुम ही ईश्वर हो..
    पहलू में सजदे के सिवा और क्या आएगा..
    दिल बिखरा है फिर भी जिन्दा है..
    कोई लात मारेगा तो दिल सहम ही तो जायेगा..
    आँखे नम जानबूझ कर नहीं होती..
    आँखों में कुछ अश्क़ तो आएगा..

    ©happy81

  • happy81 2w

    रास्ते की लम्बाई नापना बड़ी बात है..
    रुसवाई के साथ जीना चलता है..
    यार तू धीमे धीमे चल..
    मेरी धड़कनों पर क्यों फिसलता है..
    तेरी तस्वीर नहीं रखी तेरी यादों से सफर चलता है..
    हर गीत में किरदार बदलते रहते है..
    मेरे यार तू मेरी आँखों से नहीं बदलता है.
    मैंने वक़्त की एक घड़ी टांगी है दफ़्तर पर काम का बहाना करके..
    मेरा समय उसी से गुजरता है..
    बड़ा मुश्किल है हफ्ते हफ्ते में मिलना.
    जिंदगी भर कौन इंतजार करता है..
    अगर शक हो कभी इश्क़ पर हमारे.
    दर ओ दरबार खुले रखे है..
    देख आना घूम कर हर साँस में तेरे नाम के दिये रखे है.
    तुम ही छुपे हो छुपाना भी तुमसे पड़ता है..
    मेरी आँखों से तुम पढ़ नहीं पाते जाने क्या क्या बताना पड़ता है.
    ज़माना दुश्मनी करे तो मजा आती है..
    ये तुम्हारा रूठ जाना कहर लगता है..
    लगता नहीं कुछ भी अच्छा..
    बस तेरी आहट पर पावदान बिछा रखा है.

    ©happy81

  • happy81 2w

    कोई अपना कभी अपना ना हुआ,
    खुशकिस्मती का बिस्तर कभी मेरा ना हुआ
    बंजर ज़मीं ने फैलाये पाँव मेरे सारे बदन पर..
    सितम जिंदगी का कभी खत्म नहीं हुआ..
    मेरी आँखे जल्दी भर आती है..
    मेरा मौसम सरफिरा नहीं हुआ..
    मौत मिलने आती है हर रात..
    जाने क्या बात है उसका सफर हरा नहीं हुआ..
    लोग भूल जाते है जिनसे रिश्ते पुराने होते है..
    ये दिल के खेल में माहिर क्यों मेरा मन नहीं हुआ..
    अनाड़ी झल्लाता है जब कोई दिल दुःखाता है..
    मेरे महजब तू क्यों मगरूर बैठा है.. तेरा हक़ है तू क्यों मुझसे खफा नहीं हुआ..

    ©happy81

  • happy81 3w

    फटी एड़ियाँ... जैसे जैसे पनपता है दुर्भाग्य.. शरीर भर नाकामी के विषाणु से ग्रसित हो जाता है..
    बालों में सफेदी.. रूसी.. आँखों में दुँधलापन.. चेहरे पर मुँहासे.. संकोच और मुर्झाहट.. हाथों पर जर्जर हिम्मत हथेली पर रिक्त सड़के.. बदन पर धीमा बुखार..घुटने पर जख्म.. पैरो में कप कपाहट.. तलवे पर छाले.. और मन में अँधेरा..
    चलता है चलता ही रहता है...
    चलता ही रहता है..
    फिर आती है संघर्ष की आंधी संघर्ष की आंधी में वो इच्छाधारी विषाणु घूम जाता है..
    चक्रवर्ती तूफान के तले इंसान का सब कुछ उथल पुथल हो जाता है..
    और जो इस तूफानी बवंडर में भी सीधा खड़ा रहता है..
    जो इतनी उथल पुथल के बाद भी कर्म करना नहीं छोड़ता..
    मेहनत के बलबूते पर जो घनघोर तूफान उठाये रखता है..
    वो सौभाग्य में बदल जाता है..
    फटी एड़िया.. मुलायम कोमल हो जाती है.. बाल सुनहरे हो जाते है.. आँखे चमकीली, चेहरे पर सफलता की रौनक, निखार, हाथों पर मजबूत इरादा.. हथेली पर सीधी पते की पक्की सड़के.., बदन पर मौसम का खुमार, घुटने पर मलहम.. पैरो में शक्ति.. तलवे पर फूल..मन में शांति और हर्ष..
    हर अंग सौभाग्य की परिभाषा में बदल जाता है..
    इन सब के बीच सहारा देने का नाटक करने वाले भी बहुत आते है.. पर पाँव का काँटा हम ही से निकल पाता है..
    इसीलिए मेहनत से डरे नहीं लड़े..
    वक़्त सब बदल देता है.. बाकी रिश्ते सब बेकार..

    ©happy81

  • happy81 4w

    सर्वप्रथम सभी को राधे राधे, अतभुत, अनुभव था ये, इतनी सुंदर, सुंदर रचनाएँ तीन -तीन बार पढ़ी सब, फिर भी समझ नहीं आया, किसको संचालन की जिम्मेदारी दी जाये.. ?
    मुझे नहीं पता. ?कौन सबसे बेहतर है, यहां पर हर कोई बेहतर ही है.. देरी के लिए क्षमा चाहूंगी.. ... इंतजार की नई नई सोच नया अहसास नया प्रेम पढ़ कर थम नहीं रही मैं.. @mamtapoet ji , @aryaaverma ji , @shayarana_girl , @ajnabi_abhishek , @anusugandh, @goldenwriter_jakir , @26decmberborn. ,@chahat_samrat,@anandbarun ji .. @happy_ruapana ..@loveneetm ♥️.. बहुत सुंदर रचनाएँ थी वाक़ई.. ..
    सभी का बहुत आभार.....♥️☺..
    Mai.rachanaprati106 ke liye ..

    Jigna_an Didi .. को विजेता घोषित करती हूँ. ..♥️

    Thank you ....be Healthy..

    ©happy81

  • happy81 4w

    सर्वप्रथम सभी का धन्यवाद.. , @shayarana_girl ☺ जी का बहुत प्यार और आभार जिन्होंने मुझे रचनाप्रति rachanaprati105 के संचालन की बागडोर सौंपी..
    मैं #rachanaprati105 के लिए
    विषय :-" एक तरफ़ा इंतजार "
    दे रही हूँ.. सभी से अनुरोध है की सभी लोग अपनी लेखिनी का जादू चलाये खुद को भांपे.. याद करे.. हर किसी ने एक तरफ़ा इंतजार किया होगा.. एक तरफ़ा इंतजार ही प्रेम और शायर की निशानी है..
    तो अनुग्रह यहीं है की कुछ रचनात्मक लिखे..
    समय सीमा.. 8 nov रात 10 बजे..

    ©happy81

  • happy81 4w

    ये कैसा दुःख की जताना पड़ता है,
    नाराज हूँ मैं , ये भी बताना पड़ता है

    मेरा यार यार नहीं , त्यौहार है कोई ,
    मुझे उसे हर रोज़ मनाना पड़ता है!

    यूँ ही तो नहीं जल जाते दिये से दिये,
    पहले इक दिया तो जलाना पड़ता है!

    दोलत जो तुम उड़ा रहे हो विरासत वाली,
    मेरे दोस्त इसे पहले कमाना पड़ता है!

    ©happy81

  • happy81 5w

    आयी आयी आयी देखो दिवाली आयी..
    लायी लायी लायी रंग खुशियों के लायी..
    मईया बनाये रंगोली..
    बाबा ने झालर सजाई..
    आयी आयी.... देखो दिवाली आयी..
    अयोध्या सी सजी हर गली, हर घऱ में रौनक छायी..
    सिया राम चरित अति पावन कहानी वहीं जगत में आयी..
    आयी आयी आयी देखो दीवाली आयी..
    माता लक्ष्मी ने किया बसेरा..
    गणपति करते सुखद सवेरा..
    बच्चों ने फुलझड़ी जलाई..
    आयी आयी आयी देखो दिवाली आयी..
    खाते पान मिठाई सब जन..
    पूजन में भक्त मंडली छायी..
    हुआ दीपोत्सव जोरो से..
    घऱ घऱ समृद्धि आयी..
    आयी आयी आयी देखो दिवाली आयी..
    लायी लायी लायी रंग खुशियों के लायी..
    खील खिलौने सब जन खाये..
    मित्रो के घऱ मिलन को जाये..
    घऱ में होती साफ़ सफाई..
    आयी आयी देखो दिवाली आयी..
    बड़ो का आशीर्वाद कमाते..
    बच्चों संग जय कार लगाते..
    राम सेना अयोध्या आयी..
    आयी आयी आयी देखो दिवाली आयी..
    किया संहार दुष्टों का दुर्गा ने कीर्ति बनाई..
    आयी आयी दीवाली आयी..
    शुभ दीवाली आयी..

    हैप्पी दिवाली मेरा परिवार.. सारी दीदी भईया मेरे गुरुजन.. मेरे मित्र जन.. ❤

    मेरा crush
    ©happy81