hindisahitya

instagram.com/hindisahitya

����Hindi Sahitya��������

Grid View
List View
Reposts
  • hindisahitya 8w

    किसी को बदनाम करने से अच्छा है,

    की वो दिमाग अपना काम करने में लगाओ,

    आपका नाम हो जयेगा।।।
    ©hindisahitya

  • hindisahitya 38w

    जिन्दगी में अगर आगे बढ़ना है,

    तो या तो आपके सलाहकार अच्छे होने चाहिए,
    या तो आप कलाकार अच्छे होने चाहिए।


    ©hindisahitya

  • hindisahitya 41w

    तुम बोलो अनेकों भाषा पर मत भूलना हिन्दी।
    क्योंकि
    हिन्दी से हम है, हम से है हिन्दी.......!!!!❤❤

    Read More

    मैं हिंदुस्तान में रहता हूँ, मुझे हिन्दी आनी चाहिए,
    हिन्दू मेरा धर्म है, हिन्दी मेरी मातृभाषा,
    हिन्दी प्यारी है, हिन्दी चेतना है, हिन्दी हमारी संस्कृति है ।
    हिन्दी से हम है, हम से है हिन्दी।

    आत्मा है हिन्दी , भावना व्यक्त करने का साज है हिन्दी,
    भारत माता के माथे पर सजी हुई बिन्दी है हिन्दी,
    मेरे धर्म की शुरुआत है हिन्दी,
    मेरा बोला गया पहला शब्द है हिन्दी,
    परमात्मा का वरदान है हिन्दी,
    मेरी माँ का दिया हुआ आशीर्वाद है हिन्दी,
    हिन्दी से हम है, हम से है हिन्दी।

    मेरा स्वाभिमान है हिन्दी, भारत का गौरव है हिन्दी,
    स्वामी विवेकानंद जी का अभिमान है हिन्दी,
    वेदों और पुराणों का ज्ञान है हिन्दी,
    धर्म चेतना जागृत एक आधार हैं, हिन्दी,
    हिन्दी से हम है, हम से है हिन्दी।

    माँ है हिन्दी, हिन्दुस्तान की जान है हिन्दी,
    तुम बोलो अनेकों भाषा पर मत भूलना हिन्दी।
    क्योंकि
    हिन्दी से हम है, हम से है हिन्दी।
    ©हिन्दी साहित्य

  • hindisahitya 46w

    लड़ रहे है कब से , खुद के लिये खुद से,
    नाकामयाबी मिली , फिर भी वही जुनून सवार है,
    मुक़द्दर ने ठुकराया, फिर भी वो आज तैयार है,
    ऐ जिन्दगी! मेरे हिस्से की जीत तुझ पर कब से उधार है।

    भाग रहे है, एक अन्जानी दौड़ में कब से हम,
    मंजिल की हमें आज भी तलाश है
    गिर-गिर कर चलना सीखा है,
    अब तो ये पैर अंगारों पर भी चलने के लिये तैयार हैं,
    ऐ जिन्दगी! मेरे हिस्से की जीत तुझ पर कब से उधार है।

    उम्मीदें कभी पूरी नहीं होती जिंदगी से ही सीखा है,
    पर गिर कर सम्भलना आता है हमें।
    कुछ ख्वाब टूट गए, कुछ आस अब भी बरकरार है।
    ऐ जिन्दगी ! मेरे हिस्से की जीत तुझ पर कब से उधार है।

    ये अधर चुप है, पर मन में बातों का भण्डार है,
    मायूसी है चेहरे पर, आँखो में अश्क़ों का सैलाब है,
    हारा नही हूँ मैं, बस कुछ पल के लिये रुका हूँ,
    जीतने का जुनून आज भी मस्तक पर सवार है,
    ऐ जिन्दगी ! मेरे हिस्से की जीत तुझ पर कब से उधार है।
    ©hindisahitya

  • hindisahitya 50w

    जो भी है  मन में बोल दो,


    चुप रहोगे तो अफसोस करते रहोगे।
    ©hindisahitya

  • hindisahitya 52w

    आजा।। ए मेरे मुकद्दर तेरे पैरो पर भी मरहम लगा दूँ,




    तू बी तो जख्मी हुआ होगा मेरे सपनों को ठोक कर मार-मार कर।
    ©hindisahitya

  • hindisahitya 52w

    माँ

    ना समझ पाया उसके बलिदान को ,
    ना समझ पाया उसकी मासूमियत को ,
    जो ये जहान है,
    बिखर के बन जाती है हर रोज यूहीं,
    ढूंढती यूह उन चंद लोगो मै अपना जहान है।
    हा वो माँ है।
    हा वो माँ है।
    ©hindisahitya

  • hindisahitya 53w

    चलो जो हुआ हो जाने दो,
    जो हो गया उससे भुल जाने दो,
    जो हो रहा है , उससे अपनाने दो,
    क्या पता कल का सुरज, नया सवेरा लेकर आये,
    खुद मुस्कुराओ और दूसरो की मुस्कान बन जाने दो,
    बहुत कुछ ना सही , पर कुछ तो कर जाने दो,
    अपना सपना ना सही , पर सबके सपने सच कर जाने दो,
    चलो जो हुआ हो जाने दो।

    डर से ना डरो, डर को भी अब डारने दो,
    समझदार बनो लेकिन ,अपने बचपन को कभी ना भूलो,
    ऐसा कुछ कर जाने दो।
    चलो जो हुआ हो जाने दो।

    अभी तो मुझे मेरे सपनों को छूना भी नही आता,
    उन सपनो के पास रह कर उनको जीने का मोका अपनाने दो,
    चलो जो हुआ हो जाने दो।

    मेरी पुरानी यादो मै तहल के आने दो,
    देखो मत सोचो मत अब जो दिल मै है , कर जाने दो,
    आने वाले कल की तस्वीर बनने दो।
    चलो जो हुआ हो जाने दो।
    ©hindisahitya

  • hindisahitya 57w

    ओ पालनहारे

    हे ऊपर वाले पता है तू नाराज़ है हमसे,
    हो गई तेरे बच्चो से भुल, माफ कर दे अब दिल से,
    समझ नही आता, अब इस परिस्थिति से कैसे निकला जाये,
    तेरे रुप हज़ार है, जो लड़ रहे है कबसे,
    हे उपर वाले क्या तू नाराज़ है हमसे?

    माफ कर दे तेरे इन बच्चों को,जिन्होने इस पृथ्वी को, नुकसान पहुचाया,
    ना समझ थे, ये जो अपने लिये तुझे दर्द पहुचाया।
    इनके दर्द को समझ, जो तडप रहे ह कब से,

    ओ पलन्हरे, कुछ करतब दिखा,
    किसी के लिये भगवान, किसी का अल्लाह,
    किसी का ईसू, किसी के लिये नानक बनजा।

    तू ही तो राम है ,सब का तू ही रहीम है,
    फिर से भेज दो अपने हनुमान को,
    की कोई तो सजिवनी ला।
    जो बचे है जन-जन उनके प्राण बचा।
    हे ऊपर वाले पता है तू नाराज़ है हमसे,
    हो गई तेरे बच्चो से भुल माफ कर दे अब दिल से।
    ©hindisahitya

  • hindisahitya 61w

    .