hirvi_dalwadi_

DENTAL STUDENT ��‍�� gujrati��

Grid View
List View
Reposts
  • hirvi_dalwadi_ 10w

    इश्क के पर्दे अक्सर ढंके नहीं
    निगाह मिली और खबर हो गई!
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 13w

    उस इन्कार मैं भी
    इश्क नजर आता हैँ
    किनारा तो एक तरफ़ा हैँ,
    मगर उसी आँखों मैं
    विश्व नजर आता हैँ
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 16w

    अँधेरे से डरे वो बचपन कहा रहा
    अब तो उसमें ही सुकून सा ढूंढ़ लिया!
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 16w

    बस ख्वाईश एक मुलाक़ात की हैँ
    यु तस्वीरें तो मेरे पास भी बहुत सी हैँ
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 18w

    जिस्म!

    कौन कम्बख्त कहता हैँ
    इश्क़ सिर्फ जिस्म का मोहताज हैँ
    हमें आज भी उसी जिस्म से इश्क़ हैँ
    जिसको हमने कभी छुआ तक नहीं!
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 22w

    तस्सली तो तब भी नहीं हुई
    जब उसने पीछे मुड़कर देखा

    क्युकी देखने की वजह भी
    पहचानने के वास्ते थी!!
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 25w

    तस्वीर!

    दिमाग़ ने बारबार कहा मत कर इंतज़ार,
    उस नज़र का जिसमे तेरी एक तस्वीर तक नहीं!
    पर दिल ने बारबार पलट कर जवाब दिया..

    तो क्या हुआ?,
    जितनी दफा नज़र जुकाई सिर्फ
    उन्ही की की तस्वीर नज़र आई
    क्या करें इन नज़रो को, उनकी तस्वीर के अलावा
    किसी और की तस्वीर पसंद ही ना आई!!
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 30w

    अंधेरा तो किस्मत मैं था
    चाँद से जो मोह्हबत हो गई!
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 35w

    यहाँ बात तुम्हारी थी
    वरना इंतजार तो हमने
    खुदके जनाजे का भी नहीं किया!
    ©hirvi_dalwadi_

  • hirvi_dalwadi_ 35w

    मत जला उस धागे को
    क्युकी पिगलता मोम हैँ
    निचे रखा पत्थर नहीं
    ©hirvi_dalwadi_